Saturday, 31 October 2015

कविता २८९. मासूमसी चाहत

                                    मासूमसी चाहत
कुछ बात तो मासूमसी कभी हम कह जाते पर हमने देखा है अक्सर खुदा उसे ही सच बनाते है एक बात जो मासूमसी सच होगी जो हम सोच भी न पाते है
दिल से माँगो उसको तो खुदा उसे हमे दे जाते है जीवन के हर एक मोड़ पर हम नये ख्वाब देखते है उन्हें खुदा ही तो हमारे लिए हर बार सच बनाते है
मासूम बातों मे ही हम दुनिया को पाते है हर चीज़ को समज लेने कि सोच हम मन मे रख लेते है जिसे परख लेना हम ज़रूरी पाते है उस मासूम सोच मे दुनिया को समज जाते है
मासुमियत का अलग एहसास होता है जो मन को छू जाता है मासूम दिल ही तो मिले या ना मिले चीज़ को माँगते रहता है मासूम सोच के अंदर ख़ुशियाँ होती है
मासूम सोच के अंदर हमारी दुनिया होती है जो जीवन के हर मोड़ को समज लेता है उस मासूम ख़याल से ही दुनिया का रंग बदल जाता है मासूम सोच के अंदर एहसास नया होता है
जिसे पाना भले मुश्किल लगता हो पर उसमें एक आस होती है जो जीवन के अंदर एक प्यास देती है मासूमसी सोच का एहसास दिलाती जो जीवन मे एक नई शुरुआत देती है
जीवन को वह जो आस देती है जिसे दुनिया हर बार परख लेती है कभी मासूम सी सोच जीवन के अंदर अलग एहसास देती है वह हर बार जीवन को कुछ ना कुछ तो कहती रहती है
मासूम सोच भी कभी कभी एहसास देती है जो जीवन को नया साज़ देती है वह सोच तो बार बार आगे आना बढ़ना चाहती है मासूम तरह कि सोच रुकना नहीं चाहती है
वह उम्मीदों के सहारे आगे हर बार बढ़ती है जीवन के अंदर हर बार चाहत को वह जारी रखती है मासूम सोच कभी कभी हार नहीं मानती इसीलिए तो जीत मासूम सोच कि हर बार होती है
मासूम तरीक़े से ही दुनिया आगे बढ़ती है उस मासूम चाहत को ही आगे जाने कि उम्मीद होती है इसीलिए शायद भूली बिसरी प्यारी सी मासूम बचपन कि चाहत पूरी होती है

कविता २८८. चोट

                                              चोट
हर बार जब जीवन के अंदर अलग सोच बनती है जिसे जीवन अपना ले या ना अपना ले पर जीवन का अलग एहसास नई सोच तो ले ही आता है क्योंकि वह ज़रूरी होता है
हर सोच के अंदर अलग एहसास हर बार जिन्दा होता है जिसे समज लेना हर बार दिशा है जीवन कि एक ताकद होती है जो हमे आगे ले जाती है
जीवन के बीच मे अलग सोच का एहसास जो उम्मीदें देता है उसे समज लेना सबसे ज़रूरी होता है जिसे परखे तो जीवन का मतलब होता है जो जीवन मे साँसें देता है
हर कदम जीवन कि सोच अलग होती है जो जीवन के अंदर कोई तो सोच हमेशा नई शुरुआत होती है पर हर बार शुरुआत सही नहीं होती है कभी कभी मन को चोट है
हर चोट को समज लेना जीवन कि सच्ची कहानी होती है हर चोट जो तो जीवन को अलग एहसास देतीं है वह दर्द जो जीवन को आगे ले जाता है वही हमे आगे ले जाता है
चोट से जीवन को आगे ले जाना सही नहीं होता है पर अगर वह जीवन मे रखनी है तो मलहम भी हर बार हर कदम पर ज़रूरी लगता है जो जीवन को उम्मीदें दे जाता है
उसी सोच के अंदर चोट का असर हर बार होता है जिसे समज लेना जीवन को आगे ले जाता है चोट से ही तो कभी कभी जीवन का अलग तरह का असर हर बार होता है
जीवन तो चोट का मतलब कुछ अलग लगता है चोट से ही तो जीवन नया बनता है उसे समज लेना जीवन मे ज़रूरी होता है चोट जो जीवन को जिन्दा रखती है वह जीवन को आगे ले जाती है
चोट मे ही कई मतलब छुपे होते है जीवन का चोट से उभर जाना हमेशा ज़रूरी होता है चोट का हमेशा जीवन पर कुछ तो असर होता है चोट को समज कर तो नई शुरुआत होती है
बिन चोट को समजे जीवन नहीं चलता है चोट के अंदर ही दुनिया कि नई शुरुआत हर बार है दिखती चोट को अनदेखा समज लेना जीवन मे हर बार ज़रूरी होता है

Friday, 30 October 2015

कविता २८७. उडान

                                                                 उडान
कहा दिल कि बात आसानी से समज आती है क्योंकि हमारा दिल तो बस उड़ान आसमानी चाहता है कभी ना यह रुका है कभी ना यह झुका है पर जीत से भी उसे न जोड़ना चाहता है
कभी तो यह उड़ान जो हमने दिल से लियी है उसके अंदर जीवन कि मुस्कान दिखती है कोई सोच नहीं होती बस एक चाहत होती है वहाँ तक पहूँचने कि ज़रूरत होती है
दिल के अंदर हर बार हम दुनिया समज लेते है उसे समज लेने से जीवन का एहसास हर बार दुनिया बदल लेती है पर वह मन कि उड़ान दुनिया नहीं समज सकती है
उस उड़ान को कोई कितना भी रोकना चाहे उस उड़ान से ही तो हमारी दुनिया बनती है तो उस उड़ान को जिसमें दुनिया कि हस्ती बनती है उसे परख लेने कि जीवन को चाहत होती है
उंची उडान जीवन का अपना ही मज़ा देती है उसकी चाहत ही जीवन का असली मज़ा देती है जीवन कि चाहत हर बार अलग मतलब दे जाती है वह जीवन मे हर पल उम्मीदें दे जाती है
उड़ान तो आसमान तक जब जब ले जाती है हमारे जीवन मे उम्मीदें आती है जिन्हें परख लेने कि चाहत दुनिया कि परवाह से ज़्यादा खुद के ख्वाबों मे जीना सिखाती है
आसमान के अंदर कोई तो एहसास होता है हमने जब जब सोचा है जीवन मे अलग ख़याल जिन्दा होता है जब उस उड़ान को जीवन मे मतलब होता है
जिसे हर बार जीवन चाहता है उस उड़ान मे तो हमारा मन बेहलता है जो जीवन को हर बार रोशनी दे जाता है उड़ान के अंदर अलग एहसास हर बार होता है
उड़ान के अंदर आसमान को छू लेने कि चाहत होती है क्योंकि वही तो दुनिया मे उम्मीदें देती है जीवन मे नया उजाला दे जाती है जीवन मे हर बार उम्मीदें आती जाती है
उड़ान तो उनका एहसास भुला देती है जीवन को सिर्फ़ उड़ान कि उम्मीद जगाती है जो खोई हुई उम्मीदें भी ले आती है क्योंकि कि वह उड़ान जीत कि नहीं जीने कि चाहत जगाती है

कविता २८६. नई शुरुआत

                                                                   नई शुरुआत
हर बार जीवन में शुरूआत नई होती है जिसे जीवन में हर सोच जो जीवन को मतलब नया देती है उसे समज लेने की कोशिश बड़ी मजेदार होती है
जीवन के अंदर एहसास हर बार होता है जीवन में तो सोच नई लगातार होती है नई शुरूआत जो जीवन को एहसास जरुरी होता है
जीवन को अलग मतलब हर बार होता है शुरुआत से ही तो जीवन बनता है जरुरी तो यह है की हर बार शुरुआत नई तरह की होती है
किसी शुरुआत के अंदर जीवन का एहसास नया होता है उस एहसास में जीवन की शुरुआत नई होती है जिसे परख लेना जरुरी होता है
जीवन में अलग एहसास हर बार होता है नई शुरुआत के अंदर  सोच अलग होती है जो जीवन को हर बार सोच नई देती है
जीवन के अंदर हर बार जो मतलब दे जाती है उस सोच की जीवन में शुरुआत अलग होती है जिसे जीवन में परखे वह सोच अलग होती है
नई सोच के अंदर एहसास अलग होता है सोच में जब जीवन का नया मतलब सोच दे जाती है सोच के अंदर शुरुआत नहीं होती है
सोच के अंदर शुरुआत अलग होती है नये ख़याल जो जीवन में उम्मीदे दे जाता है जीवन के अंदर एहसास अलग आता है
जीवन एक नया शुरुआत जीवन को नया एहसास दे जाता है उसे समज लेने के ख़याल सही हो जाता है जीवन के अंदर सोच अलग होती है
नई शुरुआत तो जीवन पर हर बार असर कर जाता है वह जीवन को नया मतलब दे जाती है उसे समज लो तो उम्मीदे जीवन में आगे ले जाती है 

Thursday, 29 October 2015

कविता २८५. कुछ उम्मीद

                                               कुछ उम्मीद
कुछ उम्मीद जो जीवन मे जिन्दा रखनी होती है उसे समजे तो जीवन कि रोशनी समज लेनी है जिसे हर पल आगे ले जाए वह उम्मीद तो समज लेनी है
उम्मीदों के अंदर हर बार दुनिया और ख़ुशियाँ चुपके से परख लेनी है जब हम आगे बढ़ जाए तो दुनिया भी तो समज लेनी है जिसके अंदर हर बार जीवन कि उम्मीद होती है
वह सारी उम्मीदें जो जीवन को नये तरीक़े से जीवन को रोशनी दे जाती है उम्मीदों का मतलब बडा अलग होता है जिसके बजह से जीवन मे उम्मीदें आ जाती है
उम्मीद तो वह सोच दे जाती है जो जीवन पर अलग असर कर जाती है उम्मीद तो जीवन को अलग असर दे जाती है पर कभी कभी उम्मीद पीछे ले जाती है
उम्मीद जिसे समज लेना जीवन को आसानी से आता है उसे परख लेना उम्मीदें दे जाता है उम्मीद जो मतलब हर बार जीवन को दे जाती है उसे समज लेने से जीवन पर असर कर जाती है
उम्मीदें जो जीवन पर अलग असर कर जाती है उम्मीदें तो रोशनी हर बार जीवन मे दे जाती है उन्हीं उम्मीदों से जीवन के अलग मतलब हर बार दिखते रहते है
उम्मीद तो वह आस है जो हमे हर बार रोशनी दे जाती है पर कभी हमे उम्मीदें आगे ले जाती है उन्हीं के अंदर नई सोच जीवन पर सही असर हर बार हो जाता है
उम्मीद जो जीवन को सच्ची रोशनी दे जाती है हमे वह सोच देते है उम्मीद के अंदर नई सोच जो हम पर असर कर जाती है उम्मीद तो रोशनी हर बार ले आती है
जिसे परख लेने से ही तो जीवन मे आगे बढ़ जाते क्योंकि वही तो जीवन मे सही दिशा लाते उम्मीदों को थामो जिन्दगी मिल जाती है उन्हीं रोशनी कि नई किरण आती है
तो आँख मुदकर मत चलो पर अपनी उम्मीदों पर भरोसा कर के चलो उनसे ही तो जीवन मे जीने कि रोशनी हर बार आती है क्योंकि उम्मीदें जीवन पर असर कर जाती है

कविता २८४. खुली आवाज़

                                            खुली आवाज़
चुपकेसे जो कहना था वही कभी खुली आवाज़ मे भी अपनी माँगे रखने के लिए दुनिया कि नज़र मे ख़ास होना ज़रूरी नहीं कभी कभी अपने आप को अपनी दोस्तों कि नज़र से भी देखा करो
दुश्मन तो हर बार अलग सोच से चोट देंगे उन्हें अपनी नज़र से कभी दूर भी रखा करो क्योंकि उनकी सोच काटा है हम यह समज कर जिन्दगी जिया करो
उसे कुछ ऐसे जियो कि उसका मतलब भी बदल जाए उसे हर बारी हम जीत लेंगे उस उम्मीद से जिया करो उसे अपने साथियों के संग हर बार जीवन मे आराम से जिया करो
जब जब हम जीवन मे अपना हक़ माँग लेंगे तो अपने विश्वास के संग जिया करो मत परखने दो लोगों को जीवन मे इतनी जगह न दिया करो कि तोड़ सके वह उम्मीदों को
बल्कि जीवन कि हर बाज़ी को नये सीरे से समज लिया करो जीवन के अंदर अलग सोच रखा करो जीवन को नई साँसों मे चुपकेसे  समज लिया करो नई तरहसे जिया करो
जीवन कि हर सोच को हर बार समज लिया करो पर उस सोच को ऐसी अहमियत ना देना उस सोच मे धीरे धीरे से अपने जीवन को समज लेना उसमें उम्मीदें रखा करो
समजो उस सोच को जो आपको उम्मीदें दे जाए उस सोच मे जीवन गुज़ार लिया करो हर कदम हर मोड़ पर मन मे उम्मीदें रखकर हर बार जीवन को हर सही सोच के संग जिया करो
यह मत सोचो के लोग क्या कहते है पहले क्यूँ कहते है समज लिया करो कभी कभी जब बजह जीवन पर असर कर जाती है उस बजह को समज लिया करो
जब कोई ज़हर भरा मन काटे कि तरह चुभ जाए तो उसे अनदेखा कर देना हर बार जीवन पर असर कर जाए समजो वह तो ज़हर है जो हम क़ाबूमे चाहता है उसे जीवन से दूर किया करो
जिस जीवन को हर बार समज ले उस सोच पर जीवन के सही तरीक़े से समज लिया करो जीवन मे उम्मीदों पर विश्वास किया करो और उन उम्मीदों को देनेवाले दोस्तों पर विश्वास किया करो

Wednesday, 28 October 2015

कविता २८३. सच्चाई और अच्छाई

                                              सच्चाई और अच्छाई
कभी बात को कहना थोड़ा मुश्किल होता है बिन कहे समज लेना मुमकिन होता है बात के अंदर कि बातों को समज लेना जीवन मे उन्हीं बातों को कहना मुश्किल होता है
परख लेने से बात आगे तो चली जाती है पर उस बात के छुपे जसबात को समज लेना थोड़ा मुश्किल होता है जीवन कि हर घड़ी मे अलग रंग तो दिखते है
पर हर रंग के अंदर कि सोच को समज लेना ज़रूरी होता है छुपी सोच को समज लेना मुमकिन होता है जीवन के अंदर अलग एहसास होते है जिन्हें समज लेना मुश्किल होता है
सोच के अंदर ख़याल जो जीवन को जिन्दा करते है उन्हें परख लेना जीवन मे ज़रूरी होता है मुश्किल से हम जीवन मे आगे बढ़ते सच कह के तोड़ना मुश्किल लगता है
सोच जो जीवन पर असर कर जाती है वही तो जीवन मे रोशनी लाती है और सच्चाई कि सोच सबसे बड़ी ताकद होती है जो चाहे पहले पीछे ले जाए पर आख़िर आगे ही लाती है
मुश्किल से जीवन का एहसास जो दुनिया दे जाती है उसे समज लेने से ही तो दुनिया मे ख़ुशियाँ आती है माना कि सच्चाई की राह बड़ी मुश्किल होती है पर उसे कह देने से ही दुनिया बनती है
सच्चाई अक्सर जीवन को आगे ले जाती है वही तो मुश्किल से हासिल हो जाती है आसान लगता है आगे बढ़ना पर सच्चाई कि राह हर बार सही कह लाती है
हर बार सच्चाई तो जीवन को आगे ले जाती है सच्चाई से हि जीवन कि उम्मीदें आगे ले जाती है वह तो सच्चाई से जीवन पर असर हर बार कर जाती है
सच्चाई से ही नई पेहचान जीवन को मिलती है जो हर बार जीवन को एहसास सही देती है वह और कुछ नहीं जीवन कि सच्चाई होती है जिस कि बजह से कितनी मुसीबतें क्यूँ न आये वही सही होती है
सच्चाई के लिए कितना भी पीछे क्यूँ न चले जाए पर सच्चाई ही तो आख़िर अच्छाई होती है वह जीवन मे हर बार नई शुरुआत जीवन को आसानी से दे जाती है

कविता २८२. दिशाओं कि अलग दुनिया

                                             दिशाओं कि अलग दुनिया
जब पर्बत पर चढते हैै तो दुनिया अलगसी दिखती है पर जब पर्बत से उतर जाते दुनिया कि सच्चाई अलग ही होती है तो कोई बताए हमको दोनो मे कौनसी बात झूठी होती है
दोनो बातों मे अलग अलग एहसास होता है कोई कुछ भी कह दे पर हमे दोनो बातें सच्ची लगती है जो जहाँ से दुनिया देखे उसे वही से दुनिया दिखती है
जब दोनों चीज़ों को एक को सच और एक झूठ कहती है पर दोनों चीज़ें सिर्फ़ सच और सच ही होती है दोनों चीज़ों को दुनिया पर अलग असर दिखाती है
पर इसलिए ही तो वह दोनों चीज़ों को मान नहीं पाती है वह चीज़ें तो अलग होती है पर एक चीज़ तो अलग अलग असर कभी कभी दिखाती है
उसे समज लेना जीवन मे ज़रूरी होता है एक चीज़ के अलग अलग पेहलूओं को जीवन हर बार दिखाता है एक चीज़ के अंदर रहती है चीज़ें कई तरह कि होती है
हर चीज़ के दो रूप हमेशा होते है हर बात के अंदर दो मतलब छुपे होते है अलग अलग छोर से अलग एहसास उनमें जीवन पर असर हर बार होता रहता है
एक ओर जीवन चीज़ को एक तरीक़े से दिखाता है वही दूसरे पल अलग नज़र आती है पर उसका मतलब चीज़ें झूठ नहीं होती है दोनों अपनी तरफ़ से सच ही होती है
तो जीवन का सच सिर्फ़ एक नहीं होता कभी कभी दो सच कि भी दुनिया होती है फुरसत मे उस सच को समज लेना ज़रूरी होता है क्योंकि उसमें तो जीवन का सच छुपा होता है
एक सच के अंदर अलग अलग तरह के कई सच हमेशा छुपे रहते है उन चीज़ों कि तो देखकर भी हम हर बार चुप रहते है तो अलग अलग ओर कि दोनो चीज़ें सच यह हम जानते है
पर जाने क्यूँ हम फिर भी जीवन मे उस सच कह नहीं पाते पर आजकल हम वह सच कहते है लोग अलग दिशा से अलग तरह कि दुनिया हर बार देखते रहते है

Tuesday, 27 October 2015

कविता २८१. किनारे पर जीवन

                                                    किनारे पर जीवन
अलग किनारे से जिन्दगी जब आगे बढ़ती है जीवन कि राह बदल देते है हर किनारे मे अलग दुनिया होती है जिसे समज लेना आसान होता है हर किनारे का अलग एहसास होता है
हर किनारे मे जीवन कि अलग सुबह होती है जिसे उस किनारे से नई शुरुआत होती है पर जीवन के अंदर कुछ किनारे जो ज़रूरी होते है कुछ किनारे ख़तरे देते है
किनारों मे अलग अलग सोच होती है किनारे के अंदर नई सोच होती है किनारों को समज लेना ज़रूरी होता है किनारों को परख लेने कि ज़रूरत होती है
किनारे हर बार जीवन पर असर कर जाते है उन्हें हर बार परख लेना जीवन मे मुश्किल नज़र आता है जीवन के हर किनारे मे कुछ तो एहसास हर बार छुपा होता है
किनारे तो हर बार अलग असर कर जाता है किनारों को समज लेना हर बार अलग असर कर जाता है किनारे पर हर बार दुनिया बसती है जो किनारे पर ले जाती है
किनारा तो जीवन पर असर हर बार कर जाता है उस किनारे को परख लेना जीवन को रोशनी दे जाता है किनारों का विश्वास जीवन को रोशनी दे जाता है
किनारे तो हर बार अलग एहसास दे जाते है हम उन्हें समज लेते है तो वह उम्मीद दे जाते है हर किनारे पर हम मोड़ कुछ अलग और नये आसानी से पा जाते है
किनारों को परख लेना हम समज लेते है किनारे को तो हर पल नये मतलब मिलते है जिन्हें परख लेना जीवन पर असर कर जाता है जीवन को अलग एहसास देती है
किनारों से ही तो अपनी दुनिया बनती है जिन्हें समज लेना जीवन कि एक अलग सोच होती है जिनसे ही सारी दुनिया बन जाती है जो जीवन को अलग एहसास दे जाती है
किनारे पर अलग एहसास जो जीवन को दे जाती है उस किनारे को परख लो उसी किनारे से रोशनी आती है जो उस किनारे पर दुनिया बसा लेती है

कविता २८०. सात रंगों के ख्वाब

                                                 सात रंगों के ख्वाब
ख्वाब को समज लेना जीवन मे हर बार मज़ेदार होता है जो ख्वाब को बंधनों से हमेशा जुड़ा होता है ख्वाबों के अंदर एहसास अलगसा होता है जिसे तो जीवन मे वह शुरुआत अलग देता है
यह ख्वाब जो हमने समजा है वह कभी ख़ुशी तो कभी उदासी देता है वह ख्वाब तो ऐसा है जो हमे सुनहरे पंखों से भी ज़्यादा सतरंगी पंख देता है उस ख्वाब को परखो तो उनमें इन्दधनुष का रहना है सात रंग जो हमे जीवन दे जाते है
उन्हें समज लेने का मज़ा कुछ और ही होता है जीवन के सात रंगों के अंदर जीवन का मतलब होता है रंग का अर्थ जीवन मे आगे नई शुरुआत दे जाता है
जीवन के हर मोड़ पे अलग मतलब दिखाता है रंगों कि ताकद सतरंगी दुनिया सजाती है वह हर बारी उन रंगों को आसानी से समज लेती है उन रंगों के अंदर अलग सोच सी होती है
ख्वाबों कि यह दुनिया उन रंगों मे ही रहती है जिसे परख लेने से ज़्यादा उनमें जीने कि चाहत होती है सात रंगों मे हर एक रंग जीवन को अलग एहसास दे जाता है
किसी ख्वाब को परख लेने कि ज़रूरत हमेशा मन मे होती है सात रंगों मे ही ख्वाबों कि दुनिया हर बार जिन्दा होती है हर रंग के अंदर कुछ तो अलग दुनिया हर बार बसती है
ख्वाब जिन्हें हम हर पल समजे उनमें नई दुनिया जिन्दा होती है सतरंगी दुनिया को अलग मतलब दे जाती है जिनमें जीवन कि नई शुरुआत हर बार होती है
ख्वाबों के अंदर नये जसबात होते है सात रंगों के अंदर अलग तरह की सोच होती है उन रंगों मे अलग तरह के एहसास होते है जो हर रंग को अलग तरह की सोच हर बार देते है
उन सतरंगी ख्वाबों मे अलग एहसास हर बार होते है हर रंग के साथ अलग सोच होती है रंगों के अंदर नई सोच होती है सतरंगी एहसास मे ख़ुशियाँ होती है
सात रंगों के साथ नई सोच रोज़ जीवन को अलग एहसास देती रहती है उनके संग नई तरह कि शुरुआत होती है सात रंग जीवन को अलग तरह का एहसास देते है 

Monday, 26 October 2015

कविता २७९. जगह के अंदर कि नई बात

                                     जगह के अंदर कि नई बात
जगह के अंदर नई बात शुरुआत होती है अगर समज लेते है तो दुनिया हर बार परख लेती है जीवन के नये एहसास के अंदर कुछ अलग बात होती है
जिसे जब हम समज लेते है उन बातों से ही तो दुनिया कि नई पेहचान होती है हर मोड़ पर दुनिया हर बार दिखती है पर वह अलग अलग एहसास देती है
हर जगह जीवन मे नई सोच तो असर करती है अलग अलग जगह पर कुछ तो असर होता है जीवन मे सही तरह का फ़र्क़ जीवन के अंदर धीरे से होता है
नई जगह पर नई सोच का आना जाना होता है पर अगर हम उसे नहीं अपना पाते है तो जगह का क्या मतलब होता है जो हर पल अलग सोच देता है
जगह तो जीवन पर असर करती है पर उसकी सोच को ना समजे तो जगह का मतलब नहीं बचता जगह को परखना ही सबसे ज़रूरी होता है
हर जगह का मतलब उसके होने के अंदर ही होता है जगह मे मतलब समज लेना और आजमाना हर बार ज़रूरी है जगह के अंदर अलग एहसास होता है
जीवन को परख लेना जगह पर निर्भर होता है जिसे समज लेना जीवन को अलग साँस देता है जीवन मे अलग अलग सोच को अपना लेने से ही जीवन आगे बढ़ता है
जगह के नई सोच कि शुरुआत होती है वह हर बार ज़रूरी होती है जगह के अंदर ही तो इन्सान रहता है जब वह उस सोच को समज ले कर आगे बढ़ता है
जीवन मे जगह को परख लेना ज़रूरी होता है जीवन मे हर जगह को परख लेना ज़रूरी होता है हर जगह कि सोच के अंदर अलग एहसास ज़रूर होता है
हर जगह हर सोच मे ही तो जीवन को एहसास होता है जो जीवन को आगे ले जाता वही उस सोच को समज पाता है जो अलग अलग तरीक़े से हमे जीवन समजा लेता है

कविता २७८. किस्मत कि बात

                                       किस्मत कि बात
रोज़ जागने से पहले कभी हम किस्मत को कहा करते थे कि कम से कम उस बारी तू जाग लेना उस बारी तू हमारे संग दुनिया मे भाग लेना पर किस्मत कहा सुनती थी
तो आजकल हम उसे सुनाया भी नहीं करते जीवन कि हर धारा को अपनी मर्ज़ी से जीते किस्मत से कुछ माँगने कि जगह उस से जो भी पाते है उसमें ही ख़ुश रह लेते है
जीवन कि जो धारा हर बारी रंग नया देती है उसको हम संभाल लेते है जीवन कि हर सोच को चुपचाप अपने साथ रखते है या उसके ख़िलाफ़ मन से हर बार लढते है
किस्मत तो हर बार अपनी मर्ज़ी से चलती है हमारे कहने से वह बिलकुल न बदल पाती है जीवन के अंदर नई सोच तो आती है जो जीवन को अलग सिरे से समज जाती है
पर पुरानी हो या नई बात जिन्दगी तो किस्मत से हर बार जुडी रहती है जो जीवन को हर बार नई साँस दे जाती है वह जीवन को ख़ुशियों का एहसास गमों के साथ दे जाती है
किस्मत को अगर समज लेते है तो दुनिया उसमें अलग एहसास दे जाती है पर हमारे कहने से सिर्फ़ वह बदल नहीं पाती है जीवन के हर मोड़ पर वह उम्मीदें लाती है
जीवन को परख लेना वह आसान नहीं होता जीवन को किस्मत के हवाले अपने आप करने से दुनिया बदल सकती है क्योंकि अपना लेने के बाद जीवन कि दुनिया सवरती है
क्योंकि तभी तो जीवन कि दुनिया संभल जाती है जब जीवन को दुनिया अलग ही मतलब देती है तो किस्मत से ही तो हमारी साँसें चलती है तो फिर क्यूँ माँगे कुछ किस्मत से जब वह साँसें तो देती है
किस्मत के अंदर नई सोच तो अक्सर होती है जिसे समज लेने से जीवन कि शुरुआत अलग होती है किस्मत के अंदर नई साँसें हमे हर बार मिलती रहती है
जीवन के हर मोड़ पर किस्मत हर बार साथ देती है जिसे समज लेने कि चाहत जीवन को रोशनी देती है किस्मत तो हर बार जो कुछ भी देती है उसमें जीवन कि सच्चाई भरी होती है

Sunday, 25 October 2015

कविता २७७. धीमे धीमे जल्दी जल्दी

                                          धीमे धीमे जल्दी जल्दी
धीमे धीमे जीवन हमे कुछ ना कुछ सिखाता रहता है पर हर बार उसे समज लेने का मज़ा कुछ और ही होता है जीवन के हर मोड़ का एक अलग ही मतलब होता है
धीमे से आगे बढ़ जाना जीवन कि ज़रूरत होता है जीवन के हर कदम मे उम्मीद का एहसास जीवन धीमे से सिखाता है आगे बढ़ना जीवन कि ज़रूरत होता है
धीमे से आगे बढ़ना शुरुआत होती है जिसे जीवन कि नई सुबह दिखती है रुक चलने से जीवन को मतलब मिल जाता है धीमे से जीवन का एहसास ख़ुशियाँ लाता है
जो जीवन को धीमे से आगे ले जाता है पर उस धीमे से चलने मे भी बात है होती जीवन जब आगे बढ़ता है तब उसे समज लेने कि हमारे दिल का हर पल उम्मीद होती है
जल्दबाज़ी कई बार काम बिगाड़ देती है पर कभी कभी धीमे कि जगह तेजी से जीवन कि बात भी बनती है पर फिर भी उस सोच कि बजह से जल्दबाज़ी अच्छी नहीं होती है
क्योंकि जब जल्दबाज़ी से हम आगे बढ़ते है तो उसके अलावा कोई भी तरीक़ा जीवन पर असर कर जाता है जीवन तो धीमे से चलता है जल्दबाज़ी से माना जीवन आसानी से आगे बढ़ जाता है
नया तरीक़ा जो जीवन को आस देता है धीमे से जीवन को सोच जीवन पर धीमा असर हर बार होता है जो जीवन को एहसास नया देता है जल्दबाज़ी से काम जल्दी होता है
पर उस काम का सही सोच से सही असर होता है जीवन जब धीमे से आगे जाता है वह सही तरीक़े से जीवन आगे बढ़ जाता है धीमे से जीवन आगे बढ़ जाता है
धीमे और जल्दी दो जीवन के तरीक़े होते है कुछ सही तो कुछ ग़लत भी जीवन मे होता रहता है जो जीवन पर हर असर कर जाता है जल्दी का और धीमे का दोनो रास्तों का असर जीवन पर होता है
तो ठीक से जीवन आगे बढ़ता है ज़रूरी होता है धीमे और जल्दी दोनों से जीवन पर कुछ तो असर होता है तो जीवन पर परख लेना ज़रूरी होता है सही तरीक़े से जीवन तो आगे बढ़ जाता है

कविता २७६. गीतों के अंदर कि सोच

                                                   गीतों के अंदर कि सोच
गीतों के अंदर हर बार सोच नई लगती है जिसमें दुनिया कि कोशिश अलग बनती है गीतों के अंदर एहसास वह छुपा रहता है जो गीतों के अंदर एक सोच जगा देता है
उस सोच को अगर परखे जिसमें गीत जिन्दा रहता है उस गीत के भीतर एक सोच का असर जगा रहता है गीतों को समजे तो जीवन का मतलब दिखता है
गीतों के अंदर हर मोड़ मे अलग सोच का किनारा रहता है जिसे समज लेना जीवन को मक़सद देता है हर गीत के अंदर जो एहसास है उसे मन फुरसत मे समज जाता है
जीवन के हर राह को कभी कभी जीवन जिन्दा करता है जीवन को समज लेना एक एहसास देता है राह मे जीवन जो बात बदलता है चुपके से गीत उसे कहता है
गीतों के अंदर अलग अलग तरह का जो एहसास जीवन को जिन्दा रखता है उसे समज लेना जीवन का एक एहसास बनता है जीवन के हर मोड़ को जीवन कहा परख लेता है
गीतों के हर मतलब का एक अलग अंजाम होता है क्योंकि जितने आसानी से गीत चीज़ों को समज लेता है गीतों के अंदर एक विश्वास होता है जो जीवन को अलग एहसास दे जाता है
गीतों कि हर झंकार मे जीवन का नया एहसास होता है जिसे परख लेना जीवन के लिए कुछ ज़्यादा ख़ास होता है गीतों के हर लब्ज को जीवन बन के परख लेते है
गीतों के हर धुन मे जीवन कि आस छुपी रहती है अगर गीतों को समज लेते है तो उनमें उम्मीद सजी मिलती है गीत हर बारी जीवन का साथ निभाते है
उनका संगीत हमे भाये या ना भाये वह हमे समजाते रहते है जीवन कि नई आस बताते रहते है संगीत के हर एहसास को अंदर से जीते रहते है हम हर संगीत जीवन को समज लेते है
पर यह गीत जीवन को अलग एहसास हर बार देते है वह समजे चाहे या न चाहे वह जीवन पर हर बार असर जाते है जिन्हें हम हर बार जीवन मे समज लेना ज़रूरी होता है

Saturday, 24 October 2015

कविता २७५. धरती के अंदर एक जान

                                        धरती के अंदर एक जान
धरती के अंदर एक जान बसती है उसके हर कोने मे एक आस छुपी होती है धरती के अंदर एक शुरुआत छुपी होती है जिसे परख लेने कि प्यास मन मे हर बार रहती है
धरती जीवन को अलग एहसास देतीं है जिसे समज लेने का नया एहसास छुपा होता है धरती के अंदर जान हमेशा जिन्दा रहती है जान के अंदर जीवन कि तलाश रहती है
धरती के अंदर अलग तरह के जीवन पर हर बार असर करते है धरती के बीच जीवन तो हमेशा जिन्दा रहता है धरती के अंदर छुपी जान जीवन पर असर करती है
धरती के अंदर अक्सर जान छुपी होती है जिसकी जीवन को आस भी नहीं होती है वह शुरुआत जीवन को रोशनी देती है जीवन के अंदर अलग एहसास होता है
धरती के साथ कोई तो सोच छुपी होती है हर कोने मे अलग तरह की सोच जो मन को ख़ुशियाँ देतीं है धरती पर कुछ तो छुपा मतलब होता है जो जीवन को रोशनी देता है
धरती के हर मोड़ पर उम्मीद छुपी होती है पर हम कभी नहीं पाते वह कहा छुपी होती है क्योंकि हर उम्मीद कि जगह हर बार अनजानी होती है जो जीवन को रोशनी देती है
धरती को हर ओर से चाहो तो ही वह उम्मीद उभर आती है उस उम्मीद मे जीवन कि तलाश छुपी होती है पर हम उसे नहीं ढूँढ़ पाते है तो फिर हम क्यूँ नहीं समज पाते है
जीवन मे वह तलाश ज़रूरी नहीं होती हर मोड़ से धरती को चाहो तो आस कम नहीं होती उम्मीदें हर पल जीवन मे हर बार बढ़ती है रहती और उनकी चाहत नहीं रुकती है
अगर हम चाहे हर आस को तो जीवन कि प्यास नहीं रुकती तो हर बार चाहो धरती के हर हिस्से को तो ही जीवन कि आस है बढ़ती और हर कदम पर दुनिया आगे बढ़ती है
धरती कोने के अंदर चुपके से उम्मीद है बसती जो हर पल जीवन को समज लेने कि कोशिश बार बार है करती उसी कोशिश से ही उम्मीदों कि जीवन मे शुरुआत होती है

कविता २७४. ख्वाब के बुलबुले

                                        ख्वाब के बुलबुले
कभी फुरसत मे एक ख्वाब भी देखा था जिसे समज लेने कि चाहत मे दुनिया को अलग अंदाज़ मे देखा था पर पानी के बुलबुले संग उसे भी तो टूट ही जाना था
कैसे समजे उन ख्वाबों को जिन्हें जीवन को परख कर आगे ले जाना था एक बुलबुले सा ख्वाब भी सच बन जाता था उसे एक सोच के बाद जीवन का हिस्सा बन जाना था
जिसे समज लेने कि कोशिश मे दुनिया को भी समज लेना था पर बुलबुले से अलग ना कर सके हम उस ख्वाब को जिसका आना फूलों कि मेहक का आना था
सभी ख्वाब एक से लगे क्योंकि हमे कहा ख्वाबों को परख लेना आता था हम तो बस ख्वाब देख लिया करते थे क्योंकि उनमें किस्मत कि ख़ुशियों का आना जाना था
जब बुलबुले से ख्वाब को अलग ना कर पाए तो उन ख्वाब को कैसे आगे बढ़ाना था जिन्हें हम समज लेते है उन ख्वाबों को अलग से ढूँढ़ लेना जीवन मे ज़रूरी था
ख्वाब का एक अलग ही मतलब है जिसे फुरसत मे समज लेना था क्यूँ समजे उन ख्वाबों को जिनका जीवन मे होना हर पल एक ज़रूरत था जिसे परखे तो ख्वाबों को मतलब देना ज़रूरी था
पर हर ख्वाब को जीवन मे सही से समज लेना ज़रूरी होता है ख्वाब के अंदर का मतलब जीवन पर अक्सर असर करता है इसीलिए तो ख्वाब के बुलबुले से मन अक्सर डरता है
जो ख्वाब झूठे है उनके डर से सच्चे ख्वाबों को भी खो देता है जीवन का अलग मक़सद जीवन को रोशनी दे जाता है जीवन को समज लेना कई बार काम आता है
जीवन को जो समजे उस ख्वाब को समज लेना काम बड़ा आता है पर कभी कभी ख्वाब के बुलबुले कि बजह से जीवन रोशनी नई लाता है ख्वाबों को समज लेना ज़रूरी नज़र आता है
बुलबुले के अंदर ख्वाब अलग नज़र आता है पर कभी कभी जिसे बुलबुला समज लेते है उसके अंदर जीवन का सच्चा और अच्छा मतलब नज़र आता है जिसे बुलबुला समजा उसमें छुपी ख़ुशियाँ नज़र आती है

Friday, 23 October 2015

कविता २७३. कोई पोटली कोने में

                                                              कोई पोटली कोने में
कभी किसी कोने में कोई पोटली में एक सोच ही रहती है जिसे समज लेने से जिन्दगी आगे बढ़ती है सोच के अंदर अलग दुनिया समज लेते है
जिसे परख लेने से जीवन की नई दिशा को हम हर पल परख लेना चाहते है जीवन की हर धारा को हम हर कदम समज लेना चाहते है
कोई कोने में परख लेना चीजों को समज लेना होता है जो कोनों में हर बार नई तरह की चीजें जीवन को छू लेती है जिन्हें पोटली में समज लेना रोशनी दे जाते है
हर कोनों में जीवन के अंदर जो सही ख़याल जो जीवन में असर कर जाते है उन्हें जीवन में समज लेना जीवन में अलग सोच ही लाते है
पर कोनों में रखे ख़याल जीवन में रोशनी लाते है जिन्हें परख लेना जीवन पर असर करते है हर बार कुछ तो नतीजे जीवन में जरूर कर जाते है
हर कोने के अंदर कुछ ख़याल असर कर जाते है कोने में कुछ तो सोच जो जीवन के ऊपर कोई तो अलग तरह के नतीजे जीवन पर कुछ असर कर जाते है
हर पोटली में जीवन के कई तरह की सोच तो आती है जो जीवन के हर मोड़ पर कुछ तो असर हो जाता है पोटली के यादें हर तरह की होती है
जो जीवन को हर बार कोने में कुछ तो असर कर जाती है जीवन में हर रंग के अंदर अलग रोशनी आती है हर बारी वह जीवन को एहसास नया लाती है
जीवन के कोने में एक पोटली जो अलग सोच जो लाती है वह पोटली कई तरह की यादें जीवन को दे जाती है जिन्हे समज लेना जिन्दगी चाहती है
पर फिर भी कभी कभी जीवन के एक कोने में ही वह यादों की पोटली रह जाती है और उसे देखने की जगह हम सिर्फ अपनी मुसीबत दोहराते है 

कविता २७२. कुछ पल

                                                                   कुछ पल
कुछ पलों को हमने परख लिया कुछ पलों को हमने भुला दिया जीवन के इस खेल में कभी हम जिए और कभी हमने जीना भुला दिया
हर एक पल को समजे हम पर फिर भी कुछ पलों को हमने भुला दिया जिन्हें हर बारी जीना चाहते थे हम उन पलों से किनारा कर लिया
जीवन तो हर बारी हर पल से आगे बढ़ता गया हर पल के अंदर जीवन का एक किस्सा जीना हमने सीख लिया जिन्हें समज लेना चाहते थे उन ख्वाबों को भुला दिया
हर पल संग आगे बढ़ने लगे पर कुछ पलों को भुला दिया जीवन की उस सोच में जिसमे जीना चाहते थे हमने उस हम को रुला दिया
जीवन तो उन पलों का किस्सा है जिसे जीवन का हिस्सा हमने बना लिया जिन्हे परख लेते है हम उन ख्वाबों को ही भुलाना सीखा दिया
पर फिर और एक बात समजे हम जीवन से एक पल में वह रुकता नहीं और अगर हम नहीं चाहे तो वह झुकता नहीं उस जीवन ने हमे आगे बढ़ना सीखा दिया
हर बारी जब हम आगे जाते है उस पल में जीवन का नया एहसास समज लेना जरुरी होता है पल के अंदर जीवन का अलग एहसास होता है
कुछ पल जिन्हे हम समज लेते है उनके अंदर नई शुरुआत जीवन को आगे ले जाती है हर पल के अंदर नई सोच जीवन में आता है
पलों के भीतर नया एहसास आता है जिसे समज लेना जीवन को नई शुरुआत हर बार दे जाता है जिसे परख लेना जीवन में खुशियाँ लाता है
जीवन के अंदर हर पल जीवन को अलग एहसास होता है हर पल को समज लेना जीवन पर कुछ ना कुछ असर तो जरूर होता है 

Thursday, 22 October 2015

कविता २७१. मन के कोने के साये

                                        मन के कोने के साये
कभी हम मन को समज लेते है तो कभी समज लेना भूल भी जाते है मन के हर कोने में दिखते नये साये है जिन्हें परख लेते है तो उम्मीदें है पाते पर जाने क्यूँ मन को समज लेना हम भूल जाते है
मन के कोनों में रहते कई साये है जिन्हें समज लेने कि जगह हम उन्हें ही अपनाते है सायों को अपनाते नहीं उनसे छुटकारा है पाते पर हम हर पल उन सायों को अपनाते है
मन को हर बारी हम ख़ुशियाँ देना चाहते है हर बारी हम मन को समज लेते है उसी पल उस मन से चोट भी तो खाते है जिसे समज लेते है तो दुनिया के रंग नये दिख जाते है
पर हमे कहाँ फुरसत है उसे समज लेने कि इसीलिए तो हम उस मन हर बात छुपा लेते है उसे परख लेने कि जगह गलती से जीवन में सायों को जगह दे जाते है
जीवन में हमने किस चीज़ को जगह दी उसे समज लेने कि ज़रूरत होती है पर जब किसी को छुप के से जगह मिलती है जीवन में कहाँ वह चीज़ समज में आती है
जीवन में जो चीज़ सीधे जीवन में आती है उसे समज लेना आसान होता है साये का रंग अपने जीवन में भरते है साया अगर छाँव भी दे तो हम उसे समज लेते है
सायों के अंधेरों में ही हर पल हम दुनिया पाते है जिन्हें हम जीवन में हर पल समज लेते है उसे हर बार हम ग़लत ढंग से जीवन में समज लेते है
जिसे जीवन में परखे उस सोच को हर पल जीवन में हर बार अलग असर दे जाते है जीवन के अंदर अलग अलग कोने में अलग ख़याल रहते है
हमे हर कोने में अलग एहसास मिलते रहते है सही सोच का अलग असर हर पल होता है जिसे परख लेना जीवन मे हर बार अहम और ज़रूरी होता है
तो सायों से डरने कि जगह उनसे लढ लेना जीवन में हर बार सही होता है क्योंकि कोने मे छुपी बातें तो जीवन पर सबसे बुरा असर हर बार कर जाती है

कविता २७०. गुस्सा

                                                                 गुस्सा
हर बात का कभी गुस्से से तो कभी प्यार से हम जवाब है देते हमने देखा है यह बात तो बस हमारे मन पर है पर फिर भी हर बार  दुसरे किसी चीज पर हम इल्जाम है देते
जब कोई पूछता है हम क्यूँ नाराज है हम इतने मुश्किल में पड़ जाते है की कैसे हम कह दे कल के किस्से से आज भी मन में काटे है चुभते रहते
माना की कल का किस्सा बड़ा ही दुःख देनेवाला था पर कभी कभी हम सोचते है रहते जीवन में दुःखों को साथ रखने से जीवन में कुछ नहीं पाते
कल की हर बात को हर बार हम जीवन का किस्सा अपना हिस्सा बना के है रखते जीवन को हर बार हम समजते है रहते
कल की गलत बात को हर बार जाने की जगह हम जीवन में रख जाते है जिसे हम जीवन के गुस्से का हिस्सा हर बार समझते है
जिसे हर पल नहीं समज पाते उस सोच से ही हम जीवन को परखते है जीवन के हर सोच के अंदर एहसास तो हर बार होते है
जिन्हे हर सोच के भीतर समज लेते है गुस्से के साथ जीवन को कुछ अलग सोच से परख लेते है जिसे समज लेना जीवन में खुशियाँ है भरते
गुस्से के सोच को हर बार हम नये ढंग से परख लेते है जिसे जीवन में समज लेना है उस सोच को कई बार हम मेहनत से समझते है
काश उसे परखने की जगह वह मेहनत हम दूसरी चीज में करते तभी तो जीवन को हर सोच के साथ हम आगे बढ़ते है जाते
गुस्से से नहीं हम तो खुशियों से ही मोहोबत करते है पर फिर भी अनजाने में हम गुस्से को साथ में रखते है पर आजकल उसे भुला देने की कोशिश हम हर पल करते है 

Wednesday, 21 October 2015

कविता २६९. जीवन की अनजान राहे

                                                         जीवन की अनजान राहे
हर राह पर जीवन के मोड़ बदलते जाते है कभी जाने पेहचाने तो कभी अनजाने मोड़ भी जीवन में आते है जिन्हें समज लेते है जिन्हें परख के चुन लेते है
कुछ मोड़ तो अनजाने होकर मन को सुहाने लगते है कभी किसी अनजान नगर में और कभी किसी अनजाने डगर पर हम भटकना चाहते है
हम समज लेते है हर बारी दुनिया को जिसे हम हर मोड़ पर परख लेना चाहते है उस मोड़ पर होती है अलग अलग चीज़ें जिनसे एहसास नये हम पाते है
राह और मोड़ चलते है जिस पर एहसास अलग अलग से पाते है जिन्हें समज लेते है हम फुरसत में क्योंकि जीने का अलग मज़ा हर बार जीवन में हम पाते है
कभी कभी अनजाने रास्त्ते पर राह नई पाते है उन पे भटकने से ही तो जीवन की उम्मीद अलग और नई आती है जब जब हम अलग राहों के ऊपर चलते है
तभी उनके ऊपर सपने नये आते है जिन्हे जीवन के हर मोड़ पर समज लेना हम चाहते है जब उन रास्त्ते से अलग चीजें हम देख नहीं पाते है
उन्हें परख लेना हम जीवन में चाहते है जीवन की हर सोच के अंदर हम एहसास नया पाते है उस सोच को समज लेते है जिसमे उम्मीदें पाते है
जीवन को जीते हुए हम जीवन को समज लेना हम चाहते है जीवन को हर बार हम समजे तो जीवन के रंग अलग आते है
जीवन के हर रास्त्ते को हर बार हम समज लेना चाहते है जीवन की हर धारा को धीरे धीरे से हम जीते है जब हम जीवन को समज ले तभी तो खुशियाँ पाते है
नये पुराने रास्त्तो से क्या जीवन तो हम हर बार समज लेना चाहते है जीवन के अंदर हर बार हम उम्मीदों की दुनिया ही अपने कोशिश से पाते है

कविता २६८. जीवन का आगे जाना

                                         जीवन का आगे जाना
जीवन में आगे जाने से हर बार सुबह होती है जीवन कि दास्तान समज लेने से जीवन के एहसास जुदा होते है जब जब जीवन को समजे हम जीवन कि कहानी अलग ही बनती है
जिसे हर पल हम समज लेते है उस एहसास कि कहानी जुदा और अलग सी होती है जब जब हम परखे जीवन में अलग शुरुआत सी हर बार हमेशा दिखती है
जीवन से ही तो हर बार साँसों कि कहानी बनती है पर हर पल जब जब हम समजे जीवन को हर मोड़ पर अलग कहानी दिखती है जीवन के अंदर हर एहसास में अलग कहानी दिखती है
जीवन के अंदर समज और एहसास नया जीवन दे जाता है जिसे परख लेना हर बार समज में नहीं आता है क्योंकि जीवन तो आगे एक सोच हर बार दे के जाता है
आगे चलते जाते है हम जीवन में तो एहसास हर बार अलग सा होता है जिसे समज लेने का मज़ा भी आता है परख लेते है हम अपनी सोच को जीवन में अलग एहसास होता है
जो जीवन को हर बार ख़ुशियाँ दे जाता है आगे बढ़ना ही जीवन कि साँसों का एक मक़सद दिखता है वह एहसास तो जीवन को एक आस नई हर बार दे जाता है
आगे चलना ही तो जीवन में साँसें दे जाता है जीवन के अंदर एहसास अलग सा आता है जीवन के अंदर जो उम्मीदें दे जाता है उस सोच को समज लेना सोच नई लाता है
आगे बढ़ने से ही जीवन मे एहसास कोई लाता है जीवन के हर मोड़ पर वह शुरुआत नई दे जाता है जिसे समज लेना जीवन को मतलब दे जाता है साँसें सही दिशा में दे जाता है
जीवन के हर मोड़ पर दुनिया कि सोच अलग होती है जो बनती है और कई मोड़ पर बिगड़ जाती है पर आगे बढ़ते समय हमे अलग सोच हर बार तो बनानी पड़ती है
आगे चलने से जीवन में नई शुरुआत हर बार जीवन को आगे ले जाती है पर कभी वह शुरुआत ग़लत सी होती है पर अगर हम जीवन को समज लेते है तो हर शुरुआत बस सही ही हो जाती है

Tuesday, 20 October 2015

कविता २६७. पत्तों पर लिखे ख्वाब

                                                          पत्तों पर लिखे ख्वाब
पत्तों की कुछ बातें जीवन पर असर तो कर जाती है जिन्हें समजे तो जीवन में रोशनी आती है जिनको समजे हर पल तो जीवन में अलग एहसास वह लाती है
पर कभी किसी गिरे हुए पत्ते पर लिख देने की उम्मीद मन में जग जाती है जिन्हें पत्तों के ऊपर लिखने की चाहत होती है वह मन की उम्मीद जग जाती है
अगर पत्ते पर कुछ लिख देते है तो वह जीवन पर असर कर जाता है पर पत्ते की लिखी बात पत्ता तो छुपा लेता है जिसे समज लेना जीवन में जरुरी होता है
पर सबसे कह देने से मन हर बार डर जाता है यह मन तो समज लेता है सच्चाई को हर बार कुछ अलग ही मतलब दिखाता है
पत्ते पर लिखी हर चीज को जीवन में समज लेना मन को कहा आता है मन उड़ता है उम्मीद के संग और उम्मीद को समज भी लेता है
पत्ते के धरती पर गिरने से उस धरती के अंदर अपना सपना खो जाता है लिखा हुआ वह सपना जीवन को मतलब जो दे सकता था उसे हम खो देना चाहते है
क्योंकि सपने सही सिर्फ तभी होते है जो जीवन में मतलब दे जाते है पर पत्ते चाहे कितने भी खो जाए सपने मन में तो रह जाते ही है
पत्ते के ऊपर जो हम लिखते है उसे हम भुला देना चाहते है जिसे हम हर पल परखना चाहते है पर फिर भी खो देना चाहते है
जीवन के जो सपने हमें हर बार अपने लगते है उन्हें समज लेना हम नहीं चाहते है क्योकि हर बार हम उन सपनों को परख लेना चाहते है
पर लोग हमें रोकते है इसलिए हम उन्हें संभलकर देख लेना चाहते है पर उन्हें छुपा कर क्या होगा जीवन में जब हम उन्हें समज लेना मन से चाहते है
आखिर पत्ते मट्टी में जाकर फिर से उभर आते है उसी तरह वह ख्वाब भी जीवन का हिस्सा धीरे धीरे बनते जाते है पत्तो के अंदर छुपाने से अच्छा है ख्वाब उभर कर आते है 

कविता २६६. आँसुओं से उम्मीदें

                                      आँसुओं से उम्मीदें
आँसू का आना जाना तो जीवन मे लगा रहता है उनसे क्या कतराना बच्चा तो जन्म लेते ही रोता है जीवन को समज लेना जीवन का हर बार हिस्सा होता है
जीवन तो हर पल रंग नया लाता है आँसू को समज ले तो जीवन का नया किस्सा बदल जाता है क्यूँ कि कभी कभी दोस्त आँसू के साथ में जीवन मे आ जाते है
जो जीवन को हर बार परखते जाते है आँसू के साथ कई चीज़ें समज ले जाते है जो दुःख जीवन का हिस्सा बनते है वह भी कभी कभी जीवन मे उम्मीदें दे कर जाते है
आँसू संग हमारे जीवन में हर बार नहीं आते काटे है कभी वह ख़ुशियाँ और उम्मीदें भी जीवन में भर जाते है हर पल जो हम जीवन को समजे जीवन में ख़ुशियाँ लाते है
हँसी के संग आँसू मे भी दिखते है अलग तरह के किनारे है आँसू तो जीवन को हर पल देते कुछ कदम जो बनते है हमारे सहारे है आँसू में समज लेते हम कई किनारे है
आँसू का अलग मतलब बन जाता है जब आँसू देता जीवन में सहारे है आँसू में दिखते है कई तरह के सहारे है जब जब आँसू आँखों में झलक जाते है तभी बनते किनारे है
जीवन के हर मोड़ पर बनते है नये सहारे आँसू जो दुःख दिखाते है वह तो कुछ असर हर बार जीवन में कर जाते है आँसू ही ख़ुशियों का आधार बन जाते है
हर बार आँसू दुःख नहीं देते कभी कभी वह ख़ुशियों कि उम्मीद बन जाते है तभी तो आँसू कभी कभी ख़ुशियों में भी आँखों में भर आते है इसीलिए तो आँसू से न डरना वह तो आते जाते है
जीवन में दूर ना उम्मीदी को वहीं तो दुःख कि बजह बनती है आँसू तो अक्सर आते जाते है पर ना उम्मीद के बादल बिन बारिश का अंधियारा लाते है
हर पल को उम्मीद से देखो हर मुसीबत टल जाती है जीवन में हर राह में उम्मीद लाती है दुनिया तो वह चीज़ उम्मीदें लाती है आँसू से ना डरना क्योंकि उनसे भी उम्मीदें आती है 

Monday, 19 October 2015

कविता २६५. जीवन के अंदर कि कहानी

                                   जीवन के अंदर की कहानी
कहानी के अंदर अंदाज़ नया होता है हर बात के मतलब का अलग असर होता है उसे परखे तो जीवन का अंदाज़ अलग दिखता है वह जीवन के कहानी मे एहसास नया देता है
कहानी के भीतर सोच अलग होती है जीवन के अंदर हर बार अंदाज़ अलग होता है जिसके अंदर से जीवन कि चाहत का एहसास शुरू होता है जो जीवन को हर पल ख़ुशियाँ दे जाता है
कहानी के हर किरदार कि तरह ही जीवन बदलता रहता है जीवन के कहानी मे सोच नई होती है जिसके अंदर अलग एहसास हर पल होता है कहानी मे अलग सोच एहसास तो होता है
जो जीवन को परख लेते है तो जीवन के कहानी मे अलग रंग आता है जीवन कि कहानी को समज लेना हर बार भाता है क्योंकि हर मोड़ पे उसमें मज़ा बहोत आता है
जीवन के हर बात का वह मतलब जो मन को भाता है उसे समज लेते है तो जीवन मे अलग एहसास आता है किरदार जो कहानी बनाता है वह जीवन पर कुछ तो असर कर जाता है
कहानी तो किरदारों से हर बार बनती है उस कहानी का मतलब जीवन को आगे लगातार ले जाता है जीवन तो हर मोड़ पर कहानियों से भरा होता है
जीवन के उस कहानी का एहसास जीवन पर असर लगातार कर जाता है क्योंकि जीवन कहानी से नहीं कहानी जीवन से बनती जिसका जीवन से जुडाव होता है
कहानियों का मतलब जीवन मे लगातार होता है क्योंकि किसी क़िस्से से कहानी बनती है उसका असर जीवन पर हर बार होता है जिसे समज लेना ज़रूरी होता है
कहानी पे कुछ तो असर हर बार होता है जिसे समज लेना ज़रूरी होता है क्योंकि कहानी की जीवन मे जो शुरुआत होती है उसे कई बार दोहरा लेती है
जीवन के अंदर कई कहानियाँ होती है कभी नई बनती है तो कभी पुरानी दोहराई जाती है जीवन मे हर बार जिन्दा जीवन कि नई तरह कि कहानी बनती है

कविता २६४. लब्जों कि अहमियत

                                       लब्जों कि अहमियत
लब्जों का हर बात पर कभी कभी कुछ ज़्यादा ही असर हो जाता है जब मन को कोई बात चुभे तो अपना भी पराया नज़र आता है जिसे जीवन मे समज ले वह साथी भी पराया नज़र आता है
पर वह तो बस दो पल का खेल है जिसमें जीवन का मतलब अलग बनता है पर अगर परख लेते है तो जीवन कि धारा को अगर हम समज जाते है तो उस मे अचरज होता है
कि जाने क्यूँ छोटी छोटी बातों मे भी जीवन का अलग अर्थ होता है उस पल लगता है उनमें ही जीवन का अंत होता है पर ऐसा कभी नहीं होता जीवन तो आगे बढ़ता जाता है
जीवन हर रोज़ मोड़ नये लाता है एक दो लब्जों से वह रुकता नहीं है वह हर बार नये सीरे से आगे बढ़ जाता है बार बार जीवन के नये राग दोहराये जाते है
पर अफ़सोस तो इस बात का है कि जाने क्यूँ हर बार जीवन अलग लब्ज दोहराता है जीवन कि हर धारा संग जीवन का एहसास जुदा होता है हर लब्ज मे जीवन किसी मोड़ पे रुक जाता है
हर बारी जीवन जो सोच रखता है उसका एहसास जुदा होता है तो जिस लब्ज पर इतनी बार सोचते रहते है तो जीवन आसानी से कुछ पल उस एहसास से जुदा हो जाता है
जीवन के अंदर अलग लब्जों का एहसास जुदा होता है जिन्हें अगर हम परख लेते है तो दो पल उनका मतलब होगा क्योंकि हमारी सोच के रंग मे ही तो उनका रंग छुपा होता है
जीवन के हर मोड़ पर हर पल पर हक़्क़ हमारा होता है जिसे हम जीना तो हर दम चाहते है जिन लब्जों के अंदर हम जीवन का रंग पाते है जिन्हें परखे तो जीवन आसान सा बन जाता है
लब्ज जो जीवन मे मतलब ज़रूर दे जाता है उस लब्ज को समजना हमे हर बार आता है लब्जों के अंदर दुनिया का मतलब दिख जाता है उसे समज लेना जीवन पर असर कर जाता है
पर जब ग़लत लब्ज मन मे घर कर जाते वह दुनिया को मुसीबत मे डाल के आगे बढ़ जाते है तो उन्हें रोक लो आगे बढ़ने से तो वह जीवन पर असर कर जाते है लब्जों के अंदर वह दुनिया भर जाते है

Sunday, 18 October 2015

कविता २६३ सोच का घेरा

                               सोच का घेरा
हर बारी अचरज कि बात है क्या जीत के बाद हार का एहसास है क्या जब जीत को परखे उस पल जीवन को समज लेने कि बात का एहसास होता है क्या
जीवन के हर मोड़ के अलग सोच का घेरा होता है हर बारी जीवन को समज लेना मुश्किलसा लगता है जीवन के हर सोच का अलग एक घेरा होता है
पर किस सोच मे हम फँसे यह हमारा सोचना होता है हम सही सोच को अगर समज लेते है तो उम्मीदों का आसानी से आना जाना होता है सोच के घेरे को समज लेते है
तो उस घेरे को आजमाना बड़ा मुश्किल हम समज लेते है जीवन के हर घेरे को समज लेना आसान नहीं होता है जिसे समज ले उन घेरों को परख लेना भी ज़रूरी होता है
क्योंकि सोच का घेरा कभी कभी जीवन मे मुसीबत भी बन जाता है उसे समज लेना जीवन मे मुश्किल ले आता है क्योंकि सोच के अंदर भी कभी कभी ग़लत ख़यालों का आना जाना होता है
सोच के घेरों मे अलग ख़याल तो हमेशा आता है जिसका जीवन पर अलग असर होता है जीवन के अलग अलग ख़यालों के नतीजों से जीवन बदलता जाता है
सोच के घेरों को समज लेना जीवन मे रोशनी लाता है क्योंकि सोच को समज लेते है तो वह ख़याल जीवन पर सही असर तो लाता है सोच के अंदर नया एहसास लाता है
पर कभी कभी सोच के घेरों के अंदर असर तो अलग होता है कभी कभी उस सोच का मतलब अलगसा होता है सोच तो जीवन को जिन्दा करना चाहती है उस सोच का मतलब मौत सा होता है
सोच के घेरों के अंदर जीवन का एहसास अलग होता है जो जीवन को हर कदम पे उम्मीदें देता है वह एहसास खोता हुआ दिखता है जीवन के भीतर घेरा उम्मीदों का होता है
जिसे समज लेना हर बार ज़रूरी होता है सोच के घेरे मे जीवन अलग रंग दिखाता है तो सही घेरे को समज लो तो वह जीवन को नया मतलब हर बार दे जाता है

कविता २६२ नदियाँ का बांध

                                             नदियाँ का बांध
नदियाँ तो जीवन कि एक धारा बन जाती है जो हर मोड़ और हर राह पर आगें बढ़ जाती है जीवन को रोक कोई लगा कर वह आगे चली जाती है
नदियाँ तो अलग तरह कि सोच जो जीवन को आगे ले जाती है वह हर बारी जीवन कि नई शुरुआत करती है लहरे तो हर बार आगे कि उम्मीदें दे जाती है
पर नदियाँ के ऊपर तो बांध है बनाता क्या जिन्दगी इस तरह से बांधी जा सकती है कोई प्यार से बांधे तो कभी कभी जिन्दगी रुक भी जाती है पर कई बार वही जिन्दगी तसल्ली दे जाती है
नदी तो वह धारा है जो रोशनी जीवन मे देती है उसे समज लेने मे जीवन कि शुरुआत होती है नदी तो वह सोच है जो हमे सिखाती है वह जीवन कि शुरुआत है जो रुकना और बढ़ना सीखा देती है
नदी जीवन का अलग मतलब जो दे जाती है जीवन को रफ्तार दे जाती है नदियाँ कभी कभी रुक जाती है उसे समज लेने का मतलब जीवन कि रफ्तार को कभी कभी रोकना भी होता है
जो जीवन सोच को भी समजा लेता है कि अपने के लिए रुकना सही होता है मुड़ जाता है वह उस राह पर ही कभी कभी ईश्वर को पाता है नदियाँ कि तरह जीवन मुडना जानता है
वही तो भोलेनाथ कि चोटी नहीं पर क़दमों को पाता है वह जीवन जो हर पल ख़ुशियाँ दे जाता है वह जीवन का कुछ अलग मतलब भी पाता है जिसे हर पल समज लेते है
वह जीवन अलग धारा बनकर दुनिया को नया रंग दिखाता है जीवन कि धारा बनकर ख़ुशियाँ ले जाता है नदियाँ के अंदर अलग एहसास जीवन मे आता है
नदियाँ के अंदर जीवन का एहसास होता है वह बताता है कि जीवन का असर मतलब तो दूसरों के लिए रुकने मे होता है जो जीवन के हर मोड़ को रोशनी देता है
जीवन का मतलब मुड़ जाना और रुकना होता है जो हर बारी दुनिया को एहसास देता है कि ना रुकनेवाला जीवन भी कभी कभी अपनों के लिए रुकता है उन्हें ख़ुशियाँ दे जाता है

Saturday, 17 October 2015

कविता २६१. जीवन का अलग मजा

                                                                 जीवन का अलग मजा
जग में कितनी बार कितनी जगह पर हम जीवन को समज लेते है जीवन के हर मोड़ पर हम जीवन को परख लेते है
पर हर बारी जीवन के साथ कुछ अलग ही समज लेते है उस अलग सोच के अंदर बात हमेशा होती है जिसे हर बार जीवन के अंदर अलग असर होता है
जीवन के साथ हर बार हर कदम अलग तरह के असर जीवन मे होते है अगला मोड़ जो जीवन को हर सोच में आता है उसे जीवन पर अलग नतीजे होते है
जीवन के भीतर अलग अलग किसम की सोच जो मन पर असर करती है जीवन के बीच में अलग मोड़ जो जीवन के हर मतलब को समज लेते है
जीवन का हर मतलब जो जीवन को दे जाता है जीवन हर एक मोड़ पर नई सोच जिन्दा करता है पर अगर दिलचस्प असर कर जाते है
जीवन के भीतर हर सोच के अंदर कुछ तो असर होता है जिसे हर जगह कोई अजब नतीजा होता है जो जीवन को समज लेता है और जीवन को नई तरह की सोच दिखाता है
उस जीवन को समजो जिसे समज लेना आसान होता है जीवन की हर धारा में अलग अलग असर तो होता है जिसे परख लेना हमें नहीं समज पाता है
जीवन के हर कोने में अलग अलग असर होते है जो जीवन में समज लेते है जीवन की हर सोच का असर जीवन पे खुशियाँ भर जाता है
हर सोच के अंदर जीवन को अलग असर जो जीवन को जब मजा देता है मजा तो सच में असर तभी करता है उस पर असर तो तभी कर जाता है
मजा तो जीवन के अंदर अलग तरीके का असर हर बार जीवन को रोशनी दे जाता है जीवन पर अलग असर हो जाता है 

कविता २६०. आसमान के अंदर

                                                                आसमान के अंदर
आसमान के अंदर अलग एहसास दिखता है जो हर कोने को मज़बूत बनाता है आसमान के अंदर सोच जो लाता है उस सोच को समज लेने का एहसास जीवन मे ख़ुशियाँ दे जाता है
जीवन को हर पल जो परखे मतलब समज मे आता है जिसे हर बार समजना ख़ुशियाँ दे पाता है पलों के अलग किसम सोच को जीवन दे जाता है हर बार समज लेने का मतलब अलग होता है
आसमान के अंदर कई रंग जो जीवन को खूबसूरत लगते है कई तरह के एहसास मे ईश्वर जिन्दा होते है रंग को एक ख़ास एहसास दिया जाता है उसे परखना अहम होता है
आसमान के अंदर कोई मतलब छुपा हुआ रहता है जिसे जीवन के हर पल मे हम जीना चाहते है जिसे हर बार जो हम परखे वह सोच हम रखते है जिसे हम जीना चाहते है
आसमान के अंदर रंग जो अलग असर करते है जिन्हें हर पल हर लम्हें हम जी लेना चाहते है हर बार जो हम समजे पर इतना वक्त कहा जीवन को दे सकते है
हर बारी हम आसमान के अंदर अलग अलग रंग देखकर ख़ुश हो जाते है तो फिर जीवन के अलग अलग रंगों से जाने क्यूँ कतरा जाते है जीवन पर वह रंग असर कर जाते है
अलग अलग रंगों कि पेहचान जो जीवन मे वह पाते है उन्हें हर बार हर मोड़ पर हम बार बार अलग अलग सोच से धीमे धीमे समजते जाते है
उस सोच मे जिसमें हम जिन्दा रहना चाहते है वह आसमान के अलग अलग एहसास दे जाते है आसमान मे हम जब जब जीवन को समज लेना चाहते है
तब यह समज लेते है कि जीवन मे अलग अलग रंग तो अक्सर होते है जो जीवन के हर मोड़ का किस्सा कहते है जिन्हें जब हम परखे तो जीवन को समज लेते है
जीवन कि हर हिस्से मे अलग रंग को अगर हम जी लेते है तो ही जीवन को हम हर बार और हर बात में हमेशा परख लेते है जीवन को समज लेते है 

Friday, 16 October 2015

कविता २५९. सोने सी सोच

                                              सोने सी सोच
कभी सोचा तो मन से अलग ख़याल मन को छू जाता है उस ख़याल को समज लेना हर बार काम आता है जीवन कि हर मोड़ पर जीवन नई शुरुआत देता है उस ख़याल को परख लेना जीवन मे आता है
जीवन के अंदर अलग सोच जब जिन्दा होती है उस सोच के अंदर जीवन का हर कदम बदलसा जाता है जीवन के हर मोड़ का हर रंग अलग रोशनी देता है
उस जीवन को समज लेना जीवन कि धारा को आगे ले जाता है पर बड़ा मज़ा तो तब आता है जब पुराना असर जीवन पर हो जाता है जीवन अपनी धारा मे नया रंग लाता है
कभी कभी पुराना किस्सा भी बार बार याद आता है उसे दोहराने से जीवन मे ख़ुशियाँ आती है उसे बार बार दोहराये यह सही सोच होती है जो दुनिया का अलग रंग दिखाती है
जीवन कि हर सोच जो हमे ख़ुशियाँ लाती है उसे परख लेने से दुनिया नया रंग दिखाती है हर सोच के अंदर रोशनी आती और जाती है तो कभी पुरानी सोच जो खो चुकी होती है
वह एक बार जीवन मे फिर से रोशनी लाती है जिसे परख लेना जीवन कि ज़रूरत होती है जीवन को फिर से पुराने तरीक़े से जीने कि ज़रूरत होती है
कभी कभी पुरानी कहानी दोहरानी ज़रूरी है कभी कभी उसे जीवन से हटाना ज़रूरी है कब क्या करना है यह समज जीवन मे लानी हर बार ज़रूरी होती है
क्या फिर से समजे और क्या फाड़ दे यह समज लेने कि कहानी ज़रूरी होती है पुरानी और नई सोच कि बड़ी अजीब कहानी होती है जिसे बार बार जो हम परखे तो अलग निशानी बनती है
पुरानी सोच को दोहराने कि सही कहानी भी होती है हर पुरानी चीज़ पुरानी नहीं पर कभी कभी सही कहानी को भी जिन्दा करती है क्योंकि सोच अगर सोने कि हो तो वह सोच भी कभी पुरानी नहीं लगती है
उसे बार बार जो बदले या ना बदले उसकी किंमत सुहानी ही है रहती सोच के अंदर जीवन कि अलग कहानी है बनती अगर जीवन को परखे तो हर बार वह सोच सुनहरी लगती है

कविता २५८. सही और ग़लत बात

                                        सही और ग़लत बात
किसी सीधी सी बात को समज कर हम कभी बड़ा काम करते है तो कभी ज़रूरी बात को अनदेखा कर के हम जीवन मे मुसीबत भी भर लेते है
यह तो जीवन है जिस मे कभी सही तो कभी ग़लत भी हम करते है कभी ख़ुशियाँ तो कभी कभी गमों को भी समज लेते है जीवन तो वह धारा है
जिसे हर बार हम जीवन के हर पथ पर हम समज लेते है जीवन कि साँसों को अलग सोच से हर बार हम परख लेते है जीवन के हर मोड़ पर हम जीवन को समज लेते है
हर बारी जीवन कि हर सोच और हर पुकार पर हम जीवन को अलग तरीक़े से समज लेने का दम भरते है पर हर बारी अपनी गलती से ही तो हम सीखते है
तो क्यूँ कतराते है हम उन गलतींयों से जिन्हें समज लेने का हम दम भरते है कभी सही है कभी ग़लत है जीवन के हर मोड़ पर हम बदलते रहते है
कभी फुरसत मे परखे खुदको पर हम हर बार बात को समज लेते है जीवन कि सही ग़लत हर सरगम को जी लेते है जिसे हर बारी परखे तो हम जीवन को जी लेते है
जीवन के हर मोड़ पर अलग अलग ख़याल तो जीवन मे हमे जिन्दा रखते है जिन्हें हम हर बार जीते है जीवन कि हर धारा मे अलग अलग रंग जो हर पल हमको दिखते है
उन्हें समज लेने कि सोच मे हम कभी कभी सही और कभी कभी ग़लत किनारे भी पकड़ लेते है जीवन कि उस धारा को जिसमे दो किनारे रहते है उन किनारों को हम अलग अलग दिशाओ से समज लेते है
जिन्हें समज लेना जीवन कि नई धारा दिखाता है हर सोच के अंदर नया एहसास जीवन कि नई सोच लाता है सही और ग़लत से उसे समजना आता है
जीवन कि हर परछाईं को वह रंग दे जाता है जीवन की सही और ग़लत सोच दोनों मे से सही सोच को चुनना ही हर बार सही दिशा दे जाता है वहीं तो हर हमारा जीवन होता है

Thursday, 15 October 2015

कविता २५७. लब्ज के मायने

                                   लब्ज के मायने
हर बार लब्ज जो कुछ ग़लत कह जाते है जिन्दगी मे हर बार तो वह ग़लत ही असर लाते है जिन्हें हर बार परख लेते है हम हर बार लब्जों को मौकों मे समज लेना हम जानते है
जिन्हें फुरसत मे समजा करते थे कभी वह लब्ज अगर ग़लत बोले तो तीरों कि तरह मन मे नश्तर चुभाते है अगर लब्ज सीधे हो और तारीफ़ के क़ाबिल हो तो हम अनसुना भी करते है
पर जब वह दर्द दे तो सारी उम्र जीवन मे चुभा करते है जिन्हें समज लेने कि फुरसत भी नहीं है वह लब्ज जीवन मे साँस बन कर हम जिया करते है जब वह चोट बन के दिल को घायल किया करते है
जिन्हें परख लेने कि हमे फुरसत ही नहीं वह लोग कहाँ उम्मीद दिया करते है तो जिनको समज कर अपना हम मन मे चोट लिया करते है वह अक्सर अपने नहीं पराये ही हुआ करते है
जीवन कि हर उम्मीद को दे कर एक ख़ुशी हम जो जीवन को खुशहाल जिया करते है उन्हें जाने क्यूँ रख कर भरोसे उनके जो हमारी बातों भी न शामिल उनके भरोसे रखकर हम रो लिया करते है
जीवन के हर रंग को समज के फुरसत मे कभी हम जिन्दगी जिया करते है क्योंकि जीवन को हमारा अपने लिए ही होता है उसे जाने क्यूँ हम जाया किया करते है
जीवन को अगर परखो समजदारी से तो लोग खाक जीवन मे जिया करते है जिसे समजे हर पल मे जीवन के अंदर वह बात समज लेना ज़रूरी होता है
जिस बात को समज लेने कि ज़रूरी होती है उस बात को छोड़ कर जाने क्यूँ ग़लत बात को हर बार परख लेना हम दिल से चाहते है अगर छोड़ कर जाये तो ही ख़ुशियाँ दे जाती है
जीवन के लब्ज जो मायने रखते है वह हमेशा दिल से दुओं के लिए होते है बाकी सारी चीज़ें छोड़ अगर हम दुआ के लिए जी लेते है तो जीवन के मायने सीख लेते है
लब्ज जो मायने जीवन मे रखते है वह हर पल और हर बारी ख़ुशियाँ दे जाते है जो जीवन को समज के आगे बढ़ जाते है वह जीवन मे अलग तरह कि सोच और अलग मायने दे जाते है

कविता २५६. अलग सा ख़याल

                                         अलग सा ख़याल
कभी मन के अंदर अलग सा ख़याल होता है जो जीवन के अंदर अलग रोशनी देता है उस सोच से ही जीवन ज़्यादा सुंदर बनता है जीवन के भीतर जीवन ख़ुशियाँ दे जाता है
हर सोच के अंदर एहसास अलग लाता है अलग तरीक़े से वह दुनिया को समज लेता है रोशनी का मतलब वह दुनिया मे लाता है क्योंकि अलग अलग ख़यालों से ही जीवन का मतलब बनता है
सोच के अंदर जो अलग विश्वास लाता है उस सोच को परख लेना हमारे सोच मे नई ख़ुशियाँ लाता है जीवन को समज लेना हर बार असर अलग लाता है
जीवन का हर एहसास जीवन कि एक धारा बन जाता है उसे समज लेना जीवन का मतलब बदल देता है हर बार जीवन को जो इन्सान समज लेता है
उसे परख लेना जीवन का हर मोड़ बदल देता है जीवन कि धारा को जीवन रोशनी देता है जब हम उसे परख लेते है वह ख़ुशियाँ जीवन मे हर बार दे जाता है
रोशनी जो जीवन को एहसास देती है वह रोशनी हमे किसी इन्सान से ही तो मिलती है वह रोशनी जो जीवन मे भगवान देती है वह रोशनी भी मन मे ही छुपी होती है
कभी फुरसत मे समजो मन को तो मन सही राह बताता है उसे समज लेना जीवन
 को हर बार अलग तरीक़े से सोच लेना जीवन को नई उम्मीद हर बार दे जाता है
नई सोच से जब जीवन मेहक जाता है चुप के से जीवन का मतलब जिन्दा हो जाता है नई रोशनी और नया एहसास होता है जब जीवन को परख ले तो जीवन नई सोच देता है
जीवन का हर मोड़ पर नई शुरुआत देता है जिसे समज लेना मन मे ख़ुशियों का हर बार अलग एहसास देता है जिस ख़ुशी को परख लेते है उसमें अलग एहसास होता है उन ख़ुशियाँ को परख लेना नई शुरुआत देता है
तो उन ख़ुशियों को समज लेना आसन होता है जिन्हे परख लेना ज़रूरी बात होती है जीवन मे हर सोच को समज लेना हर बार कई मिठास जीवन मे देती है

Wednesday, 14 October 2015

कविता २५५. दिल से समजना

                                         दिल से समजना
कैसे हम समजे जीवन को जिसे हम दिल से समजना चाहते है यह सवाल हम जाने क्यो हम पूछते है जब जीवन को पेहचान भी हम लेते है जीवन के रंगों का हम हर बार परख लेना जानते है
जीवन के अंदर हर बार समज कर जीवन को हम उसे अंदर से भाप लेना जानते है जीवन कि हर सोच को परख कर समज लेना हर कदम पर हम हर बार अच्छे से जानते है
जीवन कि अलग सोच है जिसे परखना और समजना हर बार हम चाहते है सोच को परख के आगे बढ़ना हम चाहते है जिसे चाहते है हम दिल से उस सोच को भी समज लेना जानते है
पर फिर मन से इन्कार कर के उस सोच को ही बार बार समजना हम चाहते है जीवन कि जिस बात को हम मन से समजे उस बात कों हमे शायद मन को पूछनी ज़रूरी है
जीवन कि हर जसबात को दिल से परख लेनी ज़रूरी है जो सोच हमे ख़ुशियाँ दे जाये उसे परख लेना ज़रूरी है जीवन को हर सोच को समज लेना बहोत अहम और ज़रूरी है
धीरे धीरे हर कदम पर जीवन को जीना तो हमे अपने ही दम पर है पर फिर भी जाने क्यों जीवन को दूसरों के सहारे समज लेना हम जानते है जीवन कि हर बात को मन से तो जानते है
उसे समज लेना हर बार ज़रूरी होता है मन के अंदर कि बातें हर बार परख लेना ज़रूरी नहीं होता है जीवन कि हर मोड़ को मन से समज पाना ज़रूरी लगता है
मन कि हर बार सोच अलग ही होती है जिसे समज लेना जिन्दगी हर बार हर मोड़ पर चाहती रहती है अगर हम जीवन को समजे तो उसमें अलग राह अक्सर दिखती है
मन कि बदलती सोच से जीवन तो हर बार बदल जाता है हर कदम मन के अंदर हम अलग से जीवन को समज लेते है उस सोच को जो हम समजे तो ही मन को रोशनी मिलती है
मन के अंदर ही जीवन कि रूह हर बार छुपी रहती है जो जीवन को ख़ुशियाँ और उम्मीदें देती है जीवन कि हर अच्छाई और सच्चाई सिर्फ़ हमारे मन मे हर बार छुपी रहती है

कविता २५४. रब कि सोच

                                                                   रब कि सोच
हर सोच का आसमान पर कुछ तो असर होता है जब कोई अपने बजह से रोता है तो अपना रब भी रोता है क्योंकि तभी तो वह हमे सजा सुनाता है वह हमे सजा देता है
जीवन के अंदर अलग एहसास देता है जो हर बार हमें समजाता है की किसी को जीवन में दुःख देना हमारा मकसद नहीं होता है
हर बार हर सोच के संग हमारा दिल जो रोता है जब जब हम दुनिया को समजे उसका एक मकसद होता है जिसे परख लेना आसान ही होता है
रब जानता है सब कुछ जो हमारे मन में होता है जीवन को जब हम परखे उसमें एहसास तो जिन्दा होता है जो अपने निजी मकसद के लिये जिन्दा होता है
जीवन के हर मोड़ पर कुछ सोच को तो जीवन में रब हमारे अच्छे के लिए रखता है दूसरों को ना तकलीफ दो वह उस सोच में लिखा होता है
जब जब हम समजे उस सोच को उसके अंदर कुछ तो एहसास छुपा होता है जिसे परखे हर बार तो जीवन नया सा दिखता है
पर जब जब हम किसीको दर्द देते है हमारा रब रोता है क्योंकि उसका मतलब हमारा दर्द शुरू होता है उस दर्द को जो परखे तो उसका अलग मतलब होता है
जिन्दा होना भी जीवन के अंदर जरुरी होता है जीवन तो हर बार हमारी सोच को साँसे देता है जीवन को समज लेना अहम होता है
जीवन के अंदर रस जो भरता है वह तो दूसरों के साथ हँसने का रास्त्ता होता है जीवन के हर मोड़ पर अलग असर हर बार होता है
सोच के अंदर हर मोड़ पर रब सिर्फ सही राह चाहता है वह सजा नहीं देना चाहता पर इन्सान गलत मोड़ पे चल कर सजा पाता है
जीवन को परख ना जरुरी होता है यह जान लेना जरुरी होता है की खुदा हमेशा खुशियाँ और हँसी सबके लिए हर मोड़ पर हर बार चाहता है 

Tuesday, 13 October 2015

कविता २५२. तारों कि शीतलता

                                     तारों कि शीतलता
तारों के अंदर एक रोशनीसी होती है जिनके अंदर जीवन कि नई सुबह  होती है तारों के अंदर एक अलग उम्मीद सी बस जाती है जो जीवन को नये एहसास ओर उम्मीद दे जाती है
रोशनी के अंदर एक प्यारा शीतल एहसास वह लाती है जीवन के शीतल स्पर्श को नये सिरे से हमे समज लेती है एक शीतल रोशनी को वह नये तरह से जगा देती है
तारों के अंदर वह सोच नई रखते है उसके शीतल स्पर्श को हम हर बारी समज लेते है जिसे हर पल जीवन मे समजे वह एहसास ख़ुशियाँ देते है वह तारों कि शीतलता से मन को छू लेते है
जीवन के कोनो मे अलग सोच हम रखते है हर बार उस सोच को परख लिया करते है जीवन के हर रस को कभी हम भुलते है कभी समजते है जो जीवन को ख़ुशियाँ दे उस सोच को तरस जाते है
तारों मे तरह तरह कि रोशनी जीवन को छूती है उस शीतल रोशनी को देख लेने के लिए हम तरस जाते है जब जीवन मे हम सितारों कि रोशनी को समज लेने को तरस जाते है
उन रोशनी के घेरों को हम जीवन मे समज लेने को तरस जाते है उन्हें समज लेने कि उम्मीद हर बार हम कर जाते है शीतल से उन सायों मे हम जीवन को समज लेते है
शीतल से वह साये दुनिया को मतलब देते है कभी कभी हम उनमें दुनिया जी लेते है शायद दुनिया मे अलग एहसास जी जाते है उन तारों से ही तो हम उम्मीदें पाते है
उस रोशनी के साथ वह उम्मीद रख देते है जिसके अंदर हम अलग दुनिया रख देते है उन तारों के अंदर अलग रोशनी हम दे जाते है जिन्हें हम जीवन मे फुरसत से समज लेते है
शीतल सी उस रोशनी को हम हर बार परख लेते है क्योंकि उसकी शीतल आहट मे ही हम ख़ुशियाँ पाते है जिन्हें समज लेना हम अक्सर बड़ा आसन ही समज लेते है
पर उस शीतलता को मन मे भर लेना हम आसान नहीं समज सकते है जिन्हें शीतल समज कर हर बार हम जीवन मे परख लेते है जिनके बजह से जीवन पर अलग अलग असर दिखते है

Monday, 12 October 2015

कविता २५१. तितली के अलग रंग

                                               तितली के अलग रंग
फूलों के रंगो को मतलब नया मिलता है उन्हें अगर समज लेते है तो जीवन का मक़सद हर बार जीवन मे रोशनी लाता है रंगो के अंदर सोच नई ले आता है जिन्हें समज लेना जीवन बन जाता है
फूलों के अंदर ख़ुशबू तो जीवन हर जगह दे जाता है उसे परखे तो जीवन का मतलब बदल जाता है ख़ुशबू जो जीवन मे नया रंग लाती है जीवन कि हर उमंग नया मतलब दे जाती है
जब जब हमने जीवन को परखा तो जीवन का रंग अलग लगता है जीवन के हर मोड़ पर कुछ तो असर हो जाता है जीवन हमे नया रंग और एहसास दे जाता है वह आगे ले जाता है
जीवन को समजे तो जीवन हर बार नई रोशनी दे जाता है वह रंग कभी फूल तो कभी तितली मे नज़र आता है रंगों को समज लेना जीवन मे अलग सोच भी लाता है
तरह तरह के असर जो जीवन को आगे ले जाते है उन्हें हम छोटी छोटी चीज़ों मे पा जाते है हर मोड़ पर जीवन के अंदर अलग असर आता है जो हर बारी जीवन को ख़ुशियाँ दे जाता है
तितली और फूलों कि मासूमियत जीवन समजाता है उनके तरह बनने कि सोच वह दे जाता है जीवन का हर रंग उम्मीद देता है जिसे रंग का मतलब समज जाता है
वह कुदरत का रंग जीवन मे आता है उसे परख लेना दुनिया को मतलब देता है जीवन का हर स्पर्श दुनिया को मुसीबत देता है जिस दुनिया को समजे उसमें कुदरत का एहसास होता है
तितली के रंगो मे एक एहसास होता है जिन्हें समज लेना जीवन कि ज़रूरी बात होता है कुदरत के हर एक अंग मे जीवन का एहसास होता है जिसे समज लेना एक ख़ास बात होता है
क्योंकि जब हम समजे तितली कि तरह जीवन कई रंग रखता है धोखा नहीं मेहसूस होता है क्योंकि तितली का हर रंग तो एक बारी हमे दिखता है पर बाकी रंग छुपे रहते है
कई तरह के रंग जो जीवन पर असर करते है जो जीवन को अलग अलग तरह का मतलब देते है जीवन के साथ दुनिया अलग मतलब देती है क्योंकि हर बार जीवन अलग मतलब देता है

कविता २५०. ख्वाब को चुप के से समज लेना

                                                     ख्वाब को चुप के से समज लेना 
कभी कोई ख्वाब जब चुपके से जीवन में आता है इस ख्वाब को समज लेने में जीवन का दिन निकल जाता है जिसे समजे तो जीवन आगे जाता है
पर सवाल तो यह होता है वह ख्वाब चुपके से क्यों आता है उसे समज लेना जीवन में अहम बन जाता है ख़्वाबों के अंदर मतलब आता है 
तो उसे सीधे देखने की जगह जाने क्यों वह ख्वाब जीवन के अंदर रंग नये लाता है जिन्हे हम परखे तो जीवन खुशियाँ दे जाता है 
अगर ऐसा ख्वाब रखे तो जीवन को खुश कर जाता है उस ख्वाब को छुपाना कभी जरुरी नहीं होता है ऐसा ख्वाब जो दुनिया दे जाता है 
उसे सबको दिखाने में क्यों कतराना पड़ता है शायद इसलिए की हमें अपने दिल पर भरोसा नहीं होता है जीवन में दिल हर बार ख्वाब नहीं समज लेता है 
ख्वाबों के किनारों में ही जीवन को समज लेना उम्मीदें देता है जिन्हे हर बार जो समजे जीवन रोशनी देता है जीवन को परखे तो वह एहसास अलग देता है 
ख्वाबों की हर बातों को वह समज नहीं पाता है ओर शायद वह उसी बात को समज लेता है तो आसान नज़र आता है खुशियाँ आसानी से मिलती नहीं है 
यह ख़याल ही शायद डर मन में भर देता है और जीवन को खुशियों से आगे ले जाता है जिसे हर बार जो हम समजे जीवन पर कुछ तो असर हो जाता है 
ख्वाब का छुपासा असर जीवन में रोशनी दे जाता है ख्वाबों का मतलब जीवन को नई उम्मीदें लाता है ख्वाब जो जीवन का मतलब समजाता है 
ख्वाबों के अंदर अलग एहसास हर बार नज़र आता है तो जिस ख्वाब को हम चाहे उसे हक़ से माँगना ही जीवन में हर बार सही लगता है 

कविता २५३. ग़लत राह कि मंज़िल

                                    ग़लत राह कि मंज़िल
जब जब हम आगे बढ़ते अलग अलग दुनिया पाते है जिसे परख चुके है उस दुनिया से भी बेहतर दुनिया सोच पाते है जीवन मे अपनी सोच से आगे जाते है वह जीवन को अपनी मर्ज़ी से जी पाते है
जब जब नई सोच आगे बढ़कर लोग अपनाते है जीवन के हर मोड़ पर वह आगे बढ़ते जाते है जीवन कि हर कदम पर जो उम्मीद वह पाते है वह पहले से भी ज़्यादा और हर बार बेहतर पाते है
जीवन के हर मोड़ पर हम कुछ तो समज पाते है और जीवन कि कश्ती के अंदर हम दुनिया को ले जाते है हर सोच को हम हर अगले कदम मे समज लेना चाहते है आगे बढ़ते क़दमों कि आहट हम समज लेना चाहते है
पर मुश्किल तो बात यहीं है कि कभी कभी हम आगे नहीं बढ़ना चाहते है हम उस सोच से जिसे हम परखे दूर ही रहना चाहते है जीवन को हर बार हम आगे लेना चाहते है
धीरे धीरे से चुप के से उसे समज लेना चाहते है पर जब गलत राहों से लोग आगे बढ़ जाते है तब हम जीवन को उस राह समज लेना नहीं चाहते हर बार कि तरह दिल से चाहते आगे बढ़ना नहीं चाहते है
हम चाहते है पीछे रहना हम बस वह ग़लत राह नहीं चाहते है चाहे तो जीवन भर पीछे रह जाये पर ग़लत राह कि मंज़िल देखना कभी भी हम नहीं चाहते है हम तो वह मंज़िल चाहते है जो सही होती है
जीवन मे हर बार कुछ तो असर होता है मंज़िल का ग़लत असर जो हमे जीवन देता है उस से बेहतर तो मंज़िल का दूर होना होता है जो जीवन को समज लेना आसान नहीं होता है
हर मंज़िल को पाना आसान होता है जीवन मे जब उसका असर होता है जीवन के अंदर नया एहसास सही राह से आता है उसे समज लेना ज़रूरी हर बार होता है
ग़लत राह के अंदर हमेशा दुःखों का एहसास होता है जब ग़लत चीज़ों को समज लेना अहम होता है उन्हें ना करने कि बजह समज लेना हर बार दूर रखने के लिए ज़रूरी होता है
राहों के अंदर अलग अलग सोच का एक असर होता है पर ग़लत सोच से चलने कि बजह हार जाना मुश्किल नहीं होता है सही राह पर चलना हर बार ज़रूरी होता है

Sunday, 11 October 2015

कविता २४९. जीवन की हर चीज़ को चाहना

                                                          जीवन की हर चीज़ को चाहना
तरह तरह की चीजों मे कोई तो मतलब होता है उन्हें परखे तो जीवन का अलग ही असर हो जाता है जीवन के हर चीज़ का मतलब तो होता है उस मतलब को समजे तो ही जीवन में मजा आता है
हर चीज़ को परखे तो हर चीज़ के अंदर कुछ तो एहसास होता है चीज़ों के बीच में कुछ तो एहसास छुपा होता है जीवन में नया असर होता है
उन चीजों के साथ जीवन को समज लेना आसान नहीं होता पर वह जरुरी बन जाता है जीवन की मज़बूरी बन जाता है
चीजों को चाहो या ना चाहो उनका होना जरुरी हो जाता है उन्हें समजना मज़बूरी हो जाता है पर उस पल को क्यों रोये जिसका होना जरुरी हो जाता है
अगर उसे ख़ुशी से जी लेते है तो वही जीवन में सही बन जाता है जो हमने समजा और हमने परखा उस से भी सच्चाई को समजना ज्यादा  जरुरी होता है
उसे परखो तो जीवन खुशियाँ दे जाता है क्योंकि जब गम को परखो और उन संग जीना सीखो तो जीवन हर मज़बूरी भुला देता है
जो यह कर पाया उसके घर गम कम ही दस्तक देता है जीवन को हर बार जो समजे तो सही सोच से समजे तो ही जीवन खुशियाँ दे पाता है
जीवन के हर मोड़ को सुनहरा बनाता है जीवन के हर मोड़ को समज लेना जरुरी होता है क्योंकि आसान चीज़ नहीं वह मुश्किल से ही संभलता है
तो खुशियाँ और ग़मों में दोनों में जो जी सकता है उसको ही जीवन मतलब दे जाता है जीवन की इस कश्ती में हर रोज नया रंग आता है
पर अगर हम जीवन को सही तरीके से चाहे तो ही वह सही राह दिखाता है जीवन की हर चीज़ को चाहना हर बार जरुरी होता है 

कविता २४८. जीवन का बढ़ना

                                                              जीवन का बढ़ना
कोई आगे जाये या ना जाये जीवन कि हर सुबह तो अलग नज़र आती है क्योंकि जीवन तो आगे बढ़ता है रुकना उसकी फिदरत नहीं होती है तो हम चाहे या ना चाहे जीवन कि अगली सुबह तो होती ही है
जिसे परख लेते है तो दुनिया नये नये रंग दिखाती है हम चाहे या ना चाहे दुनिया तो आगे जाती है दुनिया कि कहानी हर सुबह श्याम बदल जाती है
अगर हम रुक जाये तो जीवन मे अलग बढ़ने कि कहानी होती है जीवन के अंदर आगे बढ़ने कि शुरुआत हमेशा होती है आगे हम बढ़ते जाये तो नई कोशिश होती है
हर बार हम जीवन पर कुछ तो असर होता है जीवन के अंदर आगे बढ़ना होता ही है उसे चाहे या ना चाहे यह अपनी सोच होती है
पर जीवन पर हमारी सोच का असर नहीं होता है हम अगर जीवन को समजे तो उस पर अलग तरीके का असर होता है
जीवन आगे तो बढ़ता है और उसके साथ असर जरूर होता है जीवन अपने हिसाब से आगे बढ़ जाता है उसे समज लेना जरुरी होता है
अगर हम रुके और वह आगे बढ़ जाये तो वह अलग एहसास दे जाता है जीवन के अंदर कुछ तो अलग होता है हम नहीं रुके तो ही हमारे जीवन का मतलब बनता है
तो जीवन में अलग तरह का एहसास तो हमें आगे ले जाता है जीवन में नई शुरुआत होती है तो हमें भी आगे जाना जरुरी होता है
जीवन के अंदर नई शुरुआत हमें जीवन को नया असर हमेशा देती है जीवन जो बढ़ जाता है वह रोशनी देता है जीवन आगे बढ़ जाता है
हमें भी आगे जाना होता है जीवन को सही तरीके से हम समजे तो उसका गलत असर हर बार हमें अलग सोच देता जाते है 

Saturday, 10 October 2015

कविता२४७. साथी

                                            साथी
जब जब मौसम बदलते है जीवन बदल जाता है कभी खुशी कभी गम के रंग ले आता है अगर सही दोस्त हो तो हर रस्ता कट जाता है जो हर रंग मे हर बारी दोस्ती ही रंग भर देता है
उस साथी को चाहो जो मुश्किल मे भी साथ देते है उन्हें दिल से समजे तो जीवन मे रोशनी देते है साथी जो आगे ले जाये वहीं सही दोस्त होते है पर दोस्ती मे झगड़े भी तो होते है
जिन्हें हम हर बार जो समजे वह साथी साथ निभाते है पर अचरज कि बात तो यह है कि जिन्हें जीवन मे ना समज सके वह साथी भी साथ निभाते है
क्योंकि समजे या ना समजे यह अपनी सोच ही होती है सही दिशा मे कभी कभी किस्मत भी ज़ोर धरती है जिसे हम परखे वहीं बात सही नहीं होती है
कभी कभी जीवन मे सोच जो सही दिशा मे मुड़ जाती वह उस साथी कि देन है जिसे जिन्दगी परख नहीं पाती है क्योंकि अक्सर पुरानी सोच के मोहताज बनकर हम नई सोच को परख नहीं सकते है
जो दोस्त अनजाने होते है वह सोच अनोखी लाते है जिसे हर बारी हर मोड़ पे समज लेना चाहते है क्योंकि वह सोच नई होती जो जीवन को मतलब दे जाती है
वह कई बार अनजाने लोगों के बजह से जीवन मे हर बार आती है जिस सोच को हर पल परखे जिन्दगी अलग असर ही लाती है हर मोड़ पे उम्मीद करे तो उसी जगह सुबह आती है
अनजाने लोग जब चले कभी कभी उनकी मंज़िल साथ मे आती है उन्हें जीवन को परखने से ज़्यादा मंज़िल मेहनत साथ लाती है जिसे समज लेते है तो उम्मीदें आती है
जब मेहनत इन्सानों को साथ लाती है वहीं कई बार जीवन कि तलाश बन जाती है हर बार जब जब हम जीवन मे चले उम्मीद सी जीवन मे आती है
जिसे जीवन मे परखे तो नई सुबह जीवन पर असर कर जाती है दोस्त नया हो या पुराना मेहनत जो साथ मे करे वहीं हमारा साथी है बाकी सारी बातें जीवन मे आती जाती है


कविता२४६. हासिल चीजों कि कदर

                                                 हासिल चीजों कि कदर
हर चीज जिसके अंदर एक सोच वो हमेशा रहती है हर बारी जीवन वह चीज अहमसी लगती है जो हर बारी हर सोच मे दुनिया को परखना समज पाती है वही सोच जीवन को सही राह दिखाती है
पर फुरसत कहा हमे सोचने की हमें जब कोई चीज हासिल हो जाती है परख लेते है बस हम उस राह को जो चीज हमें दिलाती है एक बार हासिल हो जाये तो चीजों को परखना जरुरत बन जाती है
हर चीज के अंदर सोच को समज लेना जरुरी होता है उसे परखे तो जीवन का मतलब बदल भी जाता है पर जब हम किसी चीज को हासिल करते है उसे सही और गलत समज लेने का मतलब ही हम भूल जाते है
हर बार चीजों को परखे तो जीवन का मतलब भी बदल जाता है जो चीजे हम समजे उसका मतलब पाने पर भी हमारे जीवन को असर तो होता है जीवन के अंदर पाने के बाद तो असर बढ जाता है
पर इन्सान कोई चीज पाता तो अकलमंद इन्सान उसकी कदर जानता है पर कुछ इन्सान उसे छोडकर आगे भागते जाते है कुछ चीजों कि कदर समजते है कुछ अहमीयत ना जान पाते है
चीजों को अगर हम समजे तो उनका असर तो हम जीवन भर पाते है हर बारी जब परखे जीवन को अलग अलग असर हम अक्सर मेहसूस कर जाते है उनकी कदर जो समज लेता है
उसी से जीवन की सौगाद पाते है हम हर बारी जो जीवन को चाहते है वह मिली हुई चीजों कि कदर जानते है जो जीवन को हर बार जो चाहे वह जीवन मे मिली हर एक चीज कि हर बार कदर जानते है
जब जब हम जीवन को समज लेते है उसका एहसास मिली हुई चीजों मे पाते है पर जब इन्सान हासिल चीजों को पिछे छोड नई की ओर भागता है हर बार जीवन के साथ नाइन्साफी कर जाता है
जीवन का सही रंग हमे खुशियाँ दे जाता है पर जीवन सही तरीके से समज लेना हमे जीवन मे कहा आता है कभी कभी गलती से हासिल चीजों को छोडकर आगे भागना हमारा मकसद बन जाता है
जो जीवन पर हर बार कुछ ना कुछ असर जरुर कर जाता है जो जीवन को अलग तरीके से दिखाता है और उसी जीवन को समज लेना हमे आता है क्योकि हर बार जीवन बदल जाता है पर हासिल चीजों कि कदर करे तो उनका साथ जन्म भर रहता है

Friday, 9 October 2015

कविता २४५. जाल मे फँसना

                                              जाल मे फँसना
हम जब जब सही कहते हर बार तारीफ़ नहीं होती हम सारी चीज़ों को समज लेते है वह बात जीवन पर असर  सही है करती जीवन को सही करना हो तो सही बात कहना है
पर ग़लत बात का जीवन पर ग़लत असर होता है जीवन मे हर चीज़ समजते है पर आसानी से सही चीज़ का सही फल नहीं मिलता हम इंतज़ार तो करते रहते है
पर कभी कभी सही चीज़ का सही असर नहीं होता जीवन के अंदर अलग अलग चीज़ों का अलग असर होता है कभी कभी जीवन को ग़लत का आसान असर दिखता है
सही सोच के अंदर जो जीवन पर सही तरह का असर जिन्दा होता है पर उसमें अक्सर वक्त लग जाता है जीवन के अंदर अलग किसम का असर ज़रूर होता है
जो जीवन को अलग तरह की सोच देता है पर झूठ का आसान तरीक़े का असर लोगों को लुभाता है मन का बहलाता है जीवन कि ख़ुशियाँ ले जाता है जीवन बदल देता है
सच्चाई के अंदर नई सोच कि शुरुआत जीवन पर असर कर जाती है पर ख़ुशियाँ पाने का मौका अक्सर देर से आता है जीवन के अंदर हर बार उस मौक़े से पहले ही भाग जाते है
जब सही कहो तो इंतज़ार भी हमेशा ज़रूरी होता है जो जीवन पर अक्सर असर कर जाता है सही सोच से जीवन रोशनी पाता है उस सोच को समज लेना मन को भाता है
सही सोच सही दिशा पर धीरे धीरे चलना होता है जो दौड़ पड़ता वह अक्सर गिर जाता है जीवन मे संभल जाना अक्सर ज़रूरी होता है सही दिशा मे चलना मुश्किल हो जाता है
जीवन का मतलब हमेशा सही सोच से होता है सोच के भीतर नया एहसास देता है सही सोच को समज लेते है उस पल जीवन पर अलग सा असर होता है
सही को अपना लेते है तो उस सोच का जीवन पर एक अलग ही असर रहता है वह सही ताकद है जिसमें इन्सान शांति पाता है इसीलिए तो इन्सान अक्सर सही के लिए तरसता है पर झूठ के मीठे जाल मे फँस जाता है

कविता २४४. कुछ ख्वाब

                                       कुछ ख्वाब
कुछ ख्वाब जो आँखों मे चमक सी दे जाते है तो कुछ ख्वाब जीवन का मतलब बन जाते है जो जीवन मे एक नया मक़सद दे जाते है कुछ ख्वाब तो जीवन को जीवन बनाते है
ख्वाबों के अंदर नई पेहचान हम बनाते है पर ख्वाब वह सही है जो आसानी से जीवन मे सबको साथ ले जाते है जो जीवन को परख लेना हर बार सिखाते है
ख्वाब जो अक्सर जीवन का मतलब बदल जाते है पर वह मतलब सही के लिए बदले या ग़लत के लिए यह सोच जीवन बताता है ख्वाबों को परख लेना ज़रूरी होता है
क्योंकि जीवन के अंदर हम एहसास पाते है पर वह सारे एहसास ख्वाबों के अंदर अक्सर छुपे हुए नज़र आते है जीवन के अंदर ख्वाब ही जसबात लाते है
तो उन्हें परख लेना क्योंकि वह जीवन को सच्चा एहसास देते है जिन्हें परखे हम हर पल उस सोच मे जसबात रहते है जिन्हें पेहचान लेना जीवन मे ज़रूरी होता है
पर जीवन सोच से ही बनता है उसे समज लेना जीवन के अंदर उम्मीद लाता है उस सोच को समज लेना अहम होता है ख्वाबों का मतलब हमे अलग एहसास देता है
ख्वाबों को हमेशा मतलब देता है हर ख्वाब के अंदर अलग निशान सा रहता है ख्वाब से मतलब अलग होता है ख्वाब जो जीवन को जिन्दा रखता है ख्वाब मे कुछ तो असर होता है
ख्वाब जो हमे जिन्दा रखते है उनके अलावा भी कई ख्वाब जीवन मे होते है उनको चुनते वक्त ही जीवन मे उम्मीद देते है ख्वाब ही जीवन कि सच्चाई होते है
वहीं जीवन को उम्मीद ओर नई सोच देते है ख्वाब जो ज़रूर के आगे होते है वहीं जीवन को हर बार नई दिशा देते है अलग तरह कि सोच एक दिशा के बाद कुछ तो अलग दिखाता है
ख्वाब मे नई शुरुआत एक मोड़ के बाद आती है ज़रूरत के बाद अगला ख्वाब हमे चुनना होता है ख्वाब के अंदर जीवन का मतलब अलग तरीक़े का होता है

Thursday, 8 October 2015

कविता २४३. जीवन की नयी सोच

                                                                     जीवन की नयी सोच
जीवन में हर बार कुछ तो नया लगता है पर जब जीवन के अंदर नया एहसास होता है उस वक्त जीवन का कोई विश्वास सही होता है
क्योंकि हर एहसास अलग होता है जब जब हम जीवन को समजे तो नयी सोच जो हमें जिन्दा रखती है उसका होना ही अलग होता है
जीवन के हर पल में जीवन का आभास होता है नये विचार जब जीवन में रोशनी दे जाते है जीवन के अंदर हर बात का असर गलत होता है
जीवन पर अलग असर हर बार होता है जीवन को समज लेना अक्सर जरुरी होता है जीवन के साथ एहसास अलग होता है
हर अलग अलग तरह की सोच का जीवन पर कुछ तो असर होता है जीवन के अंदर सोच अलग होती है जब जब नया एहसास होता है
पर जीवन के अंदर हर मोड़ पर कुछ तो असर होता है नयी सोच के अंदर अलग असर होता है जीवन के अंदर कोई सोच जरूर जिन्दा होती है
पर हर बार जीवन के भीतर कुछ तो असर होता है जीवन के अंदर हर बार अलग तरह का एहसास हमेशा जिन्दा होता है
जीवन के अंदर हमेशा गलत सोच होती है उसी तरह से सही सोच होती है जीवन के अंदर अलग सोच जीवन को सही दिशा दे जाती है
जीवन के अंदर सही और गलत दोनों चीजों पर नयी सोच का असर हमेशा होता है जीवन को परखे तो जीवन दोनों दिशाए दे जाता है
जीवन में अलग अलग असर जो हमे तरह तरह की दिशाए दे जाता है उन्हें समजना जीवन में आसान हर बार नज़र आता है 

कविता २४२. बड़ा सपना

                                      बड़ा सपना
हम चाँद को छू सकते है अगर हम दोस्त बना ले तो पर मुश्किल तो यह होती सब चाँद को छूना तो चाहते है पर जीवन मे कोई दोस्त नहीं मिलता जो समजे कि चाँद को छूना आसान नहीं होता
जीवन के अंदर एहसास तो कई होते है जो चाँद को अक्सर छू लिया करते है पर उन्हें पाने कि मेहनत आसान नहीं होती उसे लोग समज ही नहीं पाते है जीवन मे मेहनत आसान नहीं होती
उस मेहनत से कतरानेवालों कि दुनिया मे कमी नहीं होती जब जब दुनिया का मतलब हम समज लेंगे तो उसके अंदर मेहनत को सबसे पहले समज लेते है पर लोगों को मेहनत को समज लेने कि फुरसत नहीं होती
जीवन मे हर बार आगे बढ़ना तो आसान नहीं है चाँद के अंदर अलग असर होता है मेहनत के अंदर दुनिया को समज लेना आसान नहीं होता पर अगर चाँद का पाना है तो मेहनत समजना ज़रूरी है होता
पर लोग कहाँ जीवन को सही दिशा से समज लेते है वह जीवन को बस अलग अलग दिशा देते है चाँद के अंदर हमारे सपने देते है जो जीवन को मेहनत करने के बाद ही जीवन जिन्दा है होता
जीवन के अंदर अलग अलग एहसास जो होते है वह सिर्फ़ मेहनत से जिन्दा होते है जीवन को समज लेना आसान नहीं होता पर हमने अक्सर देखा है चाँद का सपना देखना ग़लत नहीं होता
पर जो दिल उसके ख़ातिर मेहनत से कतराता है उसे समज लेना जीवन मे अहम नहीं लगता है पर जब चाहत बड़ी होती है हर सपना रोशनी लाता है उसे पूरी करते वक्त सबको समज लेना ज़रूरी है होता
सपने के अंदर दुनिया का एहसास ज़रूरी होता है उस एहसास के आख़िर सबको साथ ले जाना ज़रूरी लगता है कुछ अंग ज़रूरी होते है उनका एहसास ज़रूरी है हो जाता
जीवन को समजे हर पल तो जीवन है अलग मतलब पाता जब हम समजे जीवन को उसे परख लेना ज़रूरी होता है इसलिए तो जीवन मे सही सोच कि तलाश ज़रूरी होती
ग़लत और सही चीज़ों को परख तो लेते है हम पर बड़े मक़सद के लिए चले तो जो मेहनत नहीं चाहते उनसे भी मेहनत करवाना ज़रूरी होता है क्योंकि हर जगह तो हम नहीं होते तो दूसरों को सिखाना भी ज़रूरी है होता

Wednesday, 7 October 2015

कविता २४१. ग़लत को सही मे बदलना

                                                        ग़लत को सही मे बदलना
क्या सही है क्या गलत हम हर बार जीवन को परख लेते है हर बार आसानी से नहीं पर मुश्किल से जीवन को समजते है
कभी कभी सही सोच जीवन में उम्मीदें दे जाती है वही तो जीवन का अलग मतलब समजाती है जब जब हम जीवन को परखे हमे एहसास यही होता है 
जीवन का बदलाव जीवन को हर बार बदल देता है जीवन के हर वार का मतलब बदल देता है जीवन के अंदर एहसास तो देता है 
पर वह सही और गलत समजना मुश्किल कर देता है जीवन के दो कोनों को समज लेने का एहसास वह देती है फिर जीवन को परख लेने का एहसास वह देती है 
सही और गलत का फर्क वह बताती है जीवन का कुछ अलग ही मतलब जगाती है वह सोच ही जीवन में सबसे अहम होती है 
जो जीवन को सही दिशा दे वह सोच को ही परख लेना जीवन की सही शुरुआत होती है जीवन को सही दिशा दे वही जीवन की सही आस होती है 
चाहे जितना ना कहे पर जीवन में एक प्यास होती है सही और ग़लत हर बार समज लेने कि जीवन मे तलाश होती है
कभी कभी उस तलाश मे जीवन का एहसास छुपा होता है उस हर ग़लत को सही मे बदल देने कि तलाश रहती है
पर वह राह नहीं समज पाते जिसमें वह प्यास होती है जीवन को समज लेने कि एक आस सी होती है जिसे समजे तो जीवन मे प्यास होती है
ग़लत को सही मे बदल देने कि एक प्यास जो मन को छूती है हमारे मन को उस सोच कि हर पल एक आस ही रहती है

कविता २४०. जीवन का मोड़

                                                                  जीवन का मोड़
चलते चलते सोचा हमने क्यूँ न जीवन को फिर जी लेते है हर सोच के अंदर नई उम्मीद रखे तो हम समज लेंगे हम कैसे जी लेते है जीवन के अंदर हम नई सोच जी लेते है
जीवन के हर मोड़ को हम ख़ुशियों के संग जी लेते है उस मोड़ को पानी कि तरह हम पी लेते है शायद हर मोड़ हमारे जीवन मे पानी कि तरह ज़रूरी होता है
हम चाहे या ना चाहे वह जीवन के लिए ज़रूरी होता है वह हर बार हमारी जीवन कि मजबूरी होता है जीवन के अंदर एक एहसास ज़रूरी होता है
जो जीवन को हर बार और हर मोड़ पर समजे तो उस मोड़ के अंदर जीवन को भी परख लेते है जीवन हर मोड़ पर अलग रंग देता है उस जीवन को हम समज लेते है
जीवन कई मोड दिखाता है उन्हें समज लेना रास नहीं आता है पर फिर भी जीवन हर बार अहम होता है जीवन के अंदर अलग एहसास होता है
अलग अलग मोड़ जो जीवन के अंदर अलग एहसास जो हमें आगे ले जाता है उसे समज लेना जरुरी होता है हर मोड़ को हँसकर समज लेना मज़बूरी होता है
जीवन को बार बार परखना भी जीवन का एक आभास होता है जीवन अलग रूपों में हर बार मिलता है जो हमें खुशियाँ दे जाता है
जीवन के अलग अलग तरह के मोड़ जीवन को एहसास जो मन को छू लेता है हर बार जीवन के अंदर कुछ तो समज लेना जरुरी होता है
मोड़ के साथ जीवन रंग हर बार हमे एहसास देता है क्योंकि जीवन में मोड़ अलग अलग सोच होती है कुछ सोच सही लगती है पर कुछ सोच गलत होती है
हर पल में जीवन का एहसास होता है इसलिए जीवन में नया एहसास हमें जिन्दा रखता है हर मोड़ के अंदर खुशियाँ होती है गलत मोड़ को बदलने की कोशिश में ही खुशियाँ होती है 

Tuesday, 6 October 2015

कविता २३९. किनारों को समजना

                                                              किनारों को समजना
किनारा जो जीवन मे रोशनी दे जाये उसे परखे जिसके अंदर नई शुरुआत हम पाये पर हर बार ज़रूरी नहीं है कि वह किनारा आसानी से मिल जाये ढूँढ़ने पर ही तो मिलते है किनारे जो हमने चाहे
जीवन मे हर बार यह आसान नहीं होता कि हम किनारा ढूँढ़ पाये क्योंकि उन्हीं किनारों से मिलते है हमे कई साये जब जब हम जीवन मे आगे बढ़ते जाये बड़े मुश्किल लगते है सारे साये
जीवन कि कश्ती मे जाने कितने रंग हमने है पाये पर फिर जब किनारों पे मुश्किल दिखती है तब उम्मीद डूबती हुई नज़र आये जीवन के अंदर हर बार मिलते है अलग साये उन्हें समज के हम किनारा समज पाये
किनारा जब जब हमे आगे ले जाये हम किनारों को सही और प्यारा पाये पर जब उन्हीं किनारों मे दिखाते है साये जाने क्यूँ जीवन उन्हें कभी भी परख न पाये
जीवन के हर मोड़ पर हमे दिखते है साये जिन्हें किनारों पर भी हम देखते जाए हमे उम्मीद होती है किनारों से शांति कि पर किनारा ही तो नई कसोटी जीवन मे लाये
किनारा जो जीवन मे अलग अलग सोच लाता है वह किनारा आसान नहीं वह नई शुरुआत लाता है साथ मे जीवन के अंदर नई मुश्किल भी लाता है किनारे पे हम रुकना चाहे
पर किनारा कभी कभी रुकावट हमें दे जाता है क्योंकि किनारे का मतलब सिर्फ शांति नहीं कभी कभी मुसीबत भी बन जाती है पर हमारा दिल यह ना चाहे
वह हर बार सिर्फ खुशियाँ चाहे किनारों पर सिर्फ इस बात का अफ़सोस है हर पल यह होता नहीं है जीवन में किसी भी मोड़ में और हर पल हम यही चाहे
की आसानी से सुलज जाये हमारे जीवन के सारे साये आगे बढ़ने की कोशिश में हर पल हम बस यही पाये हम जीवन में उम्मीदें सीख जाये
किनारा नहीं हम रोशनी को हर मोड़ पर समज लेना चाहे किनारों में हर बार मुसीबत भी आये कितना भी हम चाहे पर किनारा अंत नहीं किनारे में हम शुरुआत पाये 

कविता २३८. मंजिल और रास्ता

                                                               मंजिल और रास्ता
हर मंजिल का कोई अलग कारवा होता है हर सोच में इन्सान अलग दिशा में मुड़ता है जब जब हम जीवन को समजे अलग सोच को इन्सान समज पाता है
मंजिल तो अलग है तो रास्ता भी अलग ही होता है जीवन में हर रास्ता अलग पेहचान देता है जिसे परख लेना मुश्किल ही नहीं ना मुमकिन सा लगता है
मंजिल जो हर बार जीवन को मतलब देती है वह रास्तों के दम पर ही हर बार बनती रहती है रास्तों के अंदर दुनिया जो जिन्दा रहती है उसे समजे तो जीवन में अलग प्यास ही आती है
जीवन के अंदर  हर बार जीवन में कुछ एहसास तो छुपा रहता है जीवन के अंदर अलग असर हमेशा होता है राहों में ही जीवन छुपा होता है
अलग अलग रास्तों पर कुछ तो अलग तरह का भाव मन में तकलीफ देता है जीवन के हर राह पर कुछ तो अलग भावना का असर हर बार होता है
रास्तों में अलग तरह का असर हर बार होता है जो जीवन को अलग दिशा दे जाता है पर हर कदम कुछ तो अलग असर हर बार होता है
रास्तों को अंदर जीवन का अलग तरीका हर बार जीवन को कुछ तो असर हर मोड़ पर होता है जीवन के हर मोड़ पर नया असर होता है
मंजिलों से ज्यादा जीवन रास्तों पर ही गुजरता है इसलिए जीवन को समज लेना गलत लगता है रास्तों के अंदर जीवन का अर्थ बनता है
सारा जीवन रास्तों में ही तो भटकना यही तो हमारा जीवन होता है जीवन के अंदर राहों का कुछ अलग ही तरह का असर होता है
मंजिल के अंदर खुशियों का असर होता है पर हर मंजिल के हर अलग सोच हमे जिन्दा कर जाती है जीवन सिर्फ राहों से ही तो बनता है 

Monday, 5 October 2015

कविता २३७. हर रस का एहसास

                                                                हर रस का एहसास
जीवन के हर रस में कुछ तो एहसास छुपा होता है हम कुछ रसों का एहसास हर बार हम पर असर कर जाता है पर हर रस जीवन को मतलब देता है
हर किसम का रस जीवन पर असर कर जाता है हर रस जो भी ताकद रखता है जीवन में हर रस जो जीवन को अलग तरह का मोड़ देता है
हर रस के अलग अलग तरह के गुणों से अलग ही असर होता है जीवन को जब हम समजे उसमें अलग किसम की ताकद के लीए जीवन में हर रस जरुरी होता है
तरह तरह के रस जो जीवन पर हर बार असर करते है वह जीवन को अलग तरह का मतलब दे जाते है रस तो वह चीज़ होते है
जिनमें कुछ भाते है कुछ मन को चोट दे जाते है जीवन में हर रस में ही तो जीवन का कुछ मतलब बनता है जीवन का हर रस कुछ तो असर कर जाता है
हर रस के अंदर कुछ तो असर होता है जो जीवन को परखना जरुरी बनता है रस के अंदर अलग एहसास जीवन पर हर बार होता है
अलग रस जो जीवन को कुछ तो असर कर जाता है पर हर बार जीवन रसों से ही बनता है जीवन का कोई रस प्यारा और कोई दुःख देनेवाला होता है
पर हर रस को परख लेना जीवन पर असर जरूर करता है जीवन के अंदर अलग तरह का रस जीवन को अलग मोड़ पर ले जाता है
हर रस जो जीवन को जिन्दा रखता है वह रस अंदर अलग की सोच हर बार रख जाता है कुछ रस खुशियाँ देते है कुछ रस हमें गम दे जाते है
रस के अंदर अलग ही जीवन का एहसास होता है रस जो जीवन को खुशियाँ देता है वह एहसास हमे मेहसूस होता है रस ही हर बार जरुरी होता है
रस में अलग तरह का एहसास जो जीवन को सही और गलत दिशा का असर हर बार होता है पर चाहे कितना भी गलत लगे हर रस सही होता है 

कविता २३६. दोनों मंजिले

                                                               दोनों मंजिले
रास्ते तो अलग होते है पर हमारी मंजिले फिर भी एक ही लगती है बस उंचाई को छूना चाहते है पर यह समज मे नहीं आता है कि उन्हें हों रही है ज़मीन से इतनी नफ़रत क्यूँ
आख़िर ज़मीन ही चलना सिखाती है गिर जाये तो थाम लेती है उस जीवन से जाग रही है ऐसी नफ़रत क्यूँ कि आसमान मे उड़नें कि कोशिश मे ज़मीन लगती है जंजीर क्यूँ
अगर रास्ते समज भी ले तो जिन्दगी बनती नहीं जब हम आसमान कि चाहत मे ज़मीन को छोड देते है आसमान कि उम्मीद अक्सर बच सकती नहीं है पर फिर हम ऐसा करते है जाने क्यूँ
जीवन कि मंजिलों को समज लेते है वह हर बार जीवन को साँसें दे जाते है पर अगर हर कोई एक ही मंज़िल माँगे तो मंजिलों के साथ किनारे भी हर बार बदल जाते है किसी ना किसी को दुःख दे जाते है तो हम एक ही किनारा माँगते है क्यूँ
रास्ते तो अक्सर एहसास देते है जिनके अंदर जीवन का मतलब हम समज लेते है पर जिन्दगी के अंदर सोच रखते है सिर्फ़ मंज़िल के बारे मे हर बार क्यूँ
हमे जिस ज़मीन ने संभाला है उसे भी संभाल लेना ज़रूरी है यह भी याद रखकर हम आसमान को चाहे उन्हें समज लेने कि हर बार एक चाहत होती है क्यूँ
जीवन मे ज़रूरी है दोनों को चाहना पर लोगों को चुन लेने कि आदत है जब दुनिया मे पानी कि तरह हम साँसें लेना हमेशा होता है ज़रूरी तो दो चीजो मे से चुन लेने कि लोगों को आदत है क्यूँ
ज़मीन और आसमान दोनों के पास होती है अलग तरह कि ताकद जो जीवन पर असर करती है पर दुनिया को दो रंगों मे बटती है दोनों के अंदर अलग अलग काम होते है दुनिया को काम कम करने कि आदत है क्यूँ
दोनों खयालों को चाहे वही सही किसम की चाहत है तो चाहो आसमान को और जमीन को उसमे चुनने की जरूरत है क्यूँ 

Sunday, 4 October 2015

कविता २३५. भगवान का तोहफा

                                                             भगवान का तोहफा
हर बार जीवन में कोई बात जो समजे उस बातको हमें जीवन की नई दिशा सी दिखती है हर बार जो हम जीवन का राज जो समजे
हर बार मजा आता है उसे जीने में भगवान को जो हम सोच समज जाते है जीवन के अंदर हर बार सोच मन पर असर कर है जाते
 जो जीवन के अंदर अलग असर जो मन को छूता है हर नई दिशा जो जीवन के अंदर उम्मीद होती है सही सोच उम्मीद है देती
भगवान से नई उम्मीदें है देती जीवन में जो अलग किसम की सोच है रखती भगवान जो जीवन देते है जीवन के अंदर ही शुरुआत है देते
जीवन हर बार आगे बढ़ जाता है जीवन की अलग तरह ही शुरुआत आती है जब हम उस तोहफे की किंमत समजते है तभी जीवन को पेहचान है देते
जीवन के अंदर नई सोच है रहती जीवन के अंदर अलग सोच हमेशा उम्मीद से देखने से बनती जीवन के अलग रंग जिन्दगी है देते
जीवन के हर कदम पर खुशियाँ है मिलती जीवन में हर बार उम्मीदें हमेशा जीवन के अंदर अलग सोच है जो हमें हर बार उम्मीदें है देती
जब जब जीवन का तोहफा हमेशा असर है करता जीवन के हर मोड़ पर अलग तरह की सोच जीवन पर जरूर असर है होता
पर सबसे जरूर है जीवन को सही तरीके से समजना जरुरी होता है जीवन को सही तरीके से समज लेना अहम है हमेशा होता
जीवन को परखे तो जीवन सही असर देता है पर उसे समज लेना मुश्किल है होता जीवन के अंदर प्यारा एहसास तभी है आता जब जीवन को हम भगवान का तोहफा है होता 

कविता २३४. बातों को याद करना

                                                               बातों को याद करना
बातों के बिघड जाने से दुनिया नहीं रुकती पिछले सूरज के डूबने से अगले सूरज का उगना नहीं रुकता बातें तो बदल जाती है दुनिया मे पुरानी बातों के खो जाने से दुनिया संभलना नहीं भुलती
बातों के अंदर कि कहानी दुनिया आसानी से नहीं समजती पर जब जब आगे बढ़ने का मौका आये दुनिया आगे बढ़ना नहीं भुलाती है जीवन को समज लेना नहीं भूल पाती
हालाँकि कभी कभी बड़ा ग़लत लगता है पर दुनिया आगे जाना रोक नहीं सकती जीवन को समजे तो वह भी गलत नहीं लगता पर दिल किसी बात को समजता ही नहीं
बातों के अंदर नई दुनिया होती है जो जीवन को हर बार जीना सिखाती है जीवन में जब आगे जाये दुनिया रंग अलग देती है हम चाहे या ना चाहे पर दुनिया तो आगे ही है बढ़ जाती
तो क्यों रोए उस बात पर जो असर कर जाती है हर बार जीवन को नये रंग तो जीवन को मिलते रहते है जिसे समज लेनेसे मनको खुशियाँ है मिलती
बातों के अंदर नई शुरुआत है होती पर बातों के भीतर अलग दुनिया है दिखती जिसे समजे तो नयी सुबह गलत नहीं जीवन की अकलमंदी है लगती
पर फिर धड़कन कभी कभी उसे गलत कहती है तो उसे समजाओ के गुजरी बात लौट कर नही आती हम उस मन को समजे जिसमे दुनिया है बसती
माना हमें पुरानी बातें प्यारी है लगती पर उनकी सौगाद जीवन पर कुछ अलग असर हर बार है करती जिसे परखे तो जीवन की अलग बात है दिखती
हर रंग में नई शुरुआत है दिखती और पुरानी बातों में बस प्यास है दिखती फिर भी कभी कभी वह प्यास जरुरी है लगती
जीवन की कहानी उस प्यास से ही मन को है छूती इसलिए ही तो कभी कभी हम पुरानी बचपनकी कहानी दोहराते है जब जब उसे सुनकर हमारे होंठ है हसते कहानी है अच्छी
पर अगर उस कहानी से उसे खोने के गम में हमारी आँख रो दे तो जीवन की नयी सोच अक्सर मन को हमेशा है छूती 

Saturday, 3 October 2015

कविता २३३. हवा के झोंके संग

                                                                हवा के झोंके संग
हवा के एक झोंके संग कई तरह कि यादें आती है कुछ ख़ुशियाँ तो कुछ गमों को याद दिलाती है हर बार हवा हमें अलग अलग असर दिखाती है
हवा जो सिर्फ जीवन पर कोई तो असर करती है जो हवा मन को छू जाती है हवा मे कभी कभी कोई तो जिन्दगी का हिस्सा जरूर होता है
हवा हर बार कुछ तो असर जरूर कर जाती है हवा में अलग अलग असर जरूर जीवन दिखती है क्योंकि दर्द भरी याद भी जीवन को उम्मीद दे जाती है
जीवन में हवा के साथ रोज नया असर जीवन में हो जाता है जीवन में हर बार अलग ताकद तो जीवन ले आता है जीवन जो सोच समजे वह सही लगता है
हवा के साथ अलग सोच का असर हमें खुशियाँ देती है जब जब हम आगे बढ़ते है जीवन हर बार कुछ तो असर होता है
कभी कभी आँसू और कभी कभी हँसी हवा के अंदर कुछ तो होता है जो हर बार जीवन में बदलता रहता है पर हवा जो मन पर असर कर जाती है
हादसे के अंदर हवा का असर हो जाता है जब हम गम समज लेते है हवा कुछ ज्यादा वजन लाती है हर बार हर सोच के संग कुछ तो असर होता है
हवा के साथ शायद हादसा वापस आता है क्योंकि वह असर जीवन का मतलब बदल देता है हवा के अंदर जो कोई असर होता है
हवा उसे समज लेती है क्योंकि उसके अंदर कुछ तो असर हमेशा होता है हवा के साथ कोई ना कोई हादसा छुपा होता है
हवा के अंदर हर मोड़ पर अलग अलग तरह का असर हमेशा होता है जो जीवन को हर बार खुशियाँ दे जाता है काश की हम हर बार याद को सोचने से पहले परखे क्योंकि उसमें कुछ तो असर जरूर हो जाता है 

कविता २३२. गलती को भुलाना

                                             गलती को भुलाना
रिश्ते कभी आसान नहीं होते हम कभी उन्हें समज भी लेते है उन्हें परख कर जाने क्यूँ उन्हें अधूरा करते है जब हम खुद ही परख लेते है तो क्या हम ग़लत नहीं
आसान सी बात तो बस यह है कि जब तक हम परख लेना नहीं छोड़ पाते रिश्ते सही से नहीं बनते या फिर हम यह समज ले कि हम भी हर बार सही नहीं होते
जीवन के दो राहों पर हर बार तो एक राह चुन लेते है पर हर बार वह राह हम सही  नहीं लेते तो क्यूँ गिनते है लोग अक्सर ग़लतियाँ उन्हें भुला ही क्यूँ नहीं देते
याद रखी गलती अक्सर काँटों सी चुभती रहती है तो फिर उसे मन मे सजाकर लोग क्यूँ है रखते है उड़ा दे अगर उसे तिनके कि तरह उड़ा देते जो मन से बोझ हटा देते
अगर याद रखने से चोट न खाते तो हम याद रखना भी समज लेते पर याद होते हुए भी हम सब कुछ इस तरह से किसम से जुडे है न चाहते हुए भी दोहरा देते है
तो फिर उसे याद रख के हमने जीवन मे कौनसी बात समज ली और जीवन मे हर बार नहीं है दोहराई चाहे कितनी भी ग़लतियों से सीखे पर दूसरों की गलती को याद रख के हमने जीवन मे कोई बात ना पाई
क्यूँ तकलीफ़ मे रखे खुद को अगर कोई चीज़ खटके तो ना कर के मन को तसल्ली हो पर हम करते है जाने किस डर से और फिर ग़लतियों को फिर से याद करते है
मन एक बहती धारा है उसे ग़लतियों को याद रख दर्द न दो क्योंकि ग़लतियों गिनवाने से आज तक कोई बदला नहीं तो क्यूँ न अपने आपको ग़लतियाँ गिनने कि तकलीफ़ से बचा ले हम
क्यूँ ऐसी तकलीफ़ ले जिस सोच से काटे ही मिले जो एक बारी मे ना समजे उसे उस कमी संग ही अपना ले हमारे चाँद मे दाग़ तो सूरज मे भी आग है तो क्यूँ न इन्सान कि कमी को अपना ले हम
क्योंकि अगर ग़लतियों को सिर्फ़ गिनते रहे तो कहा सुगून से जी पायेंगे हम धीमे धीमे से हर कदम ग़लतियों से ही सीख लेंगे तो क्यूँ न एक बार कह कर उस गलती को भुला दे हम

Friday, 2 October 2015

कविता २३१. खुशियों का अहसास

                                                             खुशियों का एहसास
जीवन को खुशियाँ जो एहसास दे जाती है वह जीवन के अंदर नई सोच जो जीवन में ले आती है हर बार खुशियाँ हमें जीवन में अच्छा एहसास होता है
खुशियों की सोच अंदर अलग अलग असर होता है हर सोच में अलग असर होता है खुशियाँ  जो जीवन में असर कर जाती है
मन के अंदर नया एहसास होता है खुशियाँ तो जीवन में अलग असर होता है खुशियाँ जीवन में एक अलग असर आता है खुशियाँ जो जीवन पर असर कर जाती है
खुशियाँ के अंदर अलग तरह का असर जो दिमाग पर हर बार होता है खुशियाँ जो जीवन में नया एहसास देता है खुशियाँ जो आगे ले जाती है
वही जीवन में कुछ अलग मतलब लाती है खुशियाँ जो हमें जीवन दे जाती है वही तो कभी कभी सही राह में मुश्किल बन जाती है
वह राह जो हमें जीवन दे जाती है उन्हें परखे तो जीवन में वह मतलब दे जाती है खुशियों के अंदर नये तरह का एहसास होता है
खुशियाँ जो मन को प्यास देती है वही कभी कभी गलत राह पर दिखती है जो जीवन को अलग तरह का रंग देती है जीवन में जो खुशियाँ होती है
खुशियाँ तो जीवन के अंदर अलग बड़ा अच्छा एहसास लाती है खुशियाँ जो जीवन में सही दिशा दे जाती है जो जीवन को अलग बनाते है
खुशियाँ जो बुरा असर जीवन में ले जाती है हर बार जीवन में अलग खुशियाँ जो हमें आगे ले जाती है खुशियाँ मन को तसल्ली दे जाती है
खुशियाँ जो जीवन पर हर बार अलग असर कर जाती है खुशियाँ जो जीवन में अच्छा एहसास लाती है वह खुशियाँ हमेशा सही होती है
पर हम खुशियाँ परखे तो जीवन पे बुरा असर हर बार होता है खुशियों के अंदर ही हमें अपनी दुनिया पाते है जिसे हर बार हम परख लेना चाहते है