Sunday, 31 January 2016

कविता ४७३. जीवन कि चाबी

                                                      जीवन कि चाबी
जीवन कि चाबी उस हँसी मे छुपी है जिसकी शुरुआत जीवन को कई एहसास दे चुकी है पर हर बार वह हँसी मे नही कभी कभी दूसरी सोच मे भी रखी है जीवन कि चाबी हमारे हर एहसास कि डोर बनकर हमारे विश्वास मे छुपी है
जिस सोच को परख लेना चाहते है उस सोच मे रहती है जीवन कि हर चाबी अलग अलग एहसास से बनी है एक बात मे नही जीवन कि कहानी कई बातों मे सुनी है उन बातों को समझ लेने कि चाहत मे दुनिया बनी है
जिसे समझ कर जीवन कि कश्ती आगे बढती है उस सोच मे ही नही पर कभी कभी अनसुनी कहानी मे ही जीवन कि बाते हमने सुनी है जब किसी कहानी को समझ लेते है तो उसकी निशानी जीवन मे बनी है
ऐसी ही कई कहानियाँ मिलाकर जीवन कि कहानी बनी है जिस चाबी को समझ न पाये उसी मे जीवन कि दास्तान बनी है जिसे परख लेते है तो जीवन कि नई आवाज हमने सुनी है उस कहानी को परख लेते है
पर जब तक वह कहानी न बनी हो हमे जीवन कि समझ कहाँ मिली है जिसे परख लेते है वह चाबी हमने जीवन मे हर वक्त सुनी है उसके अंदर दास्तान सुनी है जो जीवन कि आवाज बनकर बहती है यह सोच हमने हर बार सुनी है
जब जीवन कि सोच संग चले तो जीवन मे एक अलग कहानी बनी है जिसके अंदर हर बार जीवन कि कोई अलग राह हमने सुनी है जीवन कि चाबीयों को कुछ इस तरह से छुपाकर कुदरत जीवन मे चली है
उन्हे ढूँढते ढूँढते दुनिया कि हर निशानी कुछ अलग ही बनी है जिसे समज लेने कि जरुरत हमने हर बार सुनी है उसे परख लेने से ही हमारे जीवन कि पुरी दास्तान बनी है जीवन कि निशानी उस सोच से बनी है
जिसे समज लेने तो चाहते है हम पर अक्सर उसकी कहानी हमने दूसरों के जुबानी सुनी है जिसकी हर बार पर कुछ निशानी बनी है जिसे समझ लेने से ही हमारी ताकद और हौसले बढे है उस सोच से कहानी बना लेना एक जरुरी निशानी दिखी है
जीवन कि चाबी को हम समझ नही पाते उसी बजह से जीवन कि कहानी बडी सुहानी बनी है जिसे समझ लेने कि जरुरत हमारे जीवन कि निशानी बनी है क्योंकि हर सोच को हम परख नही पाते है
पर ऐसी ही किसी सोच मे भी जीवन के कहानी के कुछ हिस्से छुपे है उन्हे तलाश लेना ही जीवन कि एक कहानी बनी है जो हर पल हमे चोट दे जाते है ऐसे ही कुछ किस्सों कि दिलचस्प कहानी बनी है

कविता ४७२. रात और उजाला

                                                    रात और उजाला
रात तो जीवन को मतलब हर मोड पर देती है क्योंकि रात कि ही तो सुबह होती है अँधियारे के कई किनारे जीवन को एहसास तो देते है उन्ही के कारण नई राह दिखती है हर बार रोशनी सही नही होती है
जीवन कि राहों मे हमारे जीवन कि रोशनी मिलती है उन राहों को समजे बिना कहाँ जीवन शुरुआत किसी भी मोड पर हो पाती है पर हर रोशनी सही नही होती है अगर रोशनी ज्यादा हो जाये तो आँखों मे चुभती है
कुछ पल अंधेरे कि और कुछ उजाले कि जरुरत होती है जीवन कि धारा दोनो ओर से जीवन को संभाल लेना अहम समज लेती है उसे जीवन कि कहानी आसानी से समज मे आती है रोशनी और अँधेरा समज लेना जरुरत होती है
जीवन मे अलग अलग तरीके से जीना जीवन कि अहम कहानी होती है पल बदलते है उन पलो मे ही जीवन कि सच्ची कहानी दिखती है दोनो तरीके से ही तो जिन्दगी बनती है जो जीवन को साँसे हर बार दे जाती है
कितनी मजे कि बात है अक्सर हमने देखा है लोगोको दिन और रात मे सुनने कि कोशिश करते है जब कि बिना रात के दिन और बिना दिन के जीवन मे कभी रात नही होती है जीवन इतनी आसान बात नही होती है
दो तरीके से जी लेते है तो खुशियों कि कमी नही होती है पर एक तरीके से जी ले  ऐसी आसान जीवन कि कोई भी बात नही होती है क्योंकि जीवन मे रात और दिन कि अलग अलग सौगाद हर बार होती है
दोनो राहों पर जीवन कि सोच अलग अलग दिखती है रात और दिन दोनों के किनारों को समझ लेती है जीवन मे दोनों को समझ लेने कि जरुरत हर बार होती है जो जीवन को समझ हर बार दे जाती है
सिर्फ रोशनी दुनिया मे काफी नही होती है क्योंकि जीवन मे अंधेरे कि जरुरत हर मोड पर अहम और सही होती है जो सिर्फ एक चीज को समझ लेने के लिए दुनिया मे काफी नही होती है जीवन मे दोनों कि जरुरत होती है
रोशनी और अंधेरे कि हर मोड पर जरुरत जीवन को होती है जीवन को परख लेना हर बार जीवन कि चाहत होती है उसमे हर मोड को समझ लेने कि हर बार जरुरत होती है रोशनी और अँधेरा दोनों कि कहानी जीवन होती है
दोनों को जी लेने कि हर बार जीवन मे जरुरत होती है क्योंकि दोनो खयालों से ही तो हमारी दुनिया हर बार बनती है तो दोनों को अपना लेने से ही हमारी दुनिया आगे चलती है हमे जीवन मे हर बार खुशियाँ मिलती है

Saturday, 30 January 2016

कविता ४७१. मुरझाने के बाद कि शुरुआत

                                          मुरझाने के बाद कि शुरुआत
रोज जब कोई फूल खिलता है जीवन मे खुशियाँ देता है चाहे कितनी बार मुरझा जाये पर हर फूल नई उम्मीदे दे जाता है फूलों का खिलना जरुरी नजर आता है वह मुरझा जाये तो भी क्या आखिर फूल तो फूल ही होते है
जब हम समझ लेंगे उन बातों को दुनिया के रंग उन संग बदल जाते है जीवन कि कहानी को समझ लेते तो हम है पर मुरझाने पर फूल कहाँ हमे भाते है जब जीवन कि धारा को समझ ले तो जीवन मे रंग बदलते है
जिसे समझ लिया हमने जीवन मे वह सोच अलग अलग एहसास से हम समझ पाते है जीवन कि हर परछाई को उम्मीदे दे कर हम समझ लेते है मुरझा चुकी चीजों से बढकर हम जीवन मे कोई चीज समझ लेते है
तो वह सारी उम्मीदे है जिन्हे हम परख लेना चाहते है उम्मीदे तो बस कुछ पल कि साथी है उन्हे परख लेना हम चाहते है जिन्हे जीते है हम जीवन मे और समझ लेना भी मन से हर बार चाहते है खुशियाँ पाते जाते है
जो चीजे मुरझाती है वह भी खुशबू कि उम्मीदे ही जीवन मे हर बार देती है जब मुरझाती है तभी तो उम्मीदे तो कई बार देते है क्योंकि मिटी मे मिलकर वह नये उम्मीदों के किनारे हर बार हमे दे जाते है
जो फूल फिर से उगना पाये वह भी तो उम्मीदे देते है क्योंकि वह सुंदरता कि मुरत बन कर जीवन मे नये किनारे दे जाते है नई सोच हमारी ताकद है जो हमे इशारे देती है हर बार हमारे जीवन को नये सहारे देती है
खो जाती है तो भी क्या वह खुशबू जीवन मे हासिल तो होती है जिसे समझ लेने कि उम्मीदे हमे अलग इशारे देती है परख लेना उस खुशबू को जिस के अंदर अलग सहारे होते है उसे एक बार जो पाते है जीवन के इरादे बदलते है
हम ढूँढना चाहते है उसे हर किनारे पर हर राह मे जब हम जीवन मे आगे चलते है जीवन मे उसकी तलाश मे ही हर बार हम भटकते रहते है हम उम्मीदों पर जीते है उन्हे अलग किनारे दे जाते है उन्हे आगे ले जाते है
अगर हम समझ ले जीवन को तो वह मुरझाये किनारों से भी जीत कि उम्मीदे रखने कि एक कोशिश है अगर उस किनारों से सीख लिये तो वही नये फूल भी मिलते है जीवन मे मुरझानेसे हम नही डरते है आगे बढते रहते है
मुरझाना सही बात ही होती है क्योंकि तभी नये फूल बन पाते है पर जब तक हम सीख नही पाते है तब तक हम बस मुरझाने का ही जीवन भर अफसोस करते है और सिर्फ मुरझाने पर रोते हुए नया बनाने कि कोशिश पर कुछ कम ही गौर करते है वह सिर्फ अफसोस ही करते है

कविता ४७०. लंबा जीवन

                                                लंबा जीवन
कुछ हम समझ लेते है हम और कुछ बाते समझ लेनी बाकी रह जाती है कितनी बडी है जिन्दगी जो जीवन को अलग अलग एहसास जताती है जीवन कि हर धारा कुछ तो बताती है कभी उम्मीदे दे जाती है
पर बडी लंबी है यह दुनिया जो कहाँ नजर मे आती है लंबाई दुनिया कि हमे उसे पूरी कहाँ दिखाती है दुनिया हर बार अधूरी ही दिख पाती है अफसोस तो यह होता है कि अधूरी बातों पर ही दुनिया समज लेनी पडती है
जो जीवन को अलग सोच या असर दे जाती है वही कई बाते गलती से पीछे रह जाती है जीवन को परख लेने कि जरुरत हमे अक्सर होती है इस सोच मे ही जीवन शुरुआत होती है हम चाहते है कम से कम वह सोच तो सब समज कर बनती है
पर इस लंबी दुनिया मे कहाँ वह दुनिया समज मे आ पाती है दुनिया के कुछ हिस्सों से ही दुनिया समज आ जाती है जिसे हम  परख तो नही पाते है उसके फैसले हम अक्सर करते जाते है
जिन्हे हम समझ ही नही पाये उसी राह को हम नये सिरे से बताते है पर कभी कभी हमे लगता है आधी समझ लियी उस दुनिया को हम कहाँ समझ पाते है दुनिया के रंग कई है जो हर कोने मे अलग नजर आते है
जीवन को आधा तो हम समझ चुके है पर पूरा कभी नही समझ पाते है जिस मोड पर दुनिया मतलब समझाती है उस मोड को ही बस सुन पाते है पर अनसुने कई मोड जीवन मे अहम कई बार होते है जो रोशनी दे जाते है
जीवन को समझने के लिए उन अनसुनी बातों को सुनना जरुरी है पर हम कहाँ उन्हे समझ पाते है उनके दम पर ही हम आगे चलते है उन्हे ही जीवन मे समझ पाते है जो हमे बाते बताते है बस वही बात सुनाई पडती है
जीवन कि लंबाई हर बार जरुरी लगती है लंबे लंबे किस्सों से जीवन कि कहानी आगे बढती है जीवन के हर मोड पर जीवन कि कहानी बनती है लंबे जीवन मे जीवन कि कहानी बदलती रहती है
जीवन लंबा जब बन जाये जीवन कि कहानी बदलती रहती है जीवन को समज लेने कि जरुरत हर बार होती है जीवन कि लंबाई को समज लेने पर भी उसकी कहानी समज नही आती है जीवन कि हर निशानी जीवन मे बनती है
पर कितना भी चाहे मन से पर जीवन कि कहानी तभी पूरी होती है जब हम सिर्फ सुनी कहानी से जीवन कि कहानी बनाते है और सिर्फ उस सोच के सहारे जीवन कि कहानी हर मोड पर हर पल बनती है

Friday, 29 January 2016

कविता ४६९. उम्मीदों से बनी जिन्दगी

                                                         उम्मीदों से बनी जिन्दगी
जब उम्मीद आती है सारी चीजे प्यारी हो जाती है जीवन की धारा नयी रोशनी दे जाती है क्योंकि उम्मीदे ही तो जीवन की शुरुआत बन जाती है
प्यारी चीजे ही उम्मीदे लाती है पर हमे क्या प्यारा लगता है यह उम्मीद ही हर बार जीवन को आगे ले जाती है उम्मीदे तो जीवन में मतलब दे जाती है
कई प्यारी चीजे हमे आगे ले जाती है जो हमे हर पल एहसास देती है जीवन में अलग सोच  देती है इसी बजह से जीवन में नये किसम की रोशनी जीवन में जरुरी नजर आती है
उम्मीदे ही जीवन को मतलब दे जाती है वह सारी उम्मीदे जो जीवन को नई सोच देती है हमे उम्मीदे हर बार जरुरी नजर आती है
जो जीवन में नई सोच तो हर बार जीवन को नयी साँस दे जाती है जीवन के हर कदम पर उम्मीदे ही जीवन को नई रोशनी दे जाती है पर उम्मीदे रोशनी से आगे ले जाती है
उम्मीदे तो जीवन को नया दिन दे जाती है उम्मीदे हर बार हर कदम शुरुआत दे जाती है क्योंकि जीवन के अंदर उम्मीदे हर बार नये किनारे दे जाती है
उम्मीदों से ही जीवन की रोशनी हर मोड़ पर एहसास दे कर जीवन में रोशनी देती है जीवन के अलग अलग मोड़ से जिन्दगी बनती है
क्योंकि उम्मीदे ही जीवन को बनाती है उम्मीदों से ही हमारी जिन्दगी बन जाती है जीवन की उम्मीद तो वह सोच ही होती है
जो हमे हर बार आगे पीछे ले जाती है क्योंकि उम्मीदे ही जीवन को रोशनी देती है जीवन को बना जाती है उम्मीदों के सहारे ही जिन्दगी हर बार बनती है
उम्मीदे ही जीवन की जरूरत होती है जो जीवन को हर बार साँसे देती है वह जीवन को हर बार आगे ले जाती है क्योंकि उम्मीदे ही हर कदम हमारी जिन्दगी बनाती है 

कविता ४६८. मन के अंदर की ताकद

                                                             मन के अंदर की ताकद
हर नदी को देखकर कभी सोचते थे लोग पर आज कल सिर्फ नल के पानी में भी हम सोच लेते है क्योंकि सोच तो मन की होती है उसे क्या करना है हम पानी कहाँ देख लेते है
कभी दरिया तक जाते थे अब दर्या को भी मन से पास बुला लेते है मन को जो समझा लेते है तो जीवन की धारा कुछ और तरीके से ही परख लेते है जीवन को समझ ले तो उसमे खास बाते कई बार पाते है
जीवन को परख लेना जीवन की सोच को समझ लेने का हिस्सा पाते है जब जब हम समझ लेते है जीवन को उस में मन की ताकद को ज्यादा अहम पाते है
नदियाँ के अंदर कई मोड़ और कई किनारे नजर आते है पर मन तो एक ऐसा दरिया बनता है जिसमे छोर तो कई है पर जब उसमे बहते है रुक कहाँ पाते है
मन की ताकद से हम जब जीवन को समज लेना चाहते है उस जीवन की धारा का मतलब हर बार अहम सा पाते है मन को मजबूत बताते है
मन तो वह मजबूत चीज है जिसे हम अक्सर समझ लेना चाहते है जिसे परख कर जीवन की हर जंग जीत लेना चाहते है पर वह जो मन को सच में परख लेते है
वह आसानी से समझ जाते है की मन को जीत की भूख नहीं है मन की खुशियाँ तो हम छोटी छोटी बातों में आसानी से पाते है उनमे ताकद पा जाते है
मन में अलग अलग रंग अक्सर नजर आते है जो जीवन की हर सुबह को समझ लेने में हमारी हर बार मदद करते है मन ही तो वह ताकद है जिसे हम समझ लेना चाहते है
मन जीवन की वह परछाई है जिसे हम पकड़ लेना चाहते है जिसे हर बार समझ कर आसानी से जीवन की धारा को अलग तरीके से बताते है उसमे सच्चाई को समझ जाते है
मन की ताकद हर बार उम्मीदे देती है उस ताकद में ही जीवन की हर राह होती है तो उस मन से जी लो क्योंकि मन के अंदर ही धरती पर जन्नत मिल पाती है

Thursday, 28 January 2016

कविता ४६७. साथ नही दे पाते

                                                          साथ नही दे पाते  
हर लब्ज के अंदर मतलब छुपे होते है पर कहाँ हम उन्हें हम समझ पाते है क्योंकि लोग कहाँ हमे दुनिया में समझ पाते है पर जाने क्यूँ वह जीवन में चाहते है की हर पल हम उन्हें समझ ले जब वह हमे समझ नही पाते है
अगर हम उन्हें समझ नही पाते है तो कैसे जीवन को समझ लेते है लब्ज के अंदर अलग अलग एहसास जीवन को साँसे देते है जिन्हे समझ लेना जरुरी हम हर बार समझते है दूसरों को समझ लेते है
क्योंकि वह देना नहीं छिन लेना जानते है जो जीवन कि ताकद को आगे ले जाना चाहते है हम जीवन को तो हर बार परखते है की दूर रहे उनसे जो हमे समझना नहीं चाहते है क्योंकि जीवन की उस धारा से हम दूर ही रहना चाहते है
पर अफ़सोस तो इस बात का है जब हमे कुछ हासिल होता है तब वह लोग छिन लेना चाहते है जब हमारे दुःख में कोई साथ ना दे तो जीवन में वह जाने क्यूँ हमसे उम्मीदे हर बार रखता है
दुःख देनेवालों को उनका एहसास नहीं होता पर चोट खानेवाले सजा तो ना दे पर आप के साथ कभी नही होते है जीवन में आपको खुशियाँ कभी नही दे पाते है जीवन में अक्सर चोट ही दे जाते है
लब्ज ही जीवन को नई शुरुवात देते है पर यह उम्मीद गलत है की जिनको चोट आप दे वह आपके तारीफ में कोई बात भी कह दे इन्सान तो बस इन्सान है भगवान तो नही चोट ना दे आपको पर साथ भी नही है
जीवन की धारा में जो लब्ज काटो के तरह चुभते है वह जीवन की अलग शुरुआत हर बार देते है वह बताते है की कब हम सही और कब हम गलत है काटे चुभते है तो आँसू अल्फाज देते है
लब्ज ही जीवन की शुरुआत देते है जो जीवन को नया मतलब हर बार देते है लब्जों के सहारे लोग अक्सर छुपके बताते है साथ नहीं यह जताते है पर कुछ इन्सान समज ही नहीं पाते है
साथ जिसकी नहीं दियी है उस से कम से कम उम्मीद ना हो यह बात ही समज नहीं पाते है समज तो जाते है की हक नहीं है पर फिर भी जाने क्यों हक जताते है चीजे छिनने के लिए हर बार बहाने बनाते है
तो जीवन में कुछ चाहो तो प्यार से कहना क्योंकि नफरत के संग हम कुछ नही पाते है कुछ लोग आपको चोट ना दे लेकिन दर्द भुला ना पाते है साथ नही दे पाते है  

कविता ४६६. बाते ही जीवन को उम्मीद देती है

                                                   बाते ही जीवन को उम्मीद देती है
कुछ बात तो मन में अटकसी जाती है कुछ बात हमारे जीवन में खटकसी जाती है पर कह नहीं पाते उसे जो सोच जीवन की राह दिखाती है
जीवन की हर राह में जिन्दगी हर बार बदलसी जाती है जब जब हम समजे जीवन को जीवन की साँसे उम्मीदे हर बार दे कर आगे बढ़ जाती है
बात को समज लेते है तो जीवन की अलग धारा हमे कुछ अलग मतलब दिखाती है बातों में जब कोई बात खटक जाती है तो कुछ पल सोचते है
पर बाद में सोचना भी फिजुलसी बात नजर आती है जो जीवन की धारा को आगे ले जाये वह सोच हर बार गलत नजर आती है जो दुनिया को उम्मीद नहीं दे पाती है
बात ही ताकद जीवन को नया एहसास दिलाती है जीवन की धारा कुछ उलझी हुई नजर आती है बात को परख लेना जीवन की जरूरत हर बार नजर आती है
बात ही तो अहम चीज है जो जीवन को नई साँसे दे जाती है बात को समज लेना हर मोड़ की अहम जरूरत नजर आती है जीवन को परख लो तो उसमे खुशियाँ कुछ पल के लिए जरूर होती है
बाते तो जीवन को अलग अलग मतलब दे जाती है बाते ही जीवन की वह धारा है जो जीवन को मकसद देती है जीवन को आगे ले जाती है
बाते तो हर बार जीवन की ताकद बन जाती है बातों को समज लेते है तो उनमे जीवन की अलग कहानी नजर आती है बात के अंदर चीजे बदल जाती है
बाते ही तो जीवन की धारा हर बार बदल लेती है बाते हमारे जीवन का नया विश्वास हमेशा दे जाती है बातों को परख लेना जीवन में अलग सोच दे जाती है
बाते तो जीवन की शुरुआत हर बार दे जाती है क्योंकि बाते ही जीवन का नया एहसास दे जाती है जो जीवन को नई पेहचान हर बार उम्मीदे दे जाती है 

Wednesday, 27 January 2016

कविता ४६५. जीवन को समज ले तो

                                                          जीवन को समज ले तो
अगर जीवन को समज ले तो सुबह जरूर होती है जीवन की हर धारा में अलग सोच ताकद देती है जीवन की सुबह ही जीवन को अलग एहसास हर बार देती है
जीवन को समज लो तो उस सोच में ही सच्ची ताकद होती है जीवन की सच्चाई नई शुरुआत होती है जो जीवन को नया एहसास और मतलब दे जाती है
सोच ही जीवन की नई शुरुआत है जो हमें आगे ले जाती है उसे हर कदम समज लेने से ही तो जीवन की नई सुबह होती है पर यह तो हम पर है की उस सुबह को पाने के लिए हमारी कितनी मेहनत होती है
जीवन की हर सुबह हमारे लिए अहम और जरुरी होती है सुबह के अलग अलग रंग जीवन को नई उम्मीद देते है उनकी सुबह जीवन पर नई राह देती है
सोच के अंदर नई राह हमेशा अलग अलग एहसास जीवन में हर रोज देती है सोच में ही जीवन की अलग ताकद ही हर मोड़ पर नई शुरुआत से जीवन को आगे ले जाती है
जीवन को समज ले तो जीवन के हर मोड़ पर अलग एहसास हर बार रोशनी दे जाते है क्योंकि जीवन की रोशनी हर बार मतलब तो हमारे दुनिया को दे जाती है
जीवन की धारा को समज लेने की हर पल में शुरुआत होती है जीवन को समज लेना ही तो आगे जाने की ताकद हर मोड़ पर हर बार होती है
जीवन को परख लेना ही तो जीवन की नई पेहचान होती है जो जीवन को हर बार आगे ले जाती है जीवन को समज लेना ही तो उसे आगे ले जाने का एहसास देती है
पर अजीब बात तो यह है के कोई नहीं जानता कब हमारे जीवन की नई शुरुआत होती है क्योंकि वह शुरुआत तो हमारे लिए अलग अलग एहसास हर बार देती है
जीवन के एहसासो को परख लेने की चाहत मन मे हर मोड़ पर होती है जो हमे जीवन में हर मोड़ पर आगे ले जाती है जीवन की नई शुरुआत देती है 

कविता ४६४. लिखी सच्चाई

                                                                   लिखी सच्चाई
कागज जो जीवन को मतलब दे जाते है कागज में लिखे एहसास जीवन को नई उम्मीद दे जाते है कागज ही जीवन को सही किसम कि सोच दे जाते है
कागज में लिखी चीजे जीवन को अलग ताकद देती है पर सवाल तो यह होता है क्या सच्चाई से वह ऊपर होती है जो सच है उसी में जीवन की उम्मीद होती है
कागज में अलग अलग मोड़ पर दुनिया अलग रंगों से दिखती है जीवन कि हर धारा में सच्चाई एहसास देती है कागज  के अंदर सोच होती है
पर अगर वह झूठ हो तो बस दो दिन की मेहमान होती है कोई सिर्फ कुछ लिखकर अपनी किस्मत नहीं बदल पाता हमारी किस्मत तो सच्चाई बदलती है
कागज में हर पल अलग एहसास तो तब होता है जब उसमे सच्चाई छुपी होती है जो जीवन के अंदर अलग एहसास वह सच्चाई  देती है
कागज में लिख देने से जीवन की सच्चाई नहीं बदल पाती है जो हर बार जीवन में अलग ताकद जीवन को नया एहसास हर दिशा में देती है
कागज ही तो जीवन को कोई मतलब दे जाते है जो हमे आगे ले जाती है वह जीवन की हर राह पर शुरुआत देते है पर बिना सच्चाई के जीवन की शुरुआत नहीं होती है
कागज की कश्ती दुनिया में काफी नहीं होती है सिर्फ सच्चाई लब्ज को मतलब दे जाती है जीवन को नया एहसास हर बार हर मोड़ पर देती रहती है
कागज पे लिखी बात सच्चाई ना हो तो जीवन में ज्यादा दिन नहीं टिक पाती है कागज के अंदर अलग सच्चाई तो हर बार रोशनी दे जाती है
क्योंकि कागज की रोशनी हर बार हमे उम्मीद से  ज्यादा तभी देती है जब उसमे सच्चाई है दिखती वरना वह बस वह कागज की कश्ती है जो तूफानों के साथ बहती है

Tuesday, 26 January 2016

कविता ४६३. सही समज

                                                                     सही समझ
हम जब समझ लेते है जो एहसास जीवन को हर बार नई पेहचान देता है जिसे समझ लेना जीवन पे अलग असर हर मोड़ पर देता है जीवन में प्यारे एहसास की जरूरत हर बार होती है
समझ लेते है तो जीवन को नई शुरुआत तो दिखती है पर कहाँ परख पाते है हम उस सोच को जो जीवन को मतलब देती है समझ हर बार जरुरी होती है जो रोशनी देती है
समझ लेना तो जरुरी है क्योंकि समझदारी भी कभी कभी एक सही एहसास होती है जो जीवन को कभी आगे ले जाती है क्योंकि उसकी जरूरत भी अक्सर होती है
पर जाने क्यूँ हमे उसकी उम्मीद अक्सर दूसरे से होती है दूसरे इन्सान के अंदर समझदारी चाहते है पर खुद सोच से कतराने की मनको एक बड़ी अजीब आदत होती है
जीवन में जिसे समझ ले वही समझ हमें पसंद आती है पर जब दूसरे की समझ चूभ जाये तो जीवन की धारा हर पल रंग बदलती है जीवन में फर्क ले आती है
अपनी समझ पर सबको विश्वास तो होता है पर दूसरे की सोच को सुनने में क्या गुनाह होता है क्योंकि वह सोच भी तो जीवन पर अक्सर कुछ ना कुछ असर तो जरूर कर जाती है
समझ लेना जीवन को नई शुरुआत होती है क्योंकि समझ ही जीवन को नई रोशनी दे जाती है पर समझ तो जो जीवन को हर बार रोशनी दे जाती है आगे ले जाती है
जीवन में हर बार उम्मीद ही तो आगे बढ़ने की राह बताती है पर कभी कभी जीवन को नयी शुरुआत दूसरों की बाते सुनने पर ही मिल जाती है  जीवन की राहे समझदारी की अहमियत बताती है
पर हर बार हम कहाँ समझ सकते है दूसरे को खास कर उनको जिनकी समझ दूसरे की तबाही को सही बताती है जिसे आगे ले जाती है वह समझ सही नजर नहीं आती है
जीवन को समझ ले तो दुनिया अलग एहसास बताती है दूसरे को समझ लेने की समझ सिर्फ तभी सही होती है जब वह हमें सबको समान समझ लेने की बात बताती है 

कविता ४६२. फूलों का सौदागर

                                                                 फूलों का सौदागर
कभी जो कोई बात दिल को छू जाये उसे हम आसानी से बिना रुके कह देते है पर कभी कुछ बाते मन में ही रख देते है क्योकि दिल तो चाहता है कहना
पर फिर भी उस मन को हम रोक लेते है चाहे उसे दिल कहे या मन उसमे काटे तो गलत बातों के अक्सर चुभते है जीवन की धारा को हम समझ लेना चाहते है
बिना किसी उम्मीद के ही हम जीवन जीना चाहते है जब आगे बढ़ते है तो जीवन की उम्मीदों को समझ लेते है पर एक बात तो अक्सर देखी है दूसरों से उम्मीद काटे ही देती है
कोई दे कुछ तो मानो जीवन में वही भगवान मिले है क्योंकि फूल देनेवालों से ज्यादा जाने क्यूँ इस मनमे काटे देनेवाले ही रहते है जो मन को चोट देते है
जिनका हक़ है दिल पर वह तो बस फूलों के सौदागर है पर ऐसे सौदागर कहाँ दुनिया में आसानी से मिलते है पर सवाल तो बस यह है मन में हम क्या करे जीवन में
क्योंकी फूलों की कमी को काटो से भर दे जीवन में पर यह दिल चिल्ला चिल्ला कर कहता है मन इन्तजार तो कर ले क्या हुआ अगर आज काटे है कल फूल होगे जीवन में
दिल तो कहता है मन आगे बढ़ जाये तो जीवन का एहसास देता है हर पल में जीवन को काटो से ज्यादा दिलचस्पी है हर पल फूलों में
जीवन को अगर काटो से भर दोगे तो क्या पाओगे जीवन में जब फूलों का सौदागर फूल लेके आयेगा तो क्या कहोगे उसे जीवन में क्या समझोगे जीवन में
जब जब हम जीवन को परखे मन बस बात यही कहता है यह कोने खाली ही सही है हमारे जीवन में क्यों की काटो से भरने से ज्यादा अच्छा है उन्हें यादों से भर दे जीवन में
क्योंकि जब फूल आयेंगे यादे छुपकेसे सिमट कर जगह देगी फूलों को जीवन में काटे एक बार आ जाये तो कभी दूर नही हो पायेंगे हमारे जीवन से 

Monday, 25 January 2016

कविता ४६१. हर चीज को समज लेना

                                                         हर चीज को समज लेना
जो चीजे जीवन में अलग एहसास देती है वह चीजे ही अक्सर पहले डरा देती है क्योंकि हर बार उन चीजों की जीवन में जरूरत मेहसूस तो होती है पर अनजान चीज से मन की दुनिया कापती है
हर चीज में अलग अलग मतलब हर बार रोशनी देते है जिनके अंदर जीवन में चीजों के अलग अलग एहसास दुनिया देती है चीजों के अंदर नई शुरुआत होती है
चीजे हर छोर पे अलग बाते रखती है उन चीजों को परख लेने में ही हमारी जिन्दगी अक्सर गुजर जाती है चीजे हर रोज जीवन में अलग एहसास देती है
उन्हें परख लेना ही मुश्किल बन जाता है जो जीवन की धारा को अलग असर तो दे ही जाता है चीजे समज लेने की हर बार जरूरत होती है जो हमें आगे ले जाती है
चीजों के अंदर  अलग सोच हमे उन्हें बार बार देखने की उम्मीद देती है जीवन में हर मोड़ पर चीजे जो बदल जाती है उन्हें परख लेने की जरूरत हर बार होती है हर बात में होती है
पर कई चीजों  की अक्सर हमे जरूरत नहीं होती है पर हम उन्हें अपने पास रखते है क्योंकि गलत चीज खरीद लेने की गलती मानने की हमारे मन को इजाजत नहीं होती है
हम समझ लेते है हर बात को लेकिन उन्हें परख लेने की हमारे अंदर ताकद नहीं होती है क्योंकि दुनिया में हर चीज को समझ लेने की हर मोड़ पर जरूरत होती है
हर चीज दुनिया में कुछ ना कुछ असर जरूर देती है चीजों को समझ लेने की दुनिया में जरूरत होती है पर कई बार चीजे जीवन में अलग मतलब देती है
चीजे तो वह होती है जिन्हे समझ लेने की दुनिया में जरूरत होती है तो चीजों को समझ ले तो ही दुनिया खूबसूरत होती है जो रोशनी देती है
चीजे परख लेना हर बार अहम होता है जो जीवन को हर बार कुछ ना कुछ असर जरूर करता है चीजे समझ लेना जीवन के हर मोड़ पर अहम हमेशा होता है
चीजे हर बार जीवन को मतलब दे जाती है चीजों को समझना यह बात हर बार हर मोड़ पर अक्सर अहम और जरुरी जीवन में हर बार लगती है 

कविता ४६०. आँखों में कही बाते

                                                               आँखों में कही बाते
जब लब्ज कुछ कहते है बाते जीवन में असर करती है जीवन की धारा दुनिया पर कुछ अलग मतलब दे जाती है क्योंकि लब्ज ही जीवन को नयी शुरुआत देते है
पर अफ़सोस तो उस बात का है की लब्ज कहाँ हमारे समझ में आते है लब्ज अक्सर तो हर मोड़ पर मतलब दे जाते है लब्ज ही जीवन को आगे ले जाते है
लब्ज ही जीवन की धारा बनकर आगे आते है लब्जों से ही सब कुछ हम समझ जाते है पर जाने क्यूँ अक्सर लब्ज जीवन में अधूरे नजर आते है
लब्जों के मतलब को परख लेते है तो वही लब्ज जीवन की उम्मीद बन जाते है लब्ज वह धारा है जिसे परख लेने पर हम जीवन में नई उम्मीद और रोशनी पाते है
लब्ज ही दुनिया की ताकद बन जाते है लब्ज तो जीवन की नई सोच होते है पर हर बार हर बात लब्ज नहीं रहते है जो जीवन पर अलग असर कर जाते है
कई बातें और कई किसम कि सोच का जीवन पर असर हो जाता है पर अक्सर दुनिया में बिना कहे ही कई बातें आगे ले जाती है जीवन को साँसे दे जाती है
लब्ज हर बार जरुरी होते है जो जीवन को मलतब हर मोड़ पर दे जाते है पर हर बात लब्जों के साथ समझ में नहीं आती है जीवन को आगे ले जाने की जरूरत मेहसूस होती है
पर हर बार वह लब्जों के साथ आगे नहीं जाती है दुनिया तो जीवन को मतलब हर बार देती है सिर्फ लब्ज समझ लेते है तो दुनिया उनके साथ आगे नहीं जाती है
दुनिया हर बार नई शुरुआत देती है वह बात जो असर कर जाती है वह सिर्फ निगाहे कहती है आँखों से वह बात कही जाती है कई बार मुँह से कही नहीं जाती है
आँखे तो जीवन को मकसद देती है वही आँखे जो अनकही बाते जीवन में कहती है वही तो जीवन को उम्मीदें दे जाती है जो जीवन में आगे अक्सर ले जाती है



Sunday, 24 January 2016

कविता ४५९. गमों का जीवन पर असर

                                                         गमों का जीवन पर असर
हर मोड़ पर जीवन के अंदर अलग अलग एहसास होते है जो जीवन को हर मोड़ पर कुछ आस देते है जीवन को समझ लेने कोशिश ही तो जीवन बन जाती है जो जीवन की कश्ती को बदल जाती है
जीवन की हर राह में उसे समझ लेने की जरूरत होती है जीवन की सारी खुशियाँ हमे ज्यादा भाति तो है जीवन के भीतर दुनिया अलग एहसास हर मोड़ पर देती है
पर जब हम चाहे बस एक हिस्से को दुनिया बदलती है दुनिया हमे हर मोड़ पर नई उम्मीदें देती है जीवन के सात रंगों में जीवन हर बार अलगसा लगता है जीवन में कुछ खुशियाँ छुपी होती है
पर गम से जो भाग खड़ा हो उसे कहाँ खुशियाँ नसीब होती है उस इन्सान की दुनिया बस गमों  में ही सिमट के रह जाती है ग़मो से ही जीवन की शुरुआत होती है
खुशियाँ और गम दोनों में जीवन की हर राह होती है जो जीवन को दुनिया की हर ताकद दे जाती है जीवन के अंदर अलग राह उन दोनों से बनती है
अगर जीवन को अच्छे से जीना हो तो उसमे खुशियाँ भी आती है जो जीवन की धारा को मतलब तो देती है पर बिना मेहनत के कहाँ वह मजबूत बन पाती है
जीवन की धारा संग ही तो दुनिया चलती है जो खुशियाँ लाती है जीवन के हर मोड़ पर हमें जीवन को समज लेने की जरूरत हर बार नजर आती है अहम होती है
जीवन में कई मोड़ तो होते है जिनमे जीवन की दुनिया बनती है पर हर बार आसान तरीके से दुनिया नहीं बनती है गम और खुशियों की अलग अलग सोच जीवन पर असर कर जाती है
दोनों ख़याल जीवन में आगे ले जाते है गम और खुशियाँ दोनों को हम हर बार समझ तो लेते है जिनमे जीवन की नई शुरुआत होती है
जिन्हे समझ ले तो जीवन में कुछ बात बनती है जो गमों से कतराए है उनके लिए सिर्फ गमों की रात ही होती है जो जीवन को उम्मीदों का एहसास होता है गमों का जीवन पर सही असर होता है 

कविता ४५८. हवा के संग

                                                                      हवा के संग
हवा के साथ साथ चलना जरूरी लगता है उसको चुपके से परख लेना भी जरुरी लगता है जीवन में जो जरुरी है वह हवाए है इसीलिए तो उन्हें अपने हिसाब से बदलने के लिए अपनी जगह को बदलना जरूरी लगता है
जहाँ हो खड़े वहाँ से हर बार सही दिशा नहीं मिलती है वही पर खड़ा रहना जीवन में सही नहीं होता मुड़कर भी कभी कभी इधर उधर देखना जरुरी होता है एक ही जगह से जीवन नहीं समज पाता है
हम घूमते रहते है उन हवाओं के सहारे उन हवाओं में ही तो हमें अपने किनारे दिखते है हवा को समज कर चलते है हम पर सच कहे तो हम बस अपने दम पर चलते है हवा तो छू लेती है
हवा के एहसास को हर पल हम समज लेते है जीवन को जो हवाए छू लेती है उस हवा को हम हलकेसे जीवन में समज लेते है उसे हर पल हम छू लेना चाहते है हवा को परखते रहते है
हवा तो जीवन को नया एहसास हर बार देती है  हवा में असर तो कई तरह के होते है हवा में जो बात है उसे हर बार हम समझ लेना चाहते है हवा को हर मोड़ पर समझ लेना चाहते है
हवा में जिन्दा रहकर हर बार हम जीवन में आगे बढ़ना चाहते है हवा को समझ लेने की चाहत हर बार हमे कुछ नई बात सिखाती है जो जीवन को हर बार आगे ले जाती है
हवा तो हिलती रहती है हवा के संग जीवन की धारा भी बदलती जाती है हवाओ के संग जीवन का एहसास जिन्दगी बदलती जाती है हवा सही हो उसके संग रोशनी आती है
हवा में मासूम एहसास की खुशबू आगे ले जाती है हवा के संग साँस जीवन को मतलब दे जाती है हवा ही तो वह चीज है जो जीवन को रोशनी हर बार दे जाती है उम्मीदों की सौगद नजर आती है
हवा ही तो जीवन की धारा तो मतलब दे जाती है जो जीवन के अंदर रोशनी का एहसास नया लाती है हवा ही हमें साँसे दे जाती है मन में खुशियाँ लाती है
हवा को समज लेने की जरूरत हर बार नजर आती है हर मोड़ पर होती है जीवन में रोशनी दे जाती है एहसास तो जीवन को मतलब दे जाते है 

Saturday, 23 January 2016

कविता ४५७. अलग अलग तरह की सोच

                                                      अलग अलग तरह की सोच
करीब तो हर बार अलग अलग सोच के लोग आते है जिसे परख लेना हर मोड़ पर हम चाहते है सोच तो हमें जीवन में छू जाती है जो जीवन की अलग शुरुआत लाती है
पर सवाल तो यह है की कौनसी सोच जो जीवन पर असर करती है वह हमारे करीब आ जाती है जीवन की धारा को समज लेना चाहती है वही हमें समज में आती है
सोच तो जीवन में अलग मोड़ हर बार दे जाती है जिसे परख लेने की जरूरत हर मोड़ पर नजर आती है सही सोच ही जीवन में चुननी होती है उसे परख लेने की जरूरत हर बार नजर आती है
सोच ही तो अलग अलग मोड़ पर जीवन में बदलाव लाती है पर हमें चुननी है वह सोच जो हमारे जीवन में रोशनी हर बार ले आती है खुशियाँ लाती है
सोच जीवन के मोड़ अलग कर जाती है क्योंकि उन मोड़ पर ही जीवन की धारा हर बार असर करती है सोच ही जीवन की ताकद है जिसे समझ कर जिन्दगी आगे जाती है
जीवन की धारा को समझ लेते है तो जीवन में शुरुआत तो सोच ही देती है पर सोच के करीब जाने की जरूरत जीवन में हर बार नजर आती है
सोच ही जीवन की ताकद होती है सोच को पास लाये वही जीवन में जरूरत होती है सोच को समझ लेने की अहमियत होती है जो जीवन में रोशनी देती है
पर अलग अलग दिशा से परख लो तो सोच में नई समझ होती है जो जीवन को कुछ अलग ही मकसद दे जाती है जो जीवन की हर बार नई शुरुआत होती है
सोच के भीतर जो रंग होते है जब वह हमारे मन को भा जाये तो ही जीवन में सोच की नई ताकद होती है जो जीवन की नई धारा बन कर हर मोड़ पर बहती है
अलग अलग पड़दो में सोच ही नई शुरुआत होती है जो जीवन को एक नई पेहचान तो हर बार हर मोड़ पर देती है वह सोच ही हमारा जीवन होती है
जीवन में जिस सोच को हम करीब ले लेते है वही सोच हमारी जरूरत होती है वह सोच ही जीवन को हर बार मतलब और ताकद दे जाती है 

कविता ४५६. नाव की किस्मत

                                                              नाव की किस्मत
जहाज तो वह है जिसे लहरों पर चलने की आदत होती है लहरों के साथ जिसकी दुनिया बदलती रहती है लहरों पर बदलाव जीवन का बदलाव उसे एहसास देता है
लहरे ही तो जीवन की धारा को हर बार तय करती है लहरे बदलती रहती है उनके साथ दिशा हर बार नया एहसास देती है जब लहरों पर अलग एहसास जीवन में नई सोच देता है
जहाज तो लहरों पर कुछ तो इस तरह से चलता है की हर राह पर वह जीवन में बदलता जाता है जीवन के अंदर जहाज की बदलती दिशा हर बार असर कर जाती है
लहरों को समझ लेने से तो जहाज की किस्मत तय होती है पर हमे समझ लेने की जरूरत है हम जहाज नहीं है हम तो जहाज चलानेवाले नाविक है
हम चल सकते है अलग अलग तरीकों से क्योंकि बदलाव दुनिया की जरूरत होती है नाविक ही तय करते है जहाज को आगे ले जाना जरूरत होती है
जब जब नाविक चलता है तो वह तय करता है अपनी दुनिया के रास्ते वह समझ लेता है झुंजता रहता है वह लहरों से हर बार लढता है जीवन में लहरों से लड़ता है
जीवन के अंदर नई शुरुआत जीवन में उम्मीदे देती है लहरों के साथ हमे नई जंग की हर बार वह शुरुआत करता है उनके साथ कभी उनके खिलाफ जीवन असर करता है
जीवन में आगे जाते रहना जीवन की जरूरत होती है जो जीवन में हमें एक दूजे के संग और खिलाफ लेकर जाती है जो जीवन को अलग एहसास देती है
जीवन में बदलाव की जरूरत होती है आगे पीछे बढ़ने की धारा अपनी सोच से ही बनती है जीवन को समझ लो तो दुनिया अलग असर करती है
एक नाव ही लहरों के साथ जीवन में आगे बढ़ती है पर नाविक के हाथ में उसकी किस्मत होती है नाविक के मर्जी से उसकी दुनिया बढ़ती है उसकी किस्मत दर्या से ज्यादा उप्परवाले के हाथ में होती है 

Friday, 22 January 2016

कविता ४५५. राह की शुरुआत नजर आती है

                                                        राह की शुरुआत नजर आती है
हर राह को समझ लेते है जिनमे अलग एहसास होते है जिन्हे जीवन की धारा में समझ लेना चाहते है राह तो अक्सर नई शुरुआत हमें बताती है
राह के अंदर जीवन की अभिलाषा मिलती है राह जो जीवन को नई किरण दे जाती है राह के भीतर जो भी मतलब छुपे रहते है
राह को समज लेना हर बार जरुरी होता है राह पर ही जीवन का एहसास जुदा लगता है पर जाने क्यूँ हर बारी राह में मुस्कान अक्सर आती है
जो जीवन को किसी मोड़ पर खुशियों का एहसास दे कर जाती है राह को परख लेते है तो वह एहसास अलगसा लाती है राह तो वह सोच है जो जीवन में जुदा हो जाती है
राह में अलग अलग रंग तो हर बार हर मोड़ पर दिखते है पर हमे जीवन में राहे आसानी से कहाँ समझ आती है राह तो वह सोच है जो उम्मीदे दे जाती है
राह के ऊपर नया ख़याल जीवन को रोशनी दे जाता है राह जिसे परख ले उसे समझ लेने की जरूरत नई होती है पर जाने क्यूँ राह बदलती रहती है
राह के अंदर अलग अलग सोच जीवन को नई धारा दे जाती है राह पर ही जिन्दगी जिन्दा रहती है पर जाने क्यूँ कभी कभी राह के बारे में सोचते सोचते ही जिन्दगी आगे बढ़ जाती है
राह के मजे लेने से ज्यादा राह की कमियाँ ही हमें नजर आती है रोको अपने आपको समझो तो जीवन में खुशियाँ आती है राह तो दोनों चीजे देती है
जीवन के अंदर राह की अलग अलग सोच हमेशा हमे उम्मीदे देती है जीवन में आगे ले जाने के लिए खुशियों को याद रखने की सोच जरुरी होती है
जीवन को परख लेते है तो राहे बदलती हुई नजर आती है क्योंकि राहों पर ही जीवन की नई शुरुआत होती है पर उनकी कमियाँ ढूँढने से जीवन में नई शुरुआत हमेशा दूर निकल जाती है 

कविता ४५४. रंग बदलते है

                                                                 रंग बदलते है
रंग तो बदलते रहते है उनमे जीवन का बदलाव दिखता है हमे समज लेना हर बार जरुरी होता है रंग तो अलग अलग होते है जिनमे जीवन का असर होता है
रंग का मतलब तो जीवन में एहसास अलग दे जाता है रंग तो बदलते रहते है जिनमे सोच का अलग एहसास मेहसूस होता है जो रोशनी दे जाता है
रंग ही जीवन में हमेशा नयी सोच देते है जिन्हे हर पल हर मोड़ पर परखते रहते है रंग ही हमे जीवन दे जाते है रंग तो हमें नई पेहचान देते है
जिन्हे परख लेने पर हम जीवन को समज लेते है जीवन की धारा में जीवन कई रंग दिखाता है जिन्हे समज लेने पर जीवन आसान लगने लगता है
जीवन की धारा को समज लेना हर बार अहम होता है जिन्हे परख लेनेसे हम जीवन में आगे बढ़ते है जीवन की धारा को हम कई बार समझ लेते है
पर कई बार कई मोड़ पर उसके संग हम दुनिया बदलते है पर जो बदलता है उसका अफ़सोस हम जाने क्यों करते है क्योकि उसके साथ हम भी बदलते है
जीवन को परखे वह सोच हम जीवन में रखते है पर  जब रंग बदलते दिखते है जाने क्यूँ कतराने है जीवन की धारा को समज लेना भूल जाते है
जीवन  के रंग अक्सर हमें उम्मीदे देते है उन्हें हम परख लेते है तो कभी कभी भुला भी देते है जीवन का वह रंग हमेशा हमे सही लगता है
जो जीवन की धारा को अलग रूप में परख लेता है रंगों को अक्सर हम जीवन में परखते रहते है उनका बदलाव हर मोड़ पर अक्सर हम समजते रहते है
उसे समज लेते है जिस धारा में हम हमेशा जीते है रंग तो हर बार और हर मोड़ पर हर सोच में अक्सर बदलते रहते है अलग एहसास दिखाते रहते है 

Thursday, 21 January 2016

कविता ४५३. उम्मीद एक तितली

                                                            उम्मीद एक तितली
उम्मीद को जिन्दा रखो तो वही रोशनी देती है उम्मीद ही जीवन की ताकद दे जाती है उम्मीद ही हमारे जीवन को रोशनी देती है उम्मीद को समज लेना जरूरत होती है
उम्मीदों में ही तो जीवन की सही शुरुआत होती है उम्मीद के अंदर जीवन की नई राह होती है जीवन को समज ले तो ही उम्मीदे हमें ताकद दे जाती है
उम्मीद को परख ले तो जीवन की धारा हर बार नयी दिशा दे जाती है उम्मीद ही हमारी ताकद है जिसके सहारे जिन्दगी आगे बढ़ जाती है
उम्मीद तो वह तितली है जिसे आगे ले जाने की जरूरत हर बार काम आती है उम्मीद तो फूलों पर उड़ती रहती है एक ओर से अलग दिशा में चलती जाती है
उम्मीदों को समज ले तो दुनिया नया मतलब दे जाती है उम्मीद तो एक मासूम चीज है जो हर जगह पर इधर उधर उड़ती जाती है
उम्मीद को पकड़ लेना मुमकिन नहीं है क्योंकि वह तो उड़ती ही जाती है चुपके से उसे देखो तो ही वह जीवन में ताकद ले आती है
उम्मीद जितनी प्यारी है उतनी ही नाजूक भी वह होती है जो जीवन के धारा को कहाँ समज पाती है उम्मीद के पंखों को समज लो तो ही उनसे उम्मीदे मिलती है
जीवन की हर राह हमे आगे ले जाती है पर अगर कुछ ज्यादा ही मजबूती से पकड़ो तो वह टूट जाती है तो वक्त ना दो जीत को क्योंकि कभी कभी वह देर से भी आती है
उम्मीद तो जीवन का वह एहसास है जिसे समज लेने में हमारी जिन्दगी गुजर जाती है पर उसे खो देने से अच्छा है उसे ढूँढने में ही जिन्दगी गुजर जाती है
उम्मीद ही जीवन की वह ताकद होती है जिसे परख लेने से जीवन में हर बार रोशनी होती है जीवन की धारा तितली की तरह मासूमियत से यहाँ वहाँ घूमती रहती है

कविता ४५२. सोच ही जीवन की धारा होती है

                                                          सोच ही जीवन की धारा होती है
जब जब सोचा हमने जीवन को नई आवाज मिली है जब जीवन की धारा को परखा जीवन को नई शुरुआत मिली है जीवन तो बहता रहता है
पर जब सही सोच आती है तो उसे आवाज मिली है सही सोच में ही जीवन की खुशियाँ बसी है जब जब हम आगे बढ़ जाये जीवन को नई सोच मिली है
जीवन की हर परभाषा में जीवन को नये एहसास की एक तलाश मिली है जिसे परख लेने पर जीवन को नई आवाज मिली है पर मुश्किल तो यह है
हर बार कहाँ हमें जीवन में नई सोच मिली है सन्नाटे में कभी कभी हमने वही आवाज सुनी है जो जीवन की धारा के संग ताकद बन कर हर बार चली है
जिसे परख लेते है तो जीवन में नई उम्मीद खिली है जीवन के हर एक कदम पे जीवन की हर राह मिलती है जो जीवन को नई दिशा दे जाती है
जीवन को समज लेते है तो सोच के अंदर नई ताकद मिलती है सोच ही जीवन की उम्मीद बनती है सही सोच ही जीवन को अलग मतलब दे जाती है
सोच के अंदर तरीके तो अलग अलग हर बार होते है जो जीवन को अलग दिशा दे जाते है जीवन की धारा को अलग सोच मिल जाती है
जब हमारी सोच सही होती है हमारे जीवन को दिशा अलगसी होती है जीवन के अंदर ही नई उम्मीद हर बार जिन्दा हो जाती है
जब हम आगे बढ़ते है जीवन की भाषा बदल जाती है जो हमें अक्सर रोशनी दे कर उम्मीद देती है सोच ही हमारी ताकद और जीवन हमारी उम्मीद होती है
जीवन की धारा हर पल हमे आगे ले जाती है रोशनी देती है जिसे परख लेने से जीवन की सुबह हमेशा हर बार मतलब दे जाती है 

Wednesday, 20 January 2016

कविता ४५१. हर चीज को समझना

                                                         हर चीज को समझना
हर चीज को समझ लेना हर बार कहाँ हो पाता है कुछ चीजों को तो इन्सान समझ लेता है कुछ चीजों को इन्सान भुला नहीं पाता है पर सच तो यह है
जिस चीज को इन्सान सही तरीके से समझ ले उस में वह अक्सर अपना खुदा पा लेता है क्यों ढूँढे उस ईश्वर को जब वह हमारे दिल में सदा ही जिन्दा रहता है
कभी हम उसे समज लेते है तो कभी उस में मुश्किल का एहसास भी होता है जीवन को समज ले तो उसमे जीवन की नई शुरुआत होती रहती है
इन्सान का जीवन में आगे आना जरुरी होता है पर इन्सान कहाँ समज पाता है की उसका अपनी सोच से ऊपर उठना कितना जरुरी होता है
अक्सर खुद की खुशियों की तलाश में हम कुछ ऐसा कर जाते है की खुद की खुशियों से ही खुद को दूर कर जाते है जीवन की धारा को हम हर पल समज लेना चाहते है
पर हर बार हम जीवन को कुछ अलग ही पाते है जीवन को परख लेना हम अक्सर आसान नहीं पाते है हम हर बार यह सोचते है की जीवन की नई राह हम बनाते है
पर कई बार सिर्फ किस्मत से ही हमें रास्त्ते मिल जाते है तो जीवन में हर बार हम क्यूँ कतराते है क्यूँ हम जीवन की राहों को समज नहीं पाते है
दिल के अंदर अलग अलग ख़याल हर पल तो होते ही है जो जीवन की धारा को कुछ अलग तरीके से समझाते है जीवन को अगर हम समझ ले तो वह उम्मीद दे जाते है
दिल के किसी कोने में ही तो जीवन के ख़याल छुपे होते है पर उन्हें हम परखे या ना परखे यह हम जीवन का हिस्सा हर बार हम समझ लेना चाहते है
हर चीज को हम समझ लेना चाहते है क्योंकि हर चीज के अंदर हम कुछ अलग उम्मीदे पाते है जिन्हे समझ कर ही हम जीवन की शुरुआत हर मोड़ पर करना चाहते है 

कविता ४५०. बाते जो कहनी और सुननी है

                                                         बाते जो कहनी और सुननी है 
कई बार तो हम कहते है पर सुनना जब कोई चाहता है तभी बात का मजा जीवन में आता है कहते तो हम हर पल रहते है पर जीवन को समझना आसान नहीं होता है
कभी कभी कुछ बात कहते है तो कभी कभी बातों का एहसास अधूरा रहता है जीवन की धारा में विश्वास अलग सा होता है जिसे समज लेने पर जीवन का एहसास बदलसा जाता है 
कहने की बाते तो जीवन में कई होती है पर सुननेवाले हो तो जीवन में दुनिया रंग सुनहरे देती है जीवन की धारा को परख लेने का मजा कुछ और ही है जो मन को छूता है 
बाते तो जीवन को मतलब कुछ अलग ही देती है बातों के अंदर का एहसास जुदा ही होता है जीवन की धारा में कुछ कहना सुनना पड़ता है जीवन की सोच का मतलब जुदा होता है 
जब हम समजे दूसरे की कही और वह हमारी बात सुने तो जीवन का मजा कुछ अलग होता है जीवन को समझ लेने की जरूरत तभी होती है क्या जब लोगों को समजना आता है 
पर अक्सर उन बातों मे कुछ कहा सुनी भी होती है पर जो बिन झगड़े सुलज जाये वह जीवन का किस्सा हमने कभी नही सुना ऐसा हमे हर पल लगता है 
जीवन के हर मोड़ पर एक दूसरे के साथ कुछ कहना और सुनना जरुरी लगता है जीवन की अलग धारा में जीवन को जीना जरुरी होता है 
हँसकर जीवन को परख ले यह हर पल जरुरी होता है जीवन के सन्नाटे में हँसी के साथ कहा सुनी का भी आना जाना हमेशा रहता है कुछ बाते हमें सुननी है और उन बातों को कहना है 
जिन्हे हम सुनाना चाहते है जीवन की हर धारा में कहा सुनी हमेशा जरुरी लगती है जो जीवन को उम्मीदे देती है जीवन की खुशियाँ उसी से हासिल होती है 
हर आवाज जो दिल से आए वह जीवन में जरुरी होते है वह आवाज ही तो जीवन की वह रेखा है जो जीवन को साँसे देने के लिए जरुरी है 

Tuesday, 19 January 2016

कविता ४४९. मौसम के रंग

                                                                मौसम के रंग
मौसम हर बार अपना रंग बदलता है उसे समज लेने की शुरुआत हर बार जीवन को मतलब दे जाती है मौसम के अंदर ही तो दुनिया जिन्दा रहती है
मौसम जीवन को बदलाव देते है उन्हें परख लेने की चाहत भी होती है पर वक्त कहाँ है जीवन में जो मौसम की आहट सुनने की फुरसत मिलती है
मौसम तो हर बारी जीवन की धारा को बदलते जाते है वह कभी कभी हमें उम्मीदों के फूल तो कभी कभी काटे भी दे जाते है पर उनसे ज्यादा हमे अपने जीवन में बाकी चीजों की अहमियत लगती है
मौसम तो हमारी जरूरत है पर हमे उन्हें समज लेने की जरूरत नहीं लगती है मौसम तो वह चाबी है जो जीवन की गाड़ी चलाते है उन्हें समज लेने की फुरसत हमें नहीं मिलती है
मौसम की ताकद को तो हम मेहसूस हर पल करते है पर फिर भी उसे समज लेने की जरूरत हमें नहीं लगती है जिसे हम समज ले उसे परख लेना जरुरी है
पर बदलते रहनेवाले मौसम की अहमियत हमें नहीं समझ आती है उसे समझ तो हम हर पल लेते है जब उसके नतीजों से मुसीबत हम पे आती है
मौसम का बदलना जरुरी है पर उसके बदल जाने से जीवन की नई शुरुआत हमे नजर आती है मौसम के साथ हर बार हमारे जीवन की धारा बदलती जाती है
मौसम तो वही होते है जिनमे दुनिया अलग अलग नजर आती है मौसम के हर मोड़ पर जीवन की धारा तो बदलती रहती है उसमे सोच अलग नजर आती है
मौसम के साथ जिये तो दुनिया हर बार अलग दिखती है जिसे हम परख ले उस सोच में ही जीवन की नई धारा नजर आती है जो रोशनी दे जाती है
बदलाव तो मौसम का सच है जिस के कारण जिन्दगी बदल जाती है मौसम तो कई रंगों में जीवन को बदलते रहते है पर फिर जाने क्यूँ हमे उनकी अहमियत नहीं नजर आती है 

कविता ४४८. सपने की जरूरत

                                                              सपने की जरूरत
जब जब कोई सपना हमें जीवन दे जाता है जिसे परख लेने से जीवन की धारा को बदलता जाता है सपना तो जीवन की ताकद हर मोड़ पर बन जाता है
पर कभी कभी कोई सपना दूर किसी कोने में रख देना ही मन को अच्छा लगता है क्योंकि वह सपना चुपके से मन को चोट ही देता रहता है
कोई सपना जिसको हम समजे उसे परख लेना जरुरी है जीवन में हर मोड़ पर आगे जाना तो जरुरी होता ही है जब जब हम समजे जीवन को हर बार वह साँसे देता है
कोई सपना उम्मीद भरा तो कोई सपना बिना उम्मीदों के ही जिन्दा रहता है जिसे समज लेते है तो जीवन का अर्थ बदलता है जीवन तो कई रंगों का वह मेला है जो हर पल रंग बदलता है
जब कोई सपना किसी कोने में जिन्दा हो जाता है उसे परख लेना जीवन को नई दिशा दिखाता है जब जब हम समजे जीवन को तो उसमे अलग रंग छुपा होता है
जीवन को हर पल समज लेना जीवन को अलग रंग दे जाता है सपना जो जीवन को मतलब और मकसद देता है उसे समज लेना जीवन में जरुरी लगता है
सपना हर कोने में नई सोच दे जाता है जिन्हे परख लेना जीवन को नये एहसास दे जाता है सपना तो जीवन को हर पल कई सुबह दिखाता है
सपनो के अंदर जीवन कि नई सोच हर बार उम्मीदे दे जाती है जीवन की धारा को समज लेने की जरूरत हर बार मेहसूस होती है क्योंकि जीवन की धारा ही तो सपने को सही गलत तय करती है
सपने ही जीवन को हर बार मतलब दे जाते है क्योंकि सपना ही जीवन को वह कोना देता है जो जीवन को नई उम्मीद दे जाता है सपना अक्सर जीवन को परख लेता है
क्योंकि सपना जीवन की साँसे बनता है सपनों को समज लेना जरुरी होता है क्योंकि सपना ही जीवन की सच्ची जरूरत हर पल हर मोड़ होता है उसका सही होना जरुरी होता है  

Monday, 18 January 2016

कविता ४४७. समुंदर के अंदर

                                                              समुंदर के अंदर
हर बार समुंदर के अंदर कुछ तो एहसास जीवन को मतलब दे जाते है समुंदर में पानी छू जाता है उसका एहसास जीवन में नई शुरुआत लाता है
समुंदर में पानी हर बार एक नई याद लाता है जीवन में हर बार पानी जब हमे छूता है जीवन की धारा का एहसास जीवन को बदल देता है
पानी अपने साथ प्यारी यादे दे जाता है हर बार जीवन में कुछ ना कुछ एहसास हमारी प्यारी यादे जीवन में नयी सोच दे जाती है पानी के अंदर यादे हर बार जिन्दा होती है
समुंदर के साथ हर वक्त की याद छुपी होती है पर पानी के अंदर यादे असर कर जाती है क्योंकि पानी में ही हर मोड़ में हमारी जिन्दगी चुपके से गुजर जाती है
कभी पानी में खड़े रहते है और किनारे से उसे देख लेने में हमारी जिन्दगी गुजर जाती है पानी की धारा ही तो जीवन को मतलब दे जाती है
उसे परख लेते है तो उसमे हम अपनी खुशियाँ दे जाते है पानी के अंदर हम सोच रख देते है इसलिए तो पानी को समज लेने की जीवन में जरूरत पड़ती है
समुंदर के साथ जीवन को अलग एहसास दे जाती है समुंदर में ही तो जीवन की सच्चाई हर बार बसी होती है समुंदर में ही जीवन की रोशनी धीरे से छुपने लगती है
जिसे समज लेने की हमारे दिल को हर बार जरूरत होती है समुंदर से भी उन यादों की परछाई मिलती है जो जीवन में खुशियाँ देती है
जीवन की जरूरत तो वही परछाई होती है जो पानी में अपने यादों संग हर बार उतर जाती है पानी में रहने से ही तो जीवन की शुरुआत  होती है
जो जीवन को उम्मीद देती है पानी में ही हर पल जिन्दा रहने की उम्मीद होती है जो जीवन को हर बार ताकद देती है जो जीवन की जरूरत होती है
पानी के अंदर यादें होती है जो जीवन को नया एहसास देती है पानी के भीतर सिर्फ उसे उम्मीदे दिखती है जो जीवन को सही दिशा दिखाती है 

कविता ४४६. बिन मतलब के लब्ज

                                                        बिन मतलब के लब्ज
हर लब्ज में कुछ तो मतलब हमेशा छुपा होता है पर कभी कभी हम लब्जों  को जीवन में यूही जोड़ लेते है जिन्हे समज लेने पर भी मतलब नहीं बनते है
जीवन की हर धारा का कुछ और ही मतलब होता है जिसे समज लेने से ही जीवन की साँस अक्सर बनती है पर कभी कभी कुछ लब्जों से जिन्दगी की धारा बदलती है
लब्ज ही जीवन के मायने होते है जो हमें आगे ले जाते है हमें साँसे देते है जीवन को परख लो उसमे कई शुरुआत होती है जो हमे खुशियाँ देती है
लब्ज ही जीवन को बना लेते है वही हमें आगे ले जाते है उनसे ही तो जीवन की साँस बनती है पर हर बार उन पर चलना गलत बात होती है
क्योंकि किसी लब्ज को हम बिना समझे और बिना मतलब के ही जीवन में समझ लेते है जीवन के हर मोड़ की ताकद हम हर बार परख लेना चाहते है
लब्ज के अंदर मतलब तो हर बार हमारी सोच से ही बनते है पर हर बार हम कहाँ उन बातों को समज पाते है लब्ज ही हमारी ताकद बनते है
लब्ज की नई धारा जीवन को आगे तो ले जाती है पर कई बार लब्ज को मतलब दे जाती है जब लब्जों को यूही कहते है तो जीवन में मुश्किल आ जाती है
लब्ज ही जीवन में नई शुरुआत दे जाते है पर कभी लब्ज से हम कुछ नहीं बता पाते है लब्ज जीवन की परिभाषा हर बार नहीं होती है
जीवन की नई सोच लब्ज ही देती है जिन्हे समज लेने की जरूरत हमें अक्सर होती है लब्ज कभी कभी जीवन को मकसद तो देते है क्योंकि लब्ज को परख लेना कई बार हम भुला देते है
लब्ज ही तो जीवन को बनाते है पर हम लब्जों को कहाँ समज पाते है लब्ज ही अक्सर जीवन की ताकद बन जाते है पर फिर भी कई बार लब्ज बिन मतलब के होते है 

Sunday, 17 January 2016

कविता ४४५. किनारे और समुंदर

                                                             किनारे और समुंदर
कई किनारे जीवन में उम्मीद की रोशनी हर बार  दे जाते है किनारे तो जीवन का हर बार सपना जिन्दा कर के देते है जीवन की हर धारा में उम्मीद होती है
किनारों पर जीवन की धारा हर बार हमें जीवन दे जाती है किनारों पर हमारी दुनिया तो बसती है पर समुंदर में उतर जाने की भी जीवन में हर बार जरूरत होती है
किनारों पर जो जीवन की कहानी बनती है उसे जीवन को समज लेने से ही उसकी निशानी बनती है पर समुंदर से ही जीवन की शुरुआत होती है
किनारे और समुंदर को परख लेने की जीवन को जरूरत होती है किनारे तो वह जीवन है जो हम रोज जीते है और समुंदर तो वह जंग है जो हम सच्चाई के लिए लढते है
किनारों पर रह कर हमारी जिन्दगी नहीं गुजर पाती है हमें उसे जीवन में आगे ले जाने की जरूरत हर बार मेहसूस होती है जो रोशनी देती है
किनारे और समुंदर को परख लेने की जीवन में हर बार जरूरत होती है क्योंकि सिर्फ सीधी राह से जिन्दगी नहीं गुजर पाती उसे मुश्किलों से लढने की जरूरत होती है
मुश्किलों से लढने की जीवन में हर बार कोई तो उम्मीद होती है वह समुंदर के अंदर अलग अलग एहसास देती है समुंदर में अलग सोच जिन्दा हर बार होती है
सच्चाई को जीवन में समज लेने की जरूरत हर बार होती है उसी लिए किनारों के साथ साथ समुंदर में भी उतर जाने की जीवन में हर बार जरूरत होती है
किनारों में दुनिया हर बार जिन्दा रहती है पर समुंदर के साथ झूंज लेने की जरूरत पड़ती है जीवन सिर्फ आसान चीज नहीं होती है जीवन में हर बार उम्मीद होती है
जब हमे समुंदर के कूदने की आदत होती है जो जीवन में हर बार रोशनी देती है क्योंकि सच्चाई की जीत हर बार हर मोड़ पर अहम लगती है 

कविता ४४४. सब के लिए बनी सोच

                                                            सब के लिए बनी सोच
हर बार हम सोचते है वही नहीं होता पर जो होता है उस से बेहतर कुछ नहीं होता है हम अपने सोच पर हर बार कुछ ज्यादा ही विश्वास रखते है
हर बार हम अपनी सोच अलग तरीके से समज लेते है सोच को परख लेने की कोशिश का हर बार कुछ नतीजा तो देती है पर हर बार वह मनचाहा नहीं होता है
सोच का असर जीवन को अलग एहसास तो देता है पर हम चाहे उसी कदम पर जिन्दगी नहीं मुड़ती है सोच को आगे ले जाने की हर बार जरूरत होती है
जीवन में सोच कई नतीजे देती है पर सोच की ताकद काफी नहीं होती हालात को समज लेने की भी हमारे जीवन में हर बार जरूरत होती है
जीवन को अलग अलग बाते समज लेनी जरुरी होती है जिन्हे परख लेने से जीवन की गाड़ी आगे बढ़ती है हमें हर बार जीवन में आगे जाने की जरूरत होती है
वह जरूरत ही जीवन को साँसे देती है पर जीवन में हर बार सिर्फ हमारी जरूरत सबकुछ नहीं होती कभी कभी दूसरे की जरूरत अहम नजर होती है
जो जीवन में परख ले अपने जरुरतों को उन्हें समज लेने की हर बार अहमियत होती है पर अपने जरूरत के लिए दूसरों को भुला देने की जीवन में जरूरत होती है
जीवन की अलग अलग बातों को समज लेने की ताकद हर बार जीवन को अलग दिशाए देती है जरूरत ही जीवन की अहम साँस होती है
जरूरत ही हर बार जीवन में अहम होती है पर उसे परख ने की भी कभी कभी जरूरत होती है क्योंकि जो सोच जीवन को अपनी जरूरत ही अहम बताती है
वह सोच हर बार जरुरी होती है जीवन को समज लेने की हर मोड़ पर अहमियत होती है जो जीवन को जिन्दा रखती है वह सोच सब की अहमियत समज लेती है 

Saturday, 16 January 2016

कविता ४४३. अपने मन को समजना

                                                          अपने मन को समजना
अपने मन को समज ले तो वही काफी है क्यों समजाए दूसरे को क्योंकि हम अच्छेसे खुदको ही समज ले तो ही जीवन के लिए यह सोच काफी होती है
मन के अलग अलग कोने में कुछ नई ताकद होती है जिसे समझ लेने की जरूरत होती है दूसरे समझले या ना वह बाते मायने नहीं रखती है
मन को तो अपने जीवन की चाबी हम दे चुके होते है उस चाबी की हमे जरूरत होती है मन को अपने परखो यही तो हमारी जरूरत हर बार होती है
जीवन में हर बात को समज लेना जीवन की वह साँस जिन्दा हो जाती है जो जीवन को अलग उम्मीद दे जाती है मन को हर बार अलग एहसास देती है
मन में कई बाते जो जीवन को बदल देती है उन्हें समज लेना ही जीवन के हर पल की जरूरत होती है दूसरे से ज्यादा हमे अपने मन की जरूरत होती है
पर अक्सर दूसरों के खातिर उसे चोट देने की एक बुरी आदत हम में अक्सर होती है उसे छोड़ दे तो हमारे मन पर गनीमत होती है जो उम्मीद देती है
मन के कई कोनों में जीवन की अलग अलग सोच जिन्दा रहती है जो जीवन को हर बार रोशनी दे जाती है जीवन में उम्मीद की ज्योत हर बार होती है
जीवन की तो हमारी शुरुआत होती है मन के अंदर अलग अलग सोच की प्यास होती है जो मन को नया एहसास हर बार हर मोड़ पर अक्सर दे जाती है
हम अपने मन को समजे इतनी ही हमारी प्यास होती है पर जीवन की धारा में वह अधूरी रह जाती है क्योंकि हम मन को समज नहीं पाते है
शायद हम दूसरों को परखते रहते है यही मुश्किल जीवन में हर बार होती है जो जीवन को अक्सर नई रोशनी दे जाती है वह जीवन में उम्मीद की कहानी सुनाती है 

कविता ४४२. सोच की उड़ान

                                                               सोच की उड़ान
आसमान में परिंदा जब उड़ता है उसे देखकर जीवन को नया एहसास मिलता है जो हर बार परिदों को उड़ने की ताकद दे जाता है उन्हें अलग तरह का एहसास देता है
आसमान में जो उड़ान भरता है उस उड़ान की ताकद को जीवन हर बार समज लेता है उड़ान की ताकद हमारा मन भी रखता है जो हमे हर पल उम्मीद देता है
जो उड़ान भरता है वही मन जीवन को नया एहसास देता है उस सोच में जिसमे आशा बसी हो उसे जिन्दा करता है जीवन में उड़ान को मतलब दे जाता है
जीवन में मन की उड़ान हर बार अहम होती है जो जीवन के हर पल को साँसे दे जाती है उड़ान ही जीवन की बड़ी अहम चीज होती है जो जीवन को हर बार आगे ले जाती है
उड़ते रहने की जीवन को जरूरत होती है क्योंकि मन की वही उड़ान ही तो जीवन की उम्मीद होती है पर उड़ान हर बार ऊँची नहीं जाती है हम ही उसे रोक लेते है
परिदों की उड़ान उसे आगे ले जाती है उसी तरह की मन की ताकद जीवन में नई शुरुआत देती है हमें आगे ले जाती है उम्मीदे हर बार आगे ले जाती है
उड़ने की ताकद हमें मुश्किल से ही मिलती है उसे पाने की ताकद ही तो जीवन को मतलब दे जाती है जो जीवन की साँसे होती है जो हमे आगे ले जाती है
उड़ने की चाहत तो सबको होती है पर कितनो में मेहनत करने की ताकद होती है पर हम चाहे तो ही हम में वह ताकद हर बार होती है जो हमे जीवन देती है
उड़ान ही मन की चाहत होती है जो जीवन की धारा को आगे ले जाती है जीवन में हर मोड़ पर जीवन को अलग एहसास हर बार दे जाती है
उड़ान ही तो जीवन को उम्मीद दे जाती है वही तो जीवन की शुरुआत होती है जब हमारी सोच उड़ान भरती होती है वही तो जीवन की जरूरत होती है

Friday, 15 January 2016

कविता ४४१. तरह तरह की चीजे

                                                              तरह तरह की चीजे
तरह तरह की चीजे जो जीवन को अलग एहसास देती है वही हमारे जीवन पर अलग असर हर मोड़ पर अक्सर करती रहती है तरह तरह की चीजे जीवन में अलग रंग देती है
चीजे जो जीवन को नया एहसास दे जाती है हर चीज के रंग अलग होते है जो जीवन में अलग असर कर जाते है चीजे तो जीवन में अहम होती है
जो चीजे जीवन को नई शुरुआत देती है पर कई बार कुछ चीजे जीवन को अलग दिशा में बदलती है जिन्हे परख लेने की जीवन को जरूरत होती है
जीवन को समज लेने की हर चीज में जरूरत होती है कोई चीज तो अहम होती है तो कुछ चीजे जीवन पर बुरा असर हर बार कर जाती है जीवन को अलग रंग दिखाती है
चीजे जो अलग शुरुआत देती है जो जीवन में हर कदम पर अलग सोच दे जाती है पर गलत चीजे तो हमारे खातिर अलग असर ही हर बार लाती है
वह चीजे जीवन को हर मोड़ पर बदलती जाती है उन्हें परख लेने से ही जीवन की अलग पेहचान होती है जो जीवन को नया एहसास देती है
जीवन के हर चीज का मतलब नया एहसास देता है जो नये सोच को हर बार उम्मीद देता है जीवन में बुरी और अच्छी चीजे दोनों हर बार होती है
जो जीवन पर अलग तरह का असर हर बार देते है चीजे जो हमे आगे ले जाती है उनमे ताकद हर बार होती है जो हमे उम्मीदे हर मोड़ पर अक्सर दे जाती है
चीजे जो जीवन को अलग अलग एहसास दे जाती है जिन्हे समज लेने की जरूरत हर बार होती है जीवन को परख लेने की जरूरत हर बार होती है
क्योंकि अच्छी चीजे चुनना बड़ी मुश्किल बात होती है कई बार बुरी चीजे ही अच्छी दिखती है चीजों को समज लेने की जरूरत हर बार होती है
अच्छी चीजे हर बार जीवन को सही दिशा दिखाती रहती है पर उन्हें परख लेने की बात हर बार अलग ही लगती रहती है जरुरी होती है 

कविता ४४०. हर कदम पर जीवन

                                                            हर कदम पर जीवन
हर कदम पर जीवन में कुछ रंग अलग से दिख जाते है जिन्हे समज लेने की कोशिश में हम हर बार दिशाए  भुला  देते है जब जब हम जीवन को समझे नतीजे अलग नजर आते है
हर कदम पर हम राह को कुछ अच्छे से समझ लेते है पर कभी कभी कोई बात जो हम जीवन में भुला देते है उस सोच को समझ लेने की उम्मीद हर बार हम पाते है
पर जब कोई जरुरी सीख हर बार हम राह में भूल जाते है जो जीवन को मतलब हर मोड़ पर अलग सोच दे जाती है जीवन की धारा को आगे बढाती जाती है
जिसके भीतर कोई सोच तो जीवन में सारे असर जीवन के अंदर नई शुरुआत दे जाते है उन्हें समज लेने से ही जीवन में अलग राहे हर बार नजर आती है
कदम तो जीवन को मतलब देते है पर उन्हें समज लेना अक्सर जरुरी होता है क्योंकि कदमों की आहट से ही तो दुनिया का रंग हर बार बदलता रहता है
जिस धारा में हम अपनी जिन्दगी गुजार लेते है उस धारा को हर पल समज लेते है हर कदम को समज लेते है जिन्हे हम हर पल जीना चाहते है कदमों में जीवन बना लेना चाहते है
जीवन के हर कदम में हम अलग अलग खयाल जीवन में नया असर देते है पर जब पुराने खयाल जीवन में आगे ले जाते है उन्हें हम हर मोड़ पर समज लेना चाहते है
कदम के अंदर अलग मतलब हर बार साँसे दे जाते है पर कभी कभी पुरानी बातों से ही जीवन में अलग एहसास आते है जो जीवन की दिशाए हर बार बदल देते है
हर बार कदम तो जीवन को आगे ले जाते है कदमों में जीवन के मतलब हर बार आते है पुरानी चीजे कुछ कदमों के बाद हमें आगे ले जाती है अगर वह सीख हो तो बड़ी काम आती है
पुरानी चीजे ही जीवन में नई शुरुआत दे जाती है पर अगर सिर्फ एक याद हो तो कुछ पल बाद उसे पीछे छोड़ कर आगे बढ़ जाना ही जिन्दगी को मतलब दे जाती है 

Thursday, 14 January 2016

कविता ४३९. पीछे छूटी हुई यादे

                                                             पीछे छूटी हुई यादे
हर फूल की खुशबू कुछ वक्त के बाद मिठी नहीं रहती जो चीज वक्त के साथ खो चुकी हो उसकी तलाश सही नहीं होती मन के लिए अच्छी नहीं लगती है
जब जब हम समज लेते है जीवन को हर मोड़ पर फिर भी जीवन की कोशिश काफी नहीं लगती है जीवन को समज लेने की कोशिश हर बार आसान नहीं होती है
जीवन की आगे जाने की चाहत हमें उम्मीद हर बार देती है पर पीछे रही चीजे मन से नहीं छूट पाती है जीवन की धारा तो आगे बढे बगैर पूरी नहीं  होती है
जीवन को समज लेने की कोशिश कई बार पीछे भी ले जाती है पर पीछे रुकने की आदत जीवन में प्यारी नहीं होती है उम्मीदे नहीं देती है
आगे जानेवाली धारा के संग ही जीवन की शुरुआत हर बार दुःख ही दे जाती है हमे जीवन में आगे जाने की जरूरत हर बार होती है
क्योंकि पीछे छुपी बाते  ही जीवन को उम्मीद नहीं देती है चाहे जितनी प्यारी हो या चाहे जितनी नफरत भरी हो पिछली बाते जीवन का बोज ही बनती है उम्मीद नहीं बनती है
जाने क्यूँ उन्हें भुला देने की जीवन में हर मोड़ पर जरूरत होती है तो याद तो उन्हें रखते है क्योंकि कुछ लोग यादों की उम्मीद ही होते है
पर फिर भी एक मोड़ पर जाने के बाद यादे भुला देने की जीवन में हर बार जरूरत नहीं होती है पर उन्हें आज ना समझ ले यही हर बार जीवन की जरूरत होती है
नई चीजे जीवन में हर बार आसानी से नहीं मिलती है पर पुरानी चीजों को जीवन में याद रखने से जीवन की शुरुआत सही नहीं होती है
हर बार नई चीजे समज लेने से जिन्दगी आसान होती है जो जीवन में हर मोड़ पर हर बार नया एहसास देती है वह शुरुआत पिछली बातों को याद करते रहने से कभी नहीं होती है
यादे तो जीवन का हिस्सा है पर अगर वह मन को बांध के रखे तो सही नहीं होती जो यादे आगे ले जाये वह जीवन की हर बार जरूरत बनती है

कविता ४३८. कुदरत का हिसाब

                                                                कुदरत का हिसाब
हवा जो हमें समझ पाती है वह एक बात तो हम समझ गये है वह कहती है सबको एक ही तरह से छू कर सभी एक ही जगह में रहते है एक ही हवाओं में होते है
बड़े हो या छोटे हो पर जो अदब से पेश आते है वही दुनिया को आगे ले जाने की कोशिश करते है पर अक्सर यह हो जाता है हम जब चोट खाते है चिल्ला उठते है
पर क्या करे हम इन्सान है अभी गमों को सहना नहीं सीख सके पर बड़ी अचरज की बात है की गम देनेवाले कितने आसानी से गम देना सीख लेते है
जिसे हमें समझ लेने की जरूरत है वह बात हम कहाँ समझते है की गम जो देता है जीवन में उसे भी गम के पहाड़ तो उठाने ही पड़ते है वह जीवन में उलझन देते है
हवा यही बताती है वह सही के साथ तो होती है पर हम जाने क्यूँ उस बात का अफ़सोस करते है की गम देनेवाले भी उसी हवा पर जीते है
जैसे उस उप्परवाले का इशारा हो वह हमें बताता हो की मुसीबत वह नही पर हम ही पैदा करते है जिसके कारण हर बार हम चोट खाते रहते है
जीवन की हर धारा को अलग अलग सोच से हम समज लेते है अगर जीवन को समज ले तो हम गम के भी जिम्मेदार ही होते है
जो गम दे उस से हम कितना भी किनारा करे पर वह भी इन्सान ही होते है और उनके हर हरकत के लिए हमें ही जवाब देने होते है
हम चाहे  या ना चाहे पर कुदरत का यही इन्साफ होता है एक गलत फल होतो हरजाना पूरी टोकरी को भरना पड़ता है कुछ कहते है उसे फेक दो पर यह बड़ा ही मुश्किल है
क्योंकि जब तक हमारा ध्यान जाये अक्सर दूसरे किसी फल पर असर तो उसका दिखता है तो बेहतर तो यह होता है की हम वक्त पर ही उसे रोक ले पर यह बड़ा ही मुश्किल है
क्योंकि अक्सर लोग उस फल को निकल देने की जल्दी में सही फल को ही टोकरी से निकाल देते है और दूसरे सड़े फल को उसकी जगह रख देते है
यह सारे जीवन के फेरे लगते है जो चलकर ही सीखने होते है जो हमें आगे ले जाते है और मुसीबत के बाद ही हमे खुशियाँ देते है 

Wednesday, 13 January 2016

कविता ४३७. हर मोड़ पर अलग सोच

                                                            हर मोड़ पर अलग सोच
हर राह में हर मोड़ पर अलग सोच तो होती है जब हम बदल जाते है तो क्यूँ इतना अचरज होता है यह देख कर दूसरे ने अपनी सोच बदल दी है
कोई फर्क नहीं पड़ता है बदलती हुई किसी सोच से क्योंकि अक्सर जीवन में सोच बदलती रहती है जिसे समज लेने में दुनिया हर बार अपना रंग बदलती है
सोच तो वह बदलाव है जो जीवन को साँसे देता है पर हम भी बदल जाते है तो क्यूँ डरना जब लोग गलत के लिए बदलते है जीवन की हर धारा में सोच तो अलग ही होती है
उस सोच को समज लो जिसमें दुनिया हर बार बसती है पर सोच को परख लेने की जाने क्यूँ जीवन को जरूरत होती है सोच ही वह ख़याल है जो जीवन को रोशनी देता है
सोच को कुछ मोड़ पे समज लेना यही जिन्दगी होती है सोच की नई धारा में हर पल खुशियाँ मिलती है सोच को समज लेना तो जरुरी होता है
पर सोच एक जैसी कहाँ रहती है बदलना उसका मतलब है क्योंकि सोच ही तो जीवन को उम्मीद देती है जीवन में उजाले लाती है हर बार नयी शुरुआत दे जाती है
सोच को समज लो तो ही जीवन की नई शुरुआत होती है सोच ही तो हर कदम पर एक साँस बन कर चलती है जो जीवन को अलग दिशा दे जाती है
सोच के अंदर हर बारी कुछ अलग मिसाल सी बनती है जो जीवन में फर्क कई दे जाती है सोच तो हर मोड़ पर हमारा जीवन बदल लेती है
सोच को समज लो तो ही दुनिया बनती और बिघडती है जीवन की हर धारा में सोच तो हर पल बदलती है क्यों कतराये हम सोच से जब जीवन में चीजे बदलती रहती है
हमें परख लेने की जरूरत है की कौन सही सोच रखता है क्योंकि दुनिया तो बदलती रहती है सोच हर मोड़ पर रंग बदल भी देती है 

कविता ४३६. कुदरत के हर रंग

                                                               कुदरत के हर रंग
कुदरत के हर चीज में अलग बात तो समज आती है कुदरत हर रंग में कुछ अलग ही सिखाती है पर सिर्फ कुदरत से हम समज नहीं पाते है क्योंकि हर बार उसे समज लेने की जरूरत पड़ती है
कुदरत हर मोड़ पर अलग बात सिखाती है पर वह मुश्किल से समज में आती है पर कुदरत को समज लेने के लिए जीवन में हर चीज को समज लेने की हर बार जरूरत पड़ती है
कुदरत को जीवन में परख लेने की अहमियत होती है जो जीवन को हर बार समज लेते है उसे समज लेने की हर बार जरूरत होती है कुदरत ही हमें अक्सर आगे ले जाती है
पर वही कुदरत बड़े मुश्किल से हमारे जीवन में समज आती है कुदरत को समज लेने की जीवन में हर बार जरूरत होती है कुदरत में ही जो बाते छुपी होती है उनकी कुदरत  को हर बार जरूरत होती है
कुदरत के अंदर हर बार कोई नई चमक होती है उसे समज लेने से आगे बढ़ जाने की हर मोड़ पर जरूरत होती है कुदरत तो जीवन को अलग अलग रंग दिखाती है
जिन्हे समज लेने की जीवन में हर मोड़ पर जरूरत होती है कुदरत को समज ले तो जीवन की शुरुआत नई होती है कुदरत के हर मोड़ पर जिन्दगी एहसास कुछ अलग ही देती है
कुदरत के अंदर हर सोच अलग एहसास देती है कुदरत तो जीवन को खुशियों की अलग सौगाद हर मौके पर देती है कुदरत में जीवन की चाबी छुपी रहती है
कुदरत ही जीवन की ताकद बन कर अलग एहसास दे रही है जिसे हम समज रहे है वह सोच जीवन की दिशा बदल रही है कुदरत ही हर मोड़ पर हमें समज रही है
कुदरत की हर ताकद को समज ले तो उस ताकद में दुनिया की कई खुशियाँ बसी हुई है जिसे परख लेते है तो दुनिया नये सीरे से बनती हुई दिखाई देती है
कुदरत को समज लेते है तो जिसके अंदर नई सोच बनती है वह ताकद हमे सिर्फ उम्मीदे देती है वह ताकद हर मोड़ पर हर बार जरुरी होती है
कुदरत ही हमारे जीवन की ताकद होती है जो जीवन को उम्मीदे और रोशनी हर बार देती है कुदरत  ही हर बार ताकद देती है 

Tuesday, 12 January 2016

कविता ४३५. जीवन में नई सोच

                                                             जीवन में नई सोच
हर बार जीवन में नई सोच जिन्दा तो हो जाती ही है जिसे समज लेने की जरूरत जीवन को हर बार होती है नई सोच जीवन को जिन्दा तो कर लेती है
हर सोच को समज लेने की जरूरत हर मोड़ पर होती है जीवन में हर बार दुनिया अलग रंगों में दिखती है पर उस सोच को समज लेने की हर बार जरूरत होती है
जीवन की धारा को परख लेने की जीवन को हर मोड़ पर जरूरत होती है जीवन में सोच हर मोड़ को बदलसा देती है जो जीवन को मेहनत का फल हर बार दे जाती है
जीवन में हर पल  पर कुछ ना कुछ असर तो होता ही है जब हमारी सोच बदलती जाती है जो जीवन को अलग एहसास दिलाती है जीवन को अलग रोशनी दे जाती है
जीवन के हर पल को समजे तो ही जीवन में नई रौनक मिल पाती है वह जीवन को कुछ अलग ही दिखा जाती है जो जीवन को नया सबेरा देती है
सोच ही तो हर मोड़ पर जीवन की ताकद होती है सोच तो जीवन को नई दिशा देती है जो हर पल हर मोड़ पर बदलती रहती है सोच के अंदर जीवन की आशा होती है
सोच ही हमारे जीवन की ताकद होती है जो हमें आगे हर बार ले जाती है सोच ही तो जीवन की शुरुआत होती है जो जीवन को नई उम्मीद देती है
सोच के अंदर ही विश्वास की डोर हर बार दिखती है जो जीवन की हर धारा को नया उजाला या फिर अँधेरा देती है सोच ही जीवन को बनाती है
पर अक्सर अनजाने में जीवन की सोच बन जाती है जो हर बारी हर मोड़ पर जीवन को नया एहसास दे जाती है जीवन की शुरुआत देती है
जीवन में ही तो आगे बढ़ने के लिए ही सोच हमे उम्मीद देती है पर अगर सही ना हो तो वही सोच हमारी उम्मीदे हर बार छिन लेती है 

कविता ४३४ जीवन के हादसे

                                                                   जीवन के हादसे
हवा में हिलती हुई हर चीज जीवन को मतलब दे जाती है यह जरुरी नहीं होती उसी तरह हर हादसा जो जीवन में हमे जीना पड़ता है वह हम पर असर ही करे यही जरुरी होता है
कुछ अलग हादसे से ही हर बार जीवन में बदल जाये यह जीवन की जरुरत नहीं होती है जीवन के हादसे हर बार जीवन पर अलग असर  करते है
जीवन को अलग तरीके से बताते है जीवन की धारा को समज लेने की जरूरत हर बार होती है हादसे जीवन में अलग सोच तभी देते है जब हम उन्हें इजाजत देते है
पर कभी कभी कुछ हादसे तो ऐसे भी होते है जो जीवन की धारा को गहरी चोट भी देते है हम भूल नहीं पाते उनको पर वह किस्से जीवन को नया एहसास देते है
कुछ हादसे हम पर असर हर बार कर जाते है हादसे जीवन को अलग सोच दे जाते है कुछ हादसे दुनिया को बदल भी देते है हादसे जीवन को मतलब दे जाते है
हादसे की बजह से जीवन बदल जाता है हादसे हर बार हमें उम्मीद तो देते है पर हादसे पीछे नहीं रह पाते है उनके ऊपर जाना जीने की जरूरत होती है
हादसा ही जीवन को अलग हर बार बनाता है हादसा ही जीवन में हर मोड़ को बदल देते है वह उन्हें जिन्दा रखते है उनमे खुशियाँ पाते रहते है
हादसे ही जीवन को हर बार जिन्दा रखते है हादसे जीवन को नई शुरुआत देते है हादसे जीवन को अलग सोच देते है जीवन को हादसे हर बार बदल लेते है
हादसे ही जीवन को नई शुरुआत देते है क्योंकि हादसे ही जीवन को नई परिभाषा देते है हादसे ही जीवन को नया एहसास दे जाते है
हादसे ही जीवन को अलग मतलब दे जाते है हादसे ही जीवन को अलग एहसास हर पल दे जाते है हादसे ही तो जीवन को बदलते है
पर कभी कभी वह हमारे जीवन पर इतना बुरा असर कर जाते है की कुछ पल में हमे रुलाते है हादसे ही जीवन की हर धारा को हर बार बदलते जाते है 

Monday, 11 January 2016

कविता ४३३. दो किनारों की एक कहानी

                                                           दो किनारों की एक कहानी 
कुछ सही और कुछ गलत जीवन में अलग अलग छोर तो होते ही है दो राहों पर अक्सर उन्हें समज लेने की उम्मीद हम जीवन में पाते ही है
हर छोर पर कुछ ना कुछ एहसास हर बार दिख जाता है जिसे समज लेने के लिए जीवन अलग रंग दिखाता है जीवन में हमेशा दो छोर तो होते ही है 
अलग अलग एहसास जीवन में उम्मीदे देते है पर अलग अलग छोर पर जीवन गुजार लेने की हर बार जरूरत नहीं होती है कभी सही छोर पर ही जिन्दगी गुजर जाती है 
पर मुश्किल तो तब होती है जब जीवन की शुरुआत  किसी गलत छोर पर होती है क्योंकि तब मुश्किल बड़ी होती है क्योंकि हमे पार करनी एक नदी होती है 
पर ध्यान से देखो तो कई बार किसी दूर किनारे पे  सही गलत के किनारे मिल जाते है और यही तो जीवन की मुश्किल होती है जो जीवन में किनारे दे जाती है 
किनारों पर जीवन की दिशा बनती है क्योंकि किनारों पर ही जीवन की दुनिया बसती है किनारों के अंदर अलग ख़याल होते है जीवन पर असर कर जाते है 
हर किनारे पर दुनिया बसती है जो जीवन में खुशियाँ  देती है अगर हम हर छोर को समज ले तो ही जीवन में नई शुरुआत होती है 
हर किनारे में सही गलत बस तभी रहते है जब किनारे नहीं मिलते है पर अगर वह मिल जाये तो जीवन की धारा बदल जाती है जीवन की कहानी अलग नजर आती है 
क्योंकि जब किनारे मिलते है जीवन में समज लेने की जरूरत होती है पुरे किनारे को सही बनाने की जरूरत हर बार हर मोड़ पर अक्सर होती है 
किनारे अलग हो तो हम रह भी लेते आराम से पर जब किनारे मिल जाये तो जीवन में लढने की जरूरत होती है पूरा किनारा बदल देने की जीवन में जरूरत होती है 

कविता ४३२. सोच को समज लेने की फुरसत

                                                          सोच को समज लेने की फुरसत
जब कुछ सोचा हमने हमारी सोच बदल जाती है क्योंकि जीवन की हर बात में हमारी दुनिया बदल जाती है सोच तो अक्सर जीवन को दिशा अलग देती है
उस सोच को परख लेते है तो जीवन की दिशा बदल जाती है हर सोच के भीतर हमारे ख़याल अलग अलग होते है जो जीवन को राह अलग दिखाते है
पर सोच को समज लेते है तो उस सोच के अंदर खयाल अलग दिखते है पर कभी कभी जीवन में एक ऐसी दिशा भी दिखती है जिसे समज लेने से जीवन की शुरुआत अलग होती है
पर कभी कभी जीवन में सोच अलग जिन्दा होती है  पर कभी कभी जीवन में सोच भी बदल सी जाती है जीवन के अंदर वह ख़याल अलग देती है
जीवन को जिन्दा कर जाए वह एहसास हमेशा वह देती रहती है जीवन के हर धारा में हमारी सोच अलग होती है जिसे परख लेने की जरूरत तो हर बार होती है
जीवन की हर धारा को समज लेने फुरसत नहीं मिलती है क्योंकि सोच ही जीवन पर अलग अलग असर हर बार कर देती है जिसे समज लेने की जरूरत होती है
सोच को हर पल समज लेना आसान नहीं होता है क्योंकि लोग अपनी सोच अक्सर छुपा लेते है जीवन में उसे समज लेना आसान नहीं होता है
सोच को समज लेने की हर मोड़ पर जरूरत अहम होती है जो जीवन की हर धारा को रोशनी हर बार देती है उस रोशनी को परख लेने की समज जरुरी होती है
सोच ही जीवन को हर मोड़ पर अलग एहसास देती है सोच से ही जीवन की शुरुआत हर बार होती है सोच में जीवन की हर धारा बहती रहती है
पर जीवन के इन्सान की सोच समज लेनी मुश्किल रहती है क्योंकि जीवन में काम करते समय ख़यालो को समज लेने की जीवन में फुरसत नहीं मिलती है 

Sunday, 10 January 2016

कविता ४३१. पानी में बदलती तसबीर

                                                        पानी में बदलती तसबीर
पानी की हर बूँद में कुछ तो बात लिखी हुई हर बार नजर आती है जिसे परख लेने से जीवन की शुरुआत अलग हो जाती है क्योंकि पानी में ही अलग तसबीर नजर आती है
पानी के अंदर ही दुनिया साँस दे जाती है हर बातो मे हम यह जानते है की पानी तो बस वही दिखता है जो सामने होता है पर पानी में देखते ही लगता है जैसे पानी में अपनी दुनिया नजर आती है
पानी से ही दुनिया की तसबीर दिखती है जिसमें दुनिया की हर चीज नजर आती है पानी को ध्यान से देखे तो उसमें दुनिया नजर आती है खुशियाँ नजर आती है
पानी के लहरों में दुनिया के अलग रूप नजर आते है जो जीवन को अलग सोच और मतलब दे जाते है पानी में देखो तो हर बार एक अलग बात नजर आती है
पानी की लहर अपने साथ हर चीज को आगे ले जाती है वह हर चीज को बनाती है और मिटाती है पर खाली नहीं रहती है वह लहर बदलाव दिखाती है
कभी बनाती है और कभी जीवन में मिटाती है वह हर मोड़ को प्यारा और सुंदर बताती है पानी तो हर पल हिलता है और बदलाव जताता है जो हर मोड़ पर अलग एहसास दिखाता है
पानी की लहरे जीवन को हर बार नया रूप दिखाती है जो जीवन को हर साँस में अपना एहसास बताती है पानी में जो दिखता है वह बनाती है मिटाती है
पर गौर से देखो तो पानी खाली नहीं होता वह पानी में कुछ ना कुछ जरूर  दिखाती है वह बताती है बदलाव हमारा साथी है वह धीरे से बदलाव दिखाती है
पानी के अंदर रूप जो अलग अलग वह दिखाती है उन्हें परख लेने से ही जीवन की नई शुरुआत होती है वह जीवन को हर पल अलग रूप दे जाती है
पानी के बदलती लहरों के साथ वह जीवन के बदलाव दिखाती है वह यह बताती है की जीवन खाली नहीं होता पर बदलाव हमारा हर पल साथी है तो तसबीर हर बार बदलती जाती है
जो बदलाव से ना डरे जीत जीवन में बस उसी की होती है जो हमें हर पल हर मोड़ पर हमेशा आगे ले जाती है नई रोशनी  है 

कविता ४३०. चीजों की अहमियत

                                                                चीजों की अहमियत
कोई बात जीवन मे अहम नजर आती है पर उसकी असली अहमियत वक्त ही बताता है उसे समज लेना हर बार जरुरी नजर आता है क्योंकि वक्त ही हमारी साथ देता है
कब क्या सच है कब क्या झूठ है उसे समज लेना जीवन कि जरुरत होती है पर वह तभी तो समज आता है जब उस पर चलना हमे हर बार समझता है
क्या सही क्या गलत उनसे ही तो पता चलता है कभी कभी जरुरी चीज भी अहम नही होती है और कोई सीधी चीज भी जीवन कि जरुरत बनकर सामने नजर आती है
चीजों को परख लेना आसान नही होता है कभी उनमे मुश्किल बातों का एहसास भी होता है चीजे हर बार सही राह नही देती है कभी चीज गलत कभी सही नतीजा दे जाती है
जब चीजे सीधी हो तो भी मतलब अलग नजर आते है जिनके अंदर कोई सोच अलग होती है जो जीवन पर असर हर बार कर जाती है जो बात अलग होती है
सीधी बातें ही जीवन में हर पल वही एहसास नहीं देती है चीज तो जीवन पर अलग असर हर बार कर जाती है हम परख लेते है चीजों को तो मतलब अलग बनते है
उन चीजों का अर्थ समज लेने की शुरुआत अलग होती है उन बातों में जीवन की साँस हर बार बनती है अगर चीजे परख ले तो जीवन में सौगाद नई बनती है
जिसे समझ लेते है तो जीवन की प्यास कुछ अलग ही बनती है हम समझ तो लेते है जीवन को पर वह एहसास हर बार सोच अलग होती है
जीवन के अंदर हर बार सोच का अलग एहसास जीवन को साँस देता है पर चीजों की अहमियत हर बार नई सोच रोशनी की तरह जीवन में एहसास अलग तरह का देती है
जीवन में चीजो की जरूरत होती है उन चीजों को समज लेने से ही जीवन में हर बार सही तरह की दिशा हमे मिलती है पर चीज समज लेने की हर बार जरूरत होती है 

Saturday, 9 January 2016

कविता ४२९. हर राह कि रोशनी

                                           हर राह कि रोशनी
हर राह पर जब जब हम चले रोशनी तो मिलती है रोशनी तो हर बारी उजाले कि ताकद देती है राह हमेशा छोटीसी और कमजोर दिखती है उस ताकद को समज ले तो उसमे उम्मीद होती है
रोशनी ही तो वह दिशा है जो आगे ले जाती है रोशनी ही जीवन को मतलब देती है पर राह पर कहाँ रोशनी मिल सकती है यह चीज कहाँ समज आ सकती है इसीलिए तो हर बार राह चलनी पडती है
राह तो जीवन को नया मोड हर बार देती है कुछ पल चलने के बाद आगे बढने का मौका हर बार आता है जो जीवन को मतलब कई बार दे जाता है उस मोड को समज लेने कि हर बार जरुरत होती है
राहों पर अलग अलग किनारे हर बार होते है जो राह को नये मतलब सीखा जाते है क्योंकि राह ही तो जीवन को अलग एहसास दे जाती है पर उस कदम तक जाना थोडा मुश्किल होता है
जिसे समज लेने के लिए उस कदम तक ले जाने कि जरुरत हर बार होती है राह पर हर मोड पर अलग सोच जिन्दा होती है उस राह पर जीवन को ले जा कर ही कुछ उम्मीद मिल पाती है
राह पर अलग किसम के मतलब रखे हुए हर बार होते है जो जीवन को अलग शुरुआत देते है पर उस मोड पर जीवन को परख लेना हर बार जरुरी होता है
पर कई बार उस मोड से पहले ही थक जाते है वही तो हम जीवन कि सबसे बडी गलती कर जाते है हम जीवन को समज लेना भूल जाते है जिसके बजह से हम जीना भूल जाते है
राह को हर बार अलग मतलब उस पर मेहनत से चलने से ही मिलता है राह तो बस घुमती रहती है पर उसमे कई बार राज छूपे होते है जो जीवन को उम्मीद दे जाते है
राह पर अलग बात अक्सर असर कर जाती है पर उसे समज कर ही जीने कि जरुरत होती है राह ही कई मोडों से बनी हुई होती है राह पर कुछ कदम चल कर देखो तो ही दुनिया मिलती है
राह ही तो कभी ना कभी सही उम्मीद जताती है वही तो जीवन को कुछ दिलाती है पर अक्सर उस मोड तक जाना जरुरी है क्योंकि वही तो जीवन कि सही शुरुआत होती है

कविता ४२८. खुदा से मिला जीवन

                                               खुदा से मिला जीवन
हर बार हमने सोचा वैसा नही होता है पर जो भी होता है वह बहोत खूब होता है क्योंकि वह तो खुदा तय करता है वह हर बार कुछ खूब ही कहता है क्योंकि वह हम से बेहतर रहता है
पर जब वह गम देता है तब जाने क्यूँ उस पर शक सा होने लगता है दिल डरता है मन को चोटसी दे जाता है पर शायद वही हर पल सही होता है जो उम्मीद दे जाता है
क्योंकि उसके बिना जीवन मे उम्मीदे कहाँ आती है जीवन को हर बार उम्मीद जो हमे आगे ले जाती है उस खुदा से ही तो हमे उम्मीद का एहसास हर बार मिलता है
खुदा ही तो जीवन को नई सोच देता है फिर वह गम भी देता है तो उसे अपना लेने मे ही अक्कलमंदी दिखती है क्योंकि उस सोच से ही जीवन मे आशा कि किरन आती है
जिसने हमे दियी उम्मीद वही तो जीवन को मिलती है खुदा से ही जीवन कि उम्मीद बनती है उस के गमों से तकराने कि जीवन मे क्या जरुरत होती है जो हमे आगे ले जाती है
खुदा से ही तो जिन्दगी मिलती है तो उसके गमों मे भी हमे खुशियाँ ही हासिल होती है जीवन मे उम्मीद हर बार मिलती रहती है खुदा से ही जीवन कि शुरुआत होती है तो उसे ही अपनाने कि जरुरत होती है
उस खुदा से ही जीवन कि सही उम्मीद बनती है कभी वह गम भी दे जाता है तो अपना लेने से क्यूँ कतराना होता है खुदा के अंदर ही हर बार कुछ उम्मीद होती है
खुदा को समज लेने कि जरुरत होती है खुदा ही जीवन कि उम्मीद होता है जो कभी गम दे जाता है तो क्या हर बार खुशियाँ उस कि बजह से ही तो जीवन मे होती है
पर गमों का जीवन पर असर होता है क्योंकि गम ही तो जीवन मे आगे ले जाते है जब खुदा दे उनको तो असर हर बार कर जाते है पर वही तो अक्सर हमारे साथी दिखाते है
उप्परवाले से जो मिले वही ले लो क्योंकि वही दाता है हमारे जीवन के जो हमे सही राह दिखाते है उनके दियी खुशियाँ और गम ही तो हमारी दुनिया बनाते है हमे आगे ले जाते है

Friday, 8 January 2016

कविता ४२७. मन कि शीतलता

                                             मन कि शीतलता                    
आसमान मे कई बार तारों कि शीतल रोशनी जो दिखती है उन सितारों के अंदर नई शीतलता मिलती है आसमान मे हर रंग मे एहसास जुदा होता है
उस शीतलता मे ही जीवन को नया एहसास मिलता है पर तारे तो बस वही होते है पर रोशनी तो हर बार बदल जाती है जो जीवन के हर मोड पर मतलब अलग पाती है
शीतलता ही तो जीवन को प्यारी चादर देती है हर मोड को कोई अलग मतलब और मकसद दे जाती है शीतल चांदनी ही जीवन मे रोशनी लाती है वह उम्मीद बन कर आगे बढ जाती है
शीतलता ही अक्सर जीवन मे अहम नजर आती है क्योंकि मन को लगता है वही उम्मीद दे जाती है पर सच तो यह है कि शीतलता मन कि जीवन कि जरुरत हर बार होती है
आसमान कि शीतलता से नही मन कि शीतलता से जीवन मे रोशनी हर बार होती है जो जीवन को धीमे से उजाला देती है शीतलता ही जीवन कि अहम साँस होती है और मन के शांती से वह जीवन मे आती है
जीवन के हर कोने मे एक नई सुबह होती है जो जीवन को हर बार उम्मीद दे जाती है और रोशनी देती है मन अगर शांत हो तो जीवन मे खुशियाँ आती है
जीवन कि शीतलता जीवन को मतलब दे जाती है जीवन के हर कदम मे चाहे सूरज हो या चांद मन कि रोशनी उन्हे प्यारा बनाती है जिनके अंदर वह शीतलता होती है जो आगे ले जाती है
मन के भीतर कोई ताकद हो जो जीवन को मतलब दे जाती है वह अक्सर जीवन मे हर मोड पर अहम नजर आती है अगर मन मे अहम एहसास हो तो उसमे रोशनी नजर आती है
शीतलता ही जब मन मे होती है वह हमारे जीवन को रोशनी दे जाती है हमे हर बार जो उम्मीद दे जाती है वही सोच शीतलता मन मे लाती है अगर गुस्सा हमारी आग है तो शीतलता पानी है
दोनों हिस्सों से लिखी हुई इस जीवन कि कहानी है जीवन मे अगर परख लेते है तो शीतलता देती है वह एहसास जो जीवन मे हर पल लगता बडा ही सुहाना है

कविता ४२६. खुद कि सोच

                                            खुद कि सोच
हर बार हम यह नही सोचते है कि जीवन कि आसान भी कोई राह जरुर होती है पर जाने क्यूँ उन्हे हम नही पाना चाहते है जाने क्यूँ जीवन को हम मन से जीना चाहते है
आसान नही होती वह राह जिसे हम जीना चाहते है क्योंकि हर बार हम अपने दम पर चलना चाहते है अपने जीवन को परख लेना चाहते है पर अपनी मर्जी से जीना चाहते है
जीवन कि हर धारा को समज लेना चाहते है पर अपने मन से ही तो हम जीवन मे जीना चाहते है उस खयाल को जिसे हम सही समज लेते है उसे कहना आसान नही होता है
क्योंकि अपने खयालों का रस्त्ता तो अक्सर मुश्किल का होता है जो जीवन को अक्सर मुसीबते दे जाता है कभी कभी उसे छोड देना भी जीवन को जीवन नही रख पाता है
बिन साँसों के क्या हमारी जिन्दगी होती है बिना अपनी सोच कि क्या जीवन कि कभी कोई शुरुआत होती है जो जीवन को आगे ले जाती है अपनी सोच ही हर बार जरुरी होती है
अपनी सोच तो अक्सर अपनी ताकद होती है जो जीवन को मतलब दे जाती है वह सोच कितनी मेहनत हर बार बताती है वह सोच ही जीवन कि जरुरी नजर बन जाती है
अपनी सोच ही जीवन को अलग उम्मीद देती है जो जीवन को अलग एहसास दे जाती है सोच को अपने दम से ही आगे ले जाने कि हर बार जरुरत होती है
सोच को अलग अलग मोड से समज लेने कि जीवन मे हर राह पर अहमियत होती है उस सोच कि जो अक्सर हमारी अपनी होती है जो जीवन को हर बार रोशनी देती है
खुद कि सोच को जब हम आगे ले जाते है तभी तो जीवन मे हमारी कुछ किंमत होती है क्योंकि जीवन मे हर पल आगे बढ जाना हमारे जीवन कि हर बार जरुरत होती है
अपनी सोच ही अपनी जरुरत होती है वह सोच हर बार मुश्किल होती है सोच जब अपनी हो तो हर बार मुश्किल से ही जीत मिलती है क्योंकि अपनी सोच सबसे पहले लोगों को समझानी पडती है

Thursday, 7 January 2016

कविता ४२५. पानी और हवा

                                                 पानी और हवा
पानी के भीतर जीवन जिन्दा होता है हवाओं के साथ वह हमे मतलब देता है हर बार हमेशा जीवन मे वह प्यास कम करता है पानी ही जीवन बनकर एहसास जगाता है
जीवन को हर बारी जो हिस्सा उम्मीदे दे जाता है उसे समज लेना जीवन हर बार अहम पाता है जीवन को हर हिस्से से समज लो तो उम्मीदे दे जाता है
वह जीवन को नई तरीके से आगे ले जाता है ताकद दे जाता है पानी हो या हवा हो वह हिस्सा हर बार अहम नजर आता है वह हर पल हमे जीवन मे आगे ले जाता है
जीवन को हर हिस्से मे समज लो तो वह साँसे दे जाता है जीवन के अंदर हर बार वह नई उम्मीद जगाता है जो हम समज ले वही जीवन का हिस्सा वह हमे बताता है
पर हमने जो ना समजा हो वह जीवन का किस्सा भी हर बार अहम होता है जीवन को जो साँसे दे वह किस्सा हर बार रोशनी देता है अगर पानी और हवा को समज लो तो उसमे जीवन नजर आता है
जब कुदरत मे अलग अलग एहसास हर बार उम्मीद दे जाता है जीवन को मतलब तो वही एहसास दे जाता है जो जीवन कि हर धारा मे नया एहसास दे जाता है
कुदरत के अंदर जीवन मे नई सोच और उम्मीद वही एहसास लाता है जो जीवन को हर मोड पर ताकद दे जाता है कुदरत का कुछ हिस्सा जो हमे मतलब हर बार दे जाता है
अलग एहसास जो हम समज ले तो वह जीवन को रोशनी दे जाता है कुदरत का एक हिस्सा हर बार किस्सा नया बताता है जो जीवन को हर बार मतलब दे जाता है
जो अहम जरुरत होती है उनसे ही तो जीवन अहम नजर आता है उनसे ही तो जीवन हर बार हमे ताकद दे जाता है जो जरुरी होता है वही तो जीवन को सही राह दे जाता है
पानी और हवा के अंदर जीवन को मतलब मिलता है जो हमे हर बार हर एक मोड पर खुशियाँ दे जाता है जीवन मे हमारे हर बार मतलब कुछ अलग ही जिन्दा हो जाता है

कविता ४२४. खुबसूरती कि तलाश

                                    खुबसूरती कि तलाश
जिस चीज मे सबसे पहले खुबसूरती को अहमियत हो वह कई बार हमे समझाने कि कोशिश करती है खुबसूरती गलत चीज हर बार होती है और हम बस सुनते ही रहते है
अक्सर लोग कुछ अलग कहना चाहते है पर कुछ अलग कह देते है उन्हे चीज अपने पास ना होने का अफसोस होता है पर वह उसे बुरी कह कर जता लेते है
कमी तो उसे ना पाने कि होती है पर बुरी कह कर उसे मिटा देते है जब के वह हर बार वह चाहते रहते है दौलत हो या कोई भी चाहत हो जीवन कि बस यही कहानी होती है
जीवन मे हर चीज समज लेनी होती है क्योंकि हर चीज का दिखावा होता है और कुछ मन कि बात को समज लेना ही जीवन मे अहम होता है जो रोशनी जीवन को दे जाता है
जीवन मे आगे बढना हर बार जरुरी होता है पर उसे समज लेना सबसे अहम होता है जीवन मे हर चीज अहम तभी होती है जब उसकी चाहत अहम होती है
जीवन मे सही मोड अहम होते है जब हम सच कहते है पर लोग अक्सर अपनी कमी से डर कर झूठ बोलने लगते है पर उस झूठ से सिर्फ बढते हमारे फासले है
जो चीज हमे नही मिलती उसे हम अक्सर बूरी कहते है और उस सोच मे जीवन कि सबसे बडी गलती होती है वह चीज हमारी उस जिद्द से ही दूर होती है
क्योंकि खुबसूरती तो हर नजर मे कुछ अलग ही होती है हर किसी के लिए उस खुबसूरती का मतलब कुछ और ही हर बार होता है जो जीवन को उम्मीद दे जाता है
खुबसूरती ही तो जीवन को मतलब देती है जो जीवन को हर बार सुंदर बनाती है क्योंकि वह तो मन से महसूस कि जाती है जो उसे महसूस करे उसकी हमे अक्सर तलाश होती है
तो खुबसूरती और दौलत से नफरत करने से अच्छा है उसे परख लेना जिसकी हमे जरुरत होती है और उस खुबसूरती को चाहो तो हर बार हर मोड पर हमारे लिए अहम होती है

Wednesday, 6 January 2016

कविता ४२३. कहना जरुरी होता है

                                                          कहना जरुरी होता है
क्या करते है जीवन मे कुछ हम कहते है और कुछ कह नही पाते क्या कहते हम क्योंकि कई बार हमे अपने मन कि बाते ही समझ मे नही आती जिन्दगी कि भाग दौड मे चीजे समज लेनी रह जाती है
कहना तो जीवन मे बहोत कुछ होता है पर कुछ बाते कहना बाकी रह जाता है बाकी चीजों का अफसोस नही पर कई बार शुक्रिया जब रह जाता है मन को तब अफसोस बडा होता है
कहना तो हर बार जरुरी होता है उसे जब हम समज लेते है जीवन मे एहसास अलग होता है कहना तो बातों को हर बार जरुरी होता है पर जिस बात को दिल चाहता है वह दिल का समजना जरुरी होता है
कहना ही जीवन को हर बार मतलब देता है कहते रहना ही जीवन को मतलब देता है जब बात हम खुद ही नही समज पाते है क्या बताये किसी को जो बात ही भूल जाते है
कहना ही जीवन को मतलब देता है जो जीवन को कोई ना कोई राह बताता है कही बाते इन्सान आसानी से समज पाता है पर जो खुद ही ना समज सका हो वह बात इन्सान खाक बताता है
जीवन में ऐसी ही कई बाते अधूरी रह जाती है जो जीवन के हर मोड़ पर कुछ तो असर कर जाती है जीवन की धारा जो आगे बढ़ती जाती है
उसे समज लेने की जरूरत मन को हर बार मेहसूस होती है कहना तो हर बार हर मोड़ पर आसान होता है कही बाते ही तो जीवन में अलग असर दिखाती है
पर हम कुछ बाते समज लेने में इतना वक्त लगाते है की कभी कभी हमसे पहले दुनिया हमारी बात समज जाती है तभी मन को बड़ी तकलीफ होती है
क्योंकि यह ज्यादा जरुरी है की हम खुद को समझले पर हम ज़माने को समझ तो लेते है पर अपने मन की बात तो अक्सर मन में ही रह जाती है
कहना ही जरुरी होता है जिसे समज लेना जीवन में उम्मीद दे जाता है कहना ही जीवन के हर मोड़ पर रोशनी देता है पर अपनी बात को समज लेना हर बार जरुरी होता है 

कविता ४२२. तसबीर के अंदर

                                                              तसबीर के अंदर 
कभी किसी तसबीर से जवाब नही मिलता  कितनी आसान वह दुनिया होती है जिसमे एक तसबीर से भी जीवन कि कहानी बयान होती तो जीवन कितना आसान होता
तसबीर मे ही कुछ एहसास छुपे होते है पर अक्सर हमने देखा है हम उन्हे गलत समज लेते है अगर तसबीर बात करती तो जीवन कि हर लकिर जिन्दा होती है
पर जीवन इतना आसान नही होता तसबीर के अंदर कुछ अलग खयाल हर बार होते है अगर उन्हे सही समजे तो अच्छा है वरना तसबीर ही गलत जीवन मे है लगती
जब जब फुरसत मे हम उन तसबीरों को परख लेते है हर बारी कुछ गडबड तो जीवन मे जरुर हो जाती है तसबीर के अंदर ही दुनिया कि अलग सोच होती है
तसबीर के अंदर अलग सोच बसी होती है जो जीवन मे अलग एहसास हर बार देती है तसबीर मे जीवन को परख लेना हर बार अहम होता है पर उसमे जीवन को कहाँ हम समजते है
हम चाहते है कि तसबीर कभी सीधी सीधी बात भी हमे बता दे कभी बातों का मतलब सही वह धीमे से दे जाये पर तसबीर हम पर वह एहसास नही करती है
वह कुछ नही बताती चुपचाप खडी रहती है हम कई बार कहते है जो वह बात सही नही होती उस बजह से हर बात में मुश्किल हर बार होती है
तसबीर में ही अलग अलग मतलब जिन्हे ख़ुशी जिन्दा होती है उन्हें हम हर बार समज लेना हर बार चाहते रहते है तसबीर ही जीवन को मतलब दे जाती है
तसबीर में अलग एहसास जीवन को मतलब दे जाते है तसबीर के अंदर अलग अलग मतलब जो जीवन को ताकद हर मोड़ पर हमेशा दे जाते है
तसबीर ही हमें जीवन की उम्मीद देती है उसे सही तरीके से समज लेने की जरूरत होती है क्योंकि जीवन की धारा तभी बनती है
तसबीर के अंदर अलग सोच हमेशा होती है जिसे समज लेने की हमारे अंदर ताकद होती है तसबीर तो हमारे समज में मुश्किल से आती है पर फिर भी तसबीर कहाँ सीधी बन पाती है 

Tuesday, 5 January 2016

कविता ४२१. चुनी हुई राह

                                              चुनी हुई राह
हमारी राह तो वह होती है जो हमे समज आये हर राह को अलग अलग एहसास होता है जो जीवन मे नई शुरुआत देते है पर राह को तो जीवन मे नई शुरुआत हम देते है
राह पर हम अलग अलग सोच के एहसास रखते है जिन्हे समज कर जीवन मे हम उम्मीदे पाते है राह के अंदर ही अलग दिशाए होती है जो जीवन को मतलब दे जाती है
राह को परख लो तो ही उसमे जीवन का मतलब अलग मिल जाता है राह मे ही तो जीवन का सुनहरा एहसास मिलता है राह हमे अक्सर कुछ बनाती है पर वह राह हम सोच के ले चुके हो तो उम्मीद आती है
राह को समज लेना जीवन को उम्मीद दे जाता है राह पर अलग अलग सोच तो होती है पर हमे तो अक्सर अपनी सोच खुदही समज लेनी पडती है जो हमे उम्मीद देती है
राह को परख लेना जीवन कि जरुरत होती है पर जब हमारे मन कि उम्मीद एक राह देती है उस राह से ही हमारी दुनिया आगे बढती है राह ही तो हमे चुननी होती है
राह को समज लेना जीवन कि जरुरत होती है राह ही तो जीवन को मतलब देती है राह हर मोड कि शुरुआत तो होती है क्योंकि राह ही हमे मन से चुननी होती है
मन मे राह से ही उम्मीद मिलती है पर तभी जब हमने उसे सही सोच कर हमने चुनी होती है राह को तभी अपना कहना होता है जब वह हमे सही राह लगती है
कोई भी राह सही नही होती क्योंकि वह जमाने से हमे समझा दी जाती है हमे अपनी चुनी राह कभी काफी नही लगती है पर हर बार वह राह ही तो जीवन के हर मोड पर काफी होती है
राह चुनना हर बार जीवन मे अहम नजर आता है राह को मतलब हमारी सोच ही देती है और दुसरों से उधार लियी सोच हमे अपनी सोच नही लगती है
राह चुनना ही जीवन कि जरुरत होती है जो अपने मर्जी से तय करनी होती है राह ही तो अपने जीवन कि सच्चाई होती है जो हमे मर्जी से हर बार बतानी होती है

कविता ४२०. किताब का लब्ज

                                           किताब का लब्ज
हर मोड पर अलग लब्ज लिखा मिलता है जिसे समज लेने मे जीवन का हर पल छुपा होता है पर किताब मे सबके लिए अलग लब्ज जरुरी होता है जो जीवन को रोशनी देता है
लब्ज के अंदर मतलब तो अलग होता है जिसे समज लेने से जीवन कि कहानी वह आगे बढाता है लब्ज तो हर बार जीवन को ताकद दे जाते है पर अहम लब्ज हर मोड पर बदलते है
लब्जों के अंदर हर किसी कि जरुरत छुपी होती है जो हर बार हर किसी के लिए अलग अलग होती है लब्ज ही जीवन कि ताकद होती है जो मतलब देते है
हमारे जीवन मे लब्ज अलग एहसास देते है लब्ज ही जीवन का मतलब दे जाते है किसी के लिए एक तरह का तो किसीके लिए अलग लब्ज अहम बनता है क्योंकि इन्सान एक जैसा नही होता है
एक लब्ज जो हम समज ले उनमे मतलब कई होते है उन्हे कभी हम परख लेते है लब्ज ही जीवन को मतलब दे जाते है पर कौन से यह बात हमे चुननी पडती है
हर किताब मे अलग अलग मतलब लिखे है लब्ज तो हर बार जीवन को अलग एहसास देते है लब्ज को समज लेना हर बार अहम होता है लब्ज ही जीवन को हर मोड पर बनाते है
क्योंकि लब्ज ही तो हमे कुछ ना कुछ दे जाते है लब्ज ही हमारी ताकद हर बार होते है जीवन कि सही मोड पर मुडने कि ताकद ही हमे जीवन देती है लब्ज ही जीवन पर असर करता है
लब्ज हमे सही और गलत बनाते है सही लब्ज चुनना जीवन को मतलब देता है वही जीवन को नई शुरुआत देता है पर कई बार हम बस यही सोचते है लब्ज ही हमारा जीवन बनाता है
लब्ज ही तो हमारे जीवन को मतलब दे जाता है उसे समज लेना जरुरी होता है लब्ज मे अलग मतलब हर बार होते है लब्ज को सही चुनकर आगे बढना ही अकलमंदी होती है
लब्ज ही जीवन को सही करते है पर हर इन्सान के अंदर अलग एहसास देते है लब्ज ही जीवन कि सही जरुरत होता है लब्ज ही हमे हर बार आगे ले जाता है

Monday, 4 January 2016

कविता ४१९. इरादे

                                           इरादे
जब जीवन को समज लेने कि कोशिश मे हम आगे चलते जाए उस उम्मीद को जो हमे जिन्दा रखे उसे परख लेना चाहे जीवन कि गाडी जो धीमे धीमे चलती रहे
उसे समज लेने कि चाहत जीवन को उम्मीदे देती जाए हर मोड को जब हम समज लेते है साँसों मे खुशियाँ लाए जीवन कि हर एक कहानी मे जीवन कि खुशियाँ हम पाये
जीवन के हर बार हर इरादे मे जीवन कि अलग खुशियाँ हम परख लेते है उन इरादों को समज लेना हम हर बारी चाहते है इरादे तो जीवन कि नई शुरुआत दे जाते है
हर कोशिश मे वह हमे उम्मीदे दे जाते है इरादों मे छुपे इशारे बडे काम आते है जो जीवन कि हर शुरुआत को नई उम्मीद दे जाते है हर इरादे मे अलग सोच हम पाते है
इरादे तो जीवन को मतलब जब देते है उन्ही इरादों को समज लेने मे ही हम जीवन कि जरुरत हर बार हम पाते है इरादा तो वही सही है जो हमे आगे ले जाता है
हर इरादे के अंदर अलग मतलब नजर आता है इरादों को समज लेना अलग एहसास होता है क्योंकि इरादा ही जीवन का एक साज होता है जीवन कि आवाज होता है
जब इरादे जीवन मे आगे बढ जाते है उन्हे परख लेना हम जरुरी समज लेते है इरादों के अंदर ही हम जीवन को परख लेते है पर मुश्किल तो तब होती है जब हम इरादों को समज नही पाते है
इरादे ही तो जीवन कि शुरुआत हर बार समजा देते है इरादे ही जीवन कि उम्मीद और रोशनी हर मोड पर देते है क्योंकि इरादे ही सच्चाई बताते है पर कभी इरादों का गलत समज लेने कि गलती हम कर जाते है
तभी तो जीवन मे हम हर बार पछताते है क्योंकि गलत सोच से हम अक्सर कतराते है पर इरादे गलत समज ले तो हम कहाँ जीवन मे संभल पाते है इरादे सही मोड तो दे जाते ही है
इरादे जो जीवन को मतलब दे जाते है उनमे ही जीवन कि उम्मीदे हर बार हम पाते है इरादे ही तो जीवन को आगे ले जाते है क्योंकि इरादे ही तो जीवन कि असली ताकद होते है

कविता ४१८ . दिन कि सोच

                                                     दिन कि सोच
पूरा दिन जाता है पर खुशकिस्मत हमारा वह दिन है जो हमे समज आता है दिन के हर कोने मे एहसास अलग पैदा होता है जिसे समज लेना जीवन को सोच अलग दे जाता है
जो दिन हमे सीधी राह दिखाए वह दिन आसान होता है पर फिर जाने क्यूँ मुसीबत पार कर के जो गुजर जाता है उसके अंत मे मुस्कान का एहसास हर बार जीवन मे होता है
दिन के अंदर अलग अलग मौकों मे जीवन का एहसास हर बार कुछ अलग ही होता है दिन कुछ अलग रंग दिखाता है तो ही जीवन आगे बढता है पर कभी कभी दिन अलग सोच भी दे जाता है
दिन मे ही जीवन कि सोच बदल लेने कि ताकद होती है पर कोई दिन ऐसा है जो हमारी दिशा बदल जाता है दिन के भीतर ही अलग सोच दिखती है उसका एहसास हमे भाता है
दिन एक जैसा नही होता वह कभी खुशी कभी गम लाता है दिन को समज लेना हमे हर बार अहम नजर आता है दिन गुजर जाते है बिना मतलब के तो जीवन मे कहाँ मजा आता है
दिन को समज लेना जीवन मे रोशनी लाता है दिन के हर पल मे जीवन बदलाव दिखाता है दिन तो पल पल कि कहानी हर बार बताता है दिन हर मोड पर एक अलग सोच दे जाता है
पर अगर दिन मुश्किल बन जाए तो दर्द बडा होता है क्योंकि दिन के अंदर तो खुशी या गम इस बात का राज हर बार छुपा होता है जो जीवन को आगे ले जाता है
दिन के अंदर यह ताकद  होती है जो जीवन को हर मोड पर सोच अलग  देता है दिन कि ताकद ही हर बार जरुरी और अहम होती है दिन ही तो हमे साँसे देता है
दिन ही जीवन कि सोच होता है दिन कि सुबह और रात होती है दोनों ही जीवन को प्यारी लगती है क्योंकि अच्छी और बूरी जीवन कि सोच हर बार होती है
दिन ही जीवन कि हर मोड कि उम्मीद होता है जो जीवन को हर बार आशा कि किरण दे जाता है क्योंकि दिन ही जीवन कि सच्ची उम्मीद दिल मे ही तो हर बार छुपी होती है