Friday, 29 April 2016

कविता ६५१. सूरज कि रोशनी मे दिखती चीज

                                               सूरज कि रोशनी मे दिखती चीज
सूरज कि रोशनी हर बार राह दिखाकर जाती है जिसके अंदर दुनिया को देखने कि कुछ ऐसी आदत पडती है कि हमारी दुनिया बदलती है
रोशनी के एहसास से ही जीवन कि कहानी बदलती है क्योंकि रोशनी के नीचे ही जीवन कि निशानी बनती है जो जीवन को आगे लेकर चलती है
सूरज कि किरणे ही आसानी से जीवन कि कहानी कहती है हमे साँसे अलग ही देती है जीवन कि निशानी बदलती है जीवन कि दिशाए फर्क कर के चलती है
सूरज के तपती धूप ही जीवन कि दिशाए दिखाती है जो हमे किसी मोड पर मिलकर हर बार हमसे जुदाई भी देकर हर पल आगे चलती है
सूरज को समझकर उसके अंदर गर्म हवाए चलती है जो जीवन को अलग असर देकर जीवन कि कहानी हर बार बदलकर दिखाते है
सूरज कि उन किरणों से ही तो जीवन कि निशानी आसानी से दिखती है उनसे ही जीवन कि कहानी हर पल हर मोड पर बनती है जो दुनिया बदलकर जाती है
सूरज को परख लेने कि कहानी दुनिया को कई बार बदलकर रखती है जिसे समझकर आगे जाने कि जीवन मे हर पल के अंदर जीवन कि अलग कहानी बनती है
सूरज के रोशनी के अंदर जीवन कि कहानी हर बार अलग नजर आती है जिसकी निशानी हर बार अलगसी दिखती है जो जीवन कि कहानी बनाती है
पर क्योंकि सूरज कि रोशनी मे चीजे कुछ ज्यादा ही सीधी दिखती है मन को लगता है जीवन मे हर बार चीजे ऐसे ही सीधी होती है
पर हर बार जो सीधा दिखता है वह सच्ची बात नही होती है वह हमारे जीवन को रोशनी नही देती है किनारों के मतलब अलग होते है हर बात सही नही दिख पाती है
तो मन से बातों को समझ लेना तभी तो सच्चाई दिख जाती है जीवन कि धारा को नई शुरुआत मिल पाती है दुनिया आगे बढती चली जाती है

कविता ६५०. जीवन मे साँसे

                                           जीवन मे साँसे
हर साँस के साथ जीवन मे कुछ अलग करने की चाह तो होती है पर जाने क्यूँ जीवन कि धारा अलग ही एहसास दे जाती है दुनिया हर पल बदलती नजर आती है
साँस ही जीवन को अलग सोच का एक इशारा सा देकर जाती है उस इशारे संग हमारी दुनिया हर पल बदलती हुई हर मोड मे अक्सर नजर आती है
जीवन के भीतर साँसे ही अहम लगती है पर सच्चाई कि बात साँस कि किंमत कभी कभी कुछ कम करती है जीवन मे हमारे गम हर दम भरती है
पर काश हमारे जीवन मे आगे बढने कि हमे समझ होती तो साँसे ही जीवन कि कहानी हर दम और हर पल कहती जीवन कि धारा आसानी से बदलती रहती है
साँसे ही जीवन कि कहानी मे कुछ अलग दम हर मोड पे भरती है जिसे समझकर आगे जाने कि जीवन को जरुरत हर पल के अंदर अक्सर रहती है
हम जीवन मे साँसों को समझ लेते है और उन साँसों से हमारी दुनिया हर दम रहती है जिसे परखकर जीवन कि कहानी कोई मतलब तो अक्सर लेती है
जीवन का आईना साँसे ही तो होती है जो जीवन को हर पल बदलकर दुनिया का रंग बदलकर हमारे जीवन को हर पल आगे लेकर चलती है
हमे जीवन मे हर पल साँसों को समझ लेने कि जरुरत होती है जो हमारी दुनिया अक्सर बदलकर ही तो आगे बढती नजर आती है
साँसे ही तो जीवन मे आती जाती है जीवन मे साँसों को समझकर चलने कि ही तो जीवन को जरुरत होती है साँसों कि अपनी अहमियत होती है
साँसों से ही तो जीवन कि ताकद होती है अगर साँसे दुनिया को मतलब देती है तो ही तो दुनिया आगे बढती है साँसे ही दुनिया कि जरुरत होती है 

Thursday, 28 April 2016

कविता ६४९. बहार और पतझड

                                            बहार और पतझड
बहारों को समझकर आगे बढते जाने कि आदत हर पल नजर आती है बहारों को समझकर आगे जाने कि ताकद भी तो दुनिया को नई पेहचान देकर जाती है
जीवन मे बहारों को समझ लेने कि जरुरत तो होती है क्योंकि बहारे भी सिर्फ खुशियाँ नही कभी कभी तो गमों कि कहानी भी सुनाती हुई नजर आती है
बहार तो वह खुशबू है जो जीवन को अलग संगीत देकर जाती है तो जीवन मे सच्ची खुशियाँ और ताकद कि पूँजी बनकर दुनिया मे रोशनी दे जाती है
बहार तो जरुरी है बिन पतझड के दुनिया भी कहाँ आगे चल पाती है बहार और पतझड दोनों ही हर बार हर पल हमारे जीवन के दो साथी है जिनसे दुनिया बन पाती है
जीवन को अगर पखर ले तो ही जीवन मे साँसे मिल पाती है हमारी दुनिया हर बार हर दिशा मे कुछ अलग नजर आती है
जो मन को मुश्किल दे उस पतझड को भी चाहने कि जरुरत हर बार हमे होती है क्योंकि ध्यान से देखे तो जीवन मे पतझड हर बार अहम नजर आती है
बहार को समझकर ही कहाँ दुनिया आगे बढ पाती है हमे पतझड को समझ लेना है क्योंकि पतझड ही अपनी जगह छोडकर नये को मौका देने कि सीख दे जाती है
पर उसी पल बहार जब पतझड मे बदलती है तो वह चुपके से बताती है जीवन मे कुछ भी आसान नही है हर बहार तो पतझड मे बदल ही जाती है
तो क्यूँ जोडे और क्यूँ तरसे हम उन चीजों के लिए जो बस कुछ पल के ही साथी है दोनों बदलते रहते है हर पल खुशियाँ दोनों मे ढूँढने कि जरुरत होती है
तो जीवन मे रंग बदलते रहे हम मौसम कि तरह जीवन को बदल लेने कि आदत होती है बहार और पतझड दोनों को जीवन मे परख लेने कि अहमियत हर पल होती है
क्योंकि जो दोनों मे हँस के जी ले उसकी दुनिया बडी खुबसूरत होती है जो हमारी गमों पर और खुशियों पर हर बार अलग अलगसा असर कर जाते है

कविता ६४८. हवाओं का एहसास

                                                                     हवाओं का एहसास
हवाओं को समझकर जीवन कि दिशाए जीवन मे परख लेनी होती है जो हमे समझकर दुनिया को कुछ अलग नतीजे देती है हवाए एहसास दे जाती है
हवा ही तो जीवन कि साँसे बनती है जिन्हे समझकर आगे जाने कि जीवन के अंदर जरुरत होती है हवा के अंदर हमारी सोच हर मोड पर कोई ताकद देती है
हवा के भीतर जीवन कि कहानी हर पल छुपी होती है जो हवाओं को ताकद वह फिजाए देकर जाती है जीवन को वही उम्मीदे देकर आगे बढती जाती है
हमे हवाओं को समझकर जीवन को परख लेने कि जरुरत कभी कभी मेहसूस नही होती है क्योंकि हवाए ही तो हमारी साँसे बन के जिन्दा रहती है
हवाओं को समझकर आगे जाने कि जीवन मे अहमियत होती है हमे हवाओं से ही तो दुनिया समझमे आती है आगे लेकर हर पल जाती है
हवाओं के अंदर ताकद हर पल जीवन के अंदर आगे जाने कि उम्मीदे देती है जिन्हे समझकर आगे बढने कि आदत चुपके से हमे पडती है जो जीवन पर असर करती है
हवा ही तो हमे एहसास देती है जिसे समझकर आगे बढने कि आदत हमे आसानी से पडती है जो हमे उम्मीदे देकर आगे चलती है किनारों को समझ लेती है
हवा ही तो हमारा जीवन बनाती है क्योंकि हवाए हमे सिर्फ साँसे नही देती है कई एहसासों को समझकर जीवन कि कहानी आगे बढती जाती है
हवाओं के अंदर हमारी दुनिया हर पल रोशन होती रहती है क्योंकि हवाए जीवन कि अलग अलग कहानी हर बार कहती है और वह मन को खुशियाँ देकर रहती है
हवाओं को समझकर आगे चलने कि जरूरत तो होती है पर हवाओं को समझकर आगे जाने कि जरुरत ही नहीं लगती क्योंकि धीरे से हवाए ही हमारा जीवन बन जाती है 

Wednesday, 27 April 2016

कविता ६४७. किताब को पढने से ज्यादा

                                              किताब को पढने से ज्यादा
किसी किताब मे पढी बात से भी ज्यादा जिन्दगी ने जो बताई है वह बात जरुरी है हमारे जीवन मे सबसे ज्यादा क्योंकि वही तो जीवन का एक राग बन के गाते है
जीवन मे हर एक चीज जरुरी है दुनिया मे कई रंगों को समझ लेने से ज्यादा क्योंकि दुनिया तो रंग बदलती है तो क्या जरुरत उस रंग को परखने कि जिन्हे जीवन से जाना है
जीवन कि किसी गलत किताब को पढ के जो जीवन को सीख लोगे तो जीवन मे मुसीबते आती है खुशियों से ज्यादा तो सही चीज को समझ लेने कि सबसे ज्यादा जरुरत होती है
जीवन मे जो समझ लिया है वह चीजे परख लेनी जरुरी है जीवन के इशारों को समझ लेने से ज्यादा हमे किनारों को परख लेने कि जरुरत होती ही है
जब जीवन को ताकद से जिये तो उसे आगे जाने कि जरुरत होती है हर पल सबसे ज्यादा हमे जीवन को परख लेने कि हर मोड पर हर दम जरुरत होती है
जीवन को समझ लेना तो हम चाहते है हर दम मन के अंदर से जिसे समझकर आगे जाते है उस जीवन को कई किनारों मे समझ लेने कि जरुरत सबसे ज्यादा होती है
कोई क्या समझाये जीवन मे हर किसी को मन मे अपनी असली जरुरत तो हर बार हर पल पता ही होती है पर जाने क्यूँ जीवन कि किंमत ही हमे नही होती है
जीवन के अंदर कई बार हमे जरुरत तो होती है किताबों से ज्यादा जीवन कि दिशाए कुछ अलग होती है जिनकी हमे जरुरत होती है
क्योंकि सही किताब पढने कि जगह गलत किताब पढने कि जीवन मे हमे आदत होती है सबसे ज्यादा हमे जीवन कि मुसीबते समझ लेनी होती है
जीवन को समझ लेने कि जरुरत होती है सही किताब से ज्यादा क्योंकि जीवन कि दिशाए कई मोडों से आगे बढती है
पर किताब सही हो तो उसे पढने कि जरुरत लगती है जीने से ज्यादा फिर भी किताब नीचे रख कर हमे जिन्दगी तो जीनी ही पढती है 

कविता ६४६. पेड़ के पन्नों कि कहानी

                                                             पेड़ के पन्नों कि कहानी
पेड के पन्नों कि कहानी कुछ ऐसी होती है जिसे समझकर दुनिया कई बार भुलती है हर गिरते पन्ने कि कहानी होती है पर सुनने कि फुरसत कहाँ किसीको होती है
कोई उठाकर कापी के पन्नों मे रखे तो भी उनको सिर्फ उस इन्सान कि कहानी सुनानी होती है उन्हे समझकर आगे जाने कि जरुरत हर बार होती है
पन्ने हर बार जीवन में किसी और कि कहानी बताना चाहते है जीवन के अंदर एहसास अलग बात वह हर बार करते है जीवन में पन्ने सिर्फ किसी और की बात कहते रहते है
पन्ने जो जीवन को खुशियों का एहसास देते है जीवन में पन्ने हर बार नई सोच देते है पन्ने के अंदर दूसरे की कहानी हर बार असर कर जाती है पन्ने ही तो जीवन की कहानी सुनाते है
पन्ने के अंदर किसी और के एहसास दिख जाते है जीवन के अंदर पन्ने ही जो हमे किसी और की कहानी आसानी से सुनाकर जाते है वही जीवन को अलग एहसास देकर जाते है
पन्ने खुद की नही किसी ओर की कहानी सुना जाते है जीवन मे हर बार हमे खुशियाँ मिलती है जीवन में हर मोड पर असर काफी अलग एहसास देकर जाते है
जीवन के अंदर हमे खुशियाँ तो हर बार मिलती है जो हमारी ताकद होती है वह पन्ने बताते है पर अपने गम कितनी आसानी से भुलाकर जाते है जीवन में खुशियाँ फैलाकर जाते है
पर उसी वक्त कभी हमे पन्ने की रोती हुई शक्ल नही देखी जीवन में हमने कई खुशियाँ देखी है जिनमे हमने एहसास की कमी हर बार देखी है पर उनमे अपनी खुशियाँ अक्सर देख ली है
क्योंकि पन्ने के अंदर खुशियाँ हमने हर बार जोड़ी है पर कई लोगोंको पन्नों के अंदर खुशियाँ हर बार जरूरी नज़र आती है पन्नों में ही तो दुनिया की खुशियाँ छुपी होती है
पन्नों के अंदर कई किसम की खुशियाँ मिलती है पन्नों के अंदर कई कहानियाँ अक्सर जीवन में दिखती है पन्नों को समझ लेने की जरुरत हर बार होती है क्योंकि पन्ने ही तो जीवन में सबसे अलग एहसास दिखाते है
वह अपने सोच को एहसास दे जाते है जीवन में पन्ने ही तो खुशियाँ देकर आगे लेकर जाते है क्योंकि वह खुदकी नही दूसरों की दुनिया बनाना बताते है वही तो असली खुशियाँ देकर जाते है 

Tuesday, 26 April 2016

कविता ६४५. हरीयाली कि राहे

                                                   हरीयाली कि राहे
हरीयाली कि राहों मे उम्मीदों के कई कारवे मिले कुछ खुशियाँ तो दे पाये पर कुछ तो बस गमों कि कहानी बने पर हम क्यूँ कतराये जब गम भी खुशियाँ देकर चल रहे है
जीवन कि हर राह को समझ लेने कि कोशिश मे हम दुनिया को हर पल बदलते हुए देख रहे है हम जीवन के कई मोडों को परख लेना चाहते ही है
पर किसी राह को समझ लेने के चक्कर मे हम कई बाते सीखते है तो ही तो हम दुनिया को पा सकते है जब हम दुनिया मे कुछ सीख लेते है
उम्मीदे तो कई बार हमे आगे ले जाती है पर कभी कभी जो वह ना कर पाये वह गम कर लेते है जीवन के सबसे बडे मुश्किल मे वह उम्मीदे दे कर जाते है
हरीयाली के अंदर कि अलग तरह कि सोच तो हम हर पल समझ लेते है जिसमे अलग अलग किसम कि ताकद जीवन मे हम हर पल रखते है
हरीयाली के अलावा हालाकि हम हर चीजों से कतराते है पर अक्सर वही गम भी आगे चलकर काम आते है नई दिशाए देकर जाती है
राहों को हम हर पल हर मौके पर हम समझ लेते है तो ही जीवन के किस्से बन पाते है जिन्हे गम और खुशियाँ दोनों कि कहानीयाँ ही बनाती है
हरीयाली कि राह सुंदर तब तक नही बनती है जब तक गम कि शुरुआत नही होती है जीवन के अंदर कुछ एहसास कम हो जाते है
हरीयाली कि समझ हर पल जीवन कि राह बदलकर जाती है गमों से भी ज्यादा खुशियों कि सौगाद जरुरी लगती है पर वह अक्सर गमों से ही बनती है
हरीयाली ही जीवन कि शुरुआत करती है क्योंकि बिना हरीयाली जीवन कि कोई भी सुबह नही होती है पर गमों से लढने कि जरुरत हर पल होती ही है

कविता ६४४. जिन्दगी एक दुवा

                                                                  जिन्दगी एक दुवा
जिन्दगी को हर बार कोई दुवा दे जाना जरुरी होता है हमारा खुदका ही जीवन को चाहना साँस अलगसी दे जाना तो जरूरी है र्क्योंकि जीवन तो उसकी देन है
जिन्दगी को परखना जरुरी होता है जीवन को आगे ले जाता है  हर मोड को नये एहसास का असर हर पल कर जाता ही है जो खुशियाँ दे जाता है
जिन्दगी तो वह दुवा है जिसकी जरुरत जीवन मे हर बार होती है जिसकी किंमत हो तो ही दुनिया सुंदर बन पाती है जीवन कि चाहत हर बार होती ही है
हमे जिन्दगी को समझ लेने कि पसंद हर बार हर पल होती है हमे जीवन मे आगे बढने कि हर कदम पर जरुरत अक्सर बन जाती है जिसे पाना ही जीवन कि चाहत होती है
जिन्दगी मे कई किसम के असर तो होते ही रहते है उस से जिन्दगी बुरी नही हो पाती है जीवन में जिन्दगी की नई शुरुआत हर बार उम्मीदे देकर जाती है
जीवन में हर मौके पर जीवन को समझ लेने की जरूरत तो हर बार होती है जीवन में बातों को समझ लेने की अहमियत हर बार होती है जो जीवन को अलग मतलब देती है
जीवन में हमें आगे बढ़ने की चाहत ही तो हमे ताकद देकर जाती है दुनिया ही तो हमारी खुशियाँ तय कर पाती है जीवन में खुशियों को समझ लेने की जरूरत हर मोड पर होती ही है
जीवन में हर बार ताकद मन के अंदर जिन्दा हो जाती है जिसे समझकर आगे जाने में ही हमारी जरूरत होती है जीवन में सबसे जरूरी चीज उसकी उम्मीदें होती है
जो उन्हें जिन्दा रख पाये खुशियाँ बस उनकी होती है जीवन में आगे जाने की चाहत हर बार होती है जीवन ही तो हमारी दुवा और चाहत होती है
क्योंकि जीवन में आगे जाना ही जीवन कि जरूरत होती है जो हमेशा खुशियाँ देती है जीवन में आगे बढ़ना ही तो जीवन की सच्ची ताकद दुवा होती है 

Monday, 25 April 2016

कविता ६४३. पानी का एहसास

                                                   पानी का एहसास
पानी कि धारा को समझकर ही जीवन कि बात समझमे आती है जिसके उपर जीवन को परखकर पानी कि धारा उम्मीदे देकर जाती है
पानी को लहरों के संग समझ लेने के लिए हर बार दिशाए बदलकर जाने कि जरुरत होती ही है जो हमे हर पल अक्सर ठंडक दे जाती है
जीवन को हर मोड मे पानी कि जरुरत होती ही है जिसकी शीतलता मे दुनिया को समझकर आगे बढने कि अहमियत होती ही है
पानी के अंदर मतलब को समझ लेने कि जरुरत हर पल जरुरत होती है पानी ही तो जीवन होता है जिसके बिना खुशियाँ कहाँ मिल पाती है
पानी को समझकर ही जीवन का एहसास बदलकर जाने कि आदत हर पल होती है पानी कि धारा हर बार दुनिया को बदलकर जाती है
पानी के हर हिस्से कि ठंडक समझ लेना जीवन कि जरुरत होती है शीतलता ही तो जीवन कि अहम जरुरत होती है जो मन को ठंडक देकर जाते है
पानी को कई किसम के एहसास आगे लेकर जाते है क्योंकि पानी को हम जीवन  समझकर ही तो आगे लेकर जाते है हर पल परखकर जाते है
जिन्हे जीवन मे हर बार समझ ले उन एहसास को पढकर हम आगे चलते जाते है पानी के मतलब को हर मोड पर समझ लेना चाहते है
पानी के अंदर जब हाथों को देखकर एहसास अलग से हो जाते है जब उन्हे पानी मे देखो अपने हाथ ही कुछ अलग नजर आते है
पानी कि शीतलता के संग पानी रुप नया दे जाता है पानी का एहसास जीवन को मतलब बहोत कुछ अलग देता है पानी ही जीवन कि खुशियाँ बन जाता है

कविता ६४२. तनहाई का एहसास

                                            तनहाई का एहसास
तनहा कोई एहसास नही होता है बस कोई कह पाता है और कोई बाकी सब तो कहता है पर सिर्फ अहम बात नही कह पाता है
आदत हर इन्सान कि अलग होती है कोई पत्थर का नही होता है कोई समझ लेता है कोई समझ लेने मे सालो लगा जाता है
तनहाई से जीत लेना ही जीवन कि जरुरत होती है समझ लेना कि दूसरे का साथ भी किसी कोने मे छुपा है बस वह कह नही पाता है
जीवन को समझ लेना ही तो हर मोड कि जरुरत हर पल होती है जो हमे आगे लेकर हर बार जाती है साँसे उन उम्मीदों से ही तो होती है
तनहा कोई सफर नही होता है हमे बस अपने साथी को मेहसूस करने कि आदत नही होती है क्योंकि हर बार साथ तो होता ही है
अगर हम तनहा समझ ले खुदको तो उस एहसास को मेहसूस करना बडा जरुरी होता है क्योंकि वह एहसास ही तो जीवन कि रोशनी बनकर आगे बढ जाता है
अकेलापन तो मन कि बस सोच होती है जिसे बदल लेने कि जरुरत हर पल होती है जिसे समझकर ही तो दुनिया हर बार आगे बढती है
कभी तनहाई सही सोच नही होती है वह अलग एहसास देकर जाती है जिसे मन से दूर रखने कि हर पल जरुरत हर बार होती है
जीवन मे साथ तो हर पल होता है पर मन उसे कभी कभी समझ नही पाता है उसे पर परखना ही जीवन मे हर बार रोशनी देकर जाता है
कभी कभी साथ ही तो तनहाई की बजह बन जाता है क्योंकि साथ ही होकर भी मेहसूस नही हो पाता है तब साथ को समझ लेने कि जरुरत हर पल होती ही है

Sunday, 24 April 2016

कविता ६४१. मौसम मे एहसास

                                                  मौसम मे एहसास
बारीश के मौसम मे एहसास अलग होता है जो हमे हर कुछ कह जाता है पर मन अगर खूश हो तो जीवन का एहसास बदलसा जाता है
मौसम का एहसास हर बार अलग रंग तो देता है पर तभी जब मन मे खुशियों का किनारा छुपा रहता है जो हर पल दिशाए बदल जाता है
मौसम का असर तो मन मे अक्सर पास ले जाता है पर जो खुशियाँ वह ले जाता है उनका मन मे कुछ तो एहसास मिल जाता है
मौसम तो बदलते जाते है उनके अंदर सोच को जीवन को समझकर आगे जाने का एहसास जुदा हो जाता है हमे मन को समझ लेना हर बार अहम नजर आता है
जीवन के अंदर बदलाव का एहसास हर पल जरुरी होता है जो जीवन को हर मोड पर आगे लेकर अक्सर जाता है उम्मीदे देकर जाता है
मन ही तो वह सोच है जिसमे जीवन का हर किनारा छुपा रहता है जिसे जीवन हर पल हर बार परखकर आगे जाता है
मन के अंदर जीवन कि दिशाए हर पल कोई बात नई दिखाती है उनसे ही तो जीवन कि सुबह और श्याम तय हर बार होती है
मौसम को तो बदल जाने कि आदत हर बार अलग एहसास देती है जिनमे सोच कि अलग सौगाद बन जाती है जीवन के अलग किनारे दिखा जाती है
मौसम को समझ लेना जीवन कि शुरुआत हर पल हर मोड अलग होती है जो जीवन को एहसास अलग तरह के हर बार देकर जाती है
मौसम को समझ लेना ही तो जीवन कि आदत होती है पर हर मौसम से लढना मन कि ताकद होती है उसे समझ लेनेवाले कि ही तो किस्मत बनती है

कविता ६४०. दस्तक कि आवाज

                                                   दस्तक कि आवाज
दस्तक जो दिल मे हर बार होती है जो जीवन कि उम्मीद होती है पर कई बार गलती से वही दस्तक अनदेखी रह जाती है जीवन का मन बदलकर मुश्किल बनकर दिख जाती है
हर दस्तक मे ही दुनिया कि उलझन का जवाब छुपा रहता है जो जीवन कि दिशाए   बदलकर आगे बढता हर बार हर पल नजर आता है
हर दस्तक के अंदर जीवन का मतलब छुपा है पर कौनसा मतलब सही और कौनसा मतलब गलत होता है जो जीवन पर असर  कर के ही जाता है
कोई दस्तक जीवन को मकसद तो दे ही जाती है हमे जीवन को कई बार कई मोड पर समझ लेने कि जरुरत हर पल होती ही है जो हमे रोशनी कि धारा ही देकर जाती है
हर दस्तक को समझकर ही तो जीवन कि ताकद होती है जो जीवन के हर पल को मतलब देकर आगे लेकर चलती रहती है जीवन को समझ लेती है
हर दस्तक का कुछ तो मतलब लिखा होता है जो जीवन मे छुपा होता है क्योंकि हर दस्तक जीवन का दरवाजा खोलने का इशारा होती है
एक दस्तक जीवन कि एक नई शुरुआत होता है जिसमे दुनिया को समझकर आगे ले जाने कि जरुरत हर पल हर मोड मे होती है
क्योंकि दस्तक ही तो जीवन का सच्चा तोहफा होती है जो हमे आगे लेकर जाती है जो हमारी दुनिया बदलकर आगे बढती है
हर दस्तक जीवन कि एक दुआ होती है जो उसे हर बार उम्मीदे और हर पल नई सोच  देकर आगे बढती चलती जाती है
क्योंकि दस्तक मे वह आवाज छुपी होती है जो हर मोड पर जीवन का अंदाज बदलकर आगे चली जाती है क्योंकि दस्तक ही तो सबसे जरुरी होती है

Saturday, 23 April 2016

कविता ६३९. आसमान के सितारे

                                                   आसमान के सितारे
आसमान मे जब हम देखे कई सितारे नजर आते है कुछ लोग चुनते है उनमे से एक को पर हम हर एक को प्यारा समझकर जीवन जीते है
आसमान मे कई बार हवाए एहसास देती है जिनके छू लेने पर हमारी दुनिया बदल जाती है हम उन हवाओं को हर बार मेहसूस करते है
जीवन कि धारा को अलग अलग पल के हिस्सों मे जिन्दा रखते है आसमान को उस एहसास मे परख तो हम कुछ ऐसे लेते है के हर बार आसमान को समझ लेते है
आसमान के हर हिस्से मे ही हम अपना किस्सा पढ लेते है क्योंकि आसमान के हर मोड को समझकर आगे तो हम जाना ही चाहते है
आसमान के अलग अलग कोनों मे जीवन के किस्से छुपे रहते है जिन्हे परखकर या समझकर हम हर मोड पर आगे बढना चाहते है
आसमान कि अलग अलग तरीकों से कहानी हम सुनना चाहते है आसमान को सही ढंग से हम समझकर जीवन मे आगे चलना चाहते है
आसमान कि रोशनी को परखकर हर पल समझकर हम दुनिया को अलग सोच एहसास देकर ही तो दुनिया मे आगे जाते है नया मतलब मकसद देकर जाते है
आसमान के अलग अलग रंग हमे ताकद देकर आगे चले जाते है जिनमे हम हर पल हर मोड पर खुशियाँ ढूँढते जाते है
आसमान मे कई रंगों कि जरुरत हर पल होती है जिसकी दुनिया को हर बारी जरुरत होती है रंगों मे ही तो जीवन कि ताकद छुपी होती है
आसमान मे तारे चुनने कि जरुरत जीवन को अलग सोच देती है वह किसी एक सितारे को ही अपना बनाती है पर हर बार जीवन मे चुनने कि जरुरत नही होती क्योंकि हर चीज मोहोबत नही होती है

कविता ६३८. लम्हों कि ताकद

                                                  लम्हों कि ताकद
जीवन के हर सोच मे अलग परछाई पैदा हो जाती है जिसमे जीना हर मोड पर जरुरी नजर आता है परछाई मे ही तो जीवन कि सोच नजर आती है
जीवन के हर लम्हे को समझकर ही तो हमारी दुनिया बन पाती है क्योंकि लम्हों मे ही तो दुनिया कि सोच हर पल छुपी होती है
जीवन के लम्हो मे ही तो दुनिया दिख पाती है क्योंकि लम्हा ही तो जीवन कि ताकद होता है जो हमे समझ देकर हर बार आगे लेकर जाता है
हर लम्हा ही तो हमारी दुनिया बनकर आगे जाता है वही तो जीवन कि ताकद बन पाता है जिसे परख आगे चलने कि जरुरत हर बार होती है
क्योंकि हर लम्हा ही तो जीवन कि ताकद होती है जिसमे जीवन कि खुशियाँ हर बार हर पल बँसी होती है जो हमे डराती है वह उन्हे खो देने कि सोच ही होती है
लम्हा ही तो जीवन कि अलग सोच है इसलिए लम्हों को समझ लेने कि जरुरत होती है लम्हों के अंदर जीवन कि नई मिसाल जिन्दा हर बार रहती है
लम्हा कई मोड पर जीवन कि दिशाए बदलकर दुनिया को किसी और रंग मे ही बदलकर हर मोड को समझकर आगे जाना दिखाकर आगे जाती है
लम्हा ही तो दुनिया के कई रंग दिखाकर जाता है जिन्हे समझकर आगे जाने कि जीवन मे कई बार कई मोडों पर जरुरत होती ही है
जीवन कई लम्हों के साथ अक्सर बनता है जो उम्मीदों कि पूँजी कभी काटों कि राह भी बनकर अक्सर जीवन मे आते है पर कुछ भी हो उन्हे समझकर आगे जाने कि जरुरत तो होती ही है
लम्हों मे तो कई किसम कि ताकद छुपी होती है जिन्हे परखकर खुशियों तक जाना ही जीवन कि सही जरुरत और अहम ताकद होती है

Friday, 22 April 2016

कविता ६३७. मौसम का बदल जाना

                                                मौसम का बदल जाना
जब बारीश मौसम मे जीवन कि दिशाए बदलने कि जरुरत होती है हम उन्हे समझ लेते है जिनसे दुनिया खुबसूरत होती है
पर जब जब जीवन मे तूफानों कि आहट होती है तब तब दुनिया को समझ लेने कि मन को हर पल चाहत तो हर कदम होती ही है
मौसम का बदलाव तो अक्सर समझमे आता है जिसे परखकर आगे जाना जीवन कि जरुरत लगती है जो दुनिया बदलती है
मौसम का बदलते रहना दुनिया कि जरुरत तो होती ही है पर अगर बिना बजह इन्सान बदल जाये तो दुनिया को बदलकर दिशाए बनाने कि हर पल जरुरत होती है
जीवन मे मौसम बदल जाते है उनमे बदलाव कि अहमियत होती है जिन्हे समझकर हम आगे जाये उस दिशा को परख लेने कि जरुरत होती है
जब मौसम का बदलना अहम हो तो जीवन मे शुरुआत हर पल नई होती है जिसे परखकर दुनिया को आगे जाने कि जरुरत हर बार होती ही है
मौसम हर पल बदल जाते है दुनिया के सही सोच से बदल जाये तो ही वह जीवन को उम्मीदे हर पल देकर आगे चलते जाते है
मौसम को अलग तरह से जरुरत के समय बदल जाने कि जरुरत हर बार होती ही है मौसम ही तो दिशा बदलकर आगे चलते रहते है
मौसम ही तो अक्सर जीवन का मतलब होता है जो जीवन कि सही जरुरत होते है मौसम के बिना बजह जीवन को बदल देने कि जरुरत हर पल नही होती है
जब मौसम बिना बजह बदल जाये तो हम जीवन कि अलग सौगाद अक्सर पाते रहते है जिसमे जीवन के किनारे कई बार गलत तरीके से बदलते है 

कविता ६३६. किसी पल का खयाल

                                              किसी पल का खयाल
किसी पल कोई खयाल जो कोई बात बता कर जाता है जीवन पर अलग असर देकर दुनिया बदलकर हर बार आगे चलता जाता है
हर पल को जिन्दा रखने कि जीवन मे जरुरत तभी होती है जब उसमे चाहत हर बार छुपी होती है तो रोशनी देकर आगे जाती है
चाहत उन खुशियों कि जिनसे हमारी मुस्कान बनकर आगे बढती नजर आती है जिसकी हर मौके पर हमे हर पल जरुरत होती ही है
हर खयाल मे दुनिया रंग बदलकर जाती है वही पल तो जीवन कि पूँजी होते है जिनसे हमारे खुशियों कि सौगाद बढती है जिन्हे समझ लेने कि जरुरत हर पल होती ही है
पलों के अंदर ही तो दुनिया को अलग अलग रंग मे देख लेने कि चाहत छुपी रहती है जिसे परख लेने कि जरुरत होती ही है
पल को समझके जीवन कि अलग सोच समझ तो लेती है जिस पल मे हम दुनिया को बदल जाये उसमे ही तो हमारी किस्मत लिखी होती है
हर पल को जीवन के सुंदर ख्वाबों कि इजाजत कहाँ होती है पर कुछ पलों को समझकर  ही तो दुनिया बनती है हमारी खुशियाँ बनती है
जीवन को पलों मे परखकर आगे ले जाने कि चाहत हर पल मे होती है जिसे समझ लेने कि जरुरत जीवन कि सच्ची ताकद होती है
हमे उन पलों को समझ लेने कि और चुनने कि जरुरत होती है जो उन्हे समझकर आगे जाने कि कोशिश मे होते है उनकी ही किस्मत बनती है
हर पल को समझकर आगे जाने कि जीवन को जरुरत होती है उस पल मे जिसमे खुशियाँ हो उस से ही तो जीवन कि कहानी आगे बढती है

Thursday, 21 April 2016

कविता ६३५. बात कि सच्चाई

                                                      बात कि सच्चाई
हर पल हम यही सोचते है कुछ लोग कैसे हमे फँसाते है पहले तो किसीके खिलाफ भडकाते है और फिर आसानी से  आगे निकल जाते है
हम तो खुश सिर्फ इस बात मे है कि हम वक्त पे संभल गये पर बाकी लोग कहाँ अपनी गलती मान पाते है वह देखते रहते है गलत चीज को और बहाने बनाते जाते है
जीवन मे पल पल हम अपनी गलती पर पछताते है पर लोग अक्सर जीवन मे उसे दोहराते जाते है दिशाए बदलते रह जाते है
लोगों को तो अलग अलग किनारे बदलकर जीवन कि धारा बदलकर आगे चलते जाने की आदत होती है पर हम जीवन मे हर बार दिशाए बदलकर जाते है
जब जब जीवन को समझ लेते है तो उसे मेहसूस तो हर पल कर पाते है पर लोग दूसरे कि चोटों को जब अनदेखा करते है मन मे चोट हम पाते है
पल को परखकर जीवन कि नई सुबह जब हमे रोशनी दे जाती है उसे समझकर आगे ले जाने कि रोशनी हमे हर बार आगे लेकर जाती ही है
हर मोड को समझकर जीवन कि सौगाद हर बार मिलती है जीवन मे कुछ लोगों के अंदर बस एक जिद्द होती है कि वही सही है उन्हे गलत साबित करने कि मेहनत बेकार होती है
जीवन को सही दिशाए वह जीवन मे कहाँ चाहते है तो हम ही उनसे दूर किनारा कर के ही जी लेना हर बार मन से जी लेते है
कुछ लोग तो अक्सर जीवन मे झूठ के लिए ही आगे बढते जाते है उन्हे कहाँ जीवन के किनारे समझ आ पाते है वह अपने सोच मे ही घिरे रह जाते है
जीवन को समझकर आगे जाने कि जरुरत हर बार सच के साथ होती है पर जो उसे समझ ना पाये उनकी दुनिया कुछ अलग कहानी दे पाती है
पर सबकी यही चाहत कहाँ होती है कुछ लोगों को झूठ मे ही खुशियाँ मिलती है तो क्या करे हम हमारी दुनिया तो सच्चाई से चलाते है

कविता ६३४. जीवन कि बात बन जाना

                                      जीवन कि बात बन जाना
किसी बात को बढाकर ही तो जीवन कि बात बन पाती है जीवन कि हर बात को समझकर लेनी जरुरत होती ही है
जब बात को मतलब मिल जाये तो ही  कहानी बन पाती है पर कई बार कई बातों कि कहानियाँ बदल देती है तो कुछ कहानी बिना मतलब ही होती है
हर पल कई किसम कि कहानी जीवन को होश देकर आगे बढती चली जाती है जीवन को हर पल हर लम्हा समझ लेने कि जरुरत नही होती है
किसी कहानी को बिना समझे ही दुनिया हर मोड पर बदल जाती है कहानीयों मे ही जीवन कि साँसे दिख जाती है जो मतलब दे आगे आती है
जीवन कि कहानी हार और जीत का दोनों रंगों मे प्यारी नजर आती है क्योंकि जीवन कि कहानी हर बार हमारी चाहत बनकर आगे जाती है
कहानियों के अंदर जीवन कि कई कथाये छुपी रहती है जो जीवन को साँसे दे जाने कि चाहत हर बार रख जाती है खुशियाँ देती है
जीवन को कई रंगों मे समझ लेने कि जरुरत हर दिशा मे हर पल हमे आगे लेकर जाती है जिसे समझ लेने कि अहमियत हर बार जीवन को होती ही है
पर फिर भी कभी कभी बिना समझे ही कहानी आगे बढती हुई नजर आती है जीवन कि ताकद बन जाती है जिसे बिना परखे ही जीवन को मकसद मिल जाता है
बात के अंदर ही तो कहानी कि सच्चाई हर बार होती है जो जीवन को पल पल बदलती जाती है जीवन कि दिशाए बदलकर जाती है
जीवन कि कहानी बडी अजीब होती है जो जीवन कि धारा को एक मोड देती है जिसे पाने मे किसी कि उमर चली जाती है तो किसी के मुठ्ठी मे बिजली यूही आ जाती है

Wednesday, 20 April 2016

कविता ६३३. जीवन कि धूप और छाव

                                          जीवन कि धूप और छाव
हर कदम जीवन मे कुछ बात अलग होती है जिस कदम के साथ जीवन कि सौगाद बनती है जो जीवन को हर बार मतलब देती है वही तो जीवन कि सच्ची शुरुआत होती है
जो जीवन गुजरा है किसी पेड कि छाव मे उस जीवन मे कहाँ दुनिया समझ पाती है उस जीवन मे तो आगे जाने कि बस सीख मिलती है जिसके साथ आगे बढने कि जरुरत होती है
जीवन को कई कदमों मे समझ लेना ही तो जीवन कि सच्ची ताकद होती है जो हर कदम पर हमारी दुनिया बदलकर नई शुरुआत करती है हमे मौका दे जाती है
कभी उस शुरुआत मे गिर भी जाये तो उसमे जीवन कि नसीहत मिलती है जब छाव छोडकर आगे बढ जाये तो धूप पहले अक्सर चुभती है जो जीवन कि उम्मीदे होती है
छाव से ऊपर उठने कि जीवन मे जरुरत तो होती है हमे धूप को सहने कि हर पल जरुरत होती है जो जीवन को कई किनारों तक लेकर धीमे से चलती है
हमे जीवन मे छाव कि किंमत तो होती है पर अगर उसमे ही रुके रहे तो दुनिया कहाँ समझ आती है उम्मीदे कहाँ जीवन कि पूँजी बन पाती है
हर कदम को समझ लेने कि जरुरत होती है कभी धूप मे जीने कि तो कभी छाव मे जाने कि चाहत होती ही है जो जीवन को रोशनी देकर जाती है
धूप कि आँच तो पहले परेशानी कि बजह हर पल बन जाते है उन्हे नये सीरे कि जरुरत हर मोड पर होती ही रहती है जिसे समझ लेने कि सोच तो होती ही है
छाव से बाहर निकल कर छूप जब आगे आती है मन को खुशियाँ हर पल देकर ही जाती है मन कि नई सौगाद बन के मुस्काराती है
छाव और धूप दोनों ही मन को प्यारी लगती है एक अलगसी प्यास जीवन मे हर बार हर पल जगाकर जाती है कि धूप और छाव दोनों मे जरुरत जीवन को हर पल होती ही है
जिन्हे समझकर आगे जाने कि चाहत हर बार होती ही है क्योंकि बिना धूप जिन्दगी आगे नही जाती है और छाव के बिना ठंडक नही आती है

कविता ६३२. दूर किनारों को समझ लेना

                                         दूर किनारों को समझ लेना
हर पल मौसम बदलते रहते है जिन्हे समझकर हमे आगे जाते है पर कई बार हमारे अंदाज भी गलत हो जाते है तो किनारे दूर हो जाते है
पर क्या कतराना उन किनारों तक जाने से क्योंकि वह थोडे से ही तो दूर चले जाते है क्या कतराना उनसे जब वह जीवन मे उम्मीदे देकर जाते है
दूर पर ही तो वह हमारी चाहत बढाते रहते है हमे नई उम्मीदे देकर नई ताकद कि सोच जीवन मे उजागर कर जाते है
कभी कभी हम दूर के किनारों कि चाहत से ही असली मंजिल पाते है क्योंकि जब तक गलत सही ना हो हम कहाँ उम्मीदे पाते है
हम हर बार एक पल मे सही नही हो पाते है हम सोचते रहते है सही दिशाओं को समझकर हमे उम्मीदे देकर जाते है
दूर खडे उन किनारों को परखकर हम दुनिया मे आगे चलते जाते है उस सोच को समझकर  हम आगे जाते है जब हमे जीत के आगे अहम चीजे सीखाते है
जीवन कि बात दूर के किनारे को देखकर कई बार हम जीवन मे समझ लेते है हम उसको आगे लेकर जाना हर पल चाहते है
गलत चीज को परखकर हम सही कर लेना चाहते है जिसे समझकर जब हम आगे बढते है हमारे किनारे बदलते जाते है हम दिशाए बदलकर जाते है
मौसम तो जीवन को हर मोड पर बदलते  जाते है पर हमारा फर्ज है हम मौसम संग ना बदले हम गलतियों को सुधार लेने कि चाहत मे हम अक्सर बदल जाते है
जीवन को हम कई दिशाओं मे आगे ले जाना चाहते है पर जब तक गलत सही ना हो हम इस जीवन मे कुछ नही कर पाते है बंद आँखों से आगे बढते जाते है

Tuesday, 19 April 2016

कविता ६३१. कोई बात ऐसी होती है

                                                कोई बात ऐसी होती है
कोई बात ऐसी होती है जो मन मे घरसा बनाती है जिसे समझ लेने से दुनिया कई रंगों मे नजर आती जिन्हे छूने कि चाहत उनसे दूर नही रख पाती है
हर बात अलग एहसास देकर आगे जाती है कितना भी हम क्यूँ ना चाहे सोच हमे आगे बढने कि उम्मीदे हर बार देकर जाती ही है
जो बात मन मे अधूरीसी होती है उसमे जीवन का मतलब बन जाती है जीवन को नई सोच देकर आगे बढती चली जाती है दिशाए बदलकर हर बार उम्मीदे दे जाती है
जीवन कि कई शाखाए पेडों कि तरह होती है जो अक्सर जीवन कि हर घडी सोच बदलकर  आगे चली जाती है दिशाए रंग बदलकर सामने आती है
जिस बात को हम अलग अलग मतलब मे समझे उस बात मे हर पल कोई अलग कहानी नजर आती है जो हमारे जिगर कि उम्मीदे आगे ले जाती है
बात को परख लेने पर जीवन कि हर किनारे पर एक सोच जिन्दा हो जाती है बात को कई किनारों मे समझ लेने कि जरुरत हर बात मे होती है
हर बात मे कई तरह कि समझ तो होती है उस पल उस घडी हर बात को समझकर जीवन मे आगे बढने कि हर बार जरुरत तो होती है
जीवन कि हर हालात एक से नही होते है हर पल जीवन कि धारा एकसी सोच नही देती है दिल को एक तरह कि उम्मीदे नही देती है
हर पल बात को समझ लेने कि चाहत हर बार उम्मीदे देकर जाती है आगे लेकर जाती है क्योंकि आगे जाना ही तो जीवन कि उस सोच के साथ जरुरत होती है
वही सोच ही हमारी सही दिशा होती है जब कोई सोच हमे दिशा मे आगे लेकर जाती है जीवन कि जरुरत तो सिर्फ सही दिशा ही तो होती है
 ोोोोोो

कविता ६३०. बात को कह देना

                                                   बात को कह देना
हर बात को समझाने कि जरुरत होती है कोई बाते तो हवाए ही कह जाती है बारीश कि आवाज हर बार देकर वह आगे बढती चली जाती है
हवाओं मे कई बाते हर बार छुपी रहती है जिन्हे परख लेने कि जरुरत हर बार जीवन मे होती ही है जिसे समझकर आगे जाने कि जरूरत हर बात मे होती है
हर बात को समझकर परख पेहचान लेने कि जरुरत हर बार होती है कुछ बाते ही जीवन कि सौगाद बनकर आगे लेकर जाती है
पर हर बात सीधी से कही नही जाती कुछ बाते बारीश कि तरह समझ लिया करते है पर जीवन मे तो यही मुसीबत रहती है
कब बात सही समझ लियी है उसी सवाल मे जीवन कि उलझन बस जाती है मन कि बात अक्सर मन मे ही एक शक के साथ वही रह जाती है
क्योंकि गलत साबित होने के डर से जिन्दगी मे आगे बढते हुए कदम रुक जाते है जीवन मे बडी मुश्किल बनकर बाहर निकल आते है
जीवन के कई मोडों पर जीवन के किस्से बदलते जाते है जीवन को समझकर आगे जाने कि जरुरत हर बात मे होती है जो रोशनी देती है
हर बात जीवन मे सीधी नही होती है जिसे सामने कहना आसान नही होता है पर हर बात को जीवन मे समझ लेने कि जरुरत हर बात मे होती ही है
बात के अंदर किस्से अगर हम कह जाते है तो ही जीवन को परख लेने कि जरुरत हर बार हम समझ पाते है उसे आगे लेकर जाते है
क्योंकि माना कि कभी कभी बारीश के अनदेशा लोग गलत कर जाते है पर क्या उस से लोग रुकते है बादल को ढूँढ कर हर बार कोई ना कोई अंदाजा तो जरुर करके आगे जाते है

Monday, 18 April 2016

कविता ६२९. गीत सबको सुनाना

                                            गीत  सबको सुनाना
गीत को समझ लेना तो बस तभी होता है जब गीतों मे कुछ लब्ज दिखते है गीत ही तो जीवन कि ताकद बनकर आगे चलते है
गीतों मे अक्सर मतलब होते है गीत जो जीवन कि उम्मीदे बनते है उन्हे समझकर ही तो हम हर पल आगे बढते है जीवन से लढते है
पर कुछ लोगों को गीत सुनाना गीतों कि तोहीनसा लगता है हम जानते है गीत खुदा कि देन है वह सबके होते है पर फिर भी हम चोट खाते है
जब वह गीत सबके लिए लिये गाते है कुछ लोगों के अल्फाज चीर के जाते है मन मे चुभन सी पैदा कर मन को गम देकर जाते है
हम जीवन मे गीतों से खुशियाँ लाना चाहते है कुछ लोग नशतर कि तरह उन्हे दिल मे चुभाना चाहते है गमों कि मेहफिल बनाना चाहते है
जब सुनते है उस दिल को तो जीवन कि धारा को बदलकर हम गीत के एहसास को बदल देना चाहते है जीवन मे आगे जाना चाहते है
गीत के अंदर मतलब तो कई तरह के होते है जो हमे हर बात मे कई किसम के रंग हर बार हर बात मे दे कर जाते है आगे लेकर जाते है
गीत को समझकर जीवन कि धारा को कई बार परखकर आगे ले जाना चाहते है वह हर बार उम्मीदे देते है पर वही उम्मीदे हम गलत लोगों को बाँटना अक्सर दिल से नही चाहते है
गीत अलग अलग तरह के होते है पर सही गीत वही है जो मन को छू कर आसमान कि चुपके से सैर कराते आशाओं कि किरण बनकर आगे जाते है
गीत के अंदर कई मतलब देकर हम जीवन मे आगे जाते है जिसे समझकर हम आगे जाते है पर कभी कभी कुछ लोगों को हम अपने गीत नही सुनाना चाहते है
माफ करना ए खुदा तेरा यह तोहफा हम बाँट नही पाते है हम चाहते है तेरी तरह बनकर बिछू को भी बचाये पर नतीजे से डरकर हाथ पिछे हट जाते है 

कविता ६२८. सही गीत को चुनना

                                               सही गीत को चुनना
हर गीत को समझ लेना अलग एहसास होता है हम क्या सोचे यह हमारा एहसास होता है गीत को मतलब तो हमारे हरकत से ही होता है
गीतों मे हम क्या चुने यह हम पर ही होता है आखिर जीवन मे कौनसा रस्त्ता हम चुने यह हम पर ही तो होता है जो हमे उम्मीदे देकर जाता है
गीत के बोल ही तो जीवन को कोई मतलब देते है जो सुंदर मन से कहे जाते है जो गीत गलत मन से बोले वह उलझन ही हर बार लेकर आते है
गीत जब जब चुनते है तभी तो हम जीवन कि उलझन समझ पाते है जिसमे हम खुशियों कि सौगाद हर बार हर पल पाते ही है
पर कभी कभी गीत मे गलत सोच हम पाते है उनसे ही गलत मोड पर जाते है गीत को परखकर लेते है तो ही हम जीवन मे खुशियाँ पाते है
जीवन मे गीत तो कई आते है और जाते है कुछ गीत ही मन मे कोने मे रह जाते है जीवन कि नई दिशाए देकर आगे जाते है
गीतों मे कई मोड तो आकर जाते है जिन्हे हम परखकर आगे जाना चाहते है गीत ही तो जीवन को ताकद बनकर आगे आता है
सही गीत साँसे देकर आगे जाता है गीत ही तो जरुरत बन जाता है क्योंकि वह संगीत मन को शांती दे जाता है वह हमारे मन मे सच्चाई जिन्दा करता है
पर कुछ गीतों मे कुछ ऐसे मोड होते है जो जीवन मे सिर्फ मन को बेहलाते है सही राह से भटककर हम किसी और ओर खींचे चले जाते है
गीत सिर्फ संगीत नही होते वह जीवन कि वह साँसे होते है जो हर मोड पर हर पल नई रोशनी देकर आगे चली जाती है

Sunday, 17 April 2016

कविता ६२७. अपना

                                                   अपना
कभी कोई हमारी सुनता है तो कभी हम उनकी सुनते है जीवन के हर रिश्ते ऐसे ही तो बनते है सुनी हुई हर बात को करे तो कभी हम कर भी नही पाते है
पर अपने तो वही होते है जो मुँह तो बना लेते है पर बाद मे बात को अनदेखा भी करते है क्योंकि जीत और हार दोनों मे अपने तो अपने ही रहते है
हम जीवन को कई हिस्सों मे जीते रहते है पर हर बार हम कहाँ जीवन मे किसी कि सुनकर चलते है आगे जाते रहते है
जीवन के अंदर कि कई बाते हम मन से सुनते है पर कुछ बाजीयाँ हम जीत लेते है कुछ मे हम हारते है और अपने यह बात समझ लिया करते है
कुछ बात जिसे हम समझ लेते है उन्हे हम परख लिया करते है कई बाते जो अनकही हो उन्हे समझकर अपने हार को भी भुला दिया करते है
जीवन का हर पल हम बात समझकर आगे बढते है जिन्हे परखकर आगे जाये उस सोच को भी बिना समझे हम आगे बढ जाया करते है
कुछ कह तो देते है लेकिन कुछ बातों मे हम गलतियाँ भुला दिया करते है हम जीवन कि हर धारा को समझकर जीवन जी लिया करते है
जो बात हम मन से कहते है उस बात को तरह तरह से हम समझ लिया करते है हम चाहते है खुशियाँ जीवन मे पर अपने के आखिर चुपके से गमों को भी जीवन मे ले लिया करते है
उस जीवन को कैसे भुले जिसमे हमारे अपने है तो उस जीवन को जीने के खातिर हम गमों मे भी आसानी से खुशियाँ ढूँढ लिया करते है
हम जीवन मे अपनों के खातिर सब लिया करते है पर अगर कोई गलत राह पर जाने को मजबूर करे तो उस अपने को हम अपना नही कहाँ करते है

कविता ६२६. पत्थर के अंदर

                                                पत्थर के अंदर
पत्थर के अंदर कभी दिल नही होता है या फिर यह कह दे कि दिल आ जाये तो इन्सान पत्थर नही रहता है क्योंकि पत्थर के अंदर भी हम एहसास पा लेते है
हम इन्सान है जो सैतान मे भी भगवान ढूँढ लेते है और अस्सल भगवान को उस पत्थर के खातिर हम कितनी आसानी से भूला देते है
पत्थर को समझकर आगे जाने कि आदत हर बार होती है पर काश के जीवन मे असली भगवान को समझ लेने कि आदत हमे होती
पत्थर को पूज लेते तो भी भगवान मिल जाते है पर काश इन्सान को इन्सान समझ लेने कि आदत हमे होती तो दुनिया कितनी सुंदर होती
भगवान तो इस दुनिया कि कण कण मे होते है पर जाने क्यूँ गलत खयाल मे ही उन्हे ढूँढने कि हमे आदत सी हर बार होती है
दुनिया मे अच्छी चीजे समझकर हम आगे जाते है काश के दुनिया को अलग तरीके से समझकर खुशियाँ हर बार अहम हर मोड पर लगती है
तो सबकी खुशियाँ उनके पास लिखी होती काश जीवन मे जीत से ज्यादा दुनिया मे लोगों ने खुशियों को अहमियत दियी होती तो भगवानजी कि छाव सबके सर पर होती
पर क्या करे उस दुनिया मे सबका अलग एहसास मन के अंदर रहता है भगवान ने सबको मौका तो दिया है उसे समझ लेने कि ताकद सबमे नही होती
और हम भी ऐसे ग्यानी तो नही कि सबको समझाये हम से अपनी बात ही आसानी से समझ मे नही आ पाती है जो जीवन मे ताकद हर बार दे जाती है
भगवान को अलग तरह से समझकर आगे बढने कि आदत हमे तो खुदको दे दि है पर दूसरों को समझाये यह ताकद और इजाजत भगवान ने हमे नही बक्शी है
सिर्फ उनसे कहने कि इजाजत है जिन लोगों ने हम राह माँगी है जीवन मे आगे बढकर उनको राह देने कि जरुरत हमने हर बार समझ लियी है

Saturday, 16 April 2016

कविता ६२५. किसी पल के अंदर

                                                      किसी पल के अंदर
कभी किसी पल जीवन को समझकर कोई शुरुआत हो जाती है उस पल के अंदर जीवन को हम समझ तो पाते है
पल को पलकों के अंदर  छुपाना तो हम अक्सर चाहते है वही पल जीवन को नई उम्मीदे देकर अलग दुनिया मे लेकर चले जाते है
पल मे हमे समझदारी के एहसास कि शुरुआत नजर आती है पल मे ही दुनिया कि रीत अपनी दुनिया बदलकर रखती है
पल को समझकर उसके अंदर अलग दुनिया दिख जाती है पल को समझकर जीवन को आजमाये तो उसमे नयी सोच आती है
पलों के अंदर दुनिया को अलग एहसास देनेवाली सोच कोई नई बात बताती है पल को समझकर जीवन कि तलाश एक अलग एहसास दे जाती है
पल को अलग तरह से देखे तो उनमे कोई ना कोई तो ताकद हर मोड पर रोशनी देकर आगे चली जाती है वह उम्मीदे देकर जाती है
पल मे तो जीवन कि दिशाए बदल पाती है किसी पल को अलग दिशाए देकर जीवन कि आदत हर मोड पर दुनिया बदलकर जाती है
पल तो वह ताकद जो हमे रोशनी देती है जिसे समझकर आगे जाने कि शुरुआत जरुरत लगती है जो जीवन मे हर पल मे होती है
पल को परखकर समझकर आगे जाने कि जीवन मे हर मोड पर आदत तो होती ही है पर कभी कभी किसी पल मे दुनिया को समझ लेने से ज्यादा उस पल मे जीने कि जरुरत होती है
पल के अंदर दुनिया को समझकर आगे जाने कि आदत तो होती ही है पल को मन से जोडने कि हर बार जरुरत होती है 

कविता ६२४. गम कि गलत आदत

                                            गम कि गलत आदत
कोई बात जो मन का एहसास बदल देती है उसे समझ लेना जीवन कि जरुरत होती है जो जीवन का मतलब बदल दे वही बात जरुरी होती है
पर अक्सर जीवन कि बाजी इतनी मुश्किल लगती है कि वह हर बार हमे मुश्किल से समझ आ पाती है पर फिर भी जो चीज अहम है वह अहम ही लगती है
वह बात जो हमारी दुनिया बदलकर रख देती है वह बात ही कभी कभी बडी आम नजर आती है नजरों से छुट जाती है
हम जाने कैसे यह गलती कर देते है सबसे जरुरी चीज को जीवन मे अनदेखा कर लेते है जीवन कि हर पल को गलत तरीके से जी लेते है
हर पल मे ही तो दुनिया कि सौगाद तो किसी अहम सही एहसास मे ही नजर आती है जिसके अंदर ही दुनिया की सच्चाई छुपी होती है
पर अक्सर जीवन को समझ लेना ही जीवन मे ही मुश्किल बात लगती है जो हमे हर लम्हा हर पल छूकर आगे चली जाती है
क्योंकि कोई लम्हा खुशियों का अहम होता है उसके जगह दुनिया से मिले गम ही अक्सर दिल मे जगह लेकर खुशियों से आगे चले जाते है
चोट देनेवाले भी खुशियाँ देनेवालों से ज्यादा अहम नजर हो जाते है जीवन कि हर बाजी मे वह आगे नजर आते है जीवन को दर्द देकर जाती है
क्योंकि खुशियों को समझ लेने कि जीवन मे अक्सर जरुरत होती है पर हम वही बाते जीवन मे कहाँ समझ पाते है हम उम्मीदों कि किरण तलाश करना चाहते है
खुशियों के अंदर ही हम अपनी दुनिया समझ नही पाते है क्योंकि हम अपने मन को गम
की आदत कर देते है खुशियों से अक्सर दूर भाग जाते है 

Friday, 15 April 2016

कविता ६२३. सीधी बात को कहना

                                                सीधी बात को कहना
जब किसी बात को सीधा कहना चाहे एहसास बस यही होता है कि बात को परख हम आगे जाना चाहते है पर हर सीधी बात कभी कभी दिल को चोट देती है
पर फिर भी हम जीवन मे उसे दोहराना चाहते है जीवन को हर रंग मे परखकर संभाल लेना चाहते है उसे परख के जीवन मे हम जीना चाहते है
सीधी बात को तेढी बनाकर हम समझ लेते है हम उसे हर पल परखकर जीना चाहते है समझ लेना हर बार हर मोड पर चाहते है
सीधी बाते सीधी नही लगती उन्हे हम अलग ढंग से परख लेना जरुरी समझ लेते है हर जीवन के हर एक संगीत को संभलकर जीना चाहते है
पर हम जीने दे उतनी आसान दुनिया हम कहाँ पाते है उस दुनिया को जिसमे कई रंग हो हम जीवन मे सीधी राह से ही हम जीना चाहते है
पर सीधी बाते तो अक्सर काटों कि तरह चुभसी जाती है पर फिर भी हम उन्हे हम हर पल जीवन मे समय समय पर जी लेना चाहते है
बात सीधे से हम कह दे उसके अंदर के दर्द को हम पकड कर बदलना चाहते है हम जीवन मे हर पल पर खुशियाँ ही तो चाहते है
पर अक्सर लोगों को सच्चाई लुभा नही पाती है हम इसीलिए कभी कभी किसी झूठ के सहारे बचना भी चाहते है हम उम्मीदे मुश्किल से जीवन मे रख पाते है
पर हमने तो देखा है जीवन मे हम कहाँ सीधी राह चल पाते है बडे मुश्किल से जीवन को समझकर परख लेना सीख जाते है
कभी कभी सीधी बात के अंदर हम जीवन को कई अलग रुप मे पाते है कितना झूठ हम कह दे लेकिन आखिर सच्ची बात को हम अपने सामने ही पाते है
अक्सर यही सोचते है कि शुरुआत मे ही जाने क्यूँ हर बार हम झूठ बोलते रहते है आखिर हम जीवन मे सच्चाई को परख लेते है

कविता ६२२. फूलों को बाँटना

                                              फूलों को बाँटना
हर बार हम कहते है दुनिया को जस्बात समझ लेने कि फुरसत कहाँ होती है तो फिर हम उन्हे क्यूँ नही समझ पाते है जाने क्यूँ दुनिया का एक हिस्सा बन जाते है
माना कि दुनिया तो काटे ही दे जाती है पर हम लोगों को फूल कहाँ देते है हम तो अक्सर उन्हे कुछ भी नही देते है जिन्हे समझ लेने कि जरुरत हर बार होती है
काटे ना दे यह बात काफी नही होती है कभी कभी फूल दे जाने कि जरुरत हर बार हर मोड पर हम अक्सर मन मे रखते है हमे चाहत तो होती है पर हम खुशियाँ कहाँ देते है
जीवन को हर मोड को बदलकर हम दुनिया मे जीना सीख लेते है हम मन से चाहते तो है पर काटों से हम भी तो अक्सर डरते है
उन काटों का डर ही तो हमे आगे ले नही जा सकता है जीवन मे फूलों कि अक्सर जरुरत होती है पर सबसे जरुरी होता है कि हम काटों से ना डरे यही जरुरत होती है
काटे तो जीवन का हिस्सा अक्सर होते है पर उनसे जाने क्यूँ हम डर के पीछे हट जाते है क्योंकि अगर हम फूल बाँटे तो ही तो काटे छुप पाते है
जीवन मे हमने कई मोड तो देखे है जिनमे कोशिश के बाद भी कहाँ हम आगे बढते है क्योंकि फूल बाँटने कि कोशिश मे हम कहाँ रहते है
हम सिर्फ यही समझते है कि काटे तो दूसरों कि बजह से ही जीवन मे होते है पर हम जो काटे नही रोकते है बस अपनी ही दुनिया मे रोते है वह भी हमारी जिम्मेदारी होते है
काटे कितने दर्दनाक होते है जो जीवन को चोट देते है पर फिर भी फूलों को बाँट कर हम अपनी दुनिया बदल सकते है क्योंकि फूल ही तो उनका जवाब होते है
हमे काटों से ज्यादा फूलों को समझकर आगे जाते है तो ही हम दुनिया को आसानी से समझ पाते है काटे आग से जलते नही फूल ही उनकी दवा बनकर आते है

Thursday, 14 April 2016

कविता ६२१. हर बात सीधी नही होती है

                                       हर बात सीधी नही होती है
जीवन कि हर बात सीधी नही होती है जब हम जिद्द पकड लेते है तो जीवन मे हालात आसान नही होते है जीवन मे जस्बात हमे समझ लेने होते है
जीवन कि हर सुबह और श्याम एकसी नही होती है जो हर बार बदल जाती है वह जिन्दगी बिना मतलब कि कभी बनती नही है
जीवन मे हालात को बदल लेने कि जरुरत हर बार होती ही है पर कभी कभी जीवन मे वह बात मुमकिन नही हो पाती है
जीवन कि दिशाए समझकर आगे जाने से भी दुनिया नही बदल पाती है हमे जीवन मे आगे जाने कि जरुरत हर कदम पर अक्सर नजर आती है
जीवन कि दिशाए हर बार आसान नही होती है जिन्हे समझकर आगे जाने कि जरुरत जीवन मे तो हर बार होती ही है
जीवन को तरह तरह से समझकर आगे जाने कि जरुरत हर बार नही होती है जो दिशाए जरुरी है उनसे ही जीवन कि कहानी बनती है
जीवन को अलग अलग एहसास मे जीवन को परखकर आगे जाने कि चाहत हर बार तो जीवन मे होती ही रहती है
जीवन को समझकर तो परख लो तो जीवन को अलग दिशाओं मे हर बार रोशनी देकर जाता है पर कई बार जिद्द से सीधी राह भी तेढी नजर आती है
जिद्द को समझकर अगर उसे तोडकर जाये तो हमारी दुनिया कुछ अलगसी बन जाती है जिसमे दुनिया कि ताकद हर बार छुपी होती है
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कविता ६२०. बदलाव ही जीवन कि चाहत

                                         बदलाव ही जीवन कि चाहत
बदलाव ही तो जीवन कि चाहत होता है उसे परख लेना जीवन कि अलगसी जरुरत होता है क्योंकि जिन्दगी हर पल जंग नही होती है
कभी कभी बदलाव ही तो जीवन को परख लेने कि चाहत देकर आगे जाता है जिसमे खुशियों कि तो सौगाद वह हर पल हर मोड दे जाता है
क्योंकि जीवन को समझकर आगे जाना हो तो वह बस खुशियों का फसाना होता है जो उम्मीदे देकर हर बार आगे ले जाता है
जीवन का अलग एहसास तो खुशियों कि तलाश मे ही होता है जिन्हे समझ लेने से ही अलग फसाना बन जाता है जो दिशाए बदल देता है
बदलाव ही तो सबसे बडी जरुरत होता है जब वह खुशियों कि अलग पेहचान दे जाये तो उसे अपनाना सही लगता है
पर अक्सर यह तो होता है कि सही बदलाव और तलाश लोगों को भाँती है पर उनके लिये सारी खुशियाँ छोड दे इतनी खुशियाँ सस्ती होती नही है
बदलाव को समझकर आगे जाने कि जरुरत हर बार हर मोड पर होती ही है जिसे परख कर आगे जाना जरुरी होता है
बदलाव ही तो जीवन मे सबसे जरुरी चीज होता है क्योंकि वही तो हँसी बन पाता है जिसमे वह जीवन कि ताकद रखकर जाता है
जीवन मे खुशियों को समझ लेना हर बार जरुरी होता है बदलाव ही तो जीवन कि ताकद बनकर हमे अक्सर आगे ले जाता है
बदलाव को परख लेना ही तो जीवनमे जरुरी हर पल और हर बार होता है जो हमे जीवन मे अलग उम्मीदे हमेशा देकर ही जाता है
तो जमाने को छोड दे बदलाव को छोडना मुश्किलसा होता है बदलाव ही जीवन मे जरुरी और अहम हर बार नजर आता है

Wednesday, 13 April 2016

कविता ६१९. लब्जों का संगीत

                                           लब्जों का संगीत
जब लब्ज से लब्ज जुड जाते है संगीत अलगसा समझ आता है हमे संगीत कि जरुरत नही है ऐसा जब लगता है तब भी मलहम बन के वह काम आता है
जीवन को अलग किनारा देकर वह जीवन का आधार बन जाता है जब कोई गीत नही समझ पाते है हम तो भी कोई हमे बार बार समझाता है
जीवन मे हर कोने मे उसे समझ लेने को दिल चाहता है जिसके सहारे जीवन को नया सूरज मिल पाता है जो रोशनी देकर आगे जाता है
संगीत के हर सूर के अंदर अलग एहसास जिन्दा होता है जिसे परख लेना दिल अक्सर चाहता है पर जो बार बार समझाये वह सूर भी जीवन मे अलग ताकद दे जाता है
हर लब्ज से ही तो दुनिया को नया मतलब हर बार जीवन को खुशियाँ देने के लिए अहम हर मोड पर नजर आता है अलग एहसास नजर आता है
संगीत के हर धून मे ही तो जीवन को मतलब मिलता है पर कई कई पहली बार जो ना समझे उस बात का मतलब दूसरी बार समझ आता है
किसी सूर को समझ लेने के लिए बार बार सुनना जरुरी होता है जो हमे सुनाये उसी इन्सान से दोस्ती मन चाहता है क्योंकि मन तूफानों मे किनारा चाहता है
मन सही दिशाए चाहता है जो उन्हे दिखाए वही हमेशा सही लगता है जो जीवन को उम्मीदे देकर हमे आगे ले जाना चाहता है
जीवन तो वह संगीत चाहता है जिसमे वह अपनी खुशियाँ चाहता है जिन्हे समझ लेना थोडा मुश्किल नजर आता है इसलिए वही संगीत कोई दोहराता है जीवन कि दिशाए बदलकर जाता है
किसी संगीत के अंदर जीवन कि कहानी कुछ इस तरह होती है जो जीवन कि दिशाए हर पल हर मोड पर चुपके से बदलकर जाती है  ा ीी

कविता ६१८. सही एहसास

                                                 सही एहसास
किसी एहसास को कह देना बडा आसान होता है तो किसी एहसास को जुबान बयान ही नही कर पाती है एहसास के फर्क मे ही तो जीवन कि कहानी छुपी होती है
हर बयान कि जुबान बडी अलग होती है जो हमे हर बार कुछ और ही बता कर जाती है जीवन कि कहानी नई लिखकर जाती है
क्योंकि एक ही एहसास के कई अलग अलग किस्से बनते है जो जीवन को कहानी हर बार अलग बनाकर आगे चली जाती है उम्मीदे देकर जाती है
एहसास के अंदर हर बार हम अपनी एक अलग कहानी लिख देते है कोई प्यार कि कहानी लिख जाता है जिसमे जीवन कि अलग खोज होती है
तो कोई दर्द भरी दास्तान लिखकर जाता है जो जीवन कि चोट बनकर नजर आती है एहसास तो एक ही पर नतीजे अलग अलग हर बार नजर आते है
पर किसी एहसास से जीवन कि दुनिया बदल जाती है उन एहसास कि दुनिया जीवन मे मुश्किल से ही मिल पाती है जो रोशनी लाती है
किसी एहसास को बार बार परख लेने कि जरुरत लगती है जब वह मन को छू जाता है क्योंकि वह एहसास हर बार साँसों तक पहुँच जाता है
और साँसों कि जरुरत जीवन मे होती ही है तो इसीलिए उन एहसासों को परख लेने कि हर मोड पर जरुरत अक्सर होती ही है
जीवन मे एहसास ही तो हमारी ताकद होती ही है जो हमे जीवन कि दास्तान बदलकर निकल जाते है इसलिए उन्हे पेहचान लेना जीवन कि जरुरत होती है
एहसास को परखकर ही जीवन कि अलग दास्तान बन जाती है जो हमारे लिए सच्ची खुशियाँ ला पाती है उस एहसास मे ही तो दुनिया सही रंग दे जाती है
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Tuesday, 12 April 2016

कविता ६१७. सोच को बदलना

                                                        सोच को बदलना
किसी सोच को बदलने मे लोग कहते है अक्सर वक्त लग जाता है पर गलत बात को अपना लेना क्यूँ इतना आसान नजर आता है दुनिया बदल जाती है
किसी सोच का कोई पेहलू जीवन कि दिशाए कुछ अलग दिखाता है जिसे समझ लेते है हम उस सोच कोई गलत बात हो तो फिर दिल उसे क्यूँ छुपाना चाहता है
हर सोच के कोनों मे जीवन का एहसास अलगसा दिखता है उस सोच को जिन्दा करने कि जगह जो जीवन हर पल रोशनी कि लकिरे देती है वह अंधियारा देकर जाता है
जीवन को हर बाजी मे सही और गलत का फैसला करना होता है पर गलत अगर अपने सोच मे हो तो उसे अपनाने से दिल जाने क्यूँ कतराता है
सोच को परख लेने कि जीवन मे कोई अलग पुकार रखता है जीवन को समझकर जाता है जीवन मे ही तो कई किसम कि सोच ताकद वह रखता है
सोच को अलग अलग तरीके से समझ लेना दिल हर पल चाहता है सोच कि ताकद को अपनाकर आगे बढना दिल हर पल चाहता है
पर उस सोच मे कोई गलती हो तो उसे समझ लेना जाने क्यूँ दिल नही चाहता है सोच के किनारे बदल लेना दिल हर पल जरुरी पाता है
क्योंकि सोच के अंदर छुपी बाते हर बार आसानी से सही नही लगती है हर दिशा तो बदलती है पर कभी कभी गलत बाते भी सही लगने लगती है
जाने क्यूँ अपनी सोच को गलत करने मे हमे कई बार इतनी तकलीफ नही होती है तो सही करने मे जाने क्यूँ हमे तकलीफ होती है
जीवन मे सोच को परख लेने मे ही तो दुनिया कि सही दिशाए होती है जीवन कि सही सोच अपनाने मे जितनी कोशिश कर ले वह कम नही होती है  ाााा
जीवन मे हर मोड पर हर पल अपनी दिशाए बदलती है जब मन मे कोई बात एहसास बदलकर जाती है जो जीवन मे अक्सर प्यारी लगती है

कविता ६१६. मन कि राहे और दिशाए

                                                     मन कि राहे और दिशाए
जीवन मे हर पल मन कि दिशाए बदल जाती है पर सोच नही बदल पाती है सोच ही तो अक्सर हमारी ताकद होती है
दिशाए तो हर बार अलग अलग होती ही है उन्हे समझकर आगे बढने कि हर बार जरुरत होती ही है पर मन जो दिशा बदल देता है दुनिया अक्सर बदल जाती है
दिशाओं को समझकर आगे जाने कि हर बार हर पल जरुरत होती है मन ही तो उन्हे अक्सर आगे लेकर जाने कि आदत होती है
जो हमे उम्मीदे देकर आगे ले जाता है वही मन कई बार रुलाता है जिसे समझ लेने के कोशिश मे जीवन कि दास्तान बदल जाती है
मन मे ही तो जीवन कि कहानी बदलकर जाती है मन मे ही तो हमे सच्ची ताकद मिल सकती है जिसे समझ लेने कि हमे जरुरत होती है
मन का एहसास अलग अलग तरह के होते है जो जीवन को अलग राह और दिशाए दिखाकर आगे जाते है वही तो दुनिया मे अहम होते है
मन कि बात समझकर हम हर बार आगे जाना चाहते है मन को कई किसम कि सोच  देकर आगे चलते है मन कि अलग अलग दिशाए हम समझ लेना चाहते है
मन कि राह को समझकर जीवन मे हम आगे चलते रहना चाहते है मन तो दिशाए बदलता है पर हम अपनी सोच न बदलना चाहते है
जीवन मे हर बार हम मन को समझकर ही तो आगे जाते है पर सोच तो मन की वह मजबूती कडी है जिसे परख लेना हम अहम हर बार समझ लेते है
मन के अंदर कई तरह कि सोच तो हर बार हम मजबूती से रखते है जिसे पाने की चाहत मे हम कई राहे परखते है पर राह गलत ना हो तो जीवन मे सही बात ही हम करते है

Monday, 11 April 2016

कविता ६१५. बात को सुनना

                                            बात को सुनना
जब हम सुनना चाहते है तो हर चीज बात कर पाती है हम जीवन मे जीना चाहते है तो हर हालात से जिन्दगी लढ जाती है
चीजे कई किसम कि जीवन मे कई तरीकों से आती है अगर हम सुनना चाहते है तो हर रात के अँधियारे मे चाँद कि रोशनी काफी नजर आती है
जीवन मे अगर हम चाहे तो जीवन कि सोच आगे ले जाती है हम चाहते है तो ही जीवन कि दिशाए नजर हमे आसानी से आती है
जब जीवन मे किसी बात को समझ लेते है तो जीवन कि दिशाए बदल जाती है जिसे समझकर आगे ले जाना चाहते है उस बात मे सोच अलग नजर आती है
जीवन कि पूँजी दिशाए बदल जाती है पर हम जब समझे सही दिशा को उसमे जिन्दगी कि कहानी अलग मोड देकर चलती नजर आती है
जीवन को कैसे हम समझे उसमे अलग कहानी नजर आती है हर बात को हर पल समझ लेते है तो दुनिया अलग एहसास देकर जाती है
हर चीज मे जीवन कि कहानी छुपी होती है जो कभी ना कभी तो सुलझ ही जाती है जो बताती है हमे वह जीवन कि कहानी जो अलग हर मोड पर नजर आती है
बात सुनने कि ही हमे जरुरत होती है क्योंकि बात को सुन लेते है तो दुनिया कि कई उलझने अपने आप ही सुलझ जाती है जो जीवन को मतलब दे पाती है
पर हमे अपनी ही कहने से फुरसत कहाँ होती है जो हमे दूसरे कि बात समझ पाती हम तो बस उसकी ही सुनते है जिसकी बात हमे पसंद आती है
पर जीवन कि कहानी ऐसे नही चल पाती है दूसरे कि सुनने कि जरुरत तो होती ही है पर काश दुनिया मे हर किसी को यह बात समझ पाती  ा

कविता ६१४. हर बूँद को समझकर

                                                 हर बूँद को समझकर
हर बूँद को समझकर परखकर ही तो दुनिया अपना रंग दिखाती है जो बस ना रुको एक बूँद पर क्योंकि वह अक्सर काफी नही होती है
बूँद के अंदर कि कहानी हर बार पता करने कि जरुरत होती है जीवन मे हर बार कोई ना कोई कहानी बूँद दिखाती ही है
जिसे समझकर परख जाने कि जरुरत हर मौके पर होती ही है बूँद के अंदर लिखी कहानी जीवन को बदलकर रखती है
क्योंकि हर बूँद कोई अलग कहानी सुनाती है जो जीवन मे हर बूँद को मतलब देती है पर उस मतलब को परख लेना क्योंकि उस मे ही जीवन कि कहानी छुपी रहती है
बूँद हमे अलग मकसद दे जाती है उस बूँद के अंदर कि ताकद हर बार सुहानी लगती है बूँदों मे जीवन कि अलग निशानी बनती है
बूँद के अंदर कई मतलब होते है उन बूँदों को समझकर आगे जाने कि जरुरत हर बार होती है बूँद जीवन को ताकद देती है
बूँद मे पर कहाँ हर बार एक से मतलब होते है बूँद तो दुनिया को बदलकर रखती है जीवन कि कहानी हमे अलग ढंग से समझ लेनी होती है
बूँद हमे जो तरह तरह के दिशाए दिखाकर माटी मे छुप जाती है वही बूँद पेड बनाने कि ताकद जीवन मे हर बार रखती है
बूँद के अंदर जीवन कि कहानी रंग बदल पाती है जिसे समझकर जीवन कि कहानी बदलकर आगे चलती है पर बूँद को समझ लेना कभी मुमकिन बात होती नही है
बूँद को समझ लेते है तो हर बार अलग कहानी बनने लगती है पर बूँद कहाँ कभी हमारी पकड मे आती है तो दुनिया कुछ भी कह दे जिन्दगी समझ लेना मुश्किल बात होती है

Sunday, 10 April 2016

कविता ६१३. बेकाबू मन

                                                  बेकाबू मन
मन के अंदर कि कोई चाहत जीवन को अलग रंग दिखाती है जो हर पल हर मौके मे दुनिया को अलग परख दे जाती है
पर हम कई बार सोचते है कब तक बेहलाये इस मन को जीवन कि सोच तो हर पल बदलती जाती ही है जीवन कि दिशाए हर बार अलग नजर आती ही है
मन कि ताकद को समझ लेते है हम पर दुनिया हमे अलग सोच को परखकर आगे ले जाती ही है मन को अलग अलग रंग देकर नये सपने जगाती है
मन मे अलग अलग सोच रखते है तो सोच ही ताकद बन पाती है पर कई बार ऐसा लगता है कि मन कुछ अलग दिशाए दिखाती है
मन कि ताकद को परख लेने पर दुनिया रंग तो दिखाती है जीवन कि हर धारा अक्सर उस दुनिया मे ही छुपी हुई नजर आती है
मन के कई हिस्सों को समझ लेते है तो लगता है मन कि जिद्द कभी कभी कुछ ज्यादा ही हो जाती है उसे रोकना चाहे तो भी वह बात कहाँ मुमकिन हो पाती है
मन तो अपने राह पर ही चलता है उसे किसी और कि बात कहाँ समझ आती है मन कि बात कुछ ऐसे जिद्द पकड लेती है कि हर राह अलग नजर आती है
मन मे कई तरह कि ताकद छुपी है जिसे समझ लेने कि जरुरत मन को हर बार होती है जो मन कि सोच बदलकर आगे चली जाती है
पर फिर भी हम कभी कभी सोचते है मन का यह तूफान काबू मे हो पर फिर भी मन कि बात जुबान पर बडी मुश्किल से आती है
क्योंकि  मन को लगाम तो पसंद नही है पर अगर गलत सोच दिमाग मे हो तो मन पर काबू कि जरुरत होती है तो बाकी बातों मे उसे रोकने से हमारी रुह कतराती है 

कविता ६१२. जीवन मे तरसना

                                             जीवन मे तरसना
पानी कि बूँद जब हमे तरसाती है तभी हमे उस उप्परवाले कि याद आती है पर जाने क्यूँ गलत काम करते वक्त आती नही है
बूँदों को तरस जाती है हमारी रुह पर उसी तरह सचाई के लिए जाने क्यूँ तरसाती नही है मन मे सिर्फ अपनी फिकर तो सबको होती है
पर जाने क्यों दूसरों को चोट देते हुए अपनी फिकर होती नही है क्योंकि दुनिया मे एक बात तो होती रही है उप्परवाले से चोट वापस आती रही है
जीवन मे हर बार उम्मीदों कि जरुरत जीवन मे तो होती ही है पर दूसरों के गमों पर अपनी हस्ती नही बन पाती है जो दिशाए बदल जाती है
हमारी सोच ही तो हमारी दुनिया बनाती है पर दूसरों के गमों से हमारी प्यास बनती है हमारी खुशियाँ जीवन मे नही बन पाती है
जो जीत मे खुशियाँ मनाये उसे उप्परवाले कि नजर अक्सर समज लेती है पर जो दूसरे कि बरबादी मे खुश हो उसकी दुनिया खुशियों को तरसती है
कोई कुछ कह देता है हम से और हम बात पर चल देते है यह बात अगर दूसरे को तरसाये तो यह बात उप्परवाले को हमे तरस जाती है
तरस ही तो दुनिया कि सच्चाई तब बनती है जब वह हमे दूसरों को तरसाने के इल्जाम कि सजा मे मिलती है और उप्परवाले के नजर मे सच्चाई बन के दिखती है
क्योंकि जीवन कि दिशाए हर बार जीवन को बदल कर सामने आती है जिनमे सोच बहोत अलग नजर आती है उप्परवाले के नजर मे हमारा इन्साफ गुनाह कि शुरुआत नजर आता है
तो जीवन मे समझ लो कि जब बात सीधी होती है तो उसमे दूसरे को कोसने कि जरुरत नही होती है सच्ची जीत जिसने पायी हो उसे दूसरे को मिटाने कि जरुरत नही होती है

Saturday, 9 April 2016

कविता ६११. कुदरत कि कोई बात

                                         कुदरत कि कोई बात
हर बार कोई नई बात कुदरत मे होती है उसे समझकर उसे संभलकर परख लेने कि जरुरत होती है कुदरत के हर एहसास मे कोई नई बात छुपी रहती है
कोई तम्मना कोई एहसास वह देकर कुछ इस तरह से आगे निकल जाती है कि दुनिया हर बार खुशियों कि कहानी बदलकर हर राह अलगसी बनाती चली जाती है
कुदरत के हर एहसास मे जीने कि दिशाए छुपी होती है उन्हे परखकर समझ लेते है तभी तो दुनिया हमारी खुशियाँ छीन कर ले नही पाती है
क्योंकि उस कुदरत कि गोदीमे तो हमारी सच्ची खुशियाँ छुपी होती है दुनिया उसे कई हिस्सों मे बाँट तो सकती है लेकीन हमसे छीन नही पाती है
कुदरत जो तय करती है वह बात तो हो कर ही रहती है बस दुनिया कई बार उसे समझ लेने मे और अपनाने मे बडा वक्त लगाती है
कुदरत कि ताकद को दुनिया कहाँ आसानी से मान लेती है वह अपनी कही बात पर ही अक्सर अड जाती है दूसरे कि बात सुन नही पाती है
कुदरत कि हर बात बदल देने कि ताकद पर दुनिया मे नही होती है पर कुदरत से जंग करने कि आदत दुनिया मे अक्सर होती है
कुदरत के कई हिस्सों को समझकर आगे जाने कि जरुरत जीवन मे हमे हर बार होती ही है पर कुदरत के कई हिस्सों को दुनिया कई बार मानना नही चाहती है
कुदरत के हर अंग मे अपने बात को कायम रखने कि ताकद कितनी है यह बात दुनिया जीवन मे कभी समझ नही पाती है जब तक वह हार नही सहती है
कुदरत के करिश्मों से हारना दुनिया कि किस्मत होती है पर दुनिया फिर भी जाने क्यूँ हार मिले बिना हार मानना नही चाहती है कुदरत के सही को गलत दिखाना चाहती है

कविता ६१०. किनारों पर रहना

                                              किनारों पर रहना
हर किनारे पर हम अलग सोच हर बार लेकर चलते है क्योंकि किनारे उस सोच से ही बनते है किनारों पर अलग एहसास हर बार रखते है
किनारे पर दुनिया की सुबह श्याम गुजरते है उन्हे समझ लेने कि हर पल जरुरत है क्योंकि किनारे पर ही तो दुनिया बसती है जिन्दा हो पाती है
किनारों पर जीवन कि हकिकत तो कुछ अलग होती है पर तूफानों को भी तो किनारों को तोड कर जाने कि आदत होती है
किनारे पर अलग सोच कि जरुरत तो है पर साथ मे किनारों को तूफानों से बचने कि जरुरत होती है जो दुनिया को तोड कर रख देने कि ताकद रखती है
किनारों को ही तो जीवन मे आगे जाने कि जरुरत होती है क्योंकि किनारे पर ही हमारी दुनिया बसती है खुशियाँ रहती है
पर किनारों पे बसी दुनिया भी अक्सर दिशाए बदलकर चलती है जीवन को अलग उम्मीदसी देती है तूफानों से लढने कि ताकद दे जाती है
किनारों पर ही तो जीवन कि अलग कहानी बनती है जिसे समझ लेने कि दुनिया को जरुरत होती है जिससे ही दुनिया खुबसूरत होती है
किनारों को जिन्दा रखने कि दुनिया मे अक्सर जरुरत होती है जिन्हे बिना परखे दुनिया कहाँ मतलब दे पाती है कहाँ आगे ले जा सकती है
किनारों को ही तो जीवन मे दुनिया आगे ले जा सकती है किनारों पर ही तो हमारी दुनिया बसती है हमे खुशियाँ मिल सकती है
पर उन खुशियों के लिए दोनों चीजों को परख लेने कि हमे जरुरत होती है कभी किनारे के हालातों से लढना तो कभी तूफानों से लढना हमारी किस्मत होती है 

Friday, 8 April 2016

कविता ६०९. दिल का अलग एहसास

                                     दिल का अलग एहसास
दिल कि बात कभी कभी एहसास खुदा देती है जीवन कि हर राह दिखाती तो अलग है पर एहसास बदलकर रख देती है
दिल कि राह समझकर आगे जाने कि बात अलग दिखती है जीवन को समझकर एहसास अलग कर जाती है दिल को बदल देती है
दिल को समझकर जीवन कि राहे बदल जाती है दुनिया को परख लेने कि दिल कि राह अनोखी होती है जो दिशाए बदलकर जाती है
दिन जब गुजरते है जीवन मे दिल कि सोच जुदा होती है क्योंकि दिन नई बाते दिखाते है जीवन मे बाते बदल जाती है
दिल कभी सीधी सीधी राह चलता है उस राह को समझकर आगे जाने कि दिशाए जुदा है दिन के अंदर सोच जुदासी होती है
दिल तो समझ लेते है तो दिल कि बाते अलग तरह कि हर बार होती है दिल के हर कोने मे एहसास अलग तरह के हर बार होते है
दिल को परखकर जीवन को आगे ले जाने कि सोच अलगसी होती है जिसे समझकर जीवन को परखकर आगे ले जाने कि ताकद अलग होती है
दिल कई बाते छुपाता है जिसे समझकर दुनिया को आगे ले जाती हर राह अलग तरह कि दिखती है जो रोशनी देकर जाती है
दिल के अंदर छुपी ताकद हर बार जुदा होती है उसे समझ लेने मे कि जरुरत हर बार हर मोड पर अक्सर हमे जीवन मे होती है
दिल को समझकर हर राह पर दुनिया को जीने कि सोच बदलसी जाती है जीवन मे दिल को समझ लेने कि ताकद एक एहसास अलग ही देती है

कविता ६०८. एक पल के बाद का दूसरा पल

                                       एक पल के बाद का दूसरा पल
एक पल के बाद आना अगले पल कि जरुरत होती है सिर्फ एक पल कि जिन्दगी नही होती है कई पलों कि वह सौगाद होती है
एक पल मे कहाँ जिन्दगी छुप पाती है वह उस पल मे सिमट कहाँ पाती है वह कई पलों कि सौगाद बनकर आगे बढ जाती है
जिन्दगी को हर पल जीने कि ताकद हर मोड पर हमे होती है कई पलों कि सोच और ताकद होती है कोई एक सोच कहाँ उसे कह पाती है
हर पल को परखकर जीने कि जरुरत हर बार होती है क्योंकि उसमे जीवन कि दुनिया छुपी होती है हर पल को समझ लेने कि ताकद होती है
हर पल मे ही उसकी प्यास रहती है जो जीवन को उम्मीदे देकर ही आगे बढ जाती है पल को समझकर आगे जाने कि जरुरत दुनिया मे होती है
किसी पल को समझकर आगे जाये यह जीवन कि अहम जरुरत होती है पर कितने सारे पलों को समझकर जीने मे कहाँ फुरसत होती है
पल को समझकर उसमे मतलब समझ लेने कि जीवन मे जरुरत हर बार होती ही है हर पल मे जीवन कि कहानी आगे बढती जाती है
कई पलों को समझकर ही दुनिया कि खुशियाँ बनती है पलों को जोडकर ही जीवन कि हर कहानी हर बार बनती है
पल के अंदर ही दुनिया कि ताकद जिन्दा रहती है जो जीवन कि कहानी अलग अलग अंदाज मे सुनाती है एहसास बदल जाती है
लोग अक्सर एक पल जिन्दगी गुजार देने कि बात करते है पर हमारी दुनिया कहाँ किसी पल मे सिमट पाती है वह हमे आगे अक्सर लेकर ही जाती है
पहले पल को मन मे रखकर आगे जाने कि ताकद दुनिया मे होती है वह दूसरे पल के साथ आगे चलती जाती है जीवन कि अलग सौगाद नजर आती है 

Thursday, 7 April 2016

कविता ६०७. दिन का असर

                                                  दिन का असर
दिन का असर अक्सर अहम नजर आता है जो जीवन को अलग राह दिखाता है दिन के अंदर जीवन के असर अलग नजर आते है
हम कई बार जीवन को हम समझ लेना चाहते है दिन के भीतर ही एहसास होते है जो दिशाए बदलकर रख देते है
दिन के रोशनी को समझकर ही हम जीवन कि दिशाए परख लेना चाहते है दिन मे अलग अलग सोच को समझकर हम आगे जाना चलना चाहते है
दिन को समझकर जीवन मे शांती कि भाषा सीखना चाहते है हम जीवन मे अक्सर दिशाए बदलते चले जाते है उनमे उम्मीदे खो देते है
दिन मे ही तो जीवन कि नई सुबह हम अहम पाते है क्योंकि दिन कि रोशनी मे हम जीवन को समझ लेना हर बार चाहते है
दिन मे ही जिन्दगी के हर पल जिन्दा रहते है दिन के कई रंग ही तो जीवन को मतलब और समझ देकर आगे अक्सर बढ जाते है
दिन के हर पल मे हम जिन्दा रहना चाहते है दिन के हर मौके को हम जी लेना चाहते है दिन को हर कोने मे हम समझ लेना हर मोड पर  चाहते है
दिन मे दुनिया के कई मौके होते है जो जीवन को जिन्दा रखकर आगे जाना चलना चाहते है पर फिर भी दिन के कई हिस्से रात कि सपनों मे हम भुल जाते है
दिन को हर पल मे हम परख कहाँ हर बार पाते है जीवन को कभी कभी हम यादों के जाल मे ही तो जीवन के अफसाने दिख जाते है
दिन को समझ लेने कि हर मोड पर हमे अलग जरुरत नजर आती है जो हर पल हमारी दुनिया बदलकर जाती है 

कविता ६०६. मन कि रोशनी

                                              मन कि रोशनी
राह मे अक्सर रोशनी कि जरुरत होती है पर वह रोशनी मन कि रोशनी होती है जो हमे जरुरी तो लगती है पर उसका एहसास जिन्दगी बदलकर जाता है
रोशनी जो मन कि ताकद होती है वही तो जीवन का सच्चा उजाला होती है जो जीवन कि ताकद को नई सुबह देकर ही आगे लेकर जाती है
जीवन मे हमे मन को समझकर आगे जाने कि जरुरत हर बार मेहसूस होती है जो दुनिया को नया मतलब देकर आगे लेकर जाती ही है
मन कि रोशनी ही तो सबसे अहम बात होती है जो हमे आगे लेकर जाती है बाकी कोई रोशनी जीवन मे अहम नही होती है
मन कि ताकद को परखकर समझकर आगे ले जाने कि जीवन कि जरुरत हर कदम पर होती है जिसे समझकर ही दुनिया आगे बढती ही है
रोशनी मे जीवन कि चीजे तो दिख जाती है पर उन्हे समझकर आगे जाने कि जरुरत हर मोड पर होती ही है उसे परख लेने कि ताकद अहम होती है
जिसमे दुनिया मतलब देकर बस जाती है रोशनी को कई किनारों कि जरुरत होती है पर मन कि रोशनी सबसे अहम हमेशा कह लाती है
रोशनी जो जीवन कि दिशाए बदलकर रखती है क्योंकि अँधेरे मे दिखी बाते जीवन पर अलग तरह का असर कर जाती है एहसास दे जाती है
रोशनी ही तो जीवन कि ताकद होती है जो मन को ताकद दे जाती है हमे आगे लेकर जाती है जो जीवन कि सुबह बन जाती है जीवन मे अलग असर देती है
रोशनी ही तो जीवन कि पेहचान होती है पर मन कि ताकद उस रोशनी से भर जाती है जीवन कि नई सुबह लेकर आती है आगे बढ जाती है

Wednesday, 6 April 2016

कविता ६०५. लकिरे जो ना समझ पाये

                                                लकिरे जो ना समझ पाये
किसी किनारे पर हमने अक्सर जीवन को देखा है जिसे समझकर हमने समझ ली अपने किस्मत कि हर एक रेखा है
हाथों के हथेली पर दिखती हमारे किस्मत कि अलग तरह कि रेखा है जिसे परख लेना हमने मुश्किल से सीखा है जिसमे जीवन कि उम्मीदों का लेखा जोखा है
हमे हर किनारे से समझ लेनी एक धारा होती है जो जीवन कि हर बाजी परख कर जीया करती है हर रेखा मे हमने किस्मत को देखा है
जब जीवन को समझ लेते है तो जीवन कि ताकद का बनता एक अलग ही मौका है हाथों कि लकिरे जीवन को बदल देती है
जीवन मे उन्हे समझ लेने कि जरुरत हर बार होती ही है क्योंकि जीवन कि रेखा ही तो हमे मतलब देकर आगे बढती चली जाती है
हाथों कि लकिरे जीवन को समझकर आगे ले जाने कि ताकद हर मोड पर देती है जो उम्मीदे अक्सर देकर जाती है दिशाए बदलकर आगे ले जाती है
हाथों के अंदर दुनिया को बदल देने कि ताकद हर बार लिखी हुई होती है जिसे समझ लेने कि जरुरत दुनिया को हर बार ताकद दे जाती है
हाथ को समझकर ही तो जीवन को आगे जाने कि हर बार जरुरत होती है क्योंकि जीवन की हर सोच अक्सर हमारी हथेली पर ही तो लिखी होती है
हाथों कि ताकद जो जीवन को अलग अलग किसम कि समझ देती है उस समझ को हाथों कि लकिरों मे परख लेने कि जरुरत हर बार जीवन मे होती है
पर सचाई तो यह है कि हाथों कि लकिरे पकड मे नही आती है पर उनमे क्या बुराई है क्योंकि सूरज कि रोशनी भी कहाँ पकड मे आ पाती है
उसे समझ लेने कि कोशिश आसान नही होती है पर वह जीवन कि ताकद होती है उसी तरह यह लकिरे अक्सर हर मोड पर अहम होती है 

कविता ६०४. पानी कि प्यास

                                                       पानी कि प्यास
नदीयाँ को छू कर जब जीवन आगे जाता है जिसे समझकर हमे नया किनारा मिल पाता है नदीयाँ को समझकर एहसास को समझ लेने कि जरुरत होती है
नदीयाँ को समझकर जीवन को जीने कि अहमियत हर बार होती है नदीयाँ को जीवन समझकर जीने कि जरुरत हर बार हर मोड पर होती है
क्योंकि बिना पानी के जिन्दगी कहाँ जिन्दा हो पाती है पानी ही तो हमारी दुनिया होती है जिसके अंदर जिन्दगी अक्सर जिन्दा हो जाती है
पर कई बार बाकि बातों मे जिन्दगी कुछ ऐसे निकल जाती है जीवन कि कहानी अलग ही मतलब हर बार देकर आगे जाती है जो किनारे बदलकर हर बार जाती है
पानी ही तो जीवन कि सबसे बडी जरुरत होती है जिसमे जीवन कि सबसे अहम जरुरत होती है जो जीवन को रोशनी देकर जाती है
बाकि चीजे तो दो पल कि मेहमान होती है पानी कि जरुरत ही जीवन कि धारा होती है जिसे समझकर आगे जाने कि जरुरत हर बार होती है
क्योंकि बिना पानी कि जिन्दगी कहाँ होती है जो हमे अलग दिशा देती है अलग समझ जीवन को अहम हर मोड पर हमेशा लगती है
पर बिना बूँदों कि कहाँ जिन्दगी हो पाती है बूँद ही तो जीवन कि शुरुआत हर बार हर हाल मे होती ही है जो मकसद देकर जाती है
पानी से शुरुआत छुपी रहती है उसे खो दे तो जीवन को खो देना होता है पर जाने क्यूँ फिर भी उसकी प्यास तब तक नही मेहसूस होती जब तक वह तरसाती नही है
हमे जीवन कि तलाश तो हर पल रहती है पर जब तक हम नही तरसते है हमे उसकी तलाश कहाँ याद रहती है हमे उसे समझ लेने कि प्यास रहती है

Tuesday, 5 April 2016

कविता ६०३. चलना और उड़ना

                                                                चलना और उड़ना                                   
परिंदो से उडना कब सीखे जब जीवन मे चलना ही ठिक से सीख नही पाये जीवन कि धारा को समझ भी नही पाते है क्योंकि चलने मे ही जीवन कि सारी मेहनत चली जाती है
जीवन मे हर बार परिंदो को समझकर उडान भरने कि आदत होती है चलना ही जीवन कि जरुरत होती है जो जीवन मे हर पल नई सीख दे जाती है आगे ले चलती है
उडना तो जीवन कि जरुरत नही लगती है चलने से ही जीवन कि बाते आगे ले जाने कि दिशाए बनती है जो जीवन को अक्सर ताकद देती है
चलना ही जीवन कि जरुरत होती है जो जीवन को साँस बन के आगे ले जाती है जिसे समझ लेने कि जीवन मे हर बार हर राह पर जीवन मे ताकद होती है
चलने से ज्यादा हमे कहाँ किसी चीज कि जरुरत होती है जो चीज हमे आगे लेकर जाये उसमे दुनिया कि हर बार हकिकत छुपी होती है
परिंदो को समझ लेने कि कहाँ फुरसत होती है पर फिर भी हमे उडने कि जरुरत होती है इसलिए जो फुरसत मे वह सीखा दे उसकी तलाश होती है
जो आसमान मे उडना दिखाये उसकी दुनिया मे हर पल हर मोड पर जरुरत होती है क्योंकि दुनिया अक्सर हकिकत को बदलना तो चाहती है पर उतनी कहाँ हमारी मेहनत होती है
चलना ही जीवन कि ताकद होती है जो जीवन को उम्मीदे दे जाती है इसलिए तो उडने कि जरूरत सबसे ज्यादा नही होती है चलने कि होती है
चलना ही जीवन कि ताकद होती है पर उड़ने से ज्यादा जीवन में आगे चलने की जरूरत होती है चलना ही जीवन की जरूरत होती है उड़ने से ज्यादा चलने की ही जीवन में अहमियत होती है
चलने से ही जीवन में नई जीवन नई शुरुआत होती है उड़ने से ज्यादा चलने में ही जिन्दगी गुजर जाती है उड़ना ही जीवन की सबसे जरूरी चीज होती है पर चलना सबसे अहम चीज होती है 

कविता ६०२. मन के अंदर कि ताकद

                                                  मन के अंदर कि ताकद
मन के अंदर कि ताकद जीवन को मतलब दे जाती है जीवन कि दिशाए बदल कर जीवन मे अलग एहसास आसानी से अक्सर दिखाती है
मन के अंदर जिन्दगी कि कई दिशाए नजर आती है जीवन मे एक मन को समझ लेते है तो दुनिया अलग तरह के रंग दिखाती है
मन के भीतर जीवन कि धारा बदलाव हर पल दिखाती है जीवन के अंदर कि दुनिया जीवन का एहसास हर मोड पर जीवन को समझ लेती है
मन कि ताकद को समझ ले तो जीवन मे अलग बात होती है जो जीवन कि धारा को बदल लेने कि सौगाद हर बार हर मोड पर होती है
मन के अंदर जिन्दगी कि शुरुआत हर मोड पर ही है मन कि समझ को परख लेते है तो मन कि असली जरुरत होती है जो रोशनी दे जाती है
मन को परख लेने कि सोच को हर बार जरुरत पडती ही है मन के अंदर ही जीवन कि चाहत दिखती ही है मन ही तो जीवन कि सच्ची ताकद होती है
जीवन मे मन को समझकर आगे जाने कि जरुरत हर मोड पर होती है क्योंकि मन कि बात जीवन मे जरुरी होती ही है जो हर बार अहम होती है
मन कि दिशाए हर बार जीवन को मतलब देकर जाती है वही तो जीवन को साँसे देकर आगे जाती हुई हर बार हर मोड पर अक्सर नजर आती है
मन कि ताकद हि तो जीवन कि रोशनी बन पाती है जीवन मे हमे हर बार आगे लेकर जाती है पर मन कि सोच को समझ लेना हमे कहाँ आता है
मन ही तो वह सबसे गेहरा तालाब होता है जिसे समझे बिना आगे जाना जीवन मे बहोत जरुरी और अक्सर अहम नजर आता है
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Monday, 4 April 2016

कविता ६०१. जीवन को पूछना

                                              जीवन को पूछना
जब सुबह से पूछा श्याम कैसी होगी बिना बोले हि चली गयी हमने खुदसे सोचा श्याम अलग ही होगी अंजाम अलग ही होगे
जब हमने पूछा जीवन से राह कैसे समझ लेंगे वह भी गुजरता चला गया हम बैठे ही रह गये हर हालात को बिना समझे
किसी सोच को मतलब देकर जीवन को अलग खयाल रखे होते है जीवन कहाँ बताता है खयालों को वह हम हर बार कहते है रहते
जीवन से पूछा तो जवाब नही कभी देता है पर जीवन को अलग तरीके से पूछ लेना जाने क्यूँ जरुरी लगता है पर हम उसे समझ नही पाते
जीवन को जीना है फिर भी जीवन मे जाने क्यूँ समझ लेना जरुरी नही लगता उसे पूछा तो जीवन कभी जवाब ही नही देता इसीलिए हम जीवन को जीना कभी नही समझते
काश के हम जीवन को कई किनारों मे समझ पाते पर जीवन को समझ लेना आसान नही होता है क्योंकि उसे समझ लेना काश रोशनी दे पाता
कुछ बाते जो जीवन को मकसद दे जाती है वह अक्सर जीवन कि दुनिया बदलकर जाती है रोशनी कि ताकद को पाना आसान नही होता
कई बार चाहा है पर जीवन जवाब नही देता जिसे आसानी से समझ ले वह किताब नही होता जीवन को धीरे से समझ लेना जरुरी है होता
जब पूछा तो जीवन हमे जवाब नही देता पर हमे उसे समझ लेना हर बार जरुरी है लगता जीवन को कई दिशाओं मे परख लेना उम्मीदे है देता
जीवन को बिना  पूछे ही तो समझ लेना है  क्योंकि बिना जवाब दिये आगे जाने कि जीवन फिदरत रखता है उम्मीदे है पाता

कविता ६००. हर मोड को समझ लेना

                                                 हर मोड को समझ लेना
हर मोड को समझकर जीवन मे दिशाए बदल जाती है मोड को परख कर हमे जीवन को अलग तरीके से समझ लेने कि जरुरत हर बार नजर आती है
जीवन मे मोड को परख कर आगे बढने कि जरुरत हर बार होती है उसे समझकर आगे जाने से दुनिया बदलती है हर मोड से दिशाए बदलती है
जीवन को परख आगे बढने से ही दुनिया अपनी सोच को अलग तरीके कि समझ देती है पर हर मोड को समझ लेने कि जरुरत हर बार होती ही है
पर राह मे ही दुनिया दिशाए बदलती है जिन्हे समझ लेने कि जीवन मे अलग सोच होती है जो जीवन के किनारे बदल कर आगे बढती है
मोड को मतलब देकर आगे ले जाती है हर मोड को समझकर आगे बढने कि जरुरत हर बात मे हर दिशा दिखाती है जो रोशनी दे जाती है
मोड को समझकर दुनिया को मतलब देकर आगे चलने कि जीवन को हर बार जरुरत होती है जो जीवन मे मतलब देकर आगे लेकर जाती है
जब मोड को समझकर आगे ले जाने कि कहानी जीवन मे होती है जो जीवन कि दिशाए हर बार समझकर आगे बढती जाती है
रोशनी कि तलाश ही उस मोड कि जरुरत होती है उस मोड पर दुनिया अलग अलग किसम कि सोच हमे आगे लेकर जाती है दिशाए बदलकर जाती है
मोड पर जीवन कि कहानी कुछ अलग ही होती है जो जीवन को बदलकर रखती है जिसे हर बार अलग तरीके से समझ लेने कि जरुरत होती है
मोड को समझकर आगे जाने कि सोच को परख लेने कि कोशिश हर बार होती ही है जीवन मे सोच मोड के सहारे से ही तो हर बार आगे बढती है

Sunday, 3 April 2016

कविता ५९९. दूर दिखनेवाला जहाज

                                                दूर दिखनेवाला जहाज
तूफानों को परख कर जहाज किनारे से टकराते है पर कई बार ऐसा भी होता है जहाज हवाओं के संग ही आगे बढते जाते है
तूफानों को समझकर आगे जाना ही जीवन मे हम हर बार समझ लेते है बिन परखे ही तो जीवन कि धारा मे हम आगे बढते जाते है
तूफानों से ज्यादा हम खुदकी खुशियों को ही जीना चाहते है उन्हे समझ लेना जरुरी समझ लेते है जीवन कि कहानी को समझकर आगे बढते रहना चाहते है
जहाज तो पानी के अंदर हर बार हिलते रहते है जहाजों को तूफानों मे अलग अलग दिशाओं मे लेकर चलते है जहाज कई बार तूफानों से उलझते है
जहाज हमे अपनी हस्ती कई बार देकर चलते है कभी दिखाते है वह राहों मे गुम होना और कभी सही राह को समझ लेना भी दिखाते है
जहाज जीवन मे कई एहसास मन के दिखाते है और जीवन के मकसद समझाकर जाते है जीवन मे जो हमे समझ ले वह उम्मीदे हम अक्सर पाते है
उन उम्मीदों को जहाजों के अंदर समझकर दुनिया को कई रंगों मे परख कर जाते है जहाज तो वह चीज है जिन्हे हम समझ लेना चाहते है
पर फिर भी किनारों से कितने दूर खडे उन जहाजों को कहाँ हम देख पाते है उन्हे कहाँ समझ पाते है जीवन के किसी किनारे मे ही खडे रह जाते है
तूफानों और आँधीओं से लढना हम चाहते है पर कभी कभी जहाज किनारे से कुछ इतने दूर रहते है की हम उन जहाजों को मुश्किल से ही समझ पाते है
जीवन मे पानी के अंदर जब हम तूफानों से लढना चाहते है पर जहाजों को कहाँ देख सकते है हम बस सोच कि ताकद से ही तो जीवन मे लढना सीख पाते है

कविता ५९८. अलग अलग पेहलू

                                                   अलग अलग पेहलू
हर बात को अलग अलग पेहलू से समझ लेते है हम हर मोड पर उन्हे समझ लेते है तो ही हमारी दुनिया रोशन हो पाती है
जीवन कि राह कई पेहलू से ही तो आगे बढती है जिसमे जीवन कि बात फिर से समझ लेनी पडती है जिसमे नई शुरुआत होती है
कई पेहलूओं से ही दुनिया आगे बढती है उन्हे समझकर आगे चलने से ही जीवन कि धारा समझ मे आ पाती है जीवन को मतलब दे जाती है
हर पेहलू मे जीवन कि दास्तान छुपी रहती है कई बार उसे अलग तरीकों से समझ लेने कि जरुरत बार बार पडती है
हर पेहलू को समझकर जीवन को मतलब दे जाने कि जरुरत जीवन मे कई बार पडती है जिसे समझकर आगे बढने कि जरुरत होती है
कई पेहलूओं से कहानी के रुप बदलते रहते है हर पेहलू को समझकर जीवन मे जिन्दा रहने कि जरुरत हर बार और हर मोड पर होती ही है
जीवन कि दास्तान पेहलूओं से ही बनती है जिसे समझकर आगे जाये तो दुनिया हमे बदल देती है जीवन कि दिशाए हर बार बदलती है
जीवन मे पेहलू ही तो हमे रोशनी दे जाते है वह हमारी किस्मत बनाकर हर बार आगे बढते है जो जीवन को मतलब हर मोड पर देकर जाते है
पेहलू को समझ लेना जरुरी होता है उस पेहलू के अंदर जीवन कि कहानी छुपी रहती है जो जीवन को मतलब दे जाती है नई राह बनाती है
पेहलूओं को जोडने कि जरुरत हर बार होती है हर पेहलू से ही तो जीवन कि दास्तान बनती है जो जीवन को कई बार रोशनी देकर आगे ले जाती है
पेहलूओं मे ही जीवन कि ताकद हर बार हमे उम्मीदे दे जाती है तो हर पेहलू को बार बार समझ लेने से ही दुनिया मतलब देकर जाती है

Saturday, 2 April 2016

कविता ५९७. जीवन के किरदार

                                                 जीवन के किरदार
किसी बात से जीवन कि कहानी अलग लगने लगती है उस बात से जीवन कि निशानी अलग बनकर आगे बढती है
जीवन कि कहानी को समझ लेने कि जरुरत हर मोड पर होती है पर उस कहानीको कैसे समझे जिसे परखकर आगे बढने कि जरुरत अक्सर होती है
कहानी को समझ लेने कि जरुरत हर मोड पर होती ही है जिस कहानी को परख लेते है उसे जीने कि चाहत तो होती ही है
हर कहानी मे कई लोग आते जाते रहते है उन्हे समझकर आगे जाने कि जरुरत जीवन कि हर दिशा मे लगती है
कहानी तो कई तरीके से कई बातों मे बनती है कहानी को परखकर आगे जाने कि जीवन को जरुरत हर दिशा मे होती ही है
कहानी के किरदारों से ही तो हमारी दुनिया बनती है पर सच तो यह है कि सबकुछ सही लगता है जब तक कहानी मतलब देती है
कहानी के अंदर जीवन कि निशानी हर बार बनती है जो जीवन को रोशनी देकर आगे बढने कि जरुरत हर बार होती ही है
कहानी कि हर बात जीवन पर एहसास अलग देकर जाती है उन किरदारों से ही हमारी दुनिया हर बार उजागर होती है
पर कई बार उन किरदारों से दूर रहने मे ही अपनी भलाई दिखती है पर यह मुमकिन तभी होता है जब दुनिया अपना रंग बदलती है
क्योंकि अगर दुनिया उन किरदारों के रंगों मे रंग जाये तो उन किरदारों को सह लेने कि जरुरत पडती है जो हम पर असर करती है

कविता ५९६. जीवन के दर्द

                                                     जीवन के दर्द
कुछ लोग जो हरकत करते है उनके नतीजे कहाँ समझ के चलते है दूसरों के गमों मे साथ तो देते नही है पर खुद के गम मे दुनिया को रोते देखना चाहते है
जो दूसरे के दर्द समझकर आगे जाते है वही तो जीवन को मतलब देकर आगे बढते जाते है दर्द को जो दूसरे के किनारे करते है वह जीना खाक समझते है
जीवन मे अलग अलग सोच को परख लेने कि जरुरत हर बार होती है जिसे समझकर आगे जाने कि जरुरत दुनिया को हर मोड पर होती ही है
दर्द जो हम समझना और सहना जानते है उनके अंदर जीवन मे सही तरीके से समझकर आगे बढती रहती है जीवन को परख लेती है
जीवन मे अलग अलग तरीके से आगे बढने कि जरुरत तो हर बार होती ही है जो जीवन मे अलग असर का एहसास वह हर बार समझकर जाती है
दर्द को समझ लेना तो जीवन कि जरुरत होती है पर कई बार कई लोगों से वह जरुरत अनदेखी हो जाती है जीवन को मतलब दे जाती है
दर्द को पार कर खुशियों के ओर जब जीवन कि कहानी जाती है वह हर पल हमे नई उम्मीदे देकर नया विश्वास देकर आगे निकल जाती है
जीवन मे दर्द के आगे दुनिया कि कई कहानियाँ छुपी रहती है जो जीवन कि धारा को बदलकर दुनियाको जुदा कर के आगे बढती नजर आती है
दर्द जो समझ ले दुनिया बस उसकी ही होती है दुनिया तूफानों को कितना भी चाहे उसकी खुशियाँ किनारों से ही तो जीवन मे हर बार होती है
दर्द मे ही तो दुनिया कि हकीकत छुपी होती है क्योंकि दुनिया ही तो जीवन कि वह हकीकत होती है जो हमे हर पल रोशनी देकर आगे बढती जाती है

Friday, 1 April 2016

कविता ५९५. कहानी एकसी नही होती है

                                         कहानी एकसी नही होती है
हर रोज कि कहानी एकसी नही होती है कभी कभी लोग उसे समझ लेते है और जीवन कि निशानी बन जाती है आगे लेकर जाती है
वह कहानी हर रोज वही नही होती है वह हर मौके पर बदलती जाती है कहानी हर बार जीवन कि सौगाद बदलकर जाती ही है
कहानी को हर मोड पर चाहते रहते है जो जीवन कि धारा हर बार बदलकर जाती ही है जिसे समझ लेने कि जरुरत हर मोड को होती है
कभी कभी किसी सही धारा मे बह जाना भी सही सोच होती है जो जीवन कि रोशनी बनकर दुनिया को बदलकर आगे ले जाती है
पर सही धारा हो यही जीवन कि जरुरत होती है जीवन कि कहानी बडी खुबसूरत होती है जो उम्मीदे देकर आगे बढती जाती है
हर कहानी हर पल बदलती है जो जीवन को समझ लेती है उसे रोशनी का एहसास  देकर उजाला देकर आगे बढती जाती है
कहानी सही दिशाओं से बढ जाती नही है तो सोच कर चली धारा बदलकर रखती है उसे समझ लेने कि हर बाजी मे जरुरत हर बार होती ही है
क्यों कि गलत चीज तो हर बार हर चीज को गलत ही बनाकर रखती है जीवन मे सही दिशाओं कि हर मोड पर अक्सर जरुरत होती ही है
कहानी सही सोच मे बदल जाती है तो वही अलग एहसास देकर आगे बढती जाती है नई शुरुआत देकर आगे बढती जाती है
कहानी दोनों किनारों से आगे चलती है जिसकी सोच अलगसी ताकद दे जाती है कहानी को समझ लेने कि जरुरत हर बार हर मोड पर होती है
जीवन मे सही सोच हो तो जीवन को समझ लेने कि जरुरत हर बार हर मोड पर होती ही है जो हमे जीवन का सही मकसद देती है हमारी दिशाए बदलती है

कविता ५९४. हर सुबह कि शुरुआत

                                                     हर सुबह कि शुरुआत
हर सुबह एक उजाले कि उम्मीद लेकर आती है वह हर बार जीवन को बदलकर जाती है सुबह के उजाले मे जो ताकद छुपी होती है
वह ताकद जीवन के अंदर नई शुरुआत दे कर जाती है सुबह मे जीवन कि अपनी सोच फिर से जिन्दा होती है क्यो सोचे पुरानी सोच को क्योंकि हर सुबह नई उम्मीदे जिन्दा होती है
जीवन मे उसे हर बार सुबह मे नई शुरुआत देती है उस पल मे ही जीवन कि कहानी छुपी रहती है जो हमे जीवन देकर जाती है
हर बार नई शुरुआत अहम होती है जो जीवन मे सुबह कि रोशनी देकर जाती है हर सुबह मे जीवन मे सूरज कि कहानी छुपी होती है
उसी सूरज और समुंदर से नई कहानी सुनने कि शुरुआत होती है उन्ही हिस्सों से ही जीवन कि कहानी हर बार बन पाती है जो मतलब दे जाती है
उन्ही हिस्सों को परख लेने कि जरुरत हर बार होती है जिसे परख लेने कि जरुरत हर बार जीवन को मतलब दे जाती है हर सुबह मे नई सोच जीवन मे आती है
हर सुबह जीवन कि कहानी नई और अलग होती है जो नये किस्से हर मोड पर सुनाती है जिसे समझ लेने कि जरुरत हर बार अक्सर होती ही है
हर बार सुबह जीवन कि शुरुआत रोशनी कि किरण से ही तो उम्मीदे देकर आगे बढती है जो हमे उम्मीदों कि सौगाद देकर आगे जाती है
हर सुबह से सोच आगे बढती है हमे आगे लेकर जाती है रोशनी कि शुरुआत उस सुबह कि किरण से ही आगे लेकर जाती है हर सुबह कि हमे जरुरत होती है
सुबह कि शुरुआत ही तो मतलब देकर आगे बढती है हमे उसी सुबह कि जरुरत होती है जो जीवन मे उम्मीदे देकर आगे बढती जाती है