Tuesday, 31 May 2016

कविता ७१५. बारीश और बिजली

                                          बारीश और बिजली
बारीश कि आवाज जब कानों मे गुँजती है जीवन कि नई ख्वाईश जीवन को नई साँसे देती है मुस्कान तो तब आसानी से जीवन मे आती रहती है
जब साँसे हमे जीवन दे तब दुनिया बदलती है बारीश कि आहट से ही जीवन कि कश्ती अलग किनारे को लगती है दिशाए बदलती है
आसमान मे बादलों कि एक अलग ही जबान बनती है जिन्हे देखकर लगता है वह कोई कहानी हर पल कहती रहती है सोच देती रहती है
पर बारीश के बादल जब कोई एहसास दिखाते है तब उन एहसास को समझकर दुनिया बदलती है दिशाए बदलती रहती है
बारीश के बूँदों कि कहानी हर बार बदलती है जो जीवन को समझकर आगे चलती है पर उसे सुनने कि फुरसत बिजली कहाँ देती है
जब आसमान को बादल के अंदर कई तरह कि सोच दिखती है पर बिजली के अंदर आवाज कि अलग सोच हर पल रहती है
कभी बादलों के रंगों से बेहतर बिजली आवाज और चमक बनती है जो बादलों कि दुनिया हर पल बदलकर आगे चलती है
बारीश कि सोच को समझकर ही तो दुनिया बदलती है हमे जीवन कि शुरुआत हर पल मे मिलती है उस सोच मे जीवन कि कहानी बदल जाती है
बारीश मे अक्सर जीवन कि ताकद हर बार जीवन को मतलब देकर आगे चलती है जीवन कि सोच हमारी किस्मत हर पल बदलती है
हमे बिजली से ज्यादा कभी कभी कोई बात नही दिखती है पर बिना बादलों के कहाँ बरसात हो सकती है जो जीवन मे अहम होती है

कविता ७१४. खुशियों कि ताकद

                                                                 खुशियों  कि ताकद
खुशियाँ जीवन मे नई शुरुआत देती है पर शुरुआत अहम चीज होती है पर अक्सर जीवन को नई दिशाए देकर जाती है जो जीवन को अलग चीज होती है
खुशियाँ तो जीवन को अलग साँसे देती है जीवन में नई साँसे देकर आगे बढती है उन साँसों को समझ लेने कि जरुरत हर राह पर रहती है
खुशियों को क्या समझ ले जब वह दुनिया बदलती है खूश तो जीवन को समझकर आगे जाने कि जरुरत होती है जो जीवन को उम्मीदे होती है
खुशियों को समझ लेने कि जरुरत हर बार होती है जो जीवन में समझ लेने कि अहमियत होती है जिसमे जीवन कि कोशिश हर मोड पर आगे लेकर चलती है
जिसमे जीवन को परख ले वह खुशियाँ मिल जाती है जीवन के अंदर कहानी कोई एहसास देकर चलती है जीवन कि सोच बनती है बिघडती है
खुशियाँ तो जीवन कि धारा बदलती रहती है जिन्हे समझकर ही दुनिया को परखकर आगे चलती है खुशियाँ ही तो जीवन को समझकर आगे ले चलती है
खुशियों को समझकर जीवन कि राहे आगे चलती है जिन्हे परख के जीवन मे अलग सोच आगे जाती है जो जीवन कि धारा को आगे लेकर चलती है
खुशी हर बार जरुरी होती है जो हमे अक्सर आगे बढाती जाती है जीवन में खुशियाँ अलग अलग दिशाए बदलती रहती है किनारे बदलकर जाती है
खुशियाँ तो जीवन कि कहानी बनाती है जिसे परख लेना ही जीवन कि जरुरत होती है जीवन में खुशियों कि किरण आगे बढने कि जरुरत होती है
खुशियाँ ही जीवन कि ताकद आगे चलाती है जिसे समझकर ही तो जीवन कि दिशाए बदलती है जो हर पल आगे लेकर चलती है उम्मीदे देकर जीवन मे आगे बढती है 

Monday, 30 May 2016

कविता ७१३. डर को समझ लेना

                                                              डर को समझ लेना
अगर कोई ना सुनना चाहे तो भी हम सुनाये ऐसे हालात नही है पर कोई चुपकर जाये और डराए तो चुप रह जाये ऐसे डरपोक भी नही है हम
जब जीवन कोई संगीत सुनाये उसे प्यार से सुन लेते है हम पर कोई मजबूर करे सुनने को तो उस धून को समझना नही चाहते है क्योंकि डर कि हुकूमत नही मानते है
हम तो उस गीत को समझते है जिसमे मुस्कान जीवन की हो उसे समझकर आगे बढने की जरुरत हर बार होती है जो जीवन के असर को समझ लेते है हम
जीवन के अंदर हम उम्मीदे हर किनारे मे कोई बात अलग असर कर जाती है जीवन मे हर बार कोई अलग तरीके से जीवन मे अलग कर जाते है हम
जीवन मे सारी चीजे अलग अलग असर कर जाती है जीवन को परख लेने की जरुरत होती है जीवन मे कोई असर तो अक्सर होता है देखा हमने
जीवन के कई गीत खुशियाँ देते है डर को समझकर ही तो आगे चलना जरुरी होती है जीवन को परख लेना अहम होता है हमे
डर के अंदर जीवन को समझकर आगे चलना चाहते है जीवन के कई चीजों को समझ लेना जरुरी होता है तो कुछ समझ लेना जरुरी होता है हमे
डर के आगे जीवन को अलगसा एहसास मिल जाता है जीवन मे डर को समझ लेना जरुरी होता है जीवन मे बहोत सारी खुशियाँ हासिल कर लेते है हम
डर को समझ लेना जीवन की जरुरत होती है जीवन को आगे बढना बडा अहम नजर आता है जीवन को समझ लेना डर के बाद हासिल होता है हमे
डर के अंदर जीवन को खो देने की नई सोच होती है हर पल जीवन को डर से आगे बढना जरुरी होता है नई सोच उसके आगे ही मिलती है हमे 

कविता ७१२. राह को समझ लेना

                                                                    राह को समझ लेना
हर बार जीवन कि राह आसान नही होती है जीवन कि राह समझ लेना हर बार अहम होता है जीवन को समझ लेने के लिए मुश्किल राह समझ लेना जरुरी होता है
राह को परखकर जीवन मे समझ लेना हर मोड पर अहम होती है राह को आगे चलने कि जरुरत होती है राह के अंदर जीवन मे हर बार नई सोच होती है
राह के अंदर भी जीवन में नई राह मुश्किल होती है पर उस मुश्किल राह को परख लेने कि जरुरत होती है जिसे पेहचान लेने कि जरुरत हर बार होती है
राह को समझ लेना जीवन पर कुछ अलग तरह का असर कर जाता है जीवन मे कई राहे मिलती है राह को आसान बनाना जरुरी होता है
राह को समझ लेना उसे परख लेना ही अहम दिशाए लगती है राह को समझ लेना जीवन कि जरुरत होती है क्योंकि राह को परख लेना हर बार आसान नही होता है
राह का मतलब तो तभी मिलता है राह को समझ लेना जीवन मे जरुरी होता है राह तो आसान और मुश्किल हर मोड पर कोई ना कोई समझ तो आती है पर सही राह तो वही होती है जो उम्मीदे देती है
जीवन मे हर राह को समझकर आगे बढने कि जरुरत हर राह पर होती है जो जीवन को समझकर आगे लेकर जाती है जो जीवन को मतलब दे जाती है
कई तरह कि राहों को परखकर जीवन को आगे ले जाने कि अहमियत हर मौके पर होती ही है जो जीवन को आगे लेकर चलती है उम्मीदे देती है
राह को समझकर जीवन मे उजाला आता है जिसे परख लेना हर बार अहम होता है जिन्हे समझकर जीवन को आगे ले जाना जरुरत होती है
राह को जीवन कई दिशाए देकर चलता है जिन्हे समझकर आगे जाने कि हर बार जीवन मे अहमियत होती है जो जीवन को आगे लेकर चलती है 

Sunday, 29 May 2016

कविता ७११. हर मौसम के संग

                                      हर मौसम के संग
हर मौसम को समझ लेना हर मौके कि जरुरत होती है दुनिया मे जीवन कि हर चाहत अहम होती है जो जीवन को साँसे देकर चलती है
बदलाव तो जीवन का वह सच है जिस से दुनिया बदलती है जीवन कि हर दिशा को समझ लेेने कि शुरुआत मन से हर बार हुआ करती है
जब दुनिया को समझ लेना चाहते है तो दुनिया मतलब कुछ अलग देकर चलती रहती है जो जीवन को उम्मीदे देकर आगे बढती रहती है
मौसम को उम्मीदे हर पल ताकद दे देती है जिस ताकद को समझ लेते है उसमे ही दुनिया बसती रहती है उम्मीदे आगे बढती है
मौसम को समझकर दुनिया जीवन को उम्मीदे देकर चलती है जिसे परखकर जीवन को आगे दिलचस्प चीजे हर पल दिखती रहती है
जीवन को मौसम के संग साँसे देकर जब चलते है जीवन मे कई किसम कि ताकद हर बार रखते है मौसम के संग हम बदलते रहते है
मौसम के हर आहट मे दुनिया तो बदलती है उस मौसम मे ही तो जीवन कि खुशियाँ मिलती है जीवन कि ताकद बनती है
मौसम को हर बार परख लेते है तो जीवन कि खुशियाँ आगे बढती है जो जीवन कि लकिरों को समझकर आगे बढती है
मौसम मे ही तो कई तरह के तरीकों कि ताकद तो जीवन बना लेती है मौसम को समझकर ही तो दुनिया आगे चलती है
मौसम को उम्मीदे तो जीवन कि सोच ही देती है जो जीवन कि सच्ची ताकद होती है जो बडे उम्मीदों के साथ कई तरीकों से आगे बढती है

कविता ७१०. गलत और सही चीजों को परख लेना

                                   गलत और सही चीजों को परख लेना
गलत और सही चीजों को परख लेने कि जरुरत जीवन मे हर बार होती है क्योंकि कई चीजों को समझ लेने यही जीवन कि मुश्किल हर मोड पर रहती है
जीवन मे कई तरह कि सोच रहती है जिसकी समझ जीवन मे रखना जीवन कि जरुरत होती है पर उसे परख लेने मे जीवन मे बडी मुश्किल होती है
क्योंकि उसे समझकर ही तो अपनी दुनिया खुबसूरत होती है पर कभी कभी उसे परखकर भी दुनिया मुश्किल बन जाती है
पर हमारे जीवन मे हर पल सही गलत कि पेहचान होती है जो रोशनी देकर जाती है जो उम्मीदों कि नई सुबह दे जाती है सही और गलत के मतलब से ही आगे बढना चाहती है
जीवन मे सही गलत दोनों तरह के खयालों कि एक अलग पेहचान होती है जो जीवन को हर बार अलगसी सोच देकर बढ जाती है
सही और गलत बात को समझकर जीवन आगे बढ जाता है जीवन कि हर धारा को हर पग पर समझ लेना चाहता है उम्मीद देकर जाता है
गलत और सही दोनों राहों को समझ लेना जीवन कि जरुरत होता है जो रोशनी और अंधियारे से जीवन को समझ लेना चाहते है
बातों को तो हर पल समझ लेना जरुरी होता है पर सही को समझ ले या ना समझे यह फैसला तो हर पल अपने मन का ही होता है
गलत और सही फैसले को समझकर जीवन को परखकर आगे चलने कि जरुरत हर बार होती ही है पर कई बार सच को दुनिया समझ लेना नही चाहती है
हमे जीवन मे बाते हर बार समझ लेनी पडती ही है पर सच्चाई का मतलब तो बस यही है दुनिया साथ दे या ना दे सच्चाई कि राह तो हमे चलनी ही है

Saturday, 28 May 2016

कविता ७०९. हर तूफान संग बढना

                                            हर तूफान संग बढना
हर तूफान से डर जाये तो मंजिल कैसे मिल पाती है जीवन कि हर एक सुबह आसान बनकर नजर आती है नई रोशनी देकर जाती है
तूफानों को समझकर ही तो दुनिया जीवन समझ पाती है जो साँसों को अपना ले वह राज जीनेसे छुपके से उनके तूफानों को समझ लेती है
तूफानों से ज्यादा जीवन कि एक चाहत होती है जो जीवन को कई तरह के मतलब देकर आगे बढती रहती है रोशनी देकर चलती है
सारे तूफानों को समझकर आगे बढने कि हर पल जरुरत होती ही है क्योंकि तूफानों के साथ ही तो दुनिया हर पल बनती और बिघडती है
जब तूफानों को परख लेना जीवन कि तलाश होती है क्योंकि तूफानों से ही तो जीवन को एक मजबूत किसम कि ताकद मिलती है
तूफानों को बिना परखे ही जीवन को समझ लेने कि जरुरत होती है क्योंकि जीवन को परखकर आगे बढना ही जीवन कि अहमियत होती है
तूफानों को समझकर ही तो जीवन कि उम्मीदे आगे बढती है जो जीवन को हर मौके पर कुछ ना कुछ कहकर ही तो आगे चलती है
तूफान को समझकर जीवन कि खुशियाँ बनती है जिन्हे परख सके तो ही हमारी दुनिया बनती है हमे खुशियाँ मिलती है
तूफान तो हमे कई दिशाओं मे ले चलते है क्योंकि उन दिशाओं से ही तो हमारी  दुनिया आगे चलती है नई सुबह वही तो देती है
तूफानों के अंधियारे से ही तो हमारी दुनिया आगे बढती है हमारे जीवन मे खुशियाँ मिलती है जिनसे हमारी दुनिया आगे बढती रहती है 

कविता ७०८. हर राह को समझ लेना

                                            हर राह को समझ लेना
हर राह को समझ लो तो उसमे एक एहसास होता है जो जीवन कि बातों को परख लेना चाहता है क्योंकि राह पर ही समय गुजर जाता है
राह ही हर पल उलझन देती है उसे समझ लेने से ही तो जीवन कि खुशियाँ होती है जिसे समझ लेने कि हर पल जरुरत होती है
राह ही तो हमे नई शुरुआत लगती है जो हमे आगे लेकर चलती है जीवन कि सोच ही तो उसकी ताकद होती है जो रोशनी देकर आगे चलती है
पर कई राहों से ही तो हमारी किस्मत बनती है जीवन कि नई सुबह हर पल हमे खुशियाँ देकर आगे बढती रहती है जो हमे खुशियाँ देकर चलती है
राहों मे ही कई बार किस्मत कि तलाश रहती है क्योंकि राह ही तो जीवन कि किस्मत बनती है जो हमे आगे लेकर चलती है
राह मे ही तो कई किस्से होते है जो साँसे देकर आगे बढते है जो जीवन को हर बार उम्मीद देकर चलते है जिन्हे समझ लेने कि जरुरत होती है
जीवन कि कहानी हर पल बदलती रहती है जिसे समझ लेने को जीवन को अक्सर वक्त लगता है जिसका जीवन पर अलग असर होता है
राह ही तो दुनिया को समझकर आगे बढती है वह हमारी ताकद होती है जो हमारे जीवन कि सबसे आस होती है
राह को समझ लेना है ही तो जीवन कि जरुरत होती है कोई अलग सोच ही हमारी किस्मत बनती है जिसे परख लेने कि जरुरत होती है
राह को समझकर आगे जाना ही हर पल कि ताकद होती है तलाश होती है जीवन कि हर मोड और हर मौके कि आदत होती है

Friday, 27 May 2016

कविता ७०७. अलग तरह कि सोच

                                             अलग तरह कि सोच
कभी किसी तरह कि सोच को परख लेना जरुरी लगता है उसे समझ लेना अलग एहसास देकर चलता है जो आगे बढकर जाता है
सोच के अंदर ताकद ही दुनिया को बदलकर आगे बढती है जो जीवन को अलग रोशनी देकर हर कदम पर चलता है
सोच को अलग तरीके से जीवन को परखकर आगे बढना जरुरी होता है जो सोच के अंदर अलग तरह कि तलाश देकर आगे चलता है
सोच को कई राहों से समझ लेने कि जरुरत तो हर पल जीवन मे होती रहती है जो अलग तरह कि रोशनी देकर आगे बढती है
सोच को समझकर आगे जाने कि और हर पल उसे समझ लेने कि जरुरत हर बार हम जीवन मे रखते है हम उसे समझ लेते है
सोच को एहसास अलग मिलता है जिसे परख लेना हर मोड पर हर मौके पर आगे बढना जीवन पर अलग तरीके का असर कर देता है
सोच के अंदर कई तरह कि ताकद का हिस्सा होता है जो हमे हर पल रोशनी देकर आगे बढता जाता है जीवन बदलता रहता है
सोच को समझकर जीवन मे अक्सर अलग रोशनी का एहसास होता है जिसे परखकर जीना बडा आसान होता है जो रोशनी देकर चलता है
सोच मे ही दुनिया को समझकर आगे बढना जरुरी होता है जो हमे नया मौका देता है पर सोच नीचे ना गिर  जाये यह एहसास जरुरी होता है
सोच को समझ लेना हर पल जरुरी होता है जो हमे सच्ची रोशनी देकर हर पल हर कदम पे आगे चलता है जो जीवन को बदल देता है

कविता ७०६. हँसी कि ताकद

                                                हँसी कि ताकद
हर बात मे हम हँस दे इतना अच्छा तो कोई नही होता है तो क्यूँ उम्मीद करते है हम जवाब नही देंगे जब जवाब देना जरुरी होता है
हँसना तो हर बार अहम चीज होती है क्योंकि हँसने कि जीवन मे हर पल जरुरत होती है जो जीवन को समझ देती है
हँसना ही तो जीवन कि सच्ची ताकद होती है जो जीवन को अलग रोशनी अहम होती है जो जीवन को रोशनी दे जाती है
हँसना ही तो जीवन को नई उम्मीदे दे जाता है वही हमारी ताकद है जिससे अलग दुनिया हर पल  हमे मिलती है रोशनी कि सौगाद जीवन मे बनती है
हँसी तो जीवन को रोशनी देकर चलती है जो जीवन पर अलग असर देती है हँसना ही तो जीवन कि मंजिल बनकर आगे आता है
जीवन कि साँसों कि तलाश बनकर आगे चलने कि उम्मीद हर पल हँसी देकर जाती है जो हमे आगे लेकर चलती जाती है
हँसी ही तो जीवन कि नई सोच हर पल आगे लेकर जाती है हँसी ही तो जीवन कि अलग ताकद होती है जो अलग तरह कि रोशनी दे जाती है
हँसी ही तो खुशियाँ देकर जाती है जो जीवन को अलग तरह से आगे लेकर हर पल जाती है जो हमे उम्मीदे देकर जाती है
हँसना ही तो जीवन को नई साँसे देकर आगे बढता चला जाता है हँसी जीवन को नई शुरुआत देकर जाती है
हँसी ही तो जीवन कि नई शुरुआत होती है जो जीवन कि तलाश होती है जो हमे हर पल आगे लेकर चलती है नई सुबह देकर जाती है 

Thursday, 26 May 2016

कविता ७०५. छोटेसे तालाब का जीवन

                                           छोटेसे तालाब का जीवन
छोटेसे तालाब मे जीवन को आगे ले जाने कि समझ नजर आती है जो जीवन को हर मोड पर रोशनी कि आवाज देकर आगे लेकर जाती है
जीवन कि कई मोडों पर आगे बढने कि जरुरत हर पल नजर आती है जिसे समझ लेने से ही तो दुनिया कि सारी खुशियाँ मिल पाती है
छोटीसी दुनिया तो तालाब के अंदर रहती है वह हर पल जीवन कि दिशाए बदलती जाती है जो जीवन को रोशनी देकर आगे बढने कि सीख दे जाती है
छोटीसी मछली भी जीवन मे कई किसम के रंग दे जाती है जो जीवन कि धारा को  बदलकर जीवन कि दिशाए बदलती जाती है
तालाब के घुमते वक्त दुनिया कई रंग दे जाती है जो तालाब मे ही दुनिया को समझकर उसके अंदर अलग तरह का एहसास देकर जाती है
तालाब मे ही तो अक्सर दुनिया जिन्दा रहती है जो हर पल हर मोड पर जीवन कि कहानी बदल देती है जो हमे रोशनी दे जाती है
तालाब को जीवन को कई तरह से जी लेने का एहसास कई तरह से मिल जाता है जिसे जीवन हर पल हर बार समझ लेना चाहता है
तालाब मे रहनेवाले कई छोटेसे जीवों से दुनिया को हर पल समझ लेने कि जरुरत हर पल होती है जो दुनिया बदल देती है
तालाब के अंदर अलग सोच को परखकर जीवन को समझ लेने कि जरुरत हर पल होती ही है जो जीवन को रोशनी दे जाती है
तालाब मे रहने कि उनकि वह जिद्द जीवन मे लढना सीखाती है कितनी उलझन हो लेकिन छोटीसी मछली अपनी जान नही देती है

कविता ७०४. रोशनी के लिए मेहनत

                                            रोशनी के लिए मेहनत
हर किरण कि रोशनी जब जीवन मे आती है उस रोशनी को काबू करने कि चाहत मन को हो जाती है मन कि दिशाए बदल लेने कि जरुरत हर पल होती है
रोशनी तो मन को काफी भाती है सबसे जरुरी बात तो यह होती है कि रोशनी को पाने के लिए जीवन मे मेहनत करते रहते है जो जीवन को मतलब देते है
रोशनी तो जीवन कि सबसे जरुरी बडी जरुरत होती है जो हमे आगे लेकर हर पल बढती जाती है जो जीवन को अलग मतलब दे जाती है
रोशनी ही जीवन कि कहानी होती है जो मेहनत से मिलती है वह एक बार नही होती है वह जीवन मे बार बार करनी होती है
रोशनी कि शुरुआत हर पल नई उम्मीद से होती है जो जीवन को आगे लेकर हर पल बढती जाती है जीवन को मतलब दे जाती है
क्योंकि रोशनी एक बार कि अलग मेहनत करती है जिसमे अलग सोच हर पल होती है जो जीवन को बदलकर हर मोड पर रख देती है
रोशनी ही तो जीवन कि सच्चाई होती है जो जीवन को हर पल आगे लेकर चलती है जिसे समझकर आगे बढने कि जरुरत होती है
क्योंकि रोशनी ही तो जीवन कि तलाश होती है जो जीवन को अलग किसम कि राह दिखाकर आगे बढती जाती है पर उसे समझ लेने से दुनिया कतराती है
हर रोशनी मे एक एहसास और एक ताकद छुपी रहती है जिसे समझ लेने कि हर मोड पर जरुरत होती है जो जीवन को उम्मीदे देती है
रोशनी ही तो जीवन कि सच्ची ताकद छुपी है पर वह एक बार मे हासिल नही होती है उसे पाने कि मेहनत हर पल करते रहनी पडती है

Wednesday, 25 May 2016

कविता ७०३. जीवन का हर मोड

                                                जीवन का हर मोड
हर बार जीवन के हर मोड पर हम जीवन को समझना चाहते है मोड पर जीवन कि कहानी कोई सोच अलगसी बनाती है
जिस सोच को समझ लेने कि जरुरत हर कदम पर होती है उस कदम को समझ लेने कि जरुरत हर पल जीवन मे होती ही है
जीवन मे कई मोडों कि तलाश तो अक्सर होती है जिन्हे समझकर आगे बढने कि जरुरत हर कदम कई मोडों पर जिन्दा रखती है
जिस मोड को कई किस्से जीवन कि कहानी सुनाते है जिन्हे समझकर आगे बढने कि जरुरत हर पल जीवन मे रहती ही है
जीवन के कई मोड तो जीवन कि अलग कहानी कहते रहते है उन मोडों पर ही तो अक्सर जीवन कि निशानी रहती है
कई मोड तो ऐसे होते है जिनमे जीवन कि अलग कहानी हर मोड पर खुशियाँ देकर आगे बढती रहती है जो जीवन कि कहानी बदलती रहती है
मोड जो जीवन को बदलते जाते है उन्हे समझ लेने कि जरुरत जीवन मे हर मौके पर पडती रहती है जो जीवन कि दिशाए बदलती है
जब किसी मोड पर जीवन कि कहानी बदलती रहती है उस मोड पर हमे जीवन को परख लेने कि जरुरत होती ही है
पर कभी कभी किसी मोड पर जाने क्यूँ यह नजर रुक जाती है बिना समझे ही अनजाने मे दुनिया झुक जाती है
जीवन को जीने कि जरुरत है पर उस मोड को जीने कि जरुरत नही रहती है क्योंकि मन कि दुनिया उस मोड को तो हर पल जीती ही रहती है__

कविता ७०२. हर कदम

                                                    हर कदम
हर कदम पर जीवन को एक अलग कहानी नजर आती है क्योंकि जीवन के हर राह पर वह अलग निकल आती है जो जीवन को बदल जाती है
कदमों मे ही तो दुनिया छुपी होती है उनमे ही तो जीवन कि खुशियाँ छुपी होती है हर कदम हमारी दुनिया खडी होती है जो कई रंग देती है
हर कदम को समझकर आगे बढने कि आदत होती है जो दुनिया बदलकर चलती है दुनिया कि दिशाए बदलकर हर पल चलती है
कदमों कि सौगाद हर बार हर पल उम्मीद देकर ही आगे बढती है जो दिशाए बदल जाती है जीवन कि राहे तो कदमों से ही तो बनती और बिघडती है
कदम ही तो हमे साथ देकर आगे लेकर जाते है जो जीवन को समझकर चुपके से आगे निकल आती है आगे लेकर जाती है
कदमों को समझकर जीवन मे आगे जाने कि जरुरत होती है जीवन मे अक्सर एक ताकद छुपी होती है जो जीवन को बदल जाती है
कदम को पेहचान लेकर जब हम आगे जाते है तभी तो दुनिया बनती और बिघडती हर पल नजर आती है जो जीवन पर असर कर जाती है
कदम मे ही तो दुनिया कि अलग ताकद छुपी होती है जो हमे उम्मीदे देकर आगे चली जाती है हमे हर पल आगे लेकर जाती है
हर कदम पर जीवन कि कोई तो कोशिश छुपी रहती है जिसमे आगे बढने कि आदत होती है जो जीवन को समझकर आगे चलने कि आदत हर पल होती है
कदम ही तो जीवन कि सच्ची ताकद छुपी होती है जो हमे आगे लेकर जाती है दुनिया हर पल बदलकर रख देती है
कदमों को समझकर आगे जाने कि फुरसत कहाँ होती है जीवन मे तो बस आगे बढने कि जरुरत हर पल होती है

Tuesday, 24 May 2016

कविता ७०१. मौसम का बदलाव

                                             मौसम का बदलाव
बारीश के इंतजार मे जिन्दगी नही गुजर पाती है जो कुछ भी है जीवन मे उसमे ही तो दुनिया आगे चलती जाती है दुनिया के दिन और राते आगे बढती जाती है
जब मौसम बदलते जाते है दुनिया हर साँस के संग एहसास के संग बदलती रहती है जीवन को समझ लेने कि जरुरत हर पल होती ही है जो दिशाए बदलती है
पर हमारी दुनिया एक मौसम मे कहाँ अटक पाती है जो जीवन कि कहानी बदलकर ही तो आगे बढती चली जाती है जीवन पर असर कर जाती है
हम चाहते तो कुछ बाते है पर दुनिया कहाँ उन्हे परख पाती है पर मौसम से तो यह उम्मीद है कि वह हमे समझ ले तभी तो दुनिया मतलब दे जाती है
मौसम के बदलाव के संग दुनिया हर बार बदलती जाती है जिसे समझकर जीवन को अलग तरह के मतलब कि कहानी अहम नजर आती है
पर जब मौसम मे बदलाव ना हो तो दुनिया कहाँ बदलती है जो हमारे पास होती है वही सोच दुनिया मे हर बार अहम नजर आती है जो जीवन पर असर कर जाती है
मौसम के बदलाव मे ही तो दुनिया बदलकर खुशियाँ दे जाती है पर कभी कभी वह बात मुमकिन नही है जो हम पर असर कर जाती है
मौसम मे कई तरह के रंग तो होते है जिनमे जीवन कि भाषाए बदल जाती है जीवन कि दिशाए कुछ अलग नजर आती है
जब जब हवाओं के इशारे बदल जाते है तब तब दुनिया अलग एहसास देकर आगे जाती है जो हर मोड पर हमे जीवन कि कहानी कुछ अलग बताती है
मौसम के हर फर्क मे दुनिया अपने रंग बदलती जाती है जिस एहसास को हम समझ लेते है उस एहसास मे जीवन कि खुशियाँ अहम नजर आती है
पर कभी कभी सही मौसम नही आते है पर उस से दुनिया हमे कम नही नजर आती है क्योंकि जीवन कि अहमियत तो वही होती है

कविता ७००. हर किरण का एहसास

                                              हर किरण का एहसास
हर किरण मे कोई ना कोई एहसास तो जरुर रहता है जो हमे जीवन का मतलब सुनाकर हर बार जाता है उसमे अलग खुशबू हर बार होती है
क्योंकि हर किरण के अंदर अलग मतलब छुपा होता है पर जो किरण जीवन का एहसास बन जाये वह हर बार कुछ खास होती है
क्योंकि किरण ही तो वह एहसास देती है जो कभी धूप कि रोशनी देती है तो कभी मन को छाव कि प्यास देती है जीवन को अलग एहसास दे जाती है
किसी किरण कि अलग आवाज होती है जो जीवन को अलग सोच का एहसास देकर जाती है जिसे समझ लेने कि प्यास होती है
किरणों के अंदर एक अलग अहसास होता है जो जीवन कि दिशाए बदलकर हर मोड पर आगे लेकर जाता है समझ देता है
किरणों मे अलग गरमाहट का एहसास होता है जो जीवन कि राहे हर पल बदलकर जाता है जिसमे जीवन कि सौगाद होती है
किरणों को परखकर आगे चलते रहने का एहसास हर बार उम्मीदे देकर ही तो आगे बढता है जीवन कि सोच बदलकर जाता है
किसी किरण मे ही तो जीवन का एक मतलब छुपा होता है जो जीवन को रोशनी देकर आगे बढता जाता है मतलब देकर जाता है
क्योंकि हर किरण मे जीवन का एहसास छुपा रहता है जिसमे जीवन कि कहानी लिखी होती है जो हमारी दुनिया बदलकर आगे बढ जाती है
किरणों के अंदर खुशबू होती है जो जीवन कि ताकद बनकर हर पल आगे बढ जाती है दुनिया को कुछ अलग समझ देकर जाती है 

Monday, 23 May 2016

कविता ६९९. रात के अँधेरे मे

                                             रात के अँधेरे मे
रातों के अँधेरे मे बिजली जब जाती है छोटीसी मोमबत्ती कि रोशनी बढी प्यारी नजर आती है तभी तो सिर्फ आसमान के ओर नजर जाती है
तभी तो जीवन कि कहानी अलग एहसास देकर आगे बढ जाती है उस सोच को जिसे हम परख चुके है वह किनारे बदल जाती है
हमे अँधेरे मे ही तो रोशनी कि लकिरे नजर आती है जो जीवन को अलगसा एहसास देकर आगे बढ जाती है जीवन दे जाती है
अँधेरे के अंदर ही तो जीवन कि अलग कहानी समझ मे आती है जो हमे हर पल कोई ना कोई अलग तरह कि सोच देकर जाती है
हमे हर बार हर पल अँधेरे से लढने कि जरुरत अक्सर लगती है जो हमारी दुनिया मे मुसीबत नजर आती है पर अगर उस आसमान को देखे तो खुबसूरती अँधेरे मे नजर आती है
जो दुनिया के हर किनारे कि खुशबू दिखाकर आगे बढती चली जाती है दुनिया को कई दिशाए देकर आगे चलती जाती है
जो अँधेरे मे दिखते है वह तारे रोशनी कहाँ दिखा पाती है वह हर पल अलग एहसास के संग दुनिया कि कई खुशियाँ दिखा देती है
हर पल अँधेरे मे कई चीजों को समझकर आगे बढती जाती है वह किस्मत कि बात है की वह कभी सही या कभी गलत निकल जाती है
गम और खुशी कि तरह जीवन मे दोनों मतलब कि बाते हर बार रहती ही है जिन्हे हर पल जीवन मे समझ लेने कि जरुरत होती है
अँधेरे जितनी ही जीवन मे रोशनी जरुरी होती है पर अँधेरे से नफरत यह बात सही नही होती है सोचो क्या होगा उस जीवन का जिसमे रात ही नही होती है  ँ

कविता ६९८. आसमान के बादल

                                             आसमान के बादल
बादलों के अंदर जीवन को समझकर आगे चलने कि जरुरत हर बार होती है जिसे हर बदल को दुनिया के नतीजों को बदल लेने कि जरुरत हर पल होती है
जब आसमान मे बादलों को हम कई घंटे देखते है तभी तो हम आसमान के अंदाज को परख लेते है उसे समझ लेना चाहते है जिससे दुनिया मे कई तरह के फर्क मेहसूस होते है
आसमान के अंदर हम जीवन को समझकर हम जीना चाहते है जिसे परखकर हम अपने अंदाज को समझे उस आवाज को वह समझना चाहते है
आसमान मे कई रंगों को समझकर ही तो हम आगे बढते जाते है हम जीवन कि धारा को हर बार समझकर आगे जाना चाहते है
बादल तो हर मोड पर बदलते रहते है हम उन्हे परखकर जीवन कि कहानी बदलकर जीवन को जी लेना चाहते है आगे बढना चाहते है
आसमान के अंदर कई रंगों की बरसात हर बार होती रहती है जो जीवन कि दिशाए बदलकर हर मोड पर रखती है जो एहसास अलग कर जाती है
बादलों को समझकर ही तो जीवन कि दिशाए परख लेने कि हर मोड पर एक जरुरत होती है जो जीवन कि दिलचस्प बात होती है
जो आसमान को कई रंग देकर आगे निकलकर हर पल जाते है जो हमे नया एहसास  देकर आगे लेकर जाते है उन्हे समझकर जीवन मे आगे बढते जाते है
क्योंकि आसमान के अंदर ही तो वह खास ताकद रहती है जो जीवन को समझकर हर बार हर पल को अक्सर देकर जाती है क्योंकि आसमान के रंग ही तो मतलब देते है
रंगों मे कई एहसास हर पल छुपे रहते है जो जीवन को कई बाते सिखाते रहते है हमे उम्मीदे देकर हर पल आगे लेकर जाते है 

Sunday, 22 May 2016

कविता ६९७. कोई सुनहरी लकिर

                                                     कोई सुनहरी लकिर
किसी किनारे पर किसी आवाज को सुनकर जीवन कहानी हर पल समझ लेते है उसे आवाज कि सरगम कहकर हम जीवन कि राहे बदलते रहते है
जिस संगीत को समझ लिया है हर मोड पर हमने हम हर राह पर उसको गाते रहते है जिसे हर बार जीवन कि सौगाद समझकर हम आगे चलते है
किसी गीत कि सुनहरी लकिर को कई बार हम समझ लेना चाहते है जिसे जीवन के हर पल मे हम जी कर आगे बढना चाहते है पर वही रंग हमे कहा एहसास दे पाते है
जिन्हे गीत कि सरगम के रुप मे हम चुपके से समझ लेना चाहते है परख लेने कि ताकद हर पल मन के अंदर हम रखते जाते है गीत को समझ लेना चाहते है
गीतों के किनारे हर पल तो जिन्दा रहते है जिसे अपने साथ समझकर हम जीवन फिर से मजबूती से समझ लेना चाहते है
पर कभी कभी किसी सूर मे हम कुछ अलग ही जीवन का मतलब हम हर राह पर अक्सर कहना चाहते है जिसे आगे ले जाना चाहते है
किसी सुनहरी किनार को हम समझकर आगे बढना चाहते है जिन्हे हर बार समझकर जीवन मे आगे चलना चाहते है
गीत को समझकर जीवन कि शुरुआत हम हर पल चाहते है जीवन को परखकर ही तो हम आगे बढना चाहते है
सुनहरी लकिरों को समझकर आगे बढ जाना चाहते है हम जीवन को समझकर आगे हर पल बढना चाहते है
हम जीवन कि सुनहरी लकीरों को समझ लेना चाहते है हम उन्हे हर पल हर मोड पर समझकर जीवन कि धारा को बदल देना चाहते है

कविता ६९६. हर पल के अंदर

                                               हर पल के अंदर
हर पल के अंदर सोच की अलगसी ताकद दिखती है पल को हर मोड पर समझकर चलने कि अहमियत नजर आती है
पल तो हमे समझ लेते है पर उन्हे समझकर आगे बढने कि जरुरत हर बार होती है जो जीवन कि ज्योती बनकर नजर आती है
हमे हर पल जीवन को समझ लेने कि अलग सोच हमे अलग तरीके का एहसास देती है जो जीवन कि दिशाए बदलकर हर मोड पर चलती है
हम अगर सोच को परख लेते है तो खुशियाँ हासिल हर बार होती है जो जीवन को हर पल कोई अलग तरह का मतलब देकर चलती है
पल को समझकर जीवन को मकसद देने कि अहमियत हर राह पर होती है जो जीवन के कई किनारे देकर चलती है
पल के बाद अलग पल को जी लेने कि जरुरत हर मोड पर होती है दिशाए हमे उम्मीदे  देकर आगे बढती रहती है
पल के अंदर कि ताकद जीवन को मकसद हर बार देती है जो आगे बढकर दुनिया को बदलने कि ताकद अंदर छुपी रखती है
हमे हर पल जीवन मे आगे लेकर चलती है पल कि ही ताकद तो जीवन को मतलब हर राह मे देकर हर बार चलती है
पलों के अंदर जीवन कि ताकद तो उम्मीदे देकर जाती है जिन्हे समझकर आगे बढ जाने कि जरुरत हर बार होती है
पल के अंदर ही तो दुनिया कि एक अलग तरह कि ताकद होती है जो जीवन को उम्मीदे देकर आगे हर बार जाती है जीवन का हिस्सा बन जाती है 

Saturday, 21 May 2016

कविता ६९५. किसी आवाज से

                                               किसी आवाज से
किसी आवाज से क्या डरना जब आपका एहसास है जब हमे पता है राह तो मुश्किल है पर क्या डरना जब खुदा हमारे साथ है
जिस राह पर काटे ना हो ताने ना हो वह राह खुदा कि नही होती है लोग कहते तो है वह मानते भी है उसको पर सचमुच मे ऐसा होता नही है
वह आवाज जिसे सुनके जीवन कि सही राह मिल जाये उसकी तलाश जीवन मे अक्सर काफी नही होती है
जब हम आगे बढते जाते है तब जीवन कि दिशाए बदल जाती हुई नजर आती है तो आवाज कि ताकद एहसास अलग देती है
हमे जीवन कि आवाज परखकर ही तो दुनिया समझ लेनी है जिसे समझ लेने कि जरुरत हर कदम पर होती है
जिसकी दिशाए बदलकर ही तो जीवन कि कहानी हर मौके पर हर पल बदलकर दुनिया कि दिशाए बदल देनी होती है
किसी आवाज को अलग पेहचान कर जीवन को अलग तरीके से समझ लेने कि जरुरत हर पल जीवन मे होती रहती है
हमे उस आवाज को परख लेने कि जरुरत तो हर बार होती ही है पर कभी दुनिया अपने एहसास से ही कहानी बदल लेती है
आवाज को समझकर आगे जाने कि कहानी हर पल जीवन कि दिशाए बदल देती है जीवन के इशारे बदल लेती है
आवाज कि ताकद ही तो जीवन कि दिशाए बदल देती है जिसमे हर पल हमे जीवन कि सच्ची दुवाए नसीब होती है  ाााा

कविता ६९४. नये खयाल को समझ लेना

                                        नये खयाल को समझ लेना
किसी नये खयाल को समझ लेने कि जरुरत हर बार होती है जीवन कि कहानी समझ लेने कि जरुरत हर कदम पर होती ही है
जब किसी नये मोड कि शुरुआत हो तो दुनिया कहाँ बनती है जिसमे हर कदम पर आगे जाने कि जरुरत होती है
नये खयाल को परखकर आगे बढकर जाने कि जरुरत होती है क्योंकि जिन्दगी हर रोज कुछ नया सिखा लेती है
जीवन कि धारा तो हर पल बदलती रहती है जीवन को परखकर आगे बढने कि हर कदम पर अहमियत जीवन मे होती है
हर सही खयाल को जिन्दा रखना ही तो दुनिया कि जरुरत होती है हम जीते चाहे हारे दुनिया मे हर बार अलग उम्मीदे होती है
हर पल हर मोड पर दुनिया तो बदलती रहती है जीवन कि खुशियाँ हर पल रंग बदल कर आगे लेकर चलती रहती है
हर राह को समझकर आगे बढकर जाने कि हमे हर बार जरुरत होती है जीवन को  परखकर जाने एक अलग अहमियत होती है
पर जीवन को समझे बिना जीवन कि गाडी आगे नही बढती है उसे बार बार समझकर ही आगे जाने कि जरुरत होती ही है
जीवन के अलग अलग खयालों को समझकर जीवन को परख लेने कि जरुरत हर राह पर हमेशा होती ही है जिनके अंदर दुनिया हर पल जिन्दा रहती है
जीवन मे खयालों को समझकर हर मोड पर अलग दुनिया को समझ लेने कि जरुरत होती है जीवन मे खयालों के अंदर ही तो हमारी दुनिया रहती है  ा   ा

Friday, 20 May 2016

कविता ६९३. धरा से जुडी उडान

                                                       धरा से जुडी उडान
पता नही चलता है जीवन मे कब मन क्या चाहता है मन को परिंदा बिना बंधन के बंधता जाता है तो कभी वह दूर गगन मे उडान लेना चाहता है
पर उसकी डोर तो धरा पर ही बंधी है वह कहाँ आसमान को छू पाता है जिस बात को समझकर जीना जरुरी होता है
हमे पतंग कि जगह कुछ अलग बनना जरुरी होता है पर हर कदम पर खतरे से बचाकर चलना चाहे वह कहाँ आगे बढ पाता है
खतरे को परखकर आगे बढना जीवन कि जरुरत होती है जो हमे हर पल अलग राह दिखाती रहती है जो उम्मीदे देती है
जो मिटी से बिना जुडे ही आगे चलते जाये तो जीवन को दिशाए आगे बदलकर मिलती है जिनकी हर कदम पर जरुरत होती है
हम आसमान मे उडना तो चाहते है पर खतरे कि हमारे मन को कहाँ इजाजत होती है जो आगे बढकर हमारी दिशाए बदलकर चलती है
उडना हो अगर समझ ले तो उसमे खतरों कि पहले इजाजत लेनी जरुरी होती है जिसमे जीवन कि अलग सोच जुडी होती है
धरती को परखकर ही तो जीवन कि शुरुआत होती है जो जीवन को हर कदम पर नई साँसे देकर आगे बढती जाती है
उडना ही तो जीवन को समझाकर आगे बढाती है पर उसमे खतरों को समझकर आगे बढने कि जरुरत हर बार अहम होती है
बिना खतरों कि जीवन मे उडान भरने कि जरुरत होती है पर जीवन मे ऐसी कोेई उडान नही होती है खतरा तो हर उडान का एक साथी है 

कविता ६९२. जमाने को समझकर

                                                 जमाने को समझकर
जमाने को समझकर कोई नई दिशाए बदल देती है पर कई बार वह सही नही होती है पर किस्मत को रोने कि जरुरत नही होती है
जमाने कि गलत राह से अपनी किस्मत नही बदल पाती है जब इन्सान को परखकर ही तो दुनिया आगे जाती है पर उस परख मे गलती बडी आम होती है
जीवन कि धारा तो बदलाव कि पेहचान होती है जिसमे दुनिया हर पल बदलती है जिसे समझकर आगे जाने कि जरुरत हर बार होती है
जमाने को पेहचान लेना जीवन कि हर बार एक अलग चाहत होती है जिसे परख लेना ही तो जीवन का मतलब होता है
जमाने को समझकर आगे जाना ही तो जीवन कि सच्ची ताकद होती है जो जीवन कि कहानी हर पल आगे लेकर जाती है
जमाना तो सही गलत कि सोच रखता है जिसे समझकर आगे बढना ही जीवन कि जरुरत हर मोड पर होती है जिसकी जरुरत होती है
जमाने मे ही तो अलग ताकद होती है जो जीवन कि दिशाए बदलकर आगे लेकर जाती है हमे आगे लेकर चलती जाती है
जमाने मे ही तो जीवन कि कहानी छुपी होती है जो जीवन कि सच्ची अहमियत होती है जो जीवन को बदलकर रख देती है आगे लेकर जाती है
जमाने को समझ लेने कि हर बार जरुरत होती है जो जीवन कि धारा बदलकर रख देती है जिसमे जीवन कि सही सोच छुपी होती है
जमाने को परखकर जाना तो है पर उसे बिना दोहराये भी जीवन कि कहानी बन पाती है जो जीवन कि कहानी हर मोड पर नया रंग दे जाती है 

Thursday, 19 May 2016

कविता ६९१. किसी पल कि आवाज

                                             किसी पल कि आवाज
किसी पल किसी आवाज को समझकर जीवन को पीछे लेकर जाने कि चाहत तो होती है पर क्यूँ करे वह बात जो नामुमकीन होती है
जीवन आगे बढने का नाम है पिछली बाते बदल लेना बात बडी मुश्किल लगती है पिछली बाते समझ लेना जीवन कि शुरुआत की जरुरी चीज होती है
पिछली बाते तो हर बार बस वही होती है जो बदल लेना एक ऐसी बात है जो गलत ख्वाईश होती है जो जीवन कि दिशाए बदलकर रखती है
हमे हर बार जीवन को समझकर पलों को बांध लेने कि जरुरत होती है पर पल कभी नही बंध पाते उडना उनकी फिदरत होती है
पिछली बाते कहा मुड पाती है क्योंकि वही रुक जाना उनकी जरुरत होती है जीवन कि बाते हर पल हर मोड पर बदलती जाती है
पिछली बाते तो उस मोड पर ही रख देने कि जीवन को जरुरत होती है जो दुनिया को समझकर उसकी दिशाए बदलकर रहती है
पीछे दिखती हुई घटना को बदलकर रखने कि जीवन को हर पल अहमियत होती है जो जीवन कि धारा को बदल देने कि जरुरत होती है
पिछली बातों को बदल देने कि जीवन कि चाहत हर मौके पर अहम होती है जो जीवन कि ताकद बनकर जीवन कि तलाश बदल देती है
पीछे कि बाते समझ लेना जरुरत होती है जो जीवन को परख लेना ही एक बात बडी अहम होती है जो जीवन बदल देती है
पिछली बाते समझ लेना ही तो जीवन कि कहानी बनाता है जो चीजे हर मोड को  समझकर आगे बढ जाने कि जरुरत होती है

कविता ६९०. हर रास्त्ते कि एक मंजिल

                                              हर रास्त्ते कि एक मंजिल
हर रास्त्ते कि एक मंजिल तो जरुर होती है जो जीवन कि साँसे बनती है क्योंकि आखरी पडाव की मंजिल तो हर बार होती है
रास्त्तों को समझ लेने कि जरुरत होती है जिसे परखकर ही तो जीवन कि सोच आगे लेकर चलती चली जाती है जो जीवन कि धारा बदल जाती है
मंजिल तो हर बार जीवन कि कहानी को आगे लेकर जाती है जिसे समझकर आगे बढते रहने कि जरुरत हर बार होती ही है
मंजिल ही तो जीवन कि सबसे अहम चीज होती है जो हमे आगे लेकर जाती है नई शुरुआत देती रहती है जीत हो या हार यह बात अहम नही होती है
मंजिल तो जीवन को हर पल अलग राह दिखाती जाती है किसी मंजिल को समझकर आगे बढने कि चाहत हर बार असर कर जाती है
मंजिल तो हर रास्त्ते कि आखिर होती है जिसे समझकर आगे जाने मे ही जीवन कि अक्कलमंदी होती है बिना आखिर कि कोई राह नही होती है
मंजिल तो जीवन को समझकर आगे ले जाती है कोशिश होती है जीवन कि जो हमे मतलब लेकर आगे जाने कि जरुरत होती है
रास्त्ते मे कई मंजिले अक्सर होती है जिन्हे समझकर आगे बढते जाने की अजीब जरुरत होती है याने के मंजिल आखिर होकर भी आखिर नही होती है
मंजिल को समझकर जीवन के हर मौके पर मतलब दे जाती है जिन्हे परखकर आगे चलने कि अहमियत होती है जो दिशाए बदल देती है
रास्त्ते को समझकर कई तरीकों से जीवन को परखकर चलते रहने कि जरुरत होती है क्योंकि मंजिले कई आती जाती है पर वह मंजिले आखरी नही होती है 

Wednesday, 18 May 2016

कविता ६८९. हर पल का एहसास

                                              हर पल का एहसास
हर पल हर एहसास को समझ लेने कि जरुरत हर पल होती ही है जो जीवन को अलग अलग मतलब हर बार दे जाती है
किसी पल मे दुनिया कि अलग कहानी हर बार लिखी होती है जो जीवन को बदलकर रख देती है जीवन कि कहानी बदलकर रखती है
पर कुछ पल ऐसे भी होते है जिनसे हमारी दुनिया बदल जाती है किसी पल को समझकर आगे जाना ही तो दुनिया कि किस्मत होती है
किसी पल के अंदर ही जीवन कि शुरुआत कुछ ऐसी होती है जो दुनिया कि किस्मत बदलकर रखती है दुनिया का एहसास बदल जाती है
क्योंकि पलों से ही तो किस्मत कि कहानी हम लिखते है जिनके सहारे जीवन कि मिसाल हर बार हर मोड बनती है वही बाते पलों मे करने कि जरुरत होती है
जाने क्यूँ पल के अंदर दुनिया के मतलब हर बार छुपे रहते है जिनमे दुनिया कि किस्मत छुपी है जो जीवन पर बुरा असर करती है
पल के अंदर ही तो अलग अलग तरह कि सोच छुपी होती है जो किस्मत बदलकर रख देती है दुनिया बदलकर जाती है
जीवन को समझ लेने कि हर मौके पर जरुरत हर पल होती है जो जीवन कि कहानी बदलकर आगे बढती जाती है
पल के अंदर दुनिया कि सही उमंग भरते है तभी हमारी दुनिया बनती जाती है जो हमे हर पल हर मौके मे ताकद दे जाती है
हर पल के रंग को समझकर ही तो दुनिया कि नई किस्मत बनती है जो हमारे जीवन को बदलती जाती है उम्मीदे भरी सोच देकर जाती है 

कविता ६८८. फूलों कि खुशबू

                                              फूलों कि खुशबू
कभी फूलों कि खुशबू समझकर आगे तो हम चले जाते है पर वह कभी अत्तर कि सुगंध बनकर हमे आगे ले जाती है जीवन मे खुशियाँ लाती है
जिस एहसास को परख ले हम खुशियाँ पाते है उन्हे समझकर ही तो हम दुनिया मे आगे बढते जाते है क्योंकि खुशबू कि चाहत तो आखिर पूरी होती है
जो जीवन को समझ लेता है कि कहानी हर पल जीवन मे नया एहसास दे जाती है फूलों से ज्यादा अत्तर कि खुशबू हमे मिल पाती है
उस खुशबू को समझ लेने कि जरुरत ज्यादा अहम नजर आती है क्योंकि जीवन को समझकर ताकद देकर आगे जाती है आगे बढ जाती है
खुशबू कि ताकद कुछ ऐसी होती है जिसे समझकर बजह अहम नही आती है पर कई कोने मे मन को फूलों कि तलाश नजर आती है
क्योंकि बिना फूलों कि खुशबू जीवन को काफी नही नजर आती है नजरों को फूलों कि तलाश अक्सर रहती है जो जीवन को साँसे देकर चलती है
क्योंकि खुशबू ही तो जीवन कि आवाज बनती है जो अपनी दुनिया बदलकर रख देती है जो जीवन का एहसास बदलकर चलती जाती है
इसलिए तो कभी कभी मन को सिर्फ वह खुशबू ही काफी लगती है क्योंकि फूलों कि तलाश जीवन कि आस नही रहती है
अगर हम कोशिश कर ले तो खुशबू कि खुशियाँ हर पल तलाश नही बनती है कभी कभी उनमे जीवन कि सच्ची ताकद होती है
खुशबू को समझकर ही दुनिया बनती है कभी फूल मिल पाते है तो कभी कभी जीवन मे सिर्फ खुशबू पर ही मन को मनाने की राह सही होती है 

Tuesday, 17 May 2016

कविता ६८७. बादलों को देखकर

                                                 बादलों को देखकर
बादलों को देखकर आसमान मे उम्मीदे नजर आती है जो जीवन कि धारा को हर पल बदलकर जाती है आसमान मे उम्मीदे दे जाती है
पर आसमान मे उडते परिंदो मे जो जान हमे दिखती है सच बोल देते है हमारे मन से तो वह जिन्दा हो जाती है नई रोशनी दे जाती है
बादलों मे उडते हुए मन कि उडान सच्चाई के पंखों से सही नजर आती है जो जीवन को परखकर आगे लेकर जाती है
आसमान मे ही तो हमारी दुनिया हवाओं के रंग देकर आगे बढती है जिन्हे समझकर आगे जाने कि जरुरत हर पल होती है
आसमान के रंगों मे ही तो हमे आजादी की प्यास नजर आती है और बाकी चीजों से ज्यादा अहम हमे हमारे जीवन कि आवाज नजर आती है
आसमान मे जीवन कि धारा ही तो हमे ताकद दे जाती है मतलब देकर वह हर पल आगे निकल जाती हुई हर मोड पर अक्सर नजर आती है
उंची उडान ही तो जीवन मे एक बात होती है जो हमे सीखाती है सिर्फ नीले आसमान के अंदर दुनिया जीवन के कई रंग दिखाती है
जीवन कि साँसे हमे आगे लेकर जाती है जो हमारी दुनिया कि खुशियाँ देकर हमे आगे ले जाने का एहसास दे जाती है
दुनिया को हर पल समझकर जीवन कि एक कहानी बदलकर रख देती है ऐसी आजादी मिलती है जब यह बात समझ आती है कि हमारी खुशियाँ आसानी से मिल पाती है
जीवन मे आसमान मे बादलों को समझकर आगे चलते रहने कि जरुरत हर पल नजर आती है जो हमारी दुनिया को सच्ची ताकद दे जाती है

कविता ६८६. दुनिया से अलग सोच

                                            दुनिया से अलग सोच
किसी सोच को समझकर ही तो दुनिया हमे नई शुरुआत दे जाती है वही रोशनी कि पुकार हर बार नही होती है कभी वह अंधियारे भी दे जाती है
किसी सोच कि ताकद ही तो जीवन कि प्यारी लगती है सोच के अंदर जीवन के हर पल का अलग एहसास छुपा होता है जो रोशनी देकर जाता है
तरह तरह के खयालों से ही तो जीवन का मतलब जुड जाता है जो हमे रोशनी देकर आगे निकल जाता है अंधियारा भी हमारा साथी बन जाता है
खयाल ही तो अपने साथी होते है जो जीवन को हर पल रोशनी और ताकद देकर बढते है उनमे उम्मीदे देकर जाती राहे हर बार नही मिलती है
हर खयाल के किनारे तो होते है पर उन्हे परख लेने कि जरुरत हर पल होती ही है पर जो खयाल दुनिया दे जाये उसमे हर बार ताकद होती है
दुनिया को समझ लेने कि जरुरत हर पल होती ही है जिसे परख लेने कि चाहत मन मे हर बार हर पल जिन्दा रहती है
सोच के कई किनारों को समझकर जीवन कि नई कहानी बनती है जिसे परखकर ही तो दुनिया कि राह मिलती है
पर हर बार हर पल हम दुनिया कि सोच अपना ले यह बात जीवन मे सही नही दिखती है वह जीवन कि कहानी हर बार बदल लेती है
सोच को समझकर जीवन कि कहानी बदलकर आगे जाने कि जरुरत हर पल होती है हमे जीवन को समझ लेने कि जरुरत होती है
दुनिया को कई रंगों को समझके आगे जाने कि अहमियत हर बार हर पल अक्सर होती है जिसके अंदर यादों कि ताकद हर पल होती है
 ा

Monday, 16 May 2016

कविता ६८५. मन के अंदर कि शुरुआत

                                          मन के अंदर कि शुरुआत
मन के अंदर जीवन कि शुरुआत नई होती है मन के कोनों मे जीवन कि दुनिया कि धारा बदलकर रख देती है नई शुरुआत देती है
मन को समझ के एहसास को अलग अलग तरीके से समझकर हर मौके पर सोच को अलग तरह से समझ लेने कि अहमियत होती है
मन कि दुनिया अलग अलग दिशाओं से घूमती रहती है जिसे समझकर आगे बढने कि आदत हमे हर पल मे होती है
मन तो कई खयालों के खुशबू से जीता है उन्हे समझ लेने कि जरुरत जीवन को हर मोड पर होती है पर जाने क्यूँ किसी कोने मे मन कि खुशबू रहती है
जीवन को समझ लेने कि जरुरत दुनिया को तो होती रहती है जिसमे दुनिया जिन्दा रहती है जिसकी शुरुआत अक्सर अहम रहती है
मन के कई रंगों के संग दुनिया जिन्दा रहती है जिसे परखकर जी लेते है पर कितनी छोटीसी जिन्दगी होती है जो जीवन के रंग बदलती है
मन को तरह तरह के रंगों मे समझकर आगे बढने से ही तो जीवन कि खुशियाँ मिलती है पर कभी कभी बंद आँखों मे ही खुशियाँ छुपी रहती है
मन मे कई तरह के मौके होते है जिन्हे समझ लेने से दुनिया मिलती है पर कभी किसी मौके पर खुदको भुलाकर चलने से दुनिया बनती है
पर मन के किसी कोने कोई याद जो छुप जाती है जीवन कि कहानी बदलकर आगे चलती जाती है रोशनी देकर जाती है
पर अक्सर जीवन के अंदर कहानी कोई अलग नजर आती है जिसे समझकर दुनिया ही सही तरह कि रोशनी देकर हर बार जाती है 

कविता ६८४. हर हिरे के अंदर

                                                 हर हिरे के अंदर
हर हिरे के अंदर अलग रोशनी चमकती है जिसे समझकर ही तो दुनिया हमे आगे लेकर चलती है जिसकी चमक कुछ अलग ही होती है
क्योंकि उस हिरे से रोशनी बिखरती है पर वह असली हिरे कि समझ जिन्हे होती है उन्हे परख लेने कि जरुरत हर बार होती है
हिरा तो वही होता है जिसके अंदर अलग चमक होती है उसे गहने से ज्यादा इन्सान कि अच्छाई कि समझ होती है जो जीवन कि ताकद बनती है
जीवन के अंदर कहानी तो लोगों कि सोच से बनती है वह हर पल सौगाद बनकर जीवन के अलग रंग दिखाकर आगे जाती है
हिरों से ज्यादा इन्सान को समझ लेने कि जीवन को जरुरत होती है जो जीवन को कई मोडों पर सीखाती है जीवन कि कहानी एहसास अलग दे जाती है
हिरे से ज्यादा सही सोच असर कर जाती है क्योंकि हिरे कि चमक कुछ दिनों मे निकल जाती है जीवन कि कहानी बदल जाती है
हिरों से ज्यादा मन कि ताकद हर बार अहम होती है जो जीवन कि सोच बदलकर रख देती है जिसे समझ लेने कि जरुरत होती है
जो हिरों मे ही खूश हो जाये उसकी दुनिया कहाँ बडी बदकिस्मत होती है जो उनसे आगे बढ जाये उसकी दुनिया जन्नत होती है
मन के हिरों मे ही तो दुनिया कि सच्ची ताकद छुपी होती है जो हमे आगे लेकर हर बार चलती है मन कि ताकद ही सही उम्मीद बनती है
मन कि समझ दुनिया कि खुशियाँ चुनने मे ही होती है तो हिरों को तो सब चाहते है पर जो इन्सान को चाहे उसमे दुनिया को सही रोशनी मिल पाती है

Sunday, 15 May 2016

कविता ६८३. किनारे को परखकर

                                            किनारे को परखकर
किसी किनारे से जीवन कि बात बदलती जाती है उसे समझ लेने कि सौगाद अलग नजर आती है जिसे परख लेना ही जरुरत होती है
किनारे को समझ लेना जीवन को अलग एहसास दे जाती है जीवन के पेहलूओं को समझकर आगे चलने कि जरुरत हर बार होती है
किनारों को समझकर जीवन कि कहानी समझ लेने कि जरुरत होती है जो जीवन को हर बार अलग अलग तरीके से समझ लेती है
किनारों को परखकर जीवन को समझकर दुनिया कि अलग तरह कि कोशिश होती है जो हमे आगे लेकर जाती है जिसमे अलग ताकद होती है
किनारों को समझकर दुनिया कि समझ हमे आगे लेकर जाती है किनारों पर दुनिया हर बार अलग पेहचान देकर जाती है
किनारों मे ही तो दुनिया हर बार अलग एहसास और अलग मोड देकर जाती है जो हमारी दुनिया कि कुछ साँसे बढाती है
किनारों पर भी दुनिया कि अलग हस्ती जिन्दा रहती है जो जीवन को अलग तरीके से कोशिश को समझकर हम आगे बढना चाहते है
किनारों को दुनिया कि समझ हर बार अलग होती है जिसे परखकर और समझकर जीवन कि कहानी हर बार अलग नजर आती है
किनारों मे तो जीवन कि अलग कहानी बनती है जिस कहानी को हम परख लेते है तो जीवन कि अलग निशानी बनती है
किनारों को परखकर जीवन कि कहानी हर बार जीवन को अलग तरह के रंग दिखाकर हमे आगे लेकर जाती है वह आगे बढ जाती है 

कविता ६८२. आसमान के अंदर कई रंग

                                              आसमान के अंदर कई रंग
आसमान के अंदर के कई रंग हमारे जीवन कि अलग चाहत होते है जीवन के अंदर दुनिया को कई रंगों मे हम समझ लेते है
रंगों कि ताकद मे जीवन को समझकर हम आगे बढते है क्योंकि रंग को समझकर जीवन कि भाषा हम हर पल परखते रहते है
रंग तो दुनिया को समझकर आगे चलते है जिन्हे समझकर हम अपनी दुनिया बनाते है बारीश मे अलग अलग एहसास होते है
जब आसमान मे काला रंग छा जाता है बारीश के आसाद हर पल नजर आते है हवाओं के अंदर हम दुनिया को समझ लेते है
जीवन के अलग एहसास आसमान को रंग बहोत तरीके से देते है जिन्हे हम कई बार समझते है और कई बार अनदेखा कर देते है
हवाओं के रंग हमेशा जीवन कि दिशाए बदलते रहते है उन रंगों के एहसास मे हम दुनिया को समझ लेते है जिसके अंदर दुनिया कि धारा हम परख लेना चाहते है
हवाए तो बदलती है उनके संग मौसम भी बदलते रहते है जीवन के अंदर हर मौसम संग हम तैयार हर पल नये सिरे से होते है
हवाओं का एहसास हमे छूँ देता है जीवन कि हर धारा मे अलग अलग मौके  पर  जीवन के एहसास हर पल होते है
हम जीवन कि दिशाए बदलकर दुनिया को बदल के जाते है हवाओं को परख लेना जीवन को नई साँसे देते है हवाओं को समझ लेना जरुरी होता है
क्योंकि मौसम के संग जीवन के मोड बदलते रहते है जीवन मे हम अपनी साँसे यह बात समझ लेते है कि मौसम क्या कहते है
पर कुदरत के मौसम को समझ लेना तो जरुरी है पर बाकी मौसम जब बदलते है जो उनके संग बदल जाये वह जीवन मे हरजाई लगते है 

Saturday, 14 May 2016

कविता ६८१. सूरज का अंधियारा

                                               सूरज का अंधियारा
कुछ बार तो सूरज से बात करने को दिल चाहता है क्योंकि सब कहते है सूरज अंधियारा भगाता है तो दिल कहता है उस से ही जीवन बनता है
तो हम कई बार कोशिश करते है जीवन के अंदर दुनिया को बदल लेना जरुरी होता है पर सिर्फ लोगों के कहने से जब चलते है मन मे चोट खाते है
सूरज कि आग को समझकर मन कि जलन ही तो मेहसूस करते है जिसे समझकर ही हम सीखते है कि जीवन कि राहों मे हम आगे कैसे बढते है
क्योंकि सूरज कि चोट से हम सीख लेते है जिसे आगे बढकर हम जीवन मे परख वही नतीजे सही किसम के हर पल हर मोड पर होते है
जीवन कि जलन को तो बस हम ही मेहसूस करते है जिसमे हम जीवन कि सोच को समझकर आगे लेकर चलते है
सूरज कि चाहत मे अक्सर हम जीवन मे जलते रहते है जिसकी चोट से आँसू अक्सर हमारे आँखों से बहते रहते है
किरणों कि अंदर कई चीजों को हम अक्सर मेहसूस करते रहते है जिन्हे हम कई राहों मे परख लेते है जिनके कई किनारे होते है
पर सूरज से ज्यादा हम तो उन लोगों से डरते है जो हमे सूरज के पास जाने कि सलाह देकर आगे बढते रहते है
सूरज कि जलन जीवन को सीखाती है जीवन मे रोशनी जरुरी होती है जो हमे जीवन मे खुशियाँ देती है पर उसे छूँकर जाने कि जरुरत नही होती है
सूरज का उजियाला तो प्यारा है पर उसे छूँ लो तो दुनिया जलती है जीवन मे गुस्से कि हालत तो कुछ ऐसी ही होती है हमे उसकी जरुरत होती है 

कविता ६८०. किसी चीज कि चाहत

                                                किसी  चीज कि चाहत
जीते चाहे हारे कोई बात जीवन मे ऐसी होती है जिसे हम खोना नही चाहते है क्योंकि जीवन कि सोच उस ताकद से बनती है
किसी बात कि चाहत ही तो वह चीज होती है जो हमे गलत दिशाओं मे बदलकर सही किनारे दे जाती है क्योंकि किसी चीज चाहत ही हमे सही बनाती है
अगर सही चाहत हो तो वह हमारी दुनिया बदल जाती है हमारी राहे अलग नजर आती है जो जीवन कि दिशाए बदलकर जाती है
जीवन मे तो राहों को सही बनाने कि जरुरत होती है जो नई खुशियाँ दे जाती है पर वह सही राह तभी बनती है जिसमे गलत उम्मीदे नही होती है
अपनी खुशियाँ तो सबकी चाहत है जो जीवन कि उम्मीदे बनकर आगे बढती है पर जो दूसरे कि खुशियाँ छीन लेने कि चाहत रखे सही उसकी दुनिया नही होती है
क्योंकि जो दूसरे कि बर्बादी चाहे सही उसकी दुनिया नही होती है जिसे परखकर ही हमारी खुशियाँ होती है जो सबके खुशियों मे होती है
जीवन कि खुशियाँ कई हिस्सों मे होती है पर जो हमे आगे लेकर चलती है वह मन की ताकद होती है जो हमे रोशनी देती है
जीवन मे हार जीत तो होती रहती है पर उस से परे हमारी चाहत होती है जब वह सही हो तो वह आँसू पोछते हुए अपने पराये कि सोच नही रखती है
जीवन तो अक्सर अलग अलग सोच देता है जिसे समझकर जीना ही हमारी जरुरत होती है जिसे समझकर जाने से ही हमारी सुबह होती है
जब अँधियारे से ना डरे तभी तो हमारी दुनिया खुबसूरत लगती है क्योंकि रोशनी और अँधेरे से परे उस बात कि चाहत होती है
उस चाहत मे ही तो दुनिया खुबसूरत होती है क्योंकि सही दिशाए दिखाना ही तो हमारे मन कि सच्ची राय या फिर चाहत होती है

Friday, 13 May 2016

कविता ६७९. बूँद बन जाना है

                                                      बूँद बन जाना है
बूँद बूँद से कहते है कि सागर बनता है पर सवाल तो यह है फिर एक बूँद बनने से इन्सान क्यूँ डरता है सबको सागर जैसा बनना है
पर हर कोई बूँद नही पूरा सागर बनना चाहता है यह तो मुमकिन नही है पर इन्सान हर पल यह बात कहाँ समझता है
जीवन मे बूँदों से ज्यादा सागर बनने कि चाहत वह रखता है और उसी चाहत मे वह कई बार सागर को जीवन मे खो देता है
बूँदों के अंदर दुनिया को समझ लेने कि जरुरत वह हर पल रखता है बडा करने कि चाहत को ज्यादा बढाकर छोटीसी चीजे भुला देता है
जीवन मे छोटी बूँदों से ज्यादा अहम हमे सागर लगता है क्योंकि दुनिया समझाती है और उसे मानकर जीवन आगे बढता है
छोटीसी बूँद सागर से भी अहम तो होती है क्योंकि वही तो हर बार सागर को बनाती है जीवन को बूँद से समझ लेना तो जरुरी होता है
जीवन तो छोटीसी बूँद कि शुरुआत होता है जो जीवन को समझ तो लेती है पर कहाँ दुनिया उसे परखकर आगे चल पाती है
बूँदों से ज्यादा सागर ही जरुरी होता है पर यह सोच तो गलत राह पर चलनेवाला ही देता है क्योंकि बूँद बनना भी जीवन मे बडा काम लगता है
सागर को परख लेना ही बूँदों को समझ लेना ही जीवन को साँसों कि जरुरत होती है उसी तरह से बूँद ही तो सागर कि पेहचान होती है
बूँद से हर चीज कि शुरुआत होती है जो जीवन को आगे लेकर जाती है जिसकी जीवन मे शुरुआत होती है तो ही जिन्दगी बनती है
जो बूँद बनना चाहे जिन्दगी उसकी ही होती है क्योंकि उसके लिए ही तो अक्सर सागर बनते रहते है जो खुशियाँ देते है

कविता ६७८. लहरों पर दुनिया

                                                 लहरों पर दुनिया
हर लहर जब आकर हमे छूँ कर जाती है जीवन कि कहानी दुनिया मे बदल जाती है जिसे समझकर आगे जाने कि जरुरत होती है
क्योंकि लहरों पर हमारी दुनिया रहती है जिसे परखकर चलने कि जरुरत हर पल होती है क्योंकि लहरों पर ही वह डोलती है
लहरों कि ठंडक जीवन मे बडी मुश्किल लगती है जीवन की उम्मीदे हर बार लहरों पर ही डोलती है क्योंकि लहरों कि कहानी बनती है
उन लहरों के अंदर दुनिया कि सोच हर पल जिन्दा रहती है जो हमे उम्मीदे देकर आगे चलती रहती है जो दुनिया को ताकद देती है
लहरों के अंदर दुनिया कि नई शुरुआत तो होती है जीवन को आगे पीछे जाने कि जरुरत हर सोच के साथ अक्सर होती है
जीवन कि लहरे हमे आगे पीछे लेकर जाती है जीवन मे आगे बढने कि जरुरत और आदत हर मोड पर हमे ताकद देती है
जीवन कि कहानी हर बार हमे रौनक देती है जब वह रंग बदलती रहती है दुनिया कि दिशाए बदलकर अलग बनती जाती है
क्योंकि लहर ही तो जीवन कि कहानी होती है पर उसे मूँठी मे पकड लेने कि चाहत हर बार अधूरीसी रह जाती है
लहरों को समझ लेते है पर उन्हे पकड कहाँ पाते है जीवन को कई हिस्सों मे समझकर आगे बढना तो हर बार हम चाहते है
पर समझ तो उन्हे लेते है पर उन्हे कहाँ परखकर आगे जाते है जीवन कि राहों को  समझकर आगे जाते है जिन्हे हम लहरों पर समझ तो लेते है
लहरों के अंदर दुनिया कि हर सोच को हम समझ लेना चाहते है जिसके अंदर दुनिया समझ लेना तो मुमकिन है पर दुनिया हमारी पकड मे नही आती है

Thursday, 12 May 2016

कविता ६७७. बिना लब्जों कि बात

                                                बिना लब्जों कि बात
जब लब्जों से कोई बात कही नही जाती है जाने क्यूँ वह बात हमारे समझ मे ही नही आती है या अनसुनी करते है उसको क्योंकि लोग तो कही बात से भी मुकर जाते है
तो क्यूँ सुने हम उस अनकही को पर हमने सुना है लोगों से उनके ही अफसाने बन जाते है इसीलिए हमे उन्हे सुनने कि कोशिश मे जुड जाते है
जिसे सीधी बात ही समझ आती है उसे कहाँ जीवन कि अनकही बाते समझ आ पाती है क्योंकि उसकी दुनिया उनके संग ही बदलती जाती है
लब्जों के अंदर सौगाद जीवन को दिशाए देकर जाती है वही जीवन कि ताकद बनकर हर पल नजर आती है पर अनकही बाते भी तो सुननी होती है
हम अक्सर उन्हे पढने नही जाते है पर जब पढते है उनकी दुनिया ही कुछ अलगसी होती है जो हमारे जीवन को उम्मीदे देती है
पर लब्जों के पार हर बार जीवन कि कुछ खुशियाँ तो होती है काश उन्हे समझ लेते क्योंकि उनसे ही दुनिया जन्नत होती है
लब्जों के अंदर दुनिया कि अलग ताकद होती है जो हमारे सोच को रोशनी देती है हमारी दुनिया बदलकर हर पल आगे चलती है
पर जो बात लोग लब्जों मे कहने को तैयार ना हो वह बात बिना लब्जों के समझ लेने कि मजबूरी होती है
पर कुछ बाते ऐसी भी है जो बिना लब्जों के हमारे समझमे नही आती है लब्जों के साथ ही तो हमारी दुनिया बन पाती है खुशियाँ बन पाती है
पर अक्सर वह बात जो लब्जों मे सीधी हो वह उतनी बिना लब्जों कि नही होती है क्योंकि समझ तो आती है पर मन को सही समझ लेने कि तसल्ली नही होती है 

कविता ६७६. हवाओं को बिना समझे

                                              हवाओं को बिना समझे
हवाओं को समझकर अपनी दिशाए बदल लेना बात सही नही होती है हवाए तो अपने किनारे बदलती रहती है जिसे समझकर अलग सोच कहाँ बनती है
हवा को समझकर उसकी कहानी कि कहने कि जरुरत नही होती है क्योंकि हवा तो बदलती है हमे अपनी सोच बदलने कि जरुरत कभी कभी होती है
जीवन के हर पडाव पर हवा तो बदलती जाती है उस हवा को समझकर चलने कि तो जरुरत है पर उनके सामने झुकने कि जरुरत नही होती है
हवा ही तो जीवन का बदलाव दिखाती है पर हर बदलाव के साथ सही सोच को बदलने कि जरुरत नही होती है जो जीवन को रोशनी देती रहती है
हवा तो कई किनारे को हर बार समझती रहती है पर हमे सिर्फ उसे देखकर गलत बात करने कि जीवन मे इजाजत नही होती है
हवा को परखकर जीवन कि कहानी हर मोड पर बदलती है पर इसका मतलब यह नही है कि हमे जीवन मे सही दिशा को खो कर जाने कि इजाजत होती है
हवाओं को समझकर आगे जाने कि जरुरत है पर फिर भी उन्हे समझ लेने के लिए दुनिया मे कोई खास मेहनत नही पडती है
हवा तो हमे बताती है जीवन कि कहानी सीखाती है जिसे समझकर आगे जाने कि कोशिश हर बार जीवन मे अक्सर होती है
हवा को समझकर जीवन मे आगे जाने कि जरुरत नही होती है क्योंकि हवाओं के कई हिस्सों मे दुनिया हर बार अलग रंग देती है
हवाओं मे जीवन कि ताकद छुपी है उसे परखकर आगे चलने कि जरुरत हर राह को होती है जीवन मे हवाए ही तो हर बार हर पल अहम होती है 

Wednesday, 11 May 2016

कविता ६७५. मोड पर बसी दुनिया

                                              मोड पर बसी दुनिया
हर मोड पर कोई अलग चीजे हमने देखी है जो हमारी दुनिया कई रंगों मे बदलती जाती है जो हमे अलग मतलब देकर आगे चलती जाती है
किसी मोड पर हमारी दुनिया अलग तरीके से बसती चली जाती है क्यो रोके किसी मोड पर जीवन को जब वह हर बार अलग एहसास दे जाता है
उस मोड पर जीवन कि कहानी अलग अलग ढंगों से जिन्दा हर पल होती है जिसमे ही तो जीवन कि नई सौगाद छुपी होती है
किसी मोड पर हमारी किस्मत बनती है जब उस मोड पर दुनिया बडी खुशी से खडी हमे अक्सर नजर आती है जो रोशनी देकर जाती है
जीवन कि कहानी उस हर पल नई सोच देती चली जाती है नई उम्मीद बनकर जिन्दा रहती है क्योंकि उसमे ही तो दुनिया रहती है
उस मोड कि चाहत मे ही तो दुनिया जिन्दा रहती है जीवन कि साँसे उस मोड पर खडी दुनिया मे अक्सर दिखती है
किसी मोड को परखकर ही तो दुनिया कि हर चीज बनती रहती है जो रोशनी देकर जाती है क्योंकि दुनिया उस मोड पर ही जिन्दा रहती है
उस मोड पर दुनिया हमेशा रहती है जो हमे चुपके से आगे जा कर ताकद देंती है क्योंकि उस मोड मे जीवन के सपनों से ही तो दुनिया आगे चलती है
शायद उस मोड पर इन्तजार कि जरुरत हमे हर बार होती है क्योंकि उस मोड पर ही तो हमारी  दुनिया रहती है
जिस मोड के हर कोने मे जिन्दगी कि खुशियाँ हर पल छुपी रहती है जो हमारी किस्मत बदलती है क्योंकि जीवन मे दुनिया बसनी ही तो सिर्फ जरुरी होती है
पर अक्सर लोगों कि आदत होती है जो हमारी किस्मत बदल देती है उन्हे अपनी दुनिया से ज्यादा दूसरे कि दुनिया उजाड लेने कि जरुरत होती है

कविता ६७४. गीतों कि दुनिया को समझ लेना

                                         गीतों कि दुनिया को समझ लेना
गीतों कि दुनिया अक्सर खुशियाँ दे जाती है जिसे समझकर हम आगे चले जाते है पर उन पंक्तींओ कहाँ वह रुक पाती है वह आगे बढती जाती है
गीतों को समझकर कहाँ हमारी हस्ती आगे बढ पाती है हर गीत के अंदर कुछ अलग पल छुपे रहते है जिन्हे समझकर ही तो दुनिया आगे बढती चली जाती है
पर गीत सुनते है कई पर गीतों कि मतलब कहाँ समझ पाते है सिर्फ सुनने से जीवन को आवाज नही मिलती पर उन्हे समझ लेने कि जरुरत अहम होती है
लोगों मे इतनी समझ बडी मुश्किल से आती है वह तो सिर्फ गीत सुनकर गर्दन को हिला देते है उनके मतलब हर बार समझे बिना ही आगे बढ जाते है
गीत के अंदर जीवन को समजझ लेना ही अहम बात होती है जो हमे बहोत अहम ताकद दे जाती है नई उम्मीदे देकर आगे ले जाती है
गीत मे ही तो दुनिया कि नई सुबह छुपी होती है जो हमे मतलब देती है एहसास देकर जाती है जिनके अंदर जीवन कि शुरुआत छुपी होती है
गीत को परखकर ही तो दुनिया कि सौगाद मिलती है जो हमारे जीवन कि दिशाए बदलकर आगे बढती चली जाती है एहसास बदल जाती है
पर जो दिमाग से ना समझे क्या मतलब है उनके सुनने का जीवन मे क्यो सुने उस संगीत को जिसमे कई मतलब छुपे होते है जो जीवन पर असर कर जाते है
गीत के अंदर ही तो कई धूनों कि आवाज छुपी है जो जीवन को मतलब हर बार देकर जाती है दिशाए बदलकर आगे चलती जाती है
गीत को समझ लेना तो ही दुनिया कि काश आदत हो पाती है पर वह बात नही बन पाती है वह हर बार मन को चोट देती चली जाती है
गीत को बिना समझे हमारी किस्मत कहाँ बन पाती है क्योंकि गीत मे ही हमारी दुनिया हर बार छुपी नजर आती है पर उसे सुनने कि फुरसत किसे होती है

Tuesday, 10 May 2016

कविता ६७३. बंद कमरों मे जीवन

                                            बंद कमरों मे जीवन
हर बार जीवन को चाहते तो हम भी है पर जानते है बंद कमरों के अंदर जीवन कभी गुजरता नही है बिना धूप का जीवन कभी जीवन होता नही है
हर पल हर सोच के अंदर अलग आवाज सुनाई देती है जो कहती है हम से बिना साँसों के जीवन कभी बनता ही नही है जो आजादी को खो दे वह जीवन होता नही है
जीवन मे हमने देखा है बंद कमरों मे रहते है लोग कई पर डर के कमरे मे कुढने को हम जीवन कहते ही नही है हम उसे एक मजबूरी कहते है
जीवन को समझकर आगे चलने कि हर बार जरुरत होती है डर को परखकर आगे जाने को ही हम हर बार जीवन कहते रहते है
बदलाव तो जीवन का सच है जिसे बंद कमरों मे रहकर हम समझा नही करते है जीवन तो एक उडान है जिसे पंखों को बांध कर भरा नही करते है
जिसे हम मन से भरते है और उस आसमान कि ओर हम उडते है चाहे पहुँचे या ना पहुँचे पर उस ओर तो उडना चाहते ही है
जीवन कि बाजी हर बार आसान नही होती है पर हम उसे अपने दिल से जीना चाहते है क्योंकि हम दिल और दिमाग दोनों को एक ही जगह पाते है
कभी बंधन मे डर के खुदको बांधकर तो हम नही चाहते है प्यारी कि जंजिरे भी प्यारी है पर डर कि कच्ची डोर को भी कांट के हम जीना चाहते है
बंधनों से दूर कही पर जीवन को हम जीना चाहते है जिसे समझकर आगे बढना हर बार हम मुश्किलसा पाते रहते है
बंधन को तोडे बिना और बिना डर के हम कहाँ जीवन मे जीना पाते है क्योंकि कि डर के बंधन हमे बांधकर हमारी साँसे ले जाते है 

कविता ६७२. सपने से बना जीवन

                                                    सपने से बना जीवन
सपने से जीवन को हर पल कोई अलग सोच मिलती है पर सपने के अंदर ही तो दुनिया कि खुशियाँ सीमट कर रहती है
सपना तो जीवन को अलग एहसास ही दे जाता है हर सपना ही जीवन को नई शुरुआत होती है हमे जीवन मे सपनों को समझ लेने कि जरुरत होती है
सपना ही तो जीवन कि सबसे बडी ताकद होती है जो हमे हर पल नई शुरुआत देती है सपना ही तो समझ लेने कि जरुरत होती है
सपने ही मन को ताकद ही होते है उसे समझकर जीवन को नई सुबह आगे ले जाती है सपनों को परख आगे चलना ही जरुरत है
सपने से ही तो जीवन कि कहानी बनती है मन के किनारे पर खुबसूरत सोच जब चमकती है तब उसकी शुरुआत बडी खास लगती है
सपने के हर पल मे दुनिया अक्सर जिन्दा रहती है उसकी खुबसूरती उसके अंदर पैदा हो जाती है जब सपना ही हमारी साँस बन जाती है
सपनों कि दुनिया को हर पल जरुरत होती है जो हमे आगे लेकर चलते जाते है उनकी हर पल जरुरत तो होती ही है
सपने ही तो जीवन कि सच्ची ताकद होते है जिन्हे समझ लेना ही तो हमारी सही किस्मत होती है जिसमे अलग ताकद होती है
सपनों के अंदर जीवन कि सच्ची सोच होती है जिसे समझकर ही तो आगे बढने कि दुनिया मे जरुरत होती है जो दिशाए देखकर चलती है
सपनों से ही तो हमारी किस्मत बनती है जिन्हे परखकर ही तो हमारी दुनिया बनती है उनसे ही हमारी दुनिया खुशकिस्मत होती है
किसी ख्वाब ने जाते जाते दुनिया बदल दी है रातों के ख्वाब को अक्सर दिन पर भी असर होता है जो हमारी दुनिया को बदलकर जाता है
रात का ख्वाब भी तो जीवन के अंदर अलग एहसास हर पल रखता है जो दुनिया चुपके से बदलकर आगे चला जाता है
ख्वाब को परखकर आगे बढना ही जरुरत होती है जिसे समझकर ही तो दुनिया चलती है खयाल को समझकर आगे बढना ही जीवन कि जरुरत होती है
हर ख्वाब तो जीवन को नई शुरुआत देकर चलता है जीवन मे अक्सर हर पल आगे बढता है उसकी चाहत होती है
पर अनजाने मे किसी कोने मे कोई हसरत छुपी होती है वही अक्सर नींदों मे आकर सताती रहती है उसे हर पल समझ लेने कि हमे जरुरत होती है
किसी ख्वाब मे ही तो हमारी उम्मीदे चुपके से जगाती है दुनिया समझे या ना समझे मन को तो दिल की बात आसानी से समझती है
ख्वाब तो वह सोच है जिनमे दुनिया अक्सर दिखती है उस रंग मे जिसमे जिन्दा रहने कि मन को चाहत हमेशा होती ही है
ख्वाब तो जीवन को समझ हर पल देते रहते है जो मन कि चाहत है वह ख्वाब मे ही दिखती है पर हमने अक्सर देखा है ख्वाब मे ही मन कि घबराहट दिखती है
ख्वाब के अंदर जीवन कि कोई और ही सोच अक्सर दिखती है जीवन को समझ ले तो हमारी किस्मत बनती है हमे खुशियाँ मिलती है
ख्वाब के अंदर जीवन कि नई शुरुआत होती है जो जीवन कि दिशाए बदलती रहती है पर कभी कभी वह डर को बताकर ही जीवन कि दिशाए बदलती रहती है 

Monday, 9 May 2016

कविता ६७१. चाँद हो या सूरज

                                             चाँद हो या सूरज
चाँद हो या सूरज दोनों कि अपनी ताकद हर पल होती है जो हमे समझकर आगे हर पल ले जाती है हम उनमे किसी को भी चाहे दुनिया तो बदलती है
पर दोनों मे ही हमारी किस्मत कौन बनाते है काश के हम दुनिया मे यह समझ पाते हम यह कभी परख नही पाते है दुनिया मे हम अपने तरीके से समझ लेना चाहते है
क्या सही है उस बात को समझकर आगे जाना है पर चाँद और सूरज मे से चुनना चाहते है जीवन को हर पल तय करना चाहते है
पर जीवन तो अपनी धारा अपने मर्जी से ही दुनिया तय करती रहती है दुनिया कि खुशियाँ हर पल जीवन कि आदत बदलकर जाती है
पर जो चीजे चुनने कि जरुरत होती है उन्हे बिना चुने आगे जाने कि आदत ही सही होती है पर दुनिया को अक्सर वही होती है
जीवन को समझकर आगे चलने के लिए हर बार चुनने कि आदत पड जाती है जो जीवन के लिए हर बार मुश्किल बनकर नजर आती है
जीवन के कुछ पलों मे चीजों को तय करने कि अहमियत होती है तो कभी कभी चुनाव ही जीवन कि सबसे बडी जरुरत होती है
क्योंकि सुबह सूरज कि और रात अक्सर चाँद कि होती है जिसे बदल लेने कि जरुरत हमे हर बार हर पल नही होती है
अलग अलग वक्त मे अलग अलग किस्मत जिन्दा रहती है जो दुनिया के हर मोड पर मतलब देती है उनमे से एक को चुनने कि जरुरत नही होती है
पर फिर भी हम चुन लेते है और फिर बिघडती हमारी किस्मत है जिसे समझ लेने कि हमे अक्सर आदत नही होती है

कविता ६७०. उलझन मे लियी साँसे

                                                उलझन मे लियी साँसे
हर पल हर मौके मे जीवन कि साँसे जिन्दा रह नही पाती है कुछ पल तो ऐसे भी होते है जब जिन्दगी रुक जाना भी चाहती है
पर जो उस पल मे जी ले दुनिया उसकी ही होती है दुनिया कई रंगों को परखकर आगे चलना सिखाती रहती है मुश्किल से डरना सिखाती रहती है
जो मुश्किल के पलों को पार करे दुनिया बस उसकी होती है क्योंकि दुनिया तो कई आईनों के अक्स से बनकर ही तो आगे बढती है
साँसे वही जो मुश्किल मे भी ना रुके जो हर पल शिद्त से चलती है जीवन कि धारा हर पल मुश्किल के निशान बदलकर चलती है
साँसे तो जीवन कि नई शुरुआत बनती है जो किसी कोने मे हमारे जीवन कि आवाज बन के चलती रहती है जो जीवन कि दिशाए बदलकर चलती है
जिस मौके मे जिस पल मे दुनिया बदलकर चलती है उसे परखकर ही तो जीवन कि हर राह बनती और बदलती है
मौके को समझकर जीवन कि आदत बदलनी पडती है जिसे समझकर दुनिया कि दिशाए हर पल कुछ नई बनकर चलती है
जिस धारा को जिस पल को समझकर जीवन कि हसरत चलती है उस पल तो कोई भी साँस ले सकता है पर उलझन मे भी जो साँसे ले उसकी दुनिया तो बनती है
हर साँस के अंदर जीवन कि एक नई ताकद जिन्दा रहती है पर जो उन्हे मुश्किल मे ले सके उसकी दुनिया ही तो हर पल जिन्दा रहती है
उलझन तो जीवन कि सच्चाई है उस से उपर उठने कि जरुरत रहती है जो मुश्किल मे जीवन जी पाये उसकी ही तो यह दुनिया कि मेहफिल रहती है

Sunday, 8 May 2016

कविता ६६९. हर जगह कि कहानी

                                       हर जगह कि कहानी
जब परबतों से गुजरे उनकी कहानी हर बार सुनती हूँ उनसे मन पसंद किस्से चुनती हूँ क्योंकि जीवन मे समुंदर कि कहानी परबतों मे सुना नही करते है
जिस जगह पर हम खडे है वहाँ हम उसकी कहानी ही तो सुना करते है उसके नतीजे हर दम सहा करते है नतीजे हम हर मोड पर खुशियाँ ही पाते है
क्योंकि खुशियाँ तो बस उस मन को समझकर हमे मिलती है जो अपने जहान मे खुशियाँ ढूँढ लिया करते है मन को नया एहसास दिया करते है
अलग अलग जहान मे खुशियाँ उनकी खास और गम भी अलग अलग हुआ करते है जो जीवन पर कुछ अलग ही असर किया करते है
हर जगह कि कहानी और आदत अलग हुआ करती है जिनके असर से जीवन को हम अलग तरीके से हर दम सीख लेते है
हर जगह कि अपनी रीत हर बार उसे समझ लेना ही दुनिया कि सही रीत होती है जो जीवन को हर बार हर मौके पर बदलकर रख देती है
क्योंकि जगह जगह के अफसाने तो बदलते है पर उनसे हर दिवाने हर बार हुआ करते है तो हर जगह ही तो जीवन कि शुरुआत होती है
जो जगह का रुप होता है वही जीवन कि सबसे बडी जरुरत होती है जिस जगह मे रहो उसमे ही तो जीवन कि खुशियाँ हर बार दिखती है
हर जगह कि आदत होती है जो उसे समझकर चाहे तो ही दुनिया कि नई आदत दिखती है जो जीवन को अलग तरीके कि आदत देकर जाती है
जगह को समझ लेना ही जीवन कि सच्ची ताकद होती है क्योंकि जो एक जगह रहकर दूसरी जगह के सपने देखे उसकी दुनिया तो बस मुसीबत ही होती है
क्योंकि कोई एक जगह खास नही पूरी दुनिया खुबसूरत होती है तो जो किसी जगह कि खुबी को ना जाने वह नजर बदकिस्मत होती है

कविता ६६८. सोच का सही बदलाव

                                      सोच का सही बदलाव
किसी सोच मे जीवन को बदल देने कि ताकद होती है जो दुनिया के हर एहसास को समझ लेती है जीवन कि हर सोच हमारी किस्मत होती है
कभी समझ लेते है हम उसको कभी उस सोच मे अलग ताकद होती है जो जीवन दिशाए बदलती रहती है उम्मीदे देती है क्योंकि सोच ही ताकद बनती है
सोच मे ही तो हमारी कहानी होती है पर हम सबको एक बुरी आदत होती है कि गलत सोच पर भी चिपके रहना हमारी फिदरत होती है
सोच के अलग अलग पेहलू मे दुनिया बडी अहम होती है जिसे समझकर बदलना भी वक्त कि जरुरत होती है पर दिखावा भी हमारी आदत होती है
जिसे दिखावे से ही हमारी किस्मत बनती है यह सोच हमारी कितनी गलत होती है जो हमारे जीवन कि दिशाए बदलकर चलती है वही हमारी सबसे बडी मुसीबत होती है
सोच को परखकर दुनिया को समझ लेना जीवन कि जरुरत होती है खयाल को समझ लेना जीवन कि अलग ताकद होती है पर उसे बदलना जरुरत होती है
जब सोच को समझ ले तो ही हमे यह समझ आती है कि कब उसे बदलाव कि जरुरत होती है सोच कभी ना कभी तो बदलती ही है
क्योंकि आगे बढना ही जीवन कि फिदरत होती है जिसे परख लेना ही जीवन कि सही चाहत होती है पर बदलाव मे सही और गलत को परख लेने कि भी जरुरत होती है
सोच को समझ लेना ही तो अपने मन कि सच्ची ताकद होती है जो उम्मीदे होती है  तो सही बदलाव से अगर बदलाव गलत हो तो दुनिया मे मुसीबत होती है
जीवन कि सही सोच ही जरुरत होती है और उसके लिए सही बदलाव जरुरत होती है जो जीवन को रोशनी का एहसास देकर आगे चलती है

कविता ६६७. पन्नों मे लिखा

                                             पन्नों मे लिखा
किसी किताब के पन्नों मे लिखा है क्या यह बात बस जीवन मे दुनिया को समझ लेने के लिए काफी है कई पन्नों का एहसास बिना जिये काफी नही होता है
क्या बिना गाये संगीत का एहसास काफी होता है आखिर संगीत को पढना जीवन को काफी नही होता है बिना गाये जीवन को समझ लेना आसान नही होता है
क्योंकि संगीत ही तो जीवन को ताकद दे जाता है जिसमे नई शुरुआत का एहसास ताकद देकर जाता है पर बिना समझ लिये उसमे मतलब छुपा होता है
जब तक हम ना समज ले जीवन मे कोई खुशियों का एहसास सही नही लगता है जो जीवन कि ताकद बनकर दुनिया को सजाता है जिसे समझ लेना जरुरी होता है
पन्नों को पढना काफी नही होता जब तक उन्हे ना पढे जीवन का कोई रस सही नही होता है वह रोशनी नही दे पाता है आगे नही ले जाता है
जीवन के कई रंगों को समझ लिये बिना कहाँ जीवन मे खुशियों का एहसास नही होता है वह ताकद नही दे पाता है क्योंकि वह मन को छू नही पाता है
पन्नों को समझकर आगे लेकर जाने कि चाहत मे ही तो वह दिशा आती है दुनिया कि सही खुशियाँ जीवन मे लेकर वही तो आ जाती है
जो जीवन मे कुछ कर पाता है वही तो जीवन कि खुशियाँ लाता है हमे आगे बढने कि आदत और ताकद हर दम देकर जाता है
जो जीवन मे जीना खुशियों को चाहता है वह उन पन्नों को जिन्दा कर जाता है क्योंकि उस किताब को समझ लेने मे ही तो दुनिया कि ताकद हासिल होता है
पन्नों को समझ लेना ही सही उम्मीदे देकर आगे बढ जाता है पन्नों कि उम्मीदे उनको जीने से ही हर बार नजर आती है क्योंकि वही हमे आगे ले जाती है

कविता ६६६. छोटीसी बूँद को समझकर

                                             छोटीसी बूँद को समझकर
बूँदों को समझकर जीवन मे पानी का एहसास मिला है छोटीसी एक बात मे उम्मीद कि दुआ मिली है जिसे समझ लेने कि जरुरत हर दम दिखी है
जब बात कोई जीवन मे छोटीसी होती है वह एहसास अलग तरह का हर बार देकर चलती है जिसे परख लेने कि अहमियत हर मोड पर होती है
हमे जीवन मे बाते समझ लेने कि जरुरत हर मौके मे रहती है जो जीवन कि धारा को हर बार बदलती है उसे परख लेने कि जरुरत होती है
छोटी छोटी बातों से ही दुनिया कि कहानी हर बार जीवन को रोशनी देकर आगे बढती रहती है छोटी बात ही तो कह देते है पर उस से कहानी बनती है
क्योंकि हर छोटी बात हमे जितनी छोटी लगती है उतनी छोटी नही होती है छोटीसी सौगाद हमारे खातिर एक अहम बात बनकर आगे चलती है
छोटी चीज को परखकर ही तो दुनिया कि बात हर पल बन जाती है वह हमे उम्मीदों के किनारे हर दम देकर आगे चलती जाती है
छोटीसी बात जीवन कि एक जरुरी सौगाद बन जाती है जो हमे आगे लेकर जाने कि सोच हर पल और हर दम बदलती रहती है
छोटी छोटी बाते ही जीवन को साँसे देकर जाती है पर उन्हे परख लेने कि जरुरत हर बार होती है जो छोटीसी बात को कुछ एेसा बनाती है कि उसमे सबसे बडी अहमियत होती है
छोटीसी शुरुआत हमारे जीवन का एहसास बदल देती है जो हर पल हमे अलग तरीके कि सोच देती है जो हमे आगे ले जाती रहती है
छोटी बात ही हर चीज को बदलकर बूँदों जाती है जीवन कि कहानी सही दिशा मे कई बार बदल पाती है खुशियाँ देकर जाती है

Friday, 6 May 2016

कविता ६६५. कोई आवाज

                                                   कोई आवाज
किसी मोड पर कोई आवाज हम समझकर चलते है जिसे परखकर ही तो हम जीवन को जीना चाहते है अगर वह आवाज सही हो तो उस से कतराने कि क्या जरुरत होती है
हर आवाज को समझकर आगे बढने कि जरुरत हर दम होती है जिस आवाज मे दुनिया कि खुशियाँ रहती है जो जीवन को नई तकदीर देकर आगे जाती है
हमे हर मोड को समझकर आगे चलते जाते है जिस सोच को समझकर आगे जाने कि जरुरत हर बार होती है जो रोशनी देकर आगे बढती है
कोई सही आवाज को सुन कर हम सही काम करे तो हमे उसे सुनकर आगे चलने कि हर मौके पर जरुरत होती है जो जीवन को सच्चा मतलब देकर चलती है
किसी आवाज को परख जीवन को समझकर आगे बढना ही सही बात होती है क्योंकि आवाज ही तो हमारी ताकद होती है वही तो सही दिशा देकर आगे जाती है
आवाज सही हो तो आदत बनाने मे गलत बात नही होती है आवाज ही तो जीवन कि सच्ची ताकद होती है जो हमे आगे लेकर चलती है
आवाज कि ताकद सही है तो हार भी खुबसूरत होती है क्योंकि सही दिशा ही जीवन कि उम्मीद होती है जो हमे आगे लेकर चलती है
आवाज ही तो दुनिया कि ताकद बनकर आगे बढती है जिसे परखकर आगे चलने कि हर बार जरुरत होती है जो रोशनी देकर आगे बढती है
आवाज के लिए जिन्दगी गुजार लेने मे क्या मुश्किल हो सकती है जिसे परख लेने कि जरुरत है वह उस आवाज को पेहचान लेने कि जरुरत हर दिशा मे होती है
हर सही आवाज को समझ लेने कि ताकद हर दम होती है जो हमे रोशनी हर बार हर लहेर मे हर मोड पर होती है जो हमारे जीवन कि सच्ची बात होती है

कविता ६६४. हर पल जीवन को समझकर

                                          हर पल जीवन को समझकर
हर पल जीवन को समझकर चलने कि जरुरत होती है पर किसी पल के अंदर दुनिया कि किस्मत होती है मन को उस पल कि हर पल अक्सर तलाश रहती है
पल को समझकर जीवन को आगे ले जाने कि जरुरत हर मोड पर होती है किसी पल के अंदर दुनिया है छुपी हुई हमारी  उसे समझ लेने कि अहमियत होती है
जब जब पल बदलते रहते है उन्हे परख लेने कि जरुरत होती है क्योंकि हर पल मे जीवन के एहसास कि जरुरत हर बार अक्सर होती ही है जो जीवन को रोशनी देकर चलती है
पल के अंदर दुनिया को परखकर जीवन कि धारा कुछ नया रंग जीवन को दे जाती है पल तो बदलते जाते है जिनमे दुनिया अक्सर रंग बदलती रहती है
पल को जो परख लेना चाहे उस इन्सान मे अलग तरह कि ताकद रहती है जब हम जीवन मे आगे बढते है दुनिया खुबसूरत लगती है पल के अंदर अलग ताकद रहती है
पल मे ही जीवन कि धारा बदलती रहती है पल के अंदर ही दुनिया कि कोई खास ताकद किसी खयाल मे खुशियाँ बन के छुपी रहती है नई रोशनी देती है
पल के बाद पल जाते रहते है जिनमे जीवन कि खुशियाँ रहती है जिनकी हमे हर पल हर मोड पर जरुरत हर बार रोशनी देकर चलती है
पल को समझकर जीवन कि दिशाए बदल जाती है पर कितना वक्त गवाये किस पल पर हम यह बात को बस किस्मत ही तय कर सकती है
पल हर बार जीवन को समझाने कि कोशिश मे चलते रहते है उन पलों के अंदर ही तो हर दम दुनिया जिन्दा रहती है जो जीवन पर असर कर जाती है
पल के अंदर दुनिया कि अलग सोच कि किस्मत बनती है जिसे समझकर दुनिया को मतलब देकर ही हम आगे चलते जाते है
जिस पल को समझ लेने कि जरुरत होती है सबसे ज्यादा तो पल को जीवन मे समझ लेने कि जरुरत हर दम हर मोड पर होती है 

Thursday, 5 May 2016

कविता ६६३. मन को समझाना

                                                मन को समझाना
हम जीवन को अलग तरह से समझ लेना चाहते है मन को समझते हर बार जीवन को समझ लेना आसान नही होता है क्योंकि जीवन मे अलग संगीत होता है
जब मन जीवन को खुशी से समझ लेना चाहता है वह सबसे खुशी का मौका होता है जो जीवन को उम्मीदे देकर आगे बढता जाता है एहसास देकर आगे जाता है
क्योंकि मन तो चंचल चीज होता है जो हर बार मोड बदलता रहता है एक मोड पर रुकना उसका काम नही होता है वह तो इधर उधर जाता है
मन एक हवा के झोके कि तरह होता है जो जीवन कि दिशाए बदलकर जाता रहता है पर एक कोने मे कहाँ रुक पाता है वह जीवन कि दिशाए बदल लेता है
मन एक जगह रुक जाये वही जीवन का अहम मौका होता है क्योंकि वह जीवन कि दिशाए बदलकर आगे चलते ही जाता है
मन कि तो यह आदत होती है एक जगह उसकी दुनिया छुपी होती है पर फिर भी उसे किसी पल मे रुकने कि आदत नही होती है
जीवन को तो अपनी दिशाए बदलकर चलना ही होता है क्योंकि मन को एक पल मे रुकने कि आदत नही होती है बदलते रहना ही उसकी आदत होती है
मन को दिशाए बदलकर चलने कि चाहत होती है मन कहाँ एक पल रुक पाता है मन को तो जीवन कि खुशियाँ हर पल हर मोड मे हासिल करने कि चाहत होती है
पर कभी कभी वह रुक जाये तो ही दुनिया मे जन्नत हासिल होती है क्योंकि रुकने से ही तो जीवन कि मेहफिल बनती है जिस से हमे नई सुबह मिलती है
हर पल जीवन को समझ लेने से ही जिन्दगी बनती है हमारी खुशियाँ बस हमारे मन कि ताकद से हासिल होती है पर घुमने कि जगह रुकने कि जरुरत भी मन को अक्सर होती है
तो मन को समझा लेने कि जरुरत हर बार हमारी जीवन कि अहम जरुरत होती है जो हमे खुशियों कि हर बार हर राह मे मेहफिल देकर चलती है

कविता ६६२. जस्बात कि अहमियत

                                        जस्बात कि अहमियत
किसी बात को समझ लेने के जस्बात अहम होते है जो जीवन को साँसे दे जाये वह हालात अहम होते है बात के अंदर ही कई मतलब छुपे रहते है
पर फिर भी किसी बात को समझ लेने के लिए वह सोच जरुरी होती है जो हमे आगे ले जाती है वह हालात जरुरी है जो हमारी दुनिया मे कई रंग भरते है
किसी बात को परखकर आगे चलने कि जरुरत बिना जस्बात के जीवन मे उम्मीदे नही देती है क्योंकि क्या करना है जीवन मे जिसमे हालात सही नही होते है
जस्बात को समझ लेना जीवन कि हर पल कि जरुरत होती है जो जीवन को समझ लेने कि चाहत होती है वह जस्बात के अंदर ही छुपी रहती है
जस्बात को समझकर दुनिया उन्हे जान दे जाती है उन्हे हर राह को समझकर जीवन कि लकिरे आगे लेकर जाती है जस्बात को समझ लेने कि चाहत होती है
जस्बात मे ही जीवन कि वह राह होती है जो जीवन को हर पल आगे लेकर जाने कि जरुरत होती है क्योंकि जस्बात के बिना जीवन कि कश्ती नही चल पाती है
जस्बात को जो अहम समझ ले उनकी दुनिया ही तो सबसे अहम ताकद होती है जो जीवन को अलग मतलब देती है एहसास दे जाती है
जस्बात मे ही तो जीवन कि सबसे बडी चाहत होती है जो जीवन कि हर पल कि ताकद बन जाती है जीवन को सही राह देकर जाती है
जस्बात के अंदर ही दुनिया कि ताकद है जो हर पल जीवन कि चाहत बनकर आगे बढती है हमारे जीवन कि सबसे बडी उम्मीदे होती है
जस्बात को समझकर आगे जाना ही जीवन कि जरुरत होती ही है जिसे परख लेना ही जीवन कि सच्ची जरुरत होती है जो हमे आगे लेकर जाती है  ीाी 

Wednesday, 4 May 2016

कविता ६६१. किसी बात को समझ लेना

                                             किसी बात को समझ लेना
किसी बात को समझ लेेने कि चाहत हमे किसी ताकद कि ओर हर बार लेकर जाती है जिसे समझ लेेने कि अहमियत उसकी ताकद से ही तो समझ आती है
क्योकि कुछ बातों मे अलग किसम कि ताकद होती है जो जीवन को मतलब देकर आगे बढती रहती है किसे समझ लेेने कि हर बार  हर पल जरूरत होती है
बातों को समझकर आगे जाने कि जरुरत हर मोड पर होती ही है जो चुपके से हमे आगे लेकर चलती जाती है क्योकि बातों मे अलग मतलब लिखे होते है
ताकद ही तो जीवन कि खुशियों मे होती है जीवन मे ताकद ही अहम चीज होती है जो दुनिया को अलग मतलब और एहसास दे जाते है
किसी बात को समझ लेेने कि जरुरत हर बार होती है बात को परखकर आगे जाना ही तो जीवन कि अहम ताकद होती है जो हमे आगे ले जाती है
क्योकि उस पल कोई बात जो हम समझ लेते है वह बडी खास नजर आती है जब वह हमारी दुनिया बदलकर आगे बढती चली जाती है ताकद बन पाती है
किसी बात कि ताकद को जब हम समझ लेते है दुनिया मे उसे समझकर हम आगे चलते जाते है जो हमारी दुनिया को उम्मीदे और ताकद दे जाते है
पर कुछ बातों मे तो जीवन कि सही बात नही होती है उन्हे समझ लेेने कि जरुरत जीवन मे अक्सर होती है इसलिए तो दुनिया मुसीबत होती है
बातों को समझ लेना ही जीवन कि जरुरत होती है पर कभी कभी बात ही तो हमारे जीवन कि मुसीबत होती है पर फिर आदत ही हमारी मुसीबत होती है
कभी कभी हर बार सही बात सही नही नजर आती है कभी कभी वक्त के साथ बात बदल जाती है उस बदलाव को समझ लेना ही जीवन कि अहम जरुरत होती है

कविता ६६०. किसी नई बात को

                                                 किसी नई बात को
किसी नई बात को समझकर ही तो जीवन कि शुरुआत  होती है जो दुनिया मतलब देती हो ऐसी बात होती है जो दुनिया कि नई बात बन के खुशियाँ दे जाती है
नई मौसम कि शुरुआत जीवन को अलग एहसास दे जाती है मौसम को उम्मीदे दे जाने कि सोच हमारी ताकद बनकर आगे चलती है
मत रोकना उस सोच को जिसमे दुनिया रहती है नई शुरुआत हर बार मन को ताकद देकर हर मोड पर चुपके से हमारी दुनिया को आगे ले चलती है
नई बात कि दिशा हमारी ताकद होती है क्योकि वही तो हमारे साँसों कि सौगाद बन के हमे खुशियाँ देकर आगे बढती रहती है
नई बात कि शुरुआत हमारी वह सुबह है जो हमारी रात को हर बार बडी खुबसूरत बना देती है क्योकि सुबह के होने से रात बुरी नही लगती है
कोई नई आहट हमारे जीवन का एहसास कुछ ऐसे बदलती है कि जीवन कि कहानी सतरंगों का सिंगार बन के बादल से झलक जाती है
नई बात को उम्मीदे तो हर मोड पर परख लेती है जैसे उम्मीदे उनकी साँसे है और बिना साँसों के जीवन कि खुशियाँ नही बन पाती है
नई चीजों को समझकर जीवन कि शुरुआत होती है क्योकि नई चीजे हर पल हमे सुबह कि शुरुआत नही देती है नई बात को समझ लेेने कि जरुरत हर बार होती है
नई बात को समझकर आगे बढने कि जरुरत हर मोड को हर पल मे हर बार रहती है उसे समझकर आगे चलना ही हर बार अहम बात जीवन मे लगती है
अक्सर नई चीज ही हमारी दुनिया को नई शुरुआत देती है क्योकि नई चीजे ही जीवन कि ताकद बनती है जो खुशियाँ देती है नई चीजे हमे आगे ले चलती है

Tuesday, 3 May 2016

कविता ६५९. नदीयाँ या किनारा

                                              नदीयाँ या किनारा
हर नदी का किनारा तो होता ही है उस नदीयाँ मे लहरों को समझ लेने कि हर बार हर पल एक अजीब जरुरत होती है जो अलग एहसास देकर जाती है
नदीयाँ को समझकर आगे चलना ही तो अक्सर हमारी किस्मत होती है पर हर बार हमे समझा लेती है किनारा ही तो हमारी चाहत होती है
पर फिर भी अक्सर जाने क्यूँ नदीयाँ मे जाने कि हमारे मन को चाहत होती है कश्ती ही हमारी जरुरत बनती है जो हमे आगे लेकर चलती है
नदीयाँ मे उतरकर जाने कि हमे जरुरत होती है कभी कभी लहरों मे हमारी जरुरत नजर आती है उस पल किनारे कि चाहत नही होती है
हमे जीवन को परख लेने कि आदत तो होती है पर किनारे को चाहे या नदीयाँ को वह उस पल कि चाहत होती है जिसे परखकर चलना जीवन कि जरुरत होती है
किनारों के साथ साथ नदीयाँ कि भी दुनिया मे जरुरत होती है अहमियत होती है क्योंकि अलग अलग तरीके से जीना हमारी जरुरत होती है
नदीयाँ और किनारे दोनों मे दुनिया कि जरुरत होती है जिन्हे परखकर चलने से ही तो दुनिया मिलती है दोनों पर चलने कि आदत हमे होती है
जीवन मे तरह तरह कि चीजों को परख लेने कि हर पल जरुरत होती है जो हमे हर मोड पर अलग मतलब दे जाती है जीवन का मतलब बदलती है
हमे नदीयाँ और किनारे दोनों को पाने कि अजबसी चाहत होती है जो जीवन कि कहानी हर बार हर पल बदलती जाती है हमे दोनों सहारों कि जरुरत होती है
हम खुद ही नही बता  पाते है कब हमे किस चीज कि चाहत होगी जो हमारे जीवन कि कहानी को आगे बढाने कि ताकद होनेवाली है
बडी अजीब हमारी किस्मत हम खुद ही बता सकते है कब हमारी कौनसी चाहत है जो हमारी किस्मत बनकर हमारी दुनिया बदल पाती है

कविता ६५८. बात को भुला देना

                                       बात को भुला देना
किसी बात को भुला देने से जीवन कि कहानी आगे बढती हो तो क्यूँ ना उसे इस पल ही भुलाकर हम जीवन मे चुपके से आगे चल दे तो बात गलत नही होती है
जो बात भुलाकर दोहराई जाती है तो जीवन कि रोशनी कुछ बदलसी जाती है पर हर बार हर मोड पर किसी बात को याद रखने से जिन्दगी कि खुशियाँ हमे नही मिल पाती है
अगर जीवन मे बातों को समझते रहे तो जीवन कि आदत कुछ अलग नजर आती है जो जीवन को आगे चलने कि बडी अच्छी दिशा बताती है
जो रोशनी दे जाती है बस तभी जब हम अपनी दुनिया से इन्सान कि गलती भुलाकर अपने भले के लिए जीवन कि दिशाए बदलकर आगे जाते है
पुरानी बात को भुलाने कि तो हर पल हमारी आदत होती है जो हमारे जीवन मे रोशनी बन के चमकती है क्योंकि पुरानी चोट बस नासूर बन के ही जीवन मे आगे आती है
जिस बात को भुलाकर चलने कि जरुरत हो उसे भुलाने से ही तो हमारी किस्मत हर बार बनती है जिसे भुलकर जाने कि जरुरत हर पल होती है
बात को भुला देना जीवन को अलग अलग मौकों को समझकर आगे बढने कि आदत दे जाता है उसे समझ लेना ही हमारे लिए रोशनी लाता है
बात को परखकर जीवन कि धारा हर पल बदलती रहती है बात को भुला देना जीवन कि कुछ पलों कि जरुरत होती है क्योंकि तभी तो हमारी दुनिया बनती है
बात को मन के अंदर छुपाकर रखना बात सही नही होती है हमे उसे समझ लेने कि आदत हर बार होती ही है जो हमे अलग उम्मीदे हर बार दे जाती है
भुली बातों को याद रखना कुछ लम्हों कि जरुरत होती है तो कुछ लम्हों को भुला देना ही हमारी जीवन कि सही समझ होती है

Monday, 2 May 2016

कविता ६५७. हर किनारे संग

                                                   हर किनारे संग
हर किनारे संग जीवन को साँसे परख लेने कि जरुरत होती है हर पल साँसे हमे कुछ ना कुछ तो कहती रहती ही है किनारों संग जीवन कि दिशाए बदलती रहती है
हर किनारे पर कोई अलग ही दुनिया रहती है जीवन को अलग मतलब और जुदा एहसास देकर आगे चलती है हमारी दुनिया को हर पल बदलती जाती है
हमे जरुरत है हर किनारे को चाहने कि पर उसे दुनिया कहाँ समझ पाती है किनारों से ही दुनिया कि दिशाए हर पल तय हो सकती है जो जीवन को उम्मीदे दे जाती है
कई किनारों के संग ही तो हमारी दुनिया खुशियाँ देती है साँसों कि एक नई कहानी बनकर दुनिया हर बार हर पल हमे सिखाती है जो दिशाए देकर जाती है
हर किनारे पर जीवन कि मुलाकात नई चीज से होती है पर वह चीज सही या फिर गलत एक बात नही होती है वह बदलती रहती है
किनारों को समझकर आगे चलने कि ख्वाईश जीवन मे कामयाब हर बार नही होती है वह जीवन कि धाराओं को हर बार हर पल बदलकर चलती है
जब तक किनारे को ना समझ ले तब तक जीवन कि सोच नही बन पाती है किनारों से ही जीवन कि सौगाद आगे जाती हुई हर बार नजर आती है
किनारों को पढने कि जरुरत हर पल होती ही है पर किनारे को समझ लिये बिना उसकी शुरुआत नही होती है क्योंकि किनारा तो होता है पर जीवन मे उसका एहसास नही होता है
जीवन मे किनारों को परख लेने कि जरुरत होती है क्योंकि उनसे ही जीवन कि शुरुआत हर बार होती है क्योंकि उनसे ही तो जीवन कि शुरुआत होती है
पर कई बार लोगों कि जिन्दगी किनारे को बिना परखे ही उस पर गुजर जाती है उसको समझकर आगे ले जाने कि जरुरत हर पल होती ही है 

कविता ६५६. लोगों कि आदत

                                            लोगों कि आदत
 दुनिया मे कुछ लोगों कि आदत बदलने कि नही होती है कुछ किस्सों मे वह खुशियाँ देती है पर कुछ किस्सों मे वह दुनिया को मतलब नही दे पाती है
क्योंकि उनकी आदत कमजोरी बनकर नजर आती है वह जीवन को उम्मीदे हर बार नही देती है क्योंकि गलत आदत हर बार गलत असर देती है
जिस आदत को हम ना समझ सके उसके अंदर अक्सर हमारी दुनिया रहती है जो हमे जीवन के अलग किनारे दिखाकर चलती है
हर आदत के नक्शों कि दिशाए हर बार सही नही होती है जो जीवन को समझ दे जाये वह सोच हर बार हर पल जरुरी मेहसूस होती है
आदत के हर रंग को समझ लेने कि जीवन मे हर मोड पर जरुरत होती है क्योंकि आदत ही हमारी दुनिया बनाती है और दुनिया बदलती है
जीवन मे आदत को समझकर चलने कि हर बार हर पल जरुरत होती है क्योंकि आदत ही तो हमारी दुनिया के कई किनारों को काबू मे रखती है
जीवन कि हर सोच हमारे आदत से ही तो बनती है आदत को परखकर दुनिया को समझ लेने कि जरुरत हर बार होती है जो रोशनी दे जाती है
आदत को समझकर आगे चलने कि जरुरत हर पल होती ही है आदत मे ही तो जीवन कि सच्चाई हर बार हर पल मे छुपी होती है
आदत ही जीवन को रोशनी देती है तो कभी किसी पल सन्नाटे मे झोक देती है आदत के बिना हमारी दुनिया नही बन पाती है
जीवन मे आदत को समझकर ही तो हमारी खुशियाँ बनती है इसलिए ही तो आदत सबसे जरुरी होती है जो जीवन कि ताकद होती है तो कभी कमजोरी भी होती है
आदत को पेहचान लेने कि जरुरत ही दुनिया को मतलब देती है आदत ही हमारी जरुरत और हमारी वह दिशा होती है जो रोशनी देकर जाती है 

Sunday, 1 May 2016

कविता ६५५. तसबीर को समझ लेना

                                           तसबीर को समझ लेना
किसी तसबीर को देखते रहने कि मन को अजबसी चाहत होती है उस तसबीर मे दुनिया की खुशियाँ सीमट जाती है उनमे जीवन कि शुरुआत होती है
जीवन के अंदर एहसास को समझ लेने कि ताकद मन मे तो होती है तसबीर को समझकर जीवन कि कहानी हर बार बनती है जीवन कि निशानी ताकद देती रहती है
तसबीर को समझ लेने कि जरुरत कुछ अलग ही होती है जो हर पल के अंदर दुनिया कि खुशियाँ दिखा के चलती है हमारी सोच बदलती है
कई तसबीरे जीवन कि कई मोड दिखाती है हमे तरह तरह के रंग दिखाकर हमारी दुनिया हर पल मे बदलती है दिशाए बदलकर जाती है
किसी तसबीर मे आनेवाले कल कि तो किसी तसबीर मे गुजरे कल कि उम्मीदे दिखती है तसबीरों के अंदर ही हमारी उम्मीदे रहती है
कितनी खूब हमे वह तसबीर लगती है जो जीवन कि कई दिशाए समझाकर चलती है तसबीर को परखकर ही तो दुनिया दिखती है
तसबीर को समझकर ही तो दुनिया कि खुशियाँ कभी कभी याद आती है जिन्हे पाने कि चाहत मे दुनिया आगे बढती है जो जीवन को परखकर आगे चलती है
तसबीर को समझकर जीवन को आगे ले जाने कि जरुरत हर पल होती ही है ताकद तसबीर दे जाती है हर मौके मे जीवन को नई कहानी दे जाती है
तसबीर को समझ लेने कि हमे हर मोड पर जरुरत होती है क्योंकि तसबीर ही तो हमे एहसासों कि पूँजी देती है रोशनी से ही हर पल उम्मीदे देती है
तसबीर को समझकर ही दुनिया कि कहानी बनती है तो तसबीर को ही समझ लेने कि दुनिया को नही पर कभी कभी हमारे दिल को बडी जरुरत होती है

कविता ६५४. सही सोच

                                                   सही सोच
जब वह बात समझ आती है ऐसा लगता है बिना बरसात ही पानी कि प्यास बूझ जाती है पर वह बात कहाँ मुमकिन होती है क्योंकि जीवन मे हर पल सही बात नही होती है
जीवन को समझकर आगे जाने मे कई बार दुनिया कि बात बदल जाती है क्योंकि जीवन कि कोई दिशा बदलकर हमारी कहानी बदल जाती है
 उम्मीद की तलाश हर पल हमे होती है जिसे समझकर आगे जाने कि हर मोड को एक अलग तरह चाहत होती ही है जिसे समझ लेने कि जरुरत हर बार होती है
अगर हम जीवन कि बात समझ पाते तो जीवन को समझकर आगे बढने कि आदत होती है जिसमे खुशियाँ समझ लेना हर पल जरुरी होता है
पर उतनी प्यारी सोच नही मिल पाती है जो मुश्किल मे जीवन कि रोशनी बनकर आगे चलती जाती है हमे उम्मीदे देकर ही तो जीवन का मतलब समझाती है
सोच तो बस वही सही है जो दुनिया को आगे लेकर जाती है जिसे परख लेने कि हमे जरुरत हर पल होती है पर वह सोच कुछ खास अहम होती है
सही सोच ही तो जीवन कि रोशनी होती है पर सही सोच जीवन को आगे लेकर हर बार ले जाती है उसे समझकर आगे चलने कि हर राह को जरुरत होती है
जीवन मे हर एहसास को मेहसूस करने कि जरुरत जीवन को हर मोड पर होती है जिसमे ही हमारी दुनिया हर पल जिन्दा रहती है जो हम पर अलग असर कर जाती है
उस सोच मे ही तो जीवन कि ताकद हर बार नजर आती है जिसे परखकर आगे चलने कि जरुरत हर मोड को सुंदर बनाकर जाती है
उस चाहत कि हमे हर पल हर मोड पर जरुरत होती है जिसे परखकर आगे जाने कि जीवन मे हमे हर पल जरुरत होती है जिसका आगे जाना ही हमारी सही किस्मत होती है

कविता ६५३. किसी खयाल को समझ लेना

                                            किसी खयाल को समझ लेना
किसी खयाल को जिसे समझकर और परखकर जीवन कि अलग शुरुआत होती है जो हमारी दुनिया बदलकर हर मोड पर अलग एहसास देकर चलती है
जिसे समझकर आगे चलते रहने कि जरुरत होती है हर पल के अंदर ही कई खयालों से ही हर बार हमारी किस्मत बदलती है जो जीवन को दिशाए बदलकर दिखाती है
खुशियाँ ही तो खयालों कि पूँजी होती है पर फिर भी हम अपने खयाल को समझ कहाँ पाते है उन्हे समझकर ही हमारी दुनिया बनती है पर उन्हे समझ लेने कि ताकद हम मे नही होती है
जीवन कि धारा तो कई राहों से गुजरती है पर अपने खयालों से ही तो हमारी खुशियाँ बनती है हमारे जीवन को रोशनी दे जाती है
खयाल को समझ लेने पर ही तो जीवन को नई शुरुआत देने कि जरुरत हर बार होती ही है क्योंकि खयाल के अंदर ही दुनिया बसती है
किसी खयाल को समझ लेने मे कई दिनों कि मेहनत होती है जिन्हे जीवन कि दिशाए बनाकर  आगे चलने कि ताकद देती है वही हमे उम्मीदे देकर बढती है
खयाल को कई तरह से पढो तो उसमे दुनिया बनती है हमे हर पल हर मोड पर हमारी खुशियाँ मिल पाती है उन खुशियों को समझ लेने कि जरुरत हर पल होती है
खयाल तो कई हमारे जीवन कि धारा को बदल देते है पर हर खयाल को समझ लिये बिना हमारी दुनिया नही समझ आती है दिशाए नही दिख पाती है
खयाल को समझे बिना हमारी खुशियाँ नही बनती है पर उसे समझ लेने मे ही हमारी खुशियाँ निकल जाती है यही तो मुश्किल फैसला होता है
जो हमे दिशाए देता है हमारी मंजिल बनकर आगे बढता है उसी खयाल को समझ लेने वक्त लगता है तो वह खुशियों से दूर लेकर जाता है
इसीलिए उस खयाल को वक्त रहते ही समझ लेना हर बार अहम और जरुरी होता है जो जीवन को सच्ची रोशनी देकर जाता है 

कविता ६५२. कह देने कि जरुरत

                                            कह देने कि जरुरत
हम कह तो देते मन कि बात पर उसे कहना आसान नही होता है क्योंकि हर बात कि सौ बाते जीवन मे बन जाती है दुनिया बदल जाती है
हम कह तो देते दिल से अपनी सोच को पर वह किनारा बदल देती है जीवन का हर एक इशारा बदल देती है पर फिर भी सोच लेते है उसे कहना ही सही होता है
हम कह तो देते है हर बात को लेकिन उस बात को समझ लेना जरुरी होता है हर कही बात कि अहमियत ही तो जिन्दगी को हर बार अलग रंग दे देती है
कहना हर बार जीवन कि अहम जरुरत होती है जो रोशनी देकर आगे चली जाती है क्योंकि बिना कहे जीवन कि कोई बात आगे नही बढती है
कह देना किसी बात को समझकर आगे बढते रहना हर पल जीवन कि जरुरत होती है जो जीवन को बदल दे तो जीवन को एहसास अलग देती है मुश्किल खडी कर जाती है
पर फिर भी मन कि बात कह देना ही जीवन मे हर बार बात सही लगती है जो जीवन मे मुश्किल पैदा करती रहती है जिसे समझ लेने कि जरुरत हर पल अहम लगती है
बात को समझकर जीवन कि जरुरत हर पल समझ लेने कि चाहत मन को होती है कहानी को समझकर कहने कि जरुरत हर बात मे अक्सर होती है
कह देना बात को जिसे समझकर आगे जाने कि जरुरत हर बार होती है हमने तो जीवन मे यही बात सिखी है बात छुपाना जीवन के लिए सही बात नही होती है
कह देना ही हर बार बात कि जरुरत होती है उस कहे बिना जीवन कि कोई बात नही बनती है जीवन कि कहानी आगे नही बढ पाती है
तो कह दो बात को वरना जिन्दगी मे साथ नही मिल पाता है जब तक हम सच नही कहते है जिन्दगी को अक्सर आवाज नही मिल पाता है